बच्चों को मशरूम (कुकुरमुत्ता) खिलाने के फायदे व रेसिपी | Benefits of Mushroom for Babies in Hindi

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छोटे बच्चों के आहार में क्या-क्या शामिल करना चाहिए और क्या-क्या नहीं, माता-पिता के लिए एक बड़ा सवाल हो सकता है। इसलिए, इस विषय में पूरी जानकारी माता-पिता को होनी चाहिए। इसी क्रम में हम आपको बच्चों में मशरूम के सेवन से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं। मॉमजंक्शन के इस लेख में आप जान पाएंगे कि बच्चों के लिए मशरूम का सेवन कितना सुरक्षित है। इसके अलावा, बच्चों में मशरूम के सेवन के फायदे और नुकसान के विषय में भी यहां जानकारी दी गई है।

स्क्रॉल करके जानें कि क्या बच्चों को मशरूम खिलाना सुरक्षित है।

क्या बच्चों को मशरूम (कुकुरमुत्ता) दिया जा सकता है?

हां, बच्चों को मशरूम खाने के लिए देना सुरक्षित हो सकता है। दरअसल, एक शोध के साफ तौर से जिक्र मिलता है कि मशरूम का सेवन बड़ों के साथ-साथ बच्चों के लिए भी सुरक्षित हो सकता है। हालांकि, मशरूम की कुछ प्रजातियां खाने योग्य, तो कुछ खाने योग्य नहीं होती हैं। खाने योग्य सुरक्षित प्रजातियों में बटन मशरूम (Button Mushroom), शिटाके मशरूम (Shiitake Mushroom) और आयस्टर मशरूम (Oyster Mushroom) आदि शामिल हैं (1)

इन सुरक्षित मशरूम की प्रजातियों में कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन पोषक तत्वों में प्रोटीन, फाइबर, कई प्रकार के विटामिन और मिनरल शामिल हैं। ये पोषक तत्व शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही कई प्रकार के संक्रमण से सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं (2)

नीचे पढ़ें बच्चों को मशरूम किस उम्र में देना शुरू कर सकते हैं।

बच्चा किस उम्र में मशरूम खाना शुरू कर सकता है?

इस बात से सभी भली भांति परिचित होंगे कि शिशु को 6 महीने तक केवल मां के दूध का सेवन कराया जाता है। वहीं, 6 महीने के बाद उन्हें सेमी सॉलिड फूड और फिर धीरे-धीरे ठोस आहार का सेवन कराया जाता है। इस आधार पर बच्चों को मशरूम भी 6 माह के बाद ही दिया जा सकता है। 6 माह के बाद मशरूम को मिलाकर बनाया गया दलिया बच्चों को दिया जा सकता है (3)

आगे जानें मशरूम में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में।

मशरूम के न्यूट्रिशनल वैल्यू

मशरूम में कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बच्चों के विकास में अहम भूमिका अदा कर सकते है। यहां हम बता रहे हैं मशरूम में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में (4) :

  • 100 ग्राम मशरूम में 89.6 ग्राम पानी, 31 केसीएएल ऊर्जा, 3.12 ग्राम प्रोटीन और 2.8 ग्राम फाइबर मौजूद होता है।
  • करीब 100 ग्राम मशरूम में 12.2 मिलीग्राम आयरन, 43 मिलीग्राम कैल्शियम, 194 मिलीग्राम फास्फोरस, 19 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 411 मिलीग्राम पोटेशियम और 2.03 मिलीग्राम जिंक पाया जाता है।
  • मशरूम की 100 ग्राम मात्रा में 0.136 मिलीग्राम विटामिन-बी6 और 206 IU विटामिन-डी की मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा, इसमें थियामिन, फोलेट, राइबोफ्लेविन और नियासिन भी मौजूद होते हैं।
  • वहीं, 100 ग्राम मशरूम में 0.065 ग्राम टोटल सैचुरेटेड फैटी एसिड, 0.433 ग्राम टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड और 0.052 ग्राम टोटल मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाया जाता है।

पोषक तत्वों के बाद जानते हैं बच्चों के लिए मशरूम के फायदे।

बच्चों के लिए मशरूम (कुकुरमुत्ता) खाने के फायदे

मशरूम का सेवन निम्नलिखित तरीके से बच्चों की सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है :

1. प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए

रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने पर बच्चे बीमार और संक्रमित हो सकते हैं। यहां मशरूम का सेवन फायदेमंद हो सकता है। एनसीबीआई (National Center For Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार मशरूम बीटा-ग्लूकन्स जैसे पॉलीसेकेराइड (polysaccharides) से समृद्ध होता है। वहीं, यह पॉलीसेकेराइड प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में कुछ हद तक मददगार हो सकता है (5)

