बच्चों के लिए अनानास: पोषण, फायदे, नुकसान व रेसिपी | Pineapple For Babies In Hindi

sliced-juicy-pineapples-ripe-baby-pineapple-1889991556

Shutterstock

IN THIS ARTICLE

अनानास ज्यादातर लोगों का पसंदीदा फल होता है। बड़े हो या बच्चे, सभी इसे बेहद चाव से खाते हैं। स्वादिष्ट होने के साथ ही अनानास स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है (1)। यही एक वजह है कि मॉमजंक्शन के इस लेख में हमने बच्‍चों के लिए अनानास से जुड़ी जानकारी साझा की है। इस लेख में बच्चों को अनानास का सेवन कराना चाहिए या नहीं व अनानास से मिलने वाले फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से बताया है। साथ ही, बच्‍चों के लिए पाइनएप्पल से बनी कुछ लजीज रेसिपीज भी शेयर की हैं, जिन्हें बच्चों की उम्र के अनुसार उनके आहार में शामिल किया जा सकता है।

पाइनएप्पल बेनिफिट्स फॉर किड्स जानने से पहले पढ़ें कि बच्चों को अनानास खिलाना चाहिए या नहीं।

क्या बच्चों को अनानास खिला सकते हैं?

हां बिल्कुल, बढ़ती उम्र के साथ बच्चों के आहार में अनानास शामिल किया जा सकता है (2)। हालांकि, कुछ बच्चों में अनानास के सेवन से एलर्जी भी हो सकती है (3)। वहीं, विशेषज्ञों की मानें तो बच्‍चों को खट्टे या एसिडिक फलों का सेवन एहतियात के साथ कराना चाहिए।

बच्चे के आहार में अनानास शामिल करने से पहले बच्चे को अनानास से एलर्जी है या नहीं इसकी जांच करें। इसकी जांच करने के लिए सबसे पहले बच्चे के आहार में एक इंच अनानास का टुकड़ा शामिल करें। फिर दो से तीन दिन तक बच्चे के स्वास्थ्य की निगरानी करें। अगर इस दौरान बच्चे के स्वास्थ्य में किसी तरह के लक्षण नहीं नजर आते हैं, तो बच्चे के आहार में अनानास शामिल किया जा सकता है।

आगे पढ़ें बच्चे को अनानास खिलाने का सही समय।

शिशु को अनानास कब खिलाया जा सकता है?

6 माह की उम्र के बाद शिशु के आहार में अनानास शामिल किया जा सकता है (2)। दरअसल, 6 माह के बाद शिशु के आहार में मां के दूध के साथ ही, थोड़े-बहुत ठोस आहार शामिल करने की सलाह दी जाती है। शिशु के विकास में ठोस आहार मददगार होते हैं। इसके लिए ठोस खाद्य के रूप में अनानास के साथ ही अन्य फल व सब्जियां भी बच्चे के आहार में शामिल किए जा सकते हैं (4)

अब हम अनानास में मौजूद पोषक तत्व व उनकी मात्रा बता रहे हैं।

अनानास का पोषण मान

इस भाग में हम प्रति 100 ग्राम अनानास में पाए जाने वाले विभिन्न पोषक तत्व व उनकी मात्रा बता रहे हैं (5)

