बच्चों के लिए कीवी फल : कब देना शुरू करें, फायदे व रेसिपी | Kiwi Fruit For Babies In Hindi

Kiwi-Fruit-For-Babies-In-Hindi

Shutterstock

IN THIS ARTICLE

बढ़ते शिशुओं के लिए पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ बहुत मायने रखते हैं। यही वजह है कि जब बच्चा सॉलिड फूड खाना शुरू कर देता है, तो डॉक्टर उनके आहार में अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों के साथ फलों के सेवन की भी सलाह देते हैं। फल स्वादिष्ट होने के साथ-साथ जरूरी विटामिन और मिनरल से भी समृद्ध होते हैं। वहीं, बच्चों को देने वाले फलों में कीवी को भी शामिल किया जा सकता है। मॉमजंक्शन के इस आर्टिकल में हम बच्चों को कीवी फल खाने के फायदे और नुकसान बता रहे हैं। साथ ही यहां बच्चों के लिए कुछ शानदार कीवी फल की रेसीपी भी शेयर की गई है।

चलिए, सबसे पहले जानते हैं बच्चों को कीवी खिलाना कितना सुरक्षित है।

क्या बच्चों को कीवी फल दिया जा सकता है?

हां, बच्चों को कीवी फल दिया जा सकता है। इस बात की जानकारी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की वेबसाइट से मिलती है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, छोटे बच्चों को कॉम्पलीमेंट्री फीडिंग यानी पूरक आहार के रूप में कीवी का सेवन कराया जा सकता है (1)। बता दें कि कीवी फल विटामिन-सी, फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, व फोलेट जैसे कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है (2)। ये सभी पोषक तत्वों बच्चों को कई मायनों में लाभ पहुंचा सकते हैं। यही कारण है कि छोटे बच्चों के कीवी का सेवन कराने की सलाह दी जाती है।

अब जानिए कि बच्चों को कौन-सी उम्र से कीवी का सेवन कराया जाना चाहिए।

बच्चों को कीवी फल खिलाना कब शुरू करें?

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, 6 महीने के बाद से बच्चों को कीवी का सेवन कराया जा सकता है (1)। वहीं, बच्चों के खाने के लिए कीवी का इस्तेमाल हमेशा प्यूरी या स्मूदी बनाकर ही करें। इससे बच्चों को उसे निगलने में आसानी होगी। वहीं, कीवी एक हाई एसिड फ्रूट माना जाता है (3)। ऐसे में कुछ विशेषज्ञ 8 से 10 महीने के बीच से बच्चों को कीवी का सेवन कराने की सलाह देते हैं।

कीवी के पोषक तत्वों से जुड़ी जानकारी नीचे दी गई है।

कीवी फल के पोषक तत्व

बात करें अगर कीवी के पोषक तत्वों की, तो इसमें ऐसे कई सारे पोषक तत्व होते हैं, जो बच्चों के लिए फायदेमंद माने जाता हैं। नीचे हम कीवी में मौजूद विभिन्न पोषक तत्व और उनकी प्रति 100 ग्राम मात्रा के बारे में बता रहे हैं (2) :

  • 100 ग्राम कीवी में 83.9 ग्राम पानी, 58 किलो कैलोरी ऊर्जा, 1.06 ग्राम प्रोटीन, 0.44 ग्राम फैट, 14 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 3 ग्राम फाइबर और 8.99 ग्राम शुगर मौजूद होता है।
  • वहीं, इसकी 100 ग्राम मात्रा में 35 एमजी कैल्शियम, 0.24 एमजी आयरन, 16 एमजी मैग्नीशियम, 34 एमजी फास्फोरस, 198 एमजी पोटेशियम, 5 एमजी सोडियम, 0.14 एमजी जिंक, 0.134 एमजी कॉपर, और 0.2 µg सेलेनियम मौजूद होता है।
  • इसके अलावा, 100 ग्राम कीवी में 74.7 एमजी विटामिन-सी, 0.027 एमजी थियामिन, 0.025 एमजी राइबोफ्लेविन, 0.37 एमजी नियासिन, 0.061 एमजी विटामिन-बी 6 और 26 µg फॉलेट मौजूद होता है।
  • साथ ही 100 ग्राम कीवी में 7.8 एमजी कोलीन, 52 µg बीटा-कैरोटीन, 122 µg ल्यूटिन और जेक्सैंथिन, 40.3 µg विटामिन-के और 0.029 ग्राम फैटी एसिड मौजूद होता है।

