11 महीने के बच्चे की गतिविधियां, विकास और देखभाल | 11 Mahine Ke Shishu Ka Vikas

Mahine Ke Shishu Ka Vikas

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अगर आपका बच्चा 11 महीने में कदम रख चुका है, तो बस कुछ ही वक्त बाकी है, उसके पहले जन्मदिन में। किसी भी माता-पिता के लिए, शिशु के जन्म से लेकर एक साल तक का सफर, कई उतार-चढ़ाव से भरा होता है। अब जब आपका बच्चा 11 महीने का हो चुका है, तो आपको उसमें पहले के मुकाबले कई शारीरिक व मानसिक बदलाव दिखेंगे। आइए, मॉमजंक्शन के इस लेख में जानने की कोशिश करते हैं, 11 महीने के बच्चे के विकास से जुड़ी जरूरी बातें और सावधानियां।

11 महीने के बच्चे का वजन और हाइट कितनी होनी चाहिए?

स्वस्थ गर्भावस्था में जन्मा बच्चा, 11 महीने का होते ही पहले से कहीं ज्यादा फुर्तीला और नटखट हो जाता है। उसके शारीरिक बदलावों को आसानी से देखा जा सकता है, जिसमें उसका बढ़ता वजन और लंबाई भी शामिल है। वैज्ञानिक रूप से, अगर बात करें बेबी गर्ल की तो आमतौर पर 11 महीने की बच्ची का वजन लगभग 7.8 से 10.07 किलो तक और लंबाई 72 सेंटीमीटर तक हो सकता है। वहीं, बात करें अगर 11 महीने के लड़के की तो उनका वजन आमतौर पर 8.4 से लेकर 10.9 किलो तक और लंबाई लगभग 74 सेंटीमीटर हो सकता है (1)

नोट : शिशु के वजन लंबाई में थोड़ा फर्क हो सकता है, क्योंकि हर शिशु का स्वास्थ्य एक दूसरे से अलग होता है। अगर आपके शिशु के वजन और लंबाई में ज्यादा अंतर दिखाई देता है, तो आप शिशु विशेषज्ञ से जरूर संपर्क करें।

लेख के आगे के भाग में आप 11 महीने बच्चे के जीवन के महत्वपूर्ण माइलस्टोन के बारे में जानेंगे।

11 महीने के बच्चे के विकास के माइल्सटोन क्या हैं?

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया, कि 11 महीने का होते ही एक स्वस्थ शिशु में काफी सारे बदलाव देखे जा सकते हैं। इसलिए बाकी महीनों की तरह ही, इस महीने में भी माता-पिता को शिशु हो रहे परिवर्तनों पर ध्यान देना जरूरी होता है। नीचे जानिए 11 महीने के शिशु में मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास के बारे में।

मानसिक विकास

लोगों और चीजों को नाम से पहचानना – 11 महीने का होते ही, एक शिशु अपने नाम के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों और चीजों को उनके नाम से पहचानने लगता है। खासकर उन लोगों के नाम उसे ज्यादा याद रहते है, जो उसके साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताते हैं। उनसे किसी जान-पहचान व्यक्ति या वस्तु के बारे में पूछा जाए तो वो उनके तरफ इशारा करके बताता है (2)

नए तरीकों से खेलना – 11 महीने के बच्चे खिलौनों के साथ नए-नए तरीकों से खेलते देखे जाते हैं। यह उनके दिमागी विकास को प्रदर्शित करता है।

‘ना’ शब्द समझना – 11 महीने के बच्चे ‘ना’ शब्द को समझने लगते हैं, अगर उन्हें कुछ चाहिए और उनके सामने अगर कोई गर्दन हिलाकर ‘ना’ कहे तो वो समझ जाते हैं। कई बार वे रोकर किसी चीज की मांग करते हैं (3)। हालांकि इस चीज को समझने में थोड़ा और वक्त उन्हें लगता है।