  • प्रति 100 ग्राम अनानास में 86 ग्राम पानी, 50 केसीएएल ऊर्जा, 13.1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 0.54 ग्राम प्रोटीन, 0.12 ग्राम टोटल लिपिड (फैट), 1.4 ग्राम फाइबर (टोटल डायटरी), 9.85 ग्राम शुगर (NLEA), 5.99 ग्राम सुक्रोज, 1.73 ग्राम ग्लूकोज और 2.12 ग्राम फ्रुक्टोस मौजूद होता है।
  • वहीं मिनरल्स की बात करें, तो 100 ग्राम अनानास 13 मिलीग्राम कैल्शियम, 0.29 मिलीग्राम आयरन, 12 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 8 मिलीग्राम फास्फोरस, 109 मिलीग्राम पोटेशियम, 1 मिलीग्राम सोडियम, 0.12 मिलीग्राम जिंक, 0.11 मिलीग्राम कॉपर, 0.927 मिलीग्राम मैंग्नीज और 0.1 माइक्रोग्राम सेलेनियम से भरपूर होता है।
  • इसके अलावा 100 ग्राम अनानास में विटामिन भी होते हैं। इसमें 47.8 मिलीग्राम विटामिन सी (टोटल एस्कॉर्बिक एसिड), 0.079 मिलीग्राम थियामिन, 0.032 मिलीग्राम राइबोफ्लेविन, 0.5 मिलीग्राम नियासिन, 0.213 मिलीग्राम पैंटोथैनिक एसिड, 3 माइक्रोग्राम विटामिन ए (RAE), 58 आईयू विटामिन ए (IU), 35 माइक्रोग्राम कैरोटीन (बीटा), 0.7 माइक्रोग्राम विटामिन के और 0.112 मिलीग्राम विटामिन बी6 मौजूद होते हैं।
  • साथ ही, अनानास की प्रति 100 ग्राम मात्रा में 18 माइक्रोग्राम फोलेट, 5.5 माइक्रोग्राम कोलिन, 0.009 ग्राम फैटी एसिड (सैचुरेटेड), 0.013 ग्राम फैटी एसिड (मोनोअनसैचुरेटेड) और 0.4 ग्राम फैटी एसिड (पॉलीअनसैचुरेटेड) भी होते हैं।

शिशु के लिए अनानास खाने के फायदे जानने के लिए पढ़ें यह भाग।

छोटे बच्चों को अनानास खिलाने के फायदे

यहां पर शिशु के लिए अनानास खाने के फायदे से जुड़ी जानकारी विस्तार से दी गई है। हालांकि,  कुछ बच्चों के अनानास से एलर्जी की शिकायत हो सकती है, जिस वजह से इसका सेवन ध्यानपूर्वक कराएं। बच्चे में अनानास का सेवन करने से किसी तरह के साइड इफेक्ट न होने पर ही आहार में इसे शामिल करें। अब जानते हैं पाइनएप्पल बेनिफिट्स फॉर किड्स, जो कुछ इस प्रकार हैं:

1. दस्त में फायदेमंद

कभी-कभी कुछ बैक्टीरिया के कारण बच्चों में दस्त की समस्या हो सकती है (6)। ऐस में बच्चों के लिए अनानास का सेवन फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, अनानास में मौजूद ब्रोमेलैन (Bromelain) नामक एंजाइम में एंटीमाइक्रोबियल (Antimicrobial – बैक्टीरिया खत्म करने वाला) प्रभाव होता है, जो डायरिया का कारण बनने वाले आंत के कीड़े (जैसे – ई. कोलाई और विब्रियो कोलरा) को खत्म करने में मदद कर सकता है (7)। ऐसे में बच्‍चों में दस्त की समस्या और डिहाइड्रेशन दूर करने के लिए अनानास लाभकारी माना जा सकता है।

2. स्वस्थ ह्रदय के लिए

अनानास में पाया जाने वाला ब्रोमेलैन बच्चों के ह्रदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि यह रक्त के थक्के जमना (blood platelet aggregation) कम कर सकता है। इसके साथ ही यह धमनियों की दीवारों पर जमे हुए प्लाक को हटाने में भी मदद कर सकता है। इससे विभिन्न ह्रदय रोगों का जोखिम कम हो सकता है (8)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि अनानास युक्त आहार बच्चे को ह्रदय विकार और रोगों से सुरक्षित रखने में लाभकारी हो सकता है।