लेख के इस हिस्से में जानें कीवी के फायदे।

बच्चों के लिए कीवी फल के फायदे

यहां हम छोटे बच्चों को कीवी का सेवन कराने के फायदों के बारे में बता रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  • इम्यूनिटी के लिए : छोटे बच्चों का इम्यून सिस्टम बड़ों के मुकाबले कमजोर होता है (4)। ऐसे में बच्चों की इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए कीवी का सेवन कराया जा सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) द्वारा प्रकाशित एक शोध से जानकारी मिलती है कि बच्चों को कीवी का सेवन कराने से उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा मिल सकता है (5)

वहीं, कीवी फल विटामिन-सी से भी समृद्ध होता है। 100 ग्राम कीवी में लगभग 74.7 ग्राम विटामिन-सी मौजूद होता है (2)। बता दें कि प्रतिरक्षा प्रणाली की रक्षा के लिए विटामिन सी महत्वपूर्ण माना जाता है (6)

  • सर्दी-जुकाम से बचाए : बच्चों को सर्दी जुकाम से बचाने के लिए भी कीवी का सेवन कराना फायदेमंद हो सकता है। कीवी पर हुए एक शोध से इस बात का पता चलता है कि कीवी का सेवन बच्चों में सर्दी या फ्लू जैसी समस्याओं के जोखिम को कम कर सकता है (5)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि बच्चों में सर्दी और फ्लू के जोखिम को कम करने के लिए उनके आहार में कीवी को शामिल किया जा सकता है। हालांकि, इसकी कार्यप्रणाली को लेकर अभी और शोध की जरूरत है।
  • पाचन के लिए : बच्चों को कीवी का सेवन कराना उनके पाचन क्रिया के लिए फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध एक रिसर्च के मुताबिक, ग्रीन कीवी का सेवन पाचन में सुधार करने के साथ-साथ मल त्याग में सहायक हो सकता है। इन लाभ के पीछे कीवी में मौजूद फाइबर का प्रभाव हो सकता है (5)। यही कारण है कि बच्चों के बेहतर पाचन के लिए कीवी का सेवन कराना फायदेमंद माना जा सकता है।
  • घरघराहट कम करे : कीवी खिलाने के फायदों में घरघराहट (सांस लेते वक्त आवाज) को कम करना भी शामिल है। इस बात की जानकारी एक रिसर्च से मिलती है। इस शोध में बताया गया है कि विटामिन सी से भरपूर कीवी का सेवन, घरघराहट को कम कर सकता है (7)। ऐसे में यह माना जा सकता है कि बच्चों में घरघराहट को कम करने के लिए कीवी का सेवन कुछ हद तक कारगर हो सकता है।
  • आंखों के लिए : बच्चों की आंखों से संबंधित समस्याओं को दूर रखने के लिए भी कीवी खिलाना फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, कीवी में ल्यूटीन और जीएक्सान्थिन मौजूद होते हैं (2)। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, ल्यूटिन और जेक्सैंथिन विजुअल फंक्शन (दृष्टि से जुड़ा) में अहम भूमिका निभा सकते हैं और साथ ही दृष्टि से जुड़ी बीमारी से बचाव कर सकते हैं। साथ ही ये दोनों रेटिना के प्रति सुरक्षात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकते हैं (8)
  • फोलेट से भरपूर : कीवी फोलेट से भी समृद्ध होता है (2)। रिसर्च की मानें, तो शिशुओं को 80 माइक्रोग्राम प्रतिदिन फोलेट का सेवन कराना फायदेमंद होता है। दरअसल, फोलेट लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने में मदद करता है। इससे बच्चों में खून की कमी के कारण होने वाली एनीमिया की समस्या से बचाव हो सकता है (9)