आसान आवाजों को दोहराना – इस उम्र के बच्चे अगर लगातार किसी आवाज या शब्द को सुनते हैं, तो टूटे-फूटे तरीके से उसे दोहराने की कोशिश करने लगते हैं। कहीं न कहीं वो इस प्रयास में सफल भी हो जाते हैं (3)

निर्देशों को सुनना – शिशु थोड़ा-बहुत निर्देशों को समझने और मानने लगते हैं। अगर इशारे से और प्यार से उन्हें किसी चीज के लिए मना किया जाए, तो वो उसे समझ जाते हैं (4)

शारीरिक विकास

खुद खड़ा होना – 11 महीने बच्चे काफी फुर्तीले हो जाते हैं और धीरे-धीरे ही सही, वे खड़े होने की कोशिश करते हैं। कभी-कभी वे टेबल-कुर्सी को पकड़कर खुद से खड़े होने का प्रयास करते हैं (3)

कदम बढ़ाना या चलने की कोशिश करना – खड़े होने के अलावा 11 महीने के बच्चे, खुद से चलने की भी कोशिश करते हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में अपना कैमरा हमेशा तैयार रखें क्योंकि आपका नन्हा मुन्ना कभी भी बिना सहारे अपना पहला कदम उठा सकता है (3)

हाथ और उंगलियों का उपयोग – 11 महीने के शिशु पूरी हथेली की जगह अंगूठे और उंगलियों से चीजों को पकड़ने की कोशिश करने लगते हैं। साथ ही वे उंगलियों से इशारा और एक हाथ से दूसरे हाथ में चीजों को रखना भी शुरू कर देते हैं (3)

खुद से खाना – 11 महीने के बच्चे थोड़ी-बहुत ठोस चीजें खाने लगते हैं और कई बार वो खुद से खाने की मांग भी करने लगते हैं (3)

सामाजिक और भावनात्मक विकास

टूटे-फूटे शब्द कहना – 11 महीने में शिशु कुछ आसान से शब्द बोलना सीखने लगते हैं। वो ‘मामा’, ‘दादा’ जैसे शब्द सीखने और बोलने लगते हैं। ऐसे में आप अपना रिकॉर्डर ऑन रखियेगा ताकि आप अपने नन्हे मुन्ने के पहले शब्द को हमेशा के लिए रिकॉर्ड करके रख सकें (3)

आवाज की नकल करना – इस उम्र में शिशु बातें सुनकर भी उनकी नकल उतारना शुरू कर सकते हैं। जो वो सुनेंगें उसे बोलने की कोशिश करने लगेंगे इसलिए अपने शिशु के सामने आप हमेशा अच्छे स्वभाव और अच्छी तरह से बात करें क्योंकि वो आपका देखकर ही सीखेंगे (2)

ध्यान आकर्षित करने के लिए रोना – कई बार शिशु लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए लगातार रोने या चिल्लाने भी लगते हैं (3)

अजनबियों के साथ असहज महसूस करना – 11 महीने के शिशु बहुत कुछ समझने लगते हैं। वे स्वयं को और परिचित चेहरों को भी पहचानने लगते हैं। उन्हें इतना भी पता चलने लगता है कि अगर कोई जा रहा है, तो फिर आएगा। उनकी आंखों के सामने से अगर माता-पिता थोड़ी देर के लिए ओझल होते हैं, तो वो अपना डर रो कर व्यक्त करते हैं (2)

आगे जानिए आपके 11 महीने बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए कैसे टीके जरूरी है ,

11 महीने के बच्चे को कौन-कौन से टीके लगाए जाते हैं?

