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क्या बच्चों को अदरक देना सुरक्षित है? | Ginger (Adrak) For Babies In Hindi

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अदरक का उपयोग लगभग हर घर के खाने में होता है। यह न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि इसका औषधीय गुण कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में भी सहायक हो सकता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या यह गुणकारी खाद्य पदार्थ बच्चों के लिए भी उतना ही उपयोगी हो सकता है? क्या अदरक बच्चों के लिए सुरक्षित है? ऐसे ही कई सवाल पेरेंट्स के मन में आते होंगे। यही वजह है कि मॉमजंक्शन के इस लेख में हम बच्चों के लिए अदरक के फायदे व नुकसान से जुड़ी ज्यादा से ज्यादा जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं। उम्मीद है कि लेख को अंत पढ़ने के बाद माता-पिता को यह तय करने में आसानी होगी कि उनके बच्चे के लिए अदरक का सेवन करना कितना उचित है या नहीं। तो बच्चों के लिए अदरक से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए लेख को अंत तक पढ़ें।

सबसे पहले हम यह बता रहे हैं कि बच्चों के लिए अदरक सुरक्षित है या नहीं।

क्या बच्चों को अदरक देना सुरक्षित है?

बच्चे के 6 महीने के होने के बाद उन्हें थोड़े-बहुत ठोस आहार दिए जाते हैं। वहीं 8 महीने के बाद बच्चे के लिए फिंगर फूड यानी ऐसे खाद्य पदार्थ उपयुक्त हो सकते हैं, जिन्हें वो आसानी से हाथ से पकड़कर खा सकें (1)। ऐसे में अगर अदरक के सेवन की बात की जाए तो जानकारों के अनुसार उनके 6 महीने का होने के बाद सर्दी-जुकाम के लिए घर में बने काढ़े में अदरक को शामिल करने की सलाह दी जाती है (2)

वहीं, इस संबंध में एनसीबीआई (NCBI- नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार प्रसव के बाद महिला द्वारा अदरक का सेवन करना प्राकृतिक तौर पर उनके स्तन के दूध की गुणवत्ता में सुधार करने में सहायक पाया गया। वहीं, अदरक के सेवन से स्तनपान कराने वाली महिला या उनके शिशु पर किसी तरह का कोई दुष्परिणाम भी नहीं देखा गया (3)। ऐसे में इस आधार पर मान सकते हैं कि बच्चे के लिए अदरक सुरक्षित हो सकता है। हालांकि, मन में अगर कोई संशय हो तो इस बारे में माता-पिता का एक बार डॉक्टरी सलाह लेना भी बेहतर विकल्प हो सकता है।

बच्चे को अदरक कब से दे सकते हैं, इसके बारे में हम आगे बता रहे हैं।

बच्चों को अदरक खिलाना कब शुरू करना चाहिए?

मौजूदा अध्ययनों के अनुसार, 6 माह से बड़े शिशु के आहार में अदरक को शामिल करना सुरक्षित माना जा सकता है (2)। हालांकि, इस दौरान भी उसे सीधे तौर पर अदरक देने से बचना चाहिए। दांत न निकलने तक बच्चे के आहार में अदरक का रस शामिल करके उसे अदरक दिया जा सकता है। वहीं, 6 महीने से छोटे बच्चे की मां अगर अदरक का सेवन करती है और बच्चे को मां के दूध के जरिए अदरक मिलता है तो यह शिशु के लिए नुकसानदायक नहीं हो सकता है (3)

यहां हमने बच्चे के लिए अदरक की सुरक्षित मात्रा बताई है।

शिशुओं के लिए कितनी मात्रा में अदरक सुरक्षित है?

बच्चों के वजन के आधार पर उनके लिए अदरक की मात्रा तय की जा सकती है। शोध के अनुसार अगर बच्चे का वजन लगभग 15 किलो तक है, तो उसे दिनभर में 0.25 से 0.50 ग्राम तक अदरक का चूर्ण दिया जा सकता है। वहीं उनके पूरे दिन के आहार में 2.5 ग्राम तक ताजे अदरक को शामिल किया जा सकता है (4)। अगर बच्चे की उम्र की बात की जाए तो 15 किलो के बच्चे की उम्र करीब 2 से 3 साल तक की हो सकती है। ऐसे में इस आधार पर माना जा सकता है कि 2 से 3 साल तक के बच्चे के पूरे दिन के आहार में 0.25 से 0.50 ग्राम तक अदरक पाउडर और 2.5 ग्राम तक ताजा अदरक शामिल किया जा सकता है।