बच्चों में कीवी फल के नुकसान नीचे बताए गए हैं।

बच्चों में कीवी फल के नुकसान

बच्चों को कीवी खिलाने के फायदे तो आप जान ही चुके हैं। चलिए अब हम बताते हैं कि अगर अधिक मात्रा में बच्चों को कीवी का सेवन कराया जाए, तो इसके हानिकारक प्रभाव क्या-क्या हो सकते हैं :

  • कुछ बच्चों को कीवी से एलर्जी हो सकती है, जिस कारण उन्हें मुंह, होंठ, जीभ और गले के आसपास सूजन, खुजली या जलन हो सकती है (10)
  • इसके अलावा, कीवी एक एसिडिक फल है। ऐसे में इसके अधिक सेवन से जर्ड यानी एसिड रिफ्लक्स की समस्या हो सकती है, जिसमें पेट में मौजूद खाद्य सामग्री वापस भोजन नली में आ जाती है (3) (11)
  • अधिक मात्रा में कीवी का सेवन बच्चों के वजन में अधिक वृद्धि कर सकता है (12)
  • जैसा कि हमने बताया कि कीवी पोटेशियम से समृद्ध होता है। ऐसे में अधिक मात्रा में पोटेशियम हाइपरकलेमिया (खून में पोटेशियम की अधिक मात्रा होना) का कारण बन सकता है। इसके कारण हृदय गति असामान्य हो सकती है। साथ ही किडनी की कार्यप्रणाली पर भी बुरा असर पड़ सकता है (2) (13)
  • इसके अलावा, कीवी फल फाइबर से भी समृद्ध होता है (2)। ऐसे में इसका अधिक सेवन बच्चों में पेट फूलने, गैस और पेट में ऐंठन का कारण बन सकता है (14)

चलिए अब जान लेते हैं कि बच्चों को कीवी का सेवन कब नहीं कराना चाहिए।

बच्चों को कीवी फल कब नहीं खिलाना चाहिए?

अगर बात करें, बच्चों को कीवी फल कब नहीं खिलाना चाहिए, तो बता दें कि कीवी से एलर्जी की समस्या होने पर बच्चों को कीवी फल नहीं खिलाना चाहिए। कीवी से एलर्जी की पहचान के लिए ऊपर बताए गए लक्षणों पर गौर किया जा सकता है, जैसे होंठ, मुंह और गले में सूजन, खुजली या जलन की शिकायत (10)। इसके अलावा, 6 महीने से कम उम्र के शिशुओं का इसका सेवन न कराएं।

यहां हम कीवी का चुनाव और उसे स्टोर करने का तरीका बता रहे हैं।

अच्छे कीवी फल का चुनाव और स्टोर कैसे करें?

यहां जानें सही कीवी का चयन कैसे करें और लंबे समय तक उसे सुरक्षित रखने के टिप्स :

सही कीवी कैसे चुनें :

  • हमेशा कोशिश करें कि ऑर्गेनिक कीवी ही खरीदें, जो अच्छे से पैक हो।
  • मीठे कीवी फल का चुनाव करने के लिए कीवी को अंगूठे और तर्जनी उंगली से पकड़ें और उसे हल्का दबाकर देखें। अगर वो हल्का दब रहा है, तो कीवी मीठा हो सकता है।
  • कीवी फल खरीदते समय ध्यान रखें कि वह एकदम ताजा हो, उस पर किसी तरह का दाग न हो।
  • कीवी फल को दबा कर देख लें कि कहीं वो गला हुआ तो नहीं है।
  • प्यूरी बनाने के लिए हमेशा सॉफ्ट कीवी का ही चुनाव करें।

कीवी को सुरक्षित कैसे रखें :

  • कीवी को 3 से 4 सप्ताह के लिए फ्रिज में सुरक्षित रख सकते हैं।
  • इसके अलावा, अगर कीवी ज्यादा पका नहीं है, तो उसे कमरे के तापमान में भी रखा जा सकता है।
  • वहीं, अगर कीवी फल कच्चा है, तो उसे पेपर में अन्य फलों के साथ रख सकते हैं। जब कीवी पक जाए, तो उसे अन्य फलों के साथ न रखें।

