शिशुओं में तनाव होने के कारण, लक्षण व बचाव | Stress In Babies In Hindi

Image: Shutterstock

IN THIS ARTICLE

इस आधुनिक दुनिया में जितनी तेजी से जीवनशैली बदल रही है, उससे न सिर्फ बड़े-बुजुर्ग, बल्कि बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं। यही कारण है कि बच्चों में स्ट्रेस की समस्या ज्यादा सुनने को मिलती है। वजह चाहे जो भी हो पर तनाव किसी के लिए सही नहीं है। इस विषय पर हर माता पिता को विचार करना चाहिए, इसलिए इस लेख में हम शिशु में स्ट्रेस होने के कारण, लक्षण व बचाव से जुड़ी जानकारी लेकर आए हैं।

लेख की शुरुआत हम शिशुओं के लिए तनाव खतरनाक क्यों है, इसके साथ करेंगे।

शिशुओं के लिए तनाव (स्ट्रेस) क्यों खतरनाक है? | Stress Affect Your Baby in hindi

शिशुओं के लिए तनाव खतरनाक है, क्योंकि तनाव बच्चे के जीवन में नकारात्मक बदलाव ला सकता है। तनाव अगर लंबे समय के लिए रहे, तो इससे बच्चे की सोच, कार्य और भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं (1)। यही नहीं, तनाव बच्चों के मस्तिष्क विकास पर भी बुरा असर डालता है (2)

शैशवावस्था यानी शिशु के जन्म के पांच साल के होने के बाद स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर बढ़ता है, जिसके कारण व्यवहार संबंधी समस्याएं और तनाव संबंधी विकार उत्पन्न होते हैं (3)। स्ट्रेस होने पर कई अन्य तरह की समस्याएं भी बच्चों में देखी जा सकती हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं (4)

  • हृदय गति का बढ़ना
  • रक्तचाप बढ़ना
  • शरीर में समग्र ऑक्सीजन खपत में वृद्धि
  • श्वसन संबंधी परेशानी

रिसर्च बताती हैं कि बच्चों को टॉक्सिक स्ट्रेस होने से उन पर लंबे समय तक रहने वाले प्रतिकूल स्वास्थ्य प्रभाव पड़ सकते हैं, जो उनके बड़े होने के बाद ही नजर आते हैं (4)।

शिशु में स्ट्रेस होने के कारण कौन से हैं, जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें।

छोटे बच्चों में तनाव (स्ट्रेस) होने के कारण

छोटे बच्चों में तनाव होने के कारण कई हो सकते हैं, जिसमें भावनात्मक व शारीरिक कारण भी शामिल हैं। दरअसल, छोटे बच्चे अपने आसपास जो भी देखते, सुनते व महसूस करते हैं, उसके अनुरूप ही प्रतिक्रिया करते हैं और उनकी प्रतिक्रिया के जरिए ही तनाव का पता लगाया जा सकता है। छोटे बच्चों में तनाव होने के कारण कुछ इस प्रकार हैं।

  1. शारीरिक समस्या अगर शिशु किसी दर्द, चोट या बीमारी से गुजर रहा है, तो तनाव हो सकता है। ऐसे में शिशुओं में तनाव का मुख्य कारण साधारण बीमारी से लेकर गंभीर विकार भी हो सकता है (1)
  1. परिवार में लड़ाईझगड़ाघर में अक्सर शोर होना, लड़ना-झगड़ना करना, ये सब शिशु को स्ट्रेस देने का कारण बन सकते हैं (1)
  1. परिवार में किसी की मृत्यु कभी कभार बच्चे परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होने पर भी तनाव में आ सकते हैं। उस समय परिवार में दुख का माहौल छाया रहता है, जो कि बच्चे के तनाव का कारण बन सकता है (1)
  1. मां से दूर होने परकई बार ऐसा भी होता है कि बच्चा माता-पिता या फिर प्राथमिक देखभाल करने वाली से दूर हो जाता है, जिससे तनाव उत्पन्न हो सकता है। यही कारण है कि शिशु जब अपने प्राथमिक देखभालकर्ता या माता-पिता से थोड़ी देर के लिए भी दूर होता है, तो घबराकर रोना शुरू कर देता है (3)
  1. मातापिता का तलाककुछ मामलों में बच्चों में तनाव का कारण माता-पिता का तलाक या उनका अलगाव भी हो सकता है (1)
  1. सकारात्मक परिवर्तनों के कारण ऊपर बताए गए कारणों के अलावा कई मामलों में शिशुओं में तनाव सकारात्मक बदलावों जैसे कि नई गतिविधि को शुरू करने के कारण भी होता है (1)

लेख में आगे जानें कि शिशुओं में तनाव के लक्षण क्या हैं।

शिशु में तनाव के लक्षण

बच्चे में तनाव खतरनाक हो सकता है। इसके लक्षण को पहचान पाना आसान नहीं होता, इसलिए हम यहां कुछ शारीरिक, भावनात्मक व व्यवहार संबंधी लक्षणों के बारे में बता रहे हैं, जिनके आधार पर बच्चा में तनाव है या नहीं पहचानना आसान होगा (1)