वहीं, आयुर्वेद के अनुसार बच्चे के 1 साल के होने के बाद उनके पूरे दिन के आहार में एक चौथाई छोटा चम्मच (1/4 tsp) ताजा अदरक शामिल किया जा सकता है। हालांकि, हर बच्चे की ग्रोथ अलग-अलग होती है, ऐसे में बेहतर है माता-पिता अपने बच्चे की उम्र और वजन के अनुसार अदरक की मात्रा के बारे में एक बार डॉक्टरी सलाह भी जरूर लें। वहीं, बच्चे को अदरक युक्त खाद्य पदार्थ देने के बाद कुछ दिन इंतजार करें ताकि इससे पता चल सके कि बच्चा अदरक युक्त खाद्य पदार्थ पचा पा रहा है या नहीं। साथ ही इस दौरान पता चल सकेगा कि बच्चे को अदरक से एलर्जी है या नहीं।

अब हम प्रति 100 ग्राम अदरक में शामिल पोषक तत्वों की मात्रा बता रहे हैं।

अदरक के पोषक तत्व

अदरक में मौजूद पोषक तत्व इसे इतना गुणकारी बनाते हैं। ऐसे में नीचे दिए गए बिंदुओं के माध्यम से हमने प्रति 100 ग्राम अदरक में मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी दी है, जो कुछ इस प्रकार हैं (5):

  • प्रति 100 ग्राम अदरक में करीब 78.89 ग्राम पानी, 80 केसीएएल ऊर्जा, 1.82 ग्राम प्रोटीन, 0.75 ग्राम टोटल लिपिड (फैट), 17.77 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 1.7 ग्राम शुगर और 2 ग्राम फाइबर मौजूद होता है।
  • वहीं मिनरल की बात करें तो 100 ग्राम अदरक में, 16 मिलीग्राम कैल्शियम, 0.6 मिलीग्राम आयरन, 43 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 34 मिलीग्राम फास्फोरस, 415 मिलीग्राम पोटेशियम, 13 मिलीग्राम सोडियम, 0.34 मिलीग्राम जिंक, 0.226 मिलीग्राम कॉपर और 0.229 मिलीग्राम मैंगनीज उपलब्ध रहता है।
  • इसके अलावा 100 ग्राम अदरक में विटामिन्स की भी मात्रा होती है, जिनमें 5 मिलीग्राम विटामिन सी, 0.16 मिलीग्राम विटामिन बी6, 0.26 मिलीग्राम विटामिन ई, 11 माइक्रोग्राम फोलेट शामिल है।
  • साथ ही, अदरक के 100 ग्राम की मात्रा में 0.203 ग्राम फैटी एसिड (सैचुरेटेड), 0.154 ग्राम फैटी एसिड (मोनोअनसैचुरेटेड) और 0.154 ग्राम फैटी एसिड (पॉलीसैचुरेटेड) भी पाया जाता है।

आगे जानिए बच्चों के लिए अदरक के फायदे से जुड़ी जरूरी जानकारियां।

बच्चों के लिए अदरक के लाभ

अदरक में मौजूद पौष्टिक तत्वों के बारे में जानने के बाद अब बारी आती है बच्चों के लिए अदरक के स्वास्थ्य लाभ जानने की। लेख के इस भाग में हम बच्चे के लिए अदरक के फायदे के बारे में जानकारी दे रहे हैं। तो बच्चों के लिए अदरक के फायदे कुछ इस प्रकार हैं:

1. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

नवजात और छोटे बच्चों की इम्यूनिटी बड़े लोगों के मुकाबले काफी कमजोर होती है (6)। ऐसे में उन्हें इम्यून बूस्टिंग खाद्य पदार्थों का सेवन कराने की आवश्यकता हो सकती है। अदरक भी इम्यून बूस्टिंग खाद्य पदार्थों में से एक है। यह न सिर्फ शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता में सुधार कर सकता है, बल्कि फ्री रेडिकल के क्षति से भी बचाव कर सकता है (7)। वहीं, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में, इस बात का जिक्र मिलता है कि पहले के जमाने में, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए जड़ी-बूटियों के सेवन पर जोर दिया जाता था। वहीं, कई देशों में अदरक और अदरक युक्त सामग्री के सेवन से इम्यून सिस्टम में सुधार की बात सामने आई है। दरअसल, अदरक में रोग-प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करने के और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होने की पुष्टि हुई है (8)। ऐसे में इस आधार पर कह सकते हैं कि अदरक के ये गुण शरीर को बीमारियों से बचाव करने में सहायक हो सकते हैं ।