शिशु के बेहतर स्वास्थ्य विकास के लिए उन्हें सही वक्त पर टीका लगवाना जरूरी है। इन्हीं टीकों की वजह से उनका इम्यून पावर बेहतर होता है और वो बीमारियों से बचे रहते हैं। नीचे हम आपको 11 महीने के बच्चे को लगाए जाने वाले टीकों के बारे में बता रहे हैं (5)

  • टाइफाइड कॉन्जुगेट वैक्सीन

नोट : ऊपर बताया गया टाइफाइड कॉन्जुगेट वैक्सीन, शिशु को 9 से 12 महीने के बीच लगवाया जाता है, इसलिए इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आप शिशु विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करें।

आगे जानिए 11 महीने के बच्चे के लिए कितना दूध जरूरी है।

11 महीने के बच्चे के लिए कितना दूध आवश्यक है?

मां का दूध – यह तो लगभग सब जानते कि मां का दूध शिशु के लिए अमृत समान होता है और छह महीने तक यह बहुत ही जरूरी माना जाता है। हालांकि, कई बच्चे 11 और 12 महीने तक भी पीते हैं, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ-साथ वो ठोस खाद्य पदार्थों का भी सेवन करने लगते हैं। इस कारण मां के दूध का सेवन कम हो जाता है। ऐसे में 11 महीने का शिशु दिनभर में तीन से चार बार में लगभग 710ml से 887ml (24 to 30 ounces ) मां के दूध का सेवन कर सकता है (6)

फॉर्मूला फीड – अगर बात करें फॉर्मूला फीड की, तो आप शिशु की इच्छानुसार दिनभर में तीन से चार बार में 710ml से 946ml (24 to 32 ounces) दे सकते हैं (7)

नोट : शिशु की दूध पीने की मात्रा में बदलाव हो सकता है, क्योंकि हर शिशु का स्वास्थ्य और भूख एक जैसी नहीं होती है।

इस लेख के आगे के भाग में जानिए आपके 11 महीने बच्चे के लिए क्या और कितना खाना जरूरी है।

11 महीने के बच्चे के लिए कितना खाना आवश्यक है?

शिशु का विकास तभी बेहतर होगा, जब उन्हें पौष्टिक तत्व मिलेंगे और 11 महीने के बच्चे धीरे-धीरे ठोस आहार का सेवन करने लगते हैं। इसलिए नीचे हम उदाहरण के तौर पर एक डाइट लिस्ट के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं (7)

  • आप चार से आठ चम्मच बेबी सीरियल्स दे सकते हैं। आप होल वीट और मिश्रित अनाज का सेवन भी करा सकते हैं।
  • शिशु को पर्याप्त पोषण प्रदान करने के लिए हरी सब्जियों का सेवन करायें। आप हर दिन दो से तीन बार एक चौथाई कप से आधा कप तक हरी सब्जियां दे सकते हैं। सिर्फ सब्जियां ही नहीं बल्कि उतनी ही मात्रा में आप फलों का भी सेवन करा सकते हैं। आपके शिशु बेहतर विकास के लिए फल और सब्जियांं दोनों ही बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन ध्यान रहे कि आप फलों का जूस शिशु के एक साल होने के बाद ही दें और वो भी घर में निकाला हुआ।
  • डेयरी और प्रोटीन युक्त उत्पाद जैसे – आप शिशु को दही, अंडे की जर्दी, पनीर, बींस भी एक से दो बार लगभग एक चौथाई कप दे सकते हैं।
  • अब आपका शिशु जब ठोस आहार लेने लगा है, तो आप उसे पूरे दिन में लगभग आधे से एक कप पानी दे सकते हैं। हालांकि, इस बारे में एक बार अपने डॉक्टर से भी बात जरूर कर लें क्योंकि हर शिशु की जरूरत एक दूसरे से अलग होती है। ऐसे में उनके पानी की जरूरत में भी अंतर हो सकता है।

नोट : इस डाइट में आप शिशु की जरूरत के अनुसार बदलाव कर सकते हैं क्योंकि हर शिशु और उनकी जरूरतें अलग-अलग होती है। आप चाहें तो डॉक्टर से भी शिशु के स्वास्थ्य अनुसार डाइट चार्ट की सूची ले सकते हैं।

आगे जानिए 11 महीने बच्चे की नींद की आवश्यकता।

11 महीने के बच्चे के लिए कितनी नींद आवश्यक है?