3. दर्द दूर करने के लिए

लगभग 2.7% से 49.6% छोटे बच्चों में ग्रोइंग पेन (Growing Pain) की समस्या देखी जाती है। यह दर्द बच्चों के शारीरिक विकास से जुड़ा होता है। इसकी वजह से बच्चों के पैरों में दर्द हो सकता है (9)। ऐसे में बच्‍चों को अनानास खिलाने के फायदे हो सकते हैं। दरअसल, अनानास में मौजूद ब्रोमेलैन तत्व में दर्द दूर करने वाला एनाल्जेसिक (Analgesic) प्रभाव होता है। यह मांसपेशियों के संकुचन या रक्त वाहिकाओं के फैलाव का कारण होने वाला दर्द (Bradykinin) दूर कर सकता है (8)। इस वजह से ग्रोइंग पेन से राहत दिलाने के लिए बच्चों के लिए पाइनएप्पल फूड मददगार माना जा सकता है।

4. पेट के कीड़े खत्म करने के लिए

छोटे बच्चों में पेट के कीड़े होना आम हो सकता है (10)। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, भारत में लगभग 24.1 करोड़ बच्चे आंतों के कीड़ों से प्रभावित होते हैं (11)। वहीं, अनानास इस समस्या से निजात दिलाने का कारगर उपाय हो सकता है। दरअसल, ऐसा माना जाता है कि अनानास के रस में कीड़े नष्ट करने वाला (Anthelmintic) प्रभाव होता है, जो आंत के कीड़े खत्म कर सकता है (12)। इस वजह से बच्चों में पेट के कीड़े से राहत पाने व बचाव के लिए अनानास का सेवन गुणकारी माना जा सकता है।

5. कब्ज से राहत

अगर बच्चे को कब्ज की समस्या बार-बार होती है, तो इसके उपचार के लिए अनानास का इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, अनानास फाइबर से समृद्ध होता है, जिस वजह से कब्ज के उपचार में इसे सहायक माना जा सकता है। बता दें, फाइबर मल त्याग की प्रक्रिया (Bowel Movement) को आसान कर सकता है कब्ज की समस्या से राहत प्रदान कर सकता है (12)
(13)

6. मजबूत हड्डियों के लिए

उम्रदराज लोगों की तुलना में छोटे बच्चों की हड्डियां अधिक कमजोरी होती हैं। इस वजह से बच्चों में हड्डी टूटने या फ्रैक्चर होने का जोखिम अधिक होता है (14)। ऐसे में बच्चों की हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए अनानास बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। दरअसल, अनानास में मैंगनीज समृद्ध मात्रा में मौजूद होता है, जो हड्डियों और उत्तकों के विकास में मदद कर सकता है (12)
(13)। इस आधार पर बच्चों की हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए अनानास का सेवन लाभकारी माना जा सकता है।

7. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

उम्रदराज या वयस्क लोगों के मुकाबले नवजात और छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर होती है। यही कारण है कि बच्चों को संक्रामक रोग होने का खतरा अधिक होता है (15)। वहीं, अनानास में मौजूद ब्रोमेलैन में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला इम्यूनोमॉड्यूलेटरी (Immunomodulatory) प्रभाव भी होता है (7)। इस वजह से बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अनानास का सेवन फायदेमंद माना जा सकता है।

8. पाचन के लिए

रिसर्च में इसकी भी पुष्टि मिलती है कि अनानास का सेवन पाचन को बेहतर करने के लिए किया जा सकता है। दरअसल, अनानास में मौजूद ब्रोमेलेन प्रोटीन को तोड़ कर भोजन पचाने में मदद कर सकता है। यही वजह है कि अनानास का सेवन उन खाद्य में शामिल किया जा सकता है, जो पाचन को दुरुस्त रखने में सहायक हो सकते हैं (16)

9. बच्चे की सर्दी-जुकाम के लिए

एक रिसर्च के अनुसार, सर्दी-खांसी दूर करने में अनानास का रस संतरे के रस से अधिक प्रभावी हो सकता है। इसकी वजह है अनानास में मौजूद ब्रोमेलेन नामक एंजाइम। अनानास में पाया जाने वाला ब्रोमेलेन खांसी को दबाने और बलगम को ढीला करने में मदद कर सकता है, जिससे सर्दी-जुकाम से राहत मिल सकती है (16)