2. पेट की समस्याएं दूर करे

अदरक पेट की समस्याओं से बचाव में सहायक हो सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि अदरक में कार्मिनेटिव प्रभाव (Carminative – पेट फूलने की समस्या से राहत दिलाने वाला गुण) होता है, जो पेट से जुड़ी परेशानियों जैसे – पेट दर्द, पेट में ऐंठन, गैस से राहत दिला सकता है। वहीं, ताजा अदरक कब्ज की परेशानी के लिए उपयोगी हो सकता है। ऐसे में बच्चों में कब्ज से जुड़ी अगर समस्या है, तो उनके भोजन में थोड़ी मात्रा में ताजे अदरक को शामिल किया जा सकता है। हालांकि, ध्यान रहे बच्चे के खाने में अदरक पाउडर का कम से कम उपयोग करें क्योंकि यह कब्ज की परेशानी को बढ़ा सकता है (7)

3. उल्टी और मतली के लिए

अदरक का उपयोग कई सालों से मतली और उल्टी की समस्या से राहत पाने के लिए घरेलू उपाय के तौर पर किया जाता रहा है (9)। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक स्टडी में बच्चों और वयस्कों में कीमोथेरेपी के बाद होने वाले उल्टी और मतली के लक्षणों में अदरक का उपयोग लाभकारी पाया गया है। दरअसल, अदरक में एंटी-एमेटिक (Antiemetic- उल्टी को रोकने वाला) गुण होता है, जो मतली और उल्टी की समस्या से राहत दिला सकता है (10)। इस आधार पर माना जा सकता है कि यह बच्चों में मतली व उल्टी की समस्या कम करने के लिए अदरक उपयोगी हो सकता है।

4. सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए

बदलते मौसम के कारण बच्चों को सर्दी-जुकाम की समस्या होना सामान्य है। ऐसे में इससे बचाव के लिए बच्चे को अदरक युक्त आहार दिया जा सकता है। दरअसल, अदरक को प्राकृतिक तौर पर गर्म खाद्य पदार्थ कहा जाता है। इसलिए इसका उपयोग सर्दी-जुकाम की समस्या से बचाव या इससे राहत पाने के लिए किया जाता है (11)। वहीं, शोध में इस बात की पुष्टि हुई है कि अदरक सर्दी-जुकाम, श्वसन प्रणाली या गले में खराश जैसी परेशानियों से बचाव के लिए उपयोगी हो सकता है (9)। वहीं, कई सालों से अदरक को अस्थमा और सांस संबंधी समस्याओं के लिए भी उपयोग किया जाता रहा है (12)। ऐसे में बच्चों को सर्दी-जुकाम से बचाने के लिए या उनमें श्वसन प्रणाली की परेशानियों के जोखिम को कम करने के लिए उनके आहार में अदरक को शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, खासतौर पर ठंड के मौसम में।

5. बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाव

विशेषज्ञों के मुताबिक अदरक में एंटी-माइक्रोबियल (बैक्टीरिया को नष्ट करने वाला) गुण होता है। इसका यह गुण ई कोली (E Coli), साल्मोनेला टाइफी (Salmonella Typhi) और बेसिलस सबटिलिस (Bacillus Subtilis) (एक प्रकार के बैक्टीरिया) जैसे बैक्टीरिया को खत्म करने या उनसे बचाव करने में प्रभावी हो सकता है। इतना ही नहीं अदरक में एंटी-बैक्टीरीयल और एंटी-फंगल गुण भी मौजूद हैं (13)। ऐसे में इस आधार पर माना जा सकता है कि अदरक का सेवन बच्चे को बैक्टीरीयल संक्रमण के जोखिम से कुछ हद तक बचा सकता है।