बात करें अगर 11 महीने बच्चे की नींद की, तो उनके लिए 24 घंटे में से 12-16 घंटे की नींद जरूरी है। इसमें थोड़ी-थोड़ी देर की झपकियां भी हैं (8)

11 महीने के बच्चे के लिए खेल और गतिविधियां

शिशु के सही विकास के लिए खेलना और अन्य गतिविधियों की भी जरूरत होती है। इसलिए यहां हम आपको 11 महीने बच्चे के खेल और गतिविधियों के बारे में जानकारी देंगे (3)

रंगीन किताबें – 11 महीने बच्चे चीजों को देखने और थोड़ा बहुत समझने लगते हैं। ऐसे में आप उन्हें रंगीन कार्टून की किताबें देखने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

गाना सुनाएं और गाएं – शिशु को कविताएं, गाने सुनाएं, उनके सामने ताली बजाकर गाना गाएं। ऐसा करने से बच्चे भी उसे दोहराने की कोशिश करेंगे और धीरे-धीरे शब्दों को बोलना सीखेंगे।

बातें करें – अपने शिशु के साथ वक्त बिताएं, उनसे बातें करें। ऐसा करने से वो जल्दी बोलना सीख सकते सकते हैं।

लुका-छिपी खेलें – उनके साथ लुका-छिपी खेलें, कभी सोफे के पीछे या चादर से खुद को छुपाने की कोशिश करें ताकि वो आपको ढूंढें।

पजल के साथ खेलें – उन्हें ब्लॉक या पजल से खेलने दें और उनके सामने आप भी खेलें ताकि आपका बच्चा आपको देखकर खेलना सीखें। उन्हें छोटे चम्मच, कटोरी दें और उसे बजाने के लिए प्रेरित करें।

लेख के आगे के भाग में आपको 11 महीने बच्चे से जुड़ी स्वास्थ्य चिंताओं के बारे में जानकारी देंगे जो माता-पिता के लिए कभी-कभी चिंता का कारण बन जाती है।

11 महीने के बच्चों के माता-पिता की आम स्वास्थ्य चिंताएं

त्वचा की एलर्जी – 11 महीने बच्चे थोड़ा-बहुत ठोस आहार का सेवन करने लगते हैं। हालांकि, कुछ आहार से उन्हें एलर्जी की समस्या हो सकती है। ऐसे में अगर आपको अपने शिशु की त्वचा पर रैशेज या अन्य कोई समस्या दिखे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

गिरना – इस उम्र शिशु चलने की कोशिश करते हैं और इस स्थिति में वो गिर भी सकते हैं। ऐसे में ध्यान रहे कि आप कोई नुकीली वस्तु या कोई कांच की बनी चीज शिशु के आसपास न रखें। इसके अलावा उन्हें वॉकर के सहारे न चलाएं (9)

सावधानी से खाना – शिशु इस उम्र में स्वयं खाना सीखने लगते हैं, जिस कारण वो कोई भी चीज मुंह में डालने की कोशिश करते हैं। इस स्थिति में आप ध्यान रखें कि उनके खिलौनों में कोई छोटी चीज जैसे – बटन, पिन न हो, जो अनजाने में वे अपने गले में अटका लें। इसके अलावा फर्श या बिस्तर पर कोई ऐसी चीज न हो, जिसका शिशु सेवन कर लें और उन्हें पेट की समस्या हो जाए (9)

जलना – हमेशा शिशु से दूर रहकर चाय या कॉफी पिएं हैं, क्योंकि अगर आप उसके पास या उसे गोद में लेकर चाय या कॉफी पीते हैं, तो वो उसपर अपना हाथ मार सकता है, जिससे उसकी त्वचा जल सकती है (9)

11 महीने बच्चे की कुछ और जरूरी बातें।

बच्चे की सुनने की क्षमता, दृष्टि और अन्य इंद्रियां

क्या मेरा बच्चा क्या देख सकता है?