शारीरिक लक्षण 

  • बुरे सपने देखना
  • बिना किसी बीमारी के अन्य शारीरिक लक्षण दिखना

भावनात्मक व्यवहार संबंधी लक्षण 

  • चिंता करना
  • आराम न करना
  • डर लगना (अंधेरे का डर, अकेले होने का डर, अजनबियों का डर)
  • हमेशा मां-पापा से चिपका रहना, उनसे एक पल भी दूर न होना
  • गुस्सा करना और बात-बात पर रोना

आगे आप शिशु को तनाव से बचाने के तरीके पढेंगे।

छोटे बच्चे में तनाव होने से कैसे रोकें | shishu ka stress se bachav

शिशु को स्ट्रेस से बचाना आवश्यक है, क्योंकि इसका सीधा असर उनके मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। बच्चे को अगर प्यार भरा माहौल मिलता है, तो उन्हें तनाव का एहसास कम होता है (5)। साथ ही निम्नलिखित टिप्स को फॉलो करके भी बच्चे के तनाव को कम किया जा सकता है (1)

  • बच्चों को घर में एक सुरक्षित और अच्छा माहौल दें।
  • शिशु को कभी अकेला न छोड़ें।
  • प्यार भरा और अच्छा समय बच्चे के साथ बिताएं और उसके साथ खेलें।
  • शिशु कोई कार्टून देखना पसंद करता है, तो कुछ देर उसके साथ उसे देखें।
  • उसके मनपसंद खिलौने से उसे खिलाएं या बच्चे के साथ अन्य खेल खेलें।
  • कोशिश करें कि जब वे सो रहे हों, तो उसे कोई परेशान न करें।
  • जब भी वो रोये, तो तुरंत उसके पास पहुंचे।
  • अपने बच्चे में तनाव के संकेतों को पहचानें और फिर जरूरी कदम उठाएं।
  • बच्चा थोड़ा हो गया है, तो उसकी बातों को सुनें। आलोचना किए बिना और समस्या को तुरंत हल करने का प्रयास किए बिना, उसे सुनें। इससे बच्चे की परेशानी को समझने में मदद मिलेगी।
  • हमेशा बच्चे के प्रति प्रोत्साहन और स्नेह का भाव दिखाएं।
  • शिशु कुछ अलग और अजीब बर्ताव करे, तो बाल रोग चिकित्सक से सलाह लें।

आगे तनाव होने पर शिशु को शांत करने का तरीका जानिए।

तनावग्रस्त शिशु को कैसे शांत करें?

अगर बच्चा तनावग्रस्त होकर रोना बंद नहीं कर रहा है, तो उसे शांत करना बेहद जरूरी है। इसके लिए सबसे पहले तनाव के पीछे का कारण जानना होगा। यदि तनाव का कारण नहीं पता चल पा रहा, तो भी कुछ निम्नलिखित तरीके आजमा सकते हैं, जिससे बच्चा को आराम मिल सकता है (6)

  • बच्चे को एक मुलायम कंबल में लपेटकर अपने हाथों में उठा लें या बगल में लिटा दें। बच्चों को कंबल में लपेटने का सही तरीका नर्स या बाल विशेषज्ञ से पूछ सकते हैं।
  • धीमी आवाज में गाना सुनाएं या गुनगुनाएं।
  • कुर्सी पर या झूले पर धीमी गति में झूला सकते हैं।
  • बच्चे को गोद में रखकर खुद अपने शरीर को धीरे-धीरे हिलाएं।
  • स्ट्रोलर या कार में बच्चे को घुमाने ले जाएं। मोशन से बच्चे को अच्छी नींद आती है।
  • तरह-तरह के चेहरे बनाकर और आवाज निकालकर बच्चे का ध्यान बटाएं।
  • उसे कुछ खिला सकते हैं।
  • डाइपर देखें, वो गिला हो तो उसे बदल दें।

शिशु को तनाव होना चिंता का विषय है, इसलिए इससे जुड़ी हर जानकारी पैरेंट्स को रखनी चाहिए। हाल ही में माता-पिता बने कपल्स को जागरूक करने के लिए हमने रिसर्च के आधार पर शिशुओं में तनाव के लक्षण बताए हैं। इनकी मदद से बच्चे में तनाव को पहचानकर तुरंत चिकित्सक से संपर्क किया जा सकता है। ऐसे मामलों में थोड़ी भी देरी करना खतरनाक साबित हो सकता है। सतर्क रहें और अपने शिशु को तनाव से बचाए रखें।

References:

MomJunction's health articles are written after analyzing various scientific reports and assertions from expert authors and institutions. Our references (citations) consist of resources established by authorities in their respective fields. You can learn more about the authenticity of the information we present in our editorial policy.
  1. Stress in childhood By Medlineplus
    https://medlineplus.gov/ency/article/002059.htm
  2. Early Brain Development and Health By CDC
    https://www.cdc.gov/ncbddd/childdevelopment/early-brain-development.html
  3. Stress impairs cognitive flexibility in infants By PNAS
    https://www.pnas.org/content/112/41/12882
  4. Toxic Stress: Effects Prevention and Treatment By NCBI
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4928741/
  5. The importance of early bonding on the long-term mental health and resilience of children By NCBI
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5330336/
  6. Soothing A Crying Infant By child welfare
    https://www.childwelfare.gov/pubPDFs/soothing.pdf