6. कैंसर से बचाव

अदरक का सेवन बच्चे को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के जोखिम से भी बचा सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार अदरक में एंटी-कैंसर गुण होने की पुष्टि हुई है। दरअसल, अदरक में मौजूद जिन्जेरॉल (Gingerols), शोगोल (Shogaol), और पेराडोल (Paradols) शरीर को कई प्रकार के कैंसर के जोखिम से बचाने में सहायक हो सकता है (14)। हालांकि, इस विषय में अभी और शोध की आवश्यकता है, लेकिन बच्चे को स्वस्थ रखने के लिए और कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए अदरक को उनके आहार में शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है।

लेख के इस भाग में, बच्चों में सर्दी की समस्या दूर करने के लिए अदरक के उपयोग से जुड़ी जानकारियां दी गई हैं।

बच्चों की सर्दी जुकाम के लिए अदरक का उपयोग | Ginger Honey For Cough In Baby In Hindi

जैसा कि लेख में हम पहले ही बता चुके हैं कि प्राकृतिक तौर पर अदरक की तासीर गर्म होती है, जो सर्दी-जुकाम से बचाव करने में फायदेमंद हो सकती है (11)। इसके लिए आप बच्चों को किस तरह से अदरक खिला सकती हैं, इसके बारे में नीचे कुछ विकल्प दिए गए हैं।

  • अदरक से बनी चाय बच्चे को पीने के लिए दे सकते हैं।
  • दूध या गुनगुने पानी में चुटकी भर सूखे अदरक का पाउडर मिलाकर भी बच्चे को पीने के लिए दिया जा सकता है।
  • बच्चों के लिए अदरक और शहद का उपयोग भी सर्दी-खांसी की समस्या को दूर करने में सहायक हो सकता है। दरअसल, अदरक के गुणों को शहद के मिश्रण से बढ़ाया जा सकता है। शहद में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी माइक्रोबियल गुण होता है, जो बच्चे की सर्दी-खांसी दूर करने में प्रभावी हो सकता है (15)। इसके लिए आधा चम्मच शहद में अदरक के रस की 2 बूंद मिलाकर बच्चे को दे सकती हैं। हालांकि, ध्यान रहे कि 1 साल से छोटी उम्र के बच्चों को शहद बिल्कुल न दें (16)
  • बच्चे को अदरक की टॉफी बनाकर भी खाने के लिए दे सकती हैं। हालांकि, अदरक का स्वाद तीखा होता है, इसलिए इसका स्वाद मीठा बनाने के लिए उसमें गुड़ मिलाकर बच्चे को दे सकती हैं।

नोट : ध्यान रहे ऊपर बताए गए ये नुस्खे एक साल से बड़े बच्चों के लिए बताए गए हैं। अगर मन में जरा सा भी संशय हो तो इस बारे में डॉक्टरी सलाह जरूर लें। वहीं, अगर बच्चे को सर्दी-जुकाम से जुड़ी गंभीर समस्या है तो डॉक्टरी इलाज को प्राथमिकता दें।

अब जानिए बच्चों के लिए अदरक के नुकसान क्या हो सकते हैं।

बच्चों के लिए अदरक के नुकसान

जहां बच्चों के लिए अदरक के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, तो वहीं इसके अधिक सेवन से कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते है। ऐसे में सावधानी के तौर पर, यहां अदरक के निम्नलिखित दुष्प्रभाव बताए गए हैंः

  • अधिक मात्रा में बच्चों को अदरक देने से पेट में ऐंठन, हार्टबर्न (सीने में जलन), दस्त, मुंह और गले में जलन जैसे दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं (17)
  • कुछ मामलों में अदरक में पाए जाने वाले विभिन्न कंपाउंड नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लामेटरी ड्रग्स (NSAID-nonsteroidal anti-inflammatory drug) के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं (18)। इस लिहाज से अगर बच्चे को किसी तरह की दवा दी जा रही है, तो उसे अदरक देने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।
  • अगर बच्चे को अदरक और शहद का मिश्रण दे रही हैं, तो एक साल से बड़े बच्चे को ही यह मिश्रण देना चाहिए। एक साल से छोटे बच्चों को शहद देने से उनमे बोटुलिज्म (फूड पॉइजनिंग) का जोखिम बढ़ सकता है (19)