बच्‍चों को अनानास खिलाने के फायदे जानने के बाद, पढ़ें बच्‍चों के लिए अनानास के नुकसान।

बच्चों को अनानास खिलाने के नुकसान

लगभग हर खाद्य सामग्री के कुछ फायदे और कुछ नुकसान होते हैं। इसी तरह अनानास खाने के अगर लाभ हैं, तो इसका अधिक सेवन कुछ दुष्प्रभाव का कारण भी बन सकता है। बच्चों में अनानास के नुकसान से जुड़ी कुछ जानकारी हम नीचे दे रहे हैं।

  • विषाक्ता – कच्चा अनानास खाने से गले में जलन और गंभीर दस्त की समस्या हो सकती है। इस वजह से कच्चा अनानास को जहरीला माना जाता है (13)। इसलिए, बच्‍चों के लिए अनानास के नुकसान से बचने के लिए हमेशा पका हुआ अनानास ही उनके आहार में शामिल करें।
  • पाचन से जुड़ी समस्या – अधिक मात्रा में अनानास के सेवन से पाचन तंत्र में फाइबर के बॉल्स (Bezoars) जमा हो सकते हैं (13)। इस वजह से पाचन या पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है।
  • लेटेक्स-फ्रूट सिंड्रोम – अनानास के सेवन से लेटेक्स-फ्रूट सिंड्रोम (Latex-Fruit Syndrome – एक प्रकार की प्रोटीन एलर्जी) का जोखिम हो सकता है (17)। इसके कारण छींक आना, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और त्वचा में खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं (18)
  • ओरल एलर्जी सिंड्रोम – बच्‍चों के लिए अनानास के नुकसान में ओरल एलर्जी सिंड्रोम (OAS) भी शामिल है। इसके कारण मुंह, होंठ और गले में खुजली और सूजन की समस्या हो सकती है (19)

नोट : अगर माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्य को अनानास से एलर्जी की शिकायत है, तो बच्चे को भी अनानास से एलर्जी का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए, बच्चे के आहार में अनानास शामिल करने से पहले एलर्जी की जांच जरूर करें।

आगे पढ़ें बच्चे को अनानास खिलाने से पहले ध्यान रखने वाली बातें।

बच्चों को अनानास देने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें

बच्चे को अनानास या अनानास का जूस देते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। नीचे हम ऐसी ही कुछ बातों से जुड़ी सावधानियों के बारे में जानकारी दे रहे हैं:

  • बच्चे के आहार में हमेशा ताजा और पका हुआ अनानास ही शामिल करें। कच्चा या खराब अनानास बच्चे को न खिलाएं।
  • आमतौर पर अनानास की दो किस्में बाजार में मिलती हैं, राजा और रानी। बता दें, खाने के लिए रानी अनानास लेना चाहिए।
  • बच्चे को अनानास खिलाते समय अनानास के छिलके अच्छे से निकाल दें। अनानास के छिलकों में कांटेनुमा रेशे होते हैं, इसलिए सावधानी के साथ इसके छिलके हटाएं।
  • बच्चे को अनानास खिलाने से पहले खुद भी इसका एक टुकड़ा चख कर देखें। इसका स्वाद मीठा होने पर ही, बच्चे को इसका सेवन कराएं।
  • अनानास का स्वाद मीठा और खट्टा दोनों ही हो सकता है, जिस वजह से बच्चा अनानास खाने से मना भी कर सकता है। इसलिए, जबरदस्ती बच्चे को अनानास खिलाने का प्रयास न करें।
  • अनानास के टुकड़े बच्चे के गले में अटक सकते हैं, इसलिए इसकी प्यूरी बनाकर बच्चे के आहार में शामिल कर सकते हैं। ताकि यह बच्चे के गले में न अटके।

यहां हम बच्चे के लिए अनानास खरीदने के लिए कुछ तरीकें बताने वाले हैं।

शिशु के लिए अनानास का चुनाव कैसे करें?