आपका शिशु जैसे-जैसे बड़ा होता है, उसकी दृष्टि में भी विकास होने लगता है। 11 महीने में आपका बच्चा पास और दूर की चीजों को देख सकता है। वो कमरे में रखे खिलौनों को भी देख सकता है। किताबों में तस्वीरों और जाने-पहचाने चेहरों को देखकर भी वो खुशी व्यक्त कर सकता है। वो अपने हाथ और दृष्टि के अनुसार चीजों का उपयोग कर सकता है (10)

क्या मेरा बच्चा सुन सकता है?

आपका बच्चा जन्म के बाद से ही आपकी बातें सुनने लगता है। लेकिन 11 महीने में आपका बच्चा आपकी बातों को सुनकर उसको समझने भी लगता है। वो आदेशों को समझने लगता है और इशारों से बातें करने की कोशिश करता है। इतना ही नहीं, वो आवाजों को सुनकर उसे बोलने की कोशिश करने लगता है (10)

क्या मेरा बच्चा स्वाद और गंध को महसूस कर सकता है?

11 महीने में बच्चा ठोस आहार का सेवन करना शुरू कर देते हैं और अपनी पसंदीदा चीजों को खाने की भी इच्छा जताने लगते हैं। ऐसे में आप उन्हें नए-नए स्वाद के खाद्य पदार्थों को हल्का-फुल्का चखाएं। हालांकि इसके लिए आप एक बार अपने डॉक्टर से भी सलाह कर लें क्योंकि शिशु को एलर्जी का भी डर हो सकता है। इसके अलावा उन्हें बाहर घुमाने ले जाएं ताकि वो अलग-अलग गंध को पहचानना और उनमें अंतर करना सीख सके (10)

आगे जानिए 11 महीने बच्चे की सफाई से संबंधित कुछ टिप्स।

बेबी स्वच्छता से जुड़ी कुछ बातें

त्वचा की देखभाल – शिशु डायपर पहनते हैं, ऐसे में कई बार उन्हें डायपर रैश की समस्या हो सकती है। इसलिए नियमित रूप से शिशु का डायपर चेक करें। डायपर निकालने के बाद आप शिशु के गुप्तांगों को साफ गीले तौलिये से पोंछकर मॉइस्चाइजर लगाएं।

नहाना – उन्हें मौसम के अनुसार सहन करने योग्य गर्म और ठंडे पानी से हर रोज नहलाएं या उनके शरीर को गीले तौलिये से पोछें।

घर की सफाई – 11 महीने का शिशु क्रॉल करने लगता है, खेलने लगता है, ऐसे में घर को साफ रखें ताकि उन्हें किसी तरह का संक्रमण न हो।

खिलौनों की सफाई – शिशु के खिलौनों को भी गर्म पानी में डालकर साफ करें क्योंकि अब आपका शिशु चीजों को मुंह में लेना सीखने लगता है। अब ऐसे में अगर वो खिलौनों को मुंह में लेंगे, तो उन्हें संक्रमण या पेट की समस्या भी हो सकती है।

कपड़ों और बर्तन की सफाई – आपका शिशु जो कपड़े पहनता है या जो तौलिया उपयोग करता है उसे एंटीसेप्टिक लिक्विड से धोएं। जिस बर्तन में उन्हें आप खाना खिलाते हैं, उसे भी अच्छी तरह साफ करे करके रखें।

आगे हम आपको बताएंगे कि माता-पिता शिशु के विकास में कैसे योगदान दे सकते हैं।

माता-पिता बच्चे के विकास में कैसे मदद कर सकते हैं?