बच्चे के भोजन में अदरक शामिल करने से पहले इन सावधानियों के बारे में भी जानें।

बच्चों को अदरक देने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें

बच्चे को अदरक के नुकसान से बचाने के लिए कुछ सावधानियों को ध्यान में रखना आवश्यक है। ऐसे में बच्चे के भोजन में अदरक शामिल करने से पहले नीचे बताई गई कुछ सावधानियों को विशेषतौर पर ध्यान में रखें। ये सावधानियां कुछ इस प्रकार हैं:

  • किसी भी चीज का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। इसलिए बच्चे के भोजन में अदरक की मात्रा उसकी उम्र और वजन के अनुसार ही शामिल करें। चाहें तो इस बारे में डॉक्टरी सलाह भी ले सकते हैं।
  • अदरक का स्वाद तीखा होता है, जिसे मीठा करने के लिए इसमें शहद मिला सकते हैं। हालांकि, ध्यान रहे एक साल से छोटे बच्चे को शहद बिल्कुल न दें।
  • बच्चे को अदरक हमेशा किसी आहार में मिलाकर ही दें।
  • बच्चे के आहार में हमेशा ताजे अदरक का उपयोग करें। अदरक का पाउडर बच्चे के आहार में शामिल करने से बचें। चाहें तो ताजे अदरक का पेस्ट बनाकर भी बच्चे के खाने में दे सकती हैं।
  • कुछ मामलों में अदरक एलर्जी का कारण बन सकता है। इसलिए शुरुआत में बच्चे को अदरक की थोड़ी मात्रा दें। फिर 3 से 4 दिन बाद बच्चे के स्वास्थ्य पर अदरक का प्रभाव जाचें। अगर अदरक के सेवन के बाद बच्चे में किसी तरह के दुष्प्रभाव नजर नहीं आते हैं, तो ही बच्चे के आहार में अदरक को शामिल करें।

अंत में जानें बच्चों के लिए अदरक की रेसिपी।

बच्चों की डाइट में अदरक कैसे शामिल करें?

बच्चे के आहार में अदरक शामिल करने के विभिन्न तरीके हो सकते हैं। यहां नीचे अदरक से बनी कुछ रेसिपीज बताई गई हैं, जिसे अपनी पसंद के अनुसार बच्चे के आहार में शामिल कर सकते हैं।

1. गाजर-अदरक का सूप या प्यूरी

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सामग्री :

  • चुटकी भर अदरक
  • आधा कप गाजर (कटा हुआ)
  • एक चम्मच तेल
  • चुटकी भर जीरा
  • चुटकी भर अजवाइन
  • 1 कप पानी

बनाने की विधि :

  • कड़ाही में तेल डालकर गर्म करें।
  • जब यह गर्म हो जाए, तो उसमें जीरा और अजवाइन डालकर सुनहरा होने तक भूनें।
  • फिर इसमें कटी हुई गाजर और अदरक डालकर 10 मिनट तक पकाएं।
  • इसके बाद मिक्सर में पानी डालें और उसमें भुनी हुई गाजर और अदरक को डालकर पीस लें और इसका घोल बना लें।
  • फिर इस मिश्रण को कड़ाही में डालें और कुछ मिनट तक मध्यम आंच पर इसे पकाएं।
  • इसके बाद गैस बंद कर दें और ठंडा होने पर चम्मच की मदद से इसे बच्चे को पिलाएं।

कैसे फायदेमंद है :

ऊपर हम पहले ही बता चुके हैं कि अदरक प्राकृतिक तौर पर गर्म होता है। वहीं, गाजर में विटामिन-ए और बीटा कैरोटीन होते हैं, जो आंखों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं (20)। ऐसे में अदरक के साथ बच्चों के लिए गाजर की रेसिपी आंखों को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकती है।

2. अदरक का दूध

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सामग्री :

  • चुटकी भर अदरक
  • एक कप गाय का दूध

बनाने की विधि :

  • दूध में अदरक मिलाकर उसे गर्म करें।
  • फिर इसे छान लें।
  • ठंडा होने पर इसे बच्चे को पिलाएं।

कैसे फायदेमंद है :