अनानास बहुत जल्दी खराब होने वाला फल होता है (20)। इसलिए, हमेशा थोड़ी मात्रा में ही अनानास खरीदें, जिससे एक से दो बार में इसे खत्म किया जा सके। हालांकि, फिर भी इसे खरीदते या इसके रखरखाव के समय आपको कई जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। इससे जुड़ी कुछ बातें हमने नीचे बताई हैं।

  • हमेशा ताजा और जैविक तरीके से उगाए गए अनानास ही खरीदें।
  • खरीदने से पहले अनानास को हाथों से दबा कर देखें। अगर यह घुला हुआ महसूस हो तो इसे न खीरदें। सख्त महसूस होने वाला अनानास ही खरीदें।
  • अगर अनानास का छिलका भूरा या सूखा हुआ हो, तो उसे न खरीदें। हमेशा पीले या आधे पीले और हरे रंग के छिलके वाला अनानास ही खरीदें।
  • अनानास को फ्रीज में एक से दो दिनों के लिए स्टोर करके रखा जा सकता है।
  • अगर बाजार से कटे या डिब्बा बंद अनानास खरीद रहे हैं, तो उसके पैकेज पर दिए गए निर्देशों के अनुसार उसका रखरखाव करें।
  • डिब्बा बंद अनानास  या अनानास जूस खरीदने से पहले उसकी पैकेजिंग और एक्सपायरी की तारीख जरूर जांचें।
  • डिब्बाबंद अनानास या अनानास जूस खरीदते समय उसमें मिले अन्य सामग्रियों की भी जांच करें।
  • वहीं, अगर अनानास का डिब्बा या उसके जूस का पैकेज क्षतिग्रस्त या कटा-फटा है, तो उसे न खरीदें।

स्क्रॉल करें और जानें ताजा या डिब्बाबंद, दोनों में से कौन-सा अनानास बच्चे के लिए अच्छा है।

बच्चे के लिए कौन सा बेहतर है – ताजा या डिब्बाबंद अनानास?

ताजा अनानास या ताजे अनानास का जूस कई स्वास्थ्य स्थितियों से बचाव व उनके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है (21)। वहीं, इसका प्रभाव कुछ हद तक डिब्बाबंद अनानास या उसके जूस में भी पाया जा सकता है (22)। इस आधार पर देखा जाए, तो ताजा और डिब्बाबंद दोनों ही तरह के अनानास बच्चे के आहार में शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि, बच्चे के आहार में हमेशा ताजा अनानास को ही शामिल करने की प्राथमिकता देनी चाहिए। अगर ताजा अनानास उपलब्ध नहीं हैं, तो ऐसी स्थिति में बच्चे को डिब्बाबंद अनानास का सेवन करा सकते हैं।

अंत में हम बच्चे को अनानास खिलाने के तरीकों के बारे में बता रहे हैं।

अनानास को बच्चे के आहार में शामिल करने के तरीके

छोटे बच्चों के लिए अनानास के फायदे आपने लेख में पढ़ ही लिए हैं। अब लेख के आखिरी भाग में हम बच्चों के लिए पाइनएप्पल फूड रेसिपी की जानकारी दे रहे हैं। यहां बताए गए बच्चों के लिए पाइनएप्पल फूड रेसिपी आसान और लजीज दोनों ही हैं। इनकी पूरी विधि जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें।

1. अनानास, केला और पुदीना प्यूरी

banana-milkshake-189431837

Shutterstock

सामग्री :

  • एक छोटा टुकड़ा अनानास (छिला और धुला हुआ)
  • आधा पका हुआ केला
  • 1 पुदीने की ताजा पत्ती
  • एक तिहाई कप पानी
  • आधी छोटी चम्मच चीनी (वैकल्पिक और आवश्यकतानुसार)

बनाने की विधि :