  • शिशु को रंग-बिरंगी किताबें दिखाएं, उन्हें लोरियां और कविताएं सुनाएं।
  • उनके साथ वक्त बिताएं, बातें करें, खेलें।
  • उन्हें नए-नए तरह के खिलौने दिखाएं और खेलने के लिए प्रेरित करें।
  • उन्हें खुद से खाने के लिए प्रेरित करें।
  • उन्हें नीचे क्रॉल करने दें।
  • उन्हें बिना सहारे के खड़े होने और चलने के लिए प्रेरित करें।
  • उन्हें बाहर घुमाने ले जाएं और नयी चीजें दिखाएं।
  • घर को बेबी प्रूफ करें यानी कोई भी खतरनाक चीज नीचे या ऐसी जगह पर न रखें, जहां आपका शिशु आसानी से पहुंच सके।

अब बारी आती है, शिशु के कुछ लक्षणों को जानने की, जिस पर वक्त रहते माता-पिता को ध्यान देना जरूरी है।

11 महीने के बच्चे के विकास के बारे में माता-पिता को कब चिंतित होना चाहिए?

अगर आपके 11 महीने के शिशु में दिखे ये लक्षण, तो हो जाएं सावधान (3)

  • अगर आपका बच्चा नाम से बुलाने पर या आपके ऐसे ही आवाज लगाने पर कोई प्रतिक्रिया न दे।
  • अगर आसान शब्दों को न दोहरा सके।
  • अगर वो एक हाथ से दूसरे हाथ में चीजों को बदल न सके।
  • अगर वो सहारे के साथ भी खड़ा न हो सके।
  • अगर वो कोई हाव-भाव न दे रहा हो।

आगे हम कुछ सवालों के जवाब दे रहे हैं जो अक्सर माता-पिता के मन में आते हैं।

इस महीने के लिए चेकलिस्ट

  • अपने बच्चे को नियमित रूटीन चेकअप कराएं।
  • उसके वैक्सीन का ध्यान रखें।
  • शिशु की तस्वीर रखें ताकि आप उसके शारीरिक विकास की तुलना पहले के महीनों से कर सकें।
  • अगर कहीं बाहर जाएं, तो शिशु का एक्स्ट्रा डायपर, क्रीम, फॉर्मूला फीड की बोतल, कुछ ठोस आहार अपने साथ रखें।
  • उन्हें नियमित तौर पर घुमाने ले जाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आपको अपने बच्चे को फॉर्मूला देना कब बंद करना चाहिए?

जब आपका बच्चा ठोस आहार लेना शुरू करे, तब आप धीरे-धीरे फॉर्मूला देना कम कर सकते हैं, लेकिन शिशु को कम से कम 12 महीने तक फॉर्मूला दूध देना जरूरी है (11)। हालांकि, यह अलग-अलग शिशु के स्वास्थ्य और खान-पान के आदतों पर निर्भर करता है। इसके लिए बेहतर जानकारी के लिए आप शिशु विशेषज्ञ से सलाह-मशविरा कर सकते हैं।

11 महीने की उम्र में कितने शब्दों को जानना चाहिए?

ये बता पाना संभव नहीं है कि 11 महीने के बच्चे को कितने शब्द सीखने चाहिए, क्योंकि हर बच्चा एक दूसरे से अलग होता है। ऐसे में कोई जल्दी ज्यादा शब्द बोलना सीख जाता है और कोई कम। यह सटीक अंदाजा लगाना कि 11 महीने में वे कितने शब्द बोल सकते हैं थोड़ा मुश्किल हो सकता है। हां, वो आसान शब्द जैसे – मां, बाबा, मामा, दादा बोलना आसानी से सुनते-सुनते सीख सकते हैं।

शिशु के बेहतर विकास के लिए माता-पिता और उनके आस-पास रहने वाले लोगों के योगदान की सख्त जरूरत होती है। आशा करते हैं कि इस लेख को पढ़ने के बाद आपको अपने 11 महीने के बच्चे की देखभाल में और ज्यादा मदद मिलेगी। इसके अलावा, अगर आपके पास लेख से संबंधित कोई सुझाव या सवाल है, तो आप हमसे नीचे कमेंट बॉक्स के जरिए जुड़ सकते हैं।

संदर्भ (References) :

 

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