बच्चे के लिए अदरक के स्वास्थ्य लाभ हम लेख में पहले ही बता चुके हैं। वहीं, बच्चे के लिए गाय के दूध के फायदे की बात करें, तो 1 से 2 साल की उम्र के बच्चों को फुल फैट गाय का दूध दिया जा सकता है, जो उनके मस्तिष्क के विकास में मदद कर सकता है। इसके बाद, जब बच्चा 2 साल का हो जाए, तो उसे लो फैट वाला गाय का दूध भी देना लाभकारी हो सकता है। हालांकि, ध्यान रखें कि गाय का दूध 1 साल से छोटी उम्र के बच्चों को न दें (21)। ऐसे में यह रेसिपी बच्चे के मस्तिष्क विकास के लिए लाभकारी हो सकता है।

3. अदरक का पानी

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सामग्री :

  • चुटकी भर अदरक
  • एक कप पानी

बनाने की विधि :

  • पानी में अदरक मिलाकर उसे 5 मिनट तक उबालें।
  • फिर इसे छान लें।
  • ठंडा होने पर इसे बच्चे को पिलाएं।

कैसे फायदेमंद है :

अदरक का पानी पाचन से जुड़ी समस्या को दूर करने में मदद कर सकता है। लेख में पहले ही हम जानकारी दे चुके हैं कि अदरक में कार्मिनेटिव गुण होता है, जो पाचन विकारों को कम करने में मदद कर सकता है (6)। ऐसे में यह आसान रेसिपी बच्चे के पाचन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मददगार साबित हो सकता है।

नोट : ऊपर बताए गए रेसिपीज 1 साल या उससे बड़े बच्चों के लिए है। अगर मन में जरा सा भी संशय हो तो बच्चे को अदरक का सेवन कराने से पहले डॉक्टरी सलाह लेने से बिलकुल न सोचें।

उम्मीद करते हैं कि इस लेख के माध्यम से आपने बच्चों के लिए अदरक के फायदे और नुकसान अच्छे से समझ लिए होंगे। ऐसे में ऊपर बताए गए तरीकों से बच्चे के आहार में आसानी से अदरक शामिल कर सकते हैं और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बच्चे को सुरक्षित रख सकते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि इस लेख में बताए गए बच्चों को अदरक खिलाने के फायदे, बच्चे के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव या बीमारी के लक्षणों को कम करने के लिए उपयोगी हो सकते हैं। अगर बच्चे को कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टरी इलाज को ही प्राथमिकता दें। साथ ही यहां अदरक के कुछ नुकसान भी बताए गए हैं, इसलिए उन्हें भी ध्यान में रखें। जरूरत पड़ने पर बच्चे को अदरक देने से पहले डॉक्टरी सलाह भी जरूर लें। उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी होगा। शिशु स्वास्थ्य से जुड़े ऐसे ही अन्य लेख पढ़ने के लिए मॉमजंक्शन की वेबसाइट विजिट करते रहें।

संदर्भ (References)

1. Infant and Young Child Feeding: Model Chapter for Textbooks for Medical Students and Allied Health Professionals. By NCBI
2. Management of Management of common Respiratory Infections in Children in India By Ministry of Health & Family Welfare Government of India
3. Ginger By NCBI
4. Ginger By Sciencedirect
5. Ginger root, raw By USDA
6. Evolution of the immune system in humans from infancy to old age By NCBI
7. Ginger: A functional herb By Researchgate
8. Anti-Oxidative and Anti-Inflammatory Effects of Ginger in Health and Physical Activity: Review of Current Evidence By NCBI
9. Ginger From Ancient Times to the New Outlook By NCBI
10. Ginger on Human Health: A Comprehensive Systematic Review of 109 Randomized Controlled Trials By NCBI
11. Experts opinion on indigenous child care practices followed by rural women of Kumaon region, Uttarakhand By Acedemia
12. The Amazing and Mighty Ginger By NCBI
13. Active ingredients of ginger as potential candidates in the prevention and treatment of diseases via modulation of biological activities By NCBI
14. Anti-Oxidative and Anti-Inflammatory Effects of Ginger in Health and Physical Activity: Review of Current Evidence By NCBI
15. Honey for treatment of cough in children By NCBI
16. Complementary Feeding for Infants 6 to 12 months By Researchgate
17. Ginger By NCCIH
18. Clinical Uses of Zingiber officinale (Ginger) By Researchgate
19. A spoonful of honey helps a coughing child sleep By NCBI
20. Look to Fruits and Vegetables for Good Eye Health By Department of Health
21. Cow’s milk and children By Medlineplus

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Ankita Mishra