  • अनानास, केला और पुदीने की पत्ती को मिक्सर में डालकर अच्छे से ब्लेंड करें।
  • अब इसे एक गिलास में निकाल लें और बच्चे को खिलाएं।
  • अगर बच्चे को अनानास, केला और पुदीना प्यूरी का स्वाद पसंद नहीं आता है, तो इसका स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें आवश्कतानुसार चीनी भी मिलाई जा सकती है।

 2. अनानास स्मूदी

pineapple-smoothie-fresh-on-wooden-table-776968468.jpg

Shutterstock

सामग्री :

  • आधा छोटा कप कटा हुए अनानास
  • आधी छोटी चम्मच चीनी
  • आधा कप पानी

बनाने की विधि :

  • अनानास के टुकड़ों को मिक्सर में डालें।
  • फिर इसमें चीनी और पानी मिलाएं।
  • अब इसे अच्छे से ब्लेंड करें।
  • फिर इसे एक गिलास में निकाल लें और बच्चे को पीने के लिए दें।
  • बच्चे की पसंद और इच्छानुसार तैयार किए गए अनानास स्मूदी में एक चम्मच दही भी मिला सकते हैं।

इसमें कोई दो राय नहीं है कि अनानास एक स्वादिष्ट और सेहतमंद फल है। अनानास के गुणों को देखा जाए, तो ​शिशु के लिए अनानास खाने के फायदे भी कई हैं। साथ ही, पाइनएप्पल बेनिफिट्स फॉर किड्स कैसे पाए जा सकते हैं, इसके लिए हमनें लेख में बच्चों के लिए पाइनएप्पल फूड रेसिपीज भी बताई हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि जहां बच्‍चों को अनानास खिलाने के फायदे हैं, वहीं कुछ मामलों में बच्‍चों के लिए अनानास के नुकसान भी हो सकते हैं। इसलिए, बच्चे के आहार में अनानास शामिल करने से पहले लेख में बताए गए दुष्प्रभावों की भी जांच अवश्यक करें।

References:

MomJunction's health articles are written after analyzing various scientific reports and assertions from expert authors and institutions. Our references (citations) consist of resources established by authorities in their respective fields. You can learn more about the authenticity of the information we present in our editorial policy.
1. Properties and Therapeutic Application of Bromelain: A Review By NCBI
2. Caring for Children By NSW Ministry of Health
3. Food allergy By Medlineplus
4. Start Them Right By Department of Health Tasmania
5. Pineapple, raw, all varieties By UDSA
6. Diarrhea in infants By Medlineplus
7. Potential role of bromelain in clinical and therapeutic applications (Review) By NCBI
8. Properties and Therapeutic Application of Bromelain: A Review By Biotechnology Research International
9. Growing pains: What do we know about etiology? A systematic review By NCBI
10. Pinworms By Medlinepl
11. Prevalence of intestinal parasitosis among under-five children in a rural community of Purba Bardhaman District, West Bengal By IJCM
12. In vivo anthelmintic activity of pineapple (Ananas comosus Merr.) fruit peeling juice in semi-scavenging Philippine native chicken naturally co-infected with Ascaridia galli and Heterakis gallinarum By Researchgate
13. Benefits and Uses of Pineapple By Kerala Agricultural University
14. The mechanical properties of bone tissue in children By Pubmbed
15. Evolution of the immune system in humans from infancy to old age By NCBI
16. A Survey on Pineapple and its medicinal value By Scholars Academic Journal of Pharmacy
17. Latex-fruit syndrome”: frequency of cross-reacting IgE antibodies By Pubmed
18. Latex allergy By Betterhealth
19. Allergenic Foods and their Allergens, with links to Informall By UNIVERSITY of NEBRASKA–LINCOLN
20. Pineapple: Postharvest Quality-Maintenance Guidelines By College of Tropical Agriculture and Human Resources
21. Pineapple Juice By Researchgate
22. Effects of Canned Pineapple Consumption on Nutritional Status, Immunomodulation, and Physical Health of Selected School Children By NCBI