चलिए अब कीवी फल की कुछ मजेदार रेसिपी जान लेते हैं।

बच्चों के लिए कीवी फल की 3 रेसिपी

यहां जानिए, कीवी फल की कुछ लाजवाब रेसिपी के बारे में :

1.कीवी प्यूरी

Kiwi Fruit For Babies In Hindi

Shutterstock

सामग्री :

पका हुआ कीवी फल – दो

बनाने की विधि :

  • सबसे पहले कीवी को अच्छी तरह से छील लें और उस धोकर टुकड़ों में काट लें।
  • अब कीवी के टुकड़ों को अच्छे से ब्लेंड कर लें।
  • इस तरह तैयार हो जाएगी कीवी की प्यूरी।

2. फ्रूट योगर्ट

Kiwi Fruit For Babies In Hindi

Shutterstock

सामग्री :

  • पका हुआ कीवी – एक
  • पका हुआ केला – एक
  • नाशपाती – आधा
  • गाढ़ा दही – एक कप

बनाने की विधि :

  • फ्रूट योगर्ट बनाने के लिए सबसे पहले फलों को धोकर छील लें।
  • इसके बाद बारी-बारी से सभी फलों को टुकड़ों में काट लें।
  • अब एक जार लें और उसमें कटे हुए फल और दही मिलाकर एक साथ ब्लेंड कर लें।
  • अब इसे एक बर्तन में निकालकर अपने बच्चे को सर्व करें।

3.स्मूदी

Kiwi Fruit For Babies In Hindi

Shutterstock

सामग्री :

  • पालक – आधा कप
  • पका हुआ कीवी – एक
  • सेब या नाशपाती – आधा

बनाने की विधि :

  • सबसे पहले पालक को साफ करके उबाल लें।
  • अब सभी फलों को धोकर छील लें और टुकड़ों में काट लें।
  • इसके बाद सभी सामग्रियों को एक जार में डाल कर ब्लेंड कर लें।
  • इस तरह से तैयार हो जाएगी बच्चों के लिए पौष्टिक स्मूदी।

नोट : बता दें कि कॉम्पलीमेंट्री फीडिंग के तौर पर छोटे बच्चों को पालक देना सुरक्षित माना गया है (15)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

क्या बच्चों को कीवी छिलके के साथ ही देना चाहिए?

नहीं, बच्चों को कीवी छिलके के साथ नहीं देना चाहिए। कीवी का छिलका बच्चों के गले में अटक सकता है।

क्या बच्चों को कीवी फल बीज के साथ खिला सकते हैं?

हां, बच्चों को कीवी फल बीज के साथ खिला सकते हैं, क्योंकि कीवी का बीज बहुत छोटा होता है, जिसे बच्चे आसानी से चबा सकते हैं और इसके गले में अटकने का खतरा नहीं रहता है।

इस लेख को पढ़ने के बाद अब आप समझ गए होंगे कि पूरक आहार के रूप में बच्चों को कीवी का सेवन कराना किस प्रकार फायदेमंद हो सकता है। अब आप बेझिझक बच्चों को कीवी खिला सकते हैं। इसके लिए लेख में हमने कीवी की कुछ आसान और पौष्टिक रेसिपी के बारे में भी बताया है, जिन्हें आप आसानी से ट्राई कर सकते हैं। वहीं, कीवी के सेवन के बाद अगर बच्चे में किसी प्रकार के दुष्प्रभाव नजर आएं, तो तुरंत उसका सेवन कराना बंद करें और डॉक्टर को दिखाएं। बच्चों से संबंधित इस तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़े रहें मॉमजंक्शन के साथ।

References:

MomJunction's health articles are written after analyzing various scientific reports and assertions from expert authors and institutions. Our references (citations) consist of resources established by authorities in their respective fields. You can learn more about the authenticity of the information we present in our editorial policy.