2. हृदय स्वास्थ्य के लिए

एक शोध के अनुसार, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, ब्लड प्रेशर और इंफ्लेमेटरी डैमेज के अलावा कोलेस्ट्रॉल के कारण हृदय संबंधी रोग का जोखिम बढ़ सकता है। वहीं, शोध में आगे जिक्र मिलता है कि मशरूम का सेवन इन जोखिम कारकों के प्रभाव को कम कर इनसे होने वाले हृदय रोग से बचाव कर सकता है। मशरूम के इस लाभ के पीछे इसमें मौजूद उच्च फाइबर, लो फैट, लो सोडियम व कुछ फेनोलिक कंपाउंड की मौजूदगी हो सकती है (6)। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

3. मोटापे के लिए

बच्चों में मोटापे की समस्या को कम करने के लिए भी मशरूम का सेवन फायदेमंद हो सकता है। इस विषय पर हुए एक शोध से पता चला है कि मशरूम में एंटीऑबेसिटी प्रभाव होता है। यह प्रभाव बच्चों में होने वाले मोटापा की समस्या को कम करने में मददगार हो सकता है (7)

4. लिवर के लिए

छोटे बच्चों को मशरूम का सेवन उनके लिवर को स्वस्थ रखने में मददगार हो सकता है। एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार मशरूम में हेपाटोप्रोटेक्टिव प्रभाव पाया जाता है। यह प्रभाव लिवर को सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही इससे जुड़े रोगों से बचाव में मदद कर सकता है (8)

5. बैक्टीरियल संक्रमण से बचाव

मशरूम का सेवन बैक्टीरिया के प्रभाव को कम करने में मददगार हो सकता है। रिसर्च के अनुसार इसमें एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव पाया जाता है। यह प्रभाव बैक्टीरिया के कारण होने वाले संक्रमण को कम करने के साथ ही इससे होने वाली समस्याओं के जोखिम को भी दूर रखने में मददगार हो सकता है (9)

6. वायरल इंफेक्शन से सुरक्षा

मशरूम का उपयोग वायरस के कारण होने वाले इंफेक्शन से बचाव और उनके प्रभाव को कुछ हद कम करने में सहायक हो सकता है। इस विषय पर हुई एक रिसर्च के अनुसार मशरूम में एंटीवायरल प्रभाव पाया जाता है। यह प्रभाव वायरस के कारण होने वाले इन्फेक्शन को रोकने में मददगार हो सकता है (10)

7. अल्सर की समस्या में फायदेमंद

अल्सर की समस्या में भी मशरूम के फायदे देखे गए हैं। इस विषय पर हुई एक रिसर्च से इस बात की पुष्टि होती है। रिसर्च में पाया गया कि मशरूम में एंटीअल्सर प्रभाव होता है। मशरूम में पाया जाने वाला यह प्रभाव अल्सर की समस्या में मददगार हो सकता है (11)

8. विटामिन से भरपूर

मशरूम में कई प्रकार के विटामिन पाए जाते हैं, जो बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। मशरूम में विटामिन-बी1, विटामिन-बी2, विटामिन-बी9, विटामिन-बी 12, विटामिन-डी और विटामिन-सी की मात्रा पाई जाती है (12)। नीचे जानिए ये विटामिन किस प्रकार बच्चों के लिए लाभकारी हो सकते हैं :

  • विटामिन बी 1 कार्बोहाइड्रेट को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है। कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है (13)
  • विटामिन बी2 लाल रक्त कोशिका के उत्पादन और प्रोटीन से ऊर्जा रिलीज करने में मदद करता है (14)
  • विटामिन बी9 यानी फोलिक एसिड ऊतकों के निर्माण और कोशिकाओं को कार्य करने में मदद करता है। साथ ही लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन कर एनीमिया की समस्या से बचाव कर सकता है (15)
  • विटामिन बी 12 भी अन्य बी विटामिन की तरह प्रोटीन चयापचय के लिए महत्वपूर्ण होता है। साथ ही यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के काम में मदद करता है (16)
  • इसमें मौजूद विटामिन डी शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने में मददगार होता है। बता दें कि विटामिन डी की कमी ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का नाजुक होना) और रिकेट्स (हड्डियों के कमजोर होने से जुड़ी बीमारी) का कारण बन सकती है (17)
  • इसके अलावा, इसमें मौजूद विटामिन सी एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो त्वचा, हड्डियों और ऊतकों के लिए महत्वपूर्ण होता है। साथ ही यह हीलिंग प्रभाव को बढ़ाने और आयरन के अवशोषण में मदद करता है (18)

नीचे जानें बच्चों के लिए सही मशरूम का चुनाव किस प्रकार करें।

बच्चों के लिए सही मशरूम चुनने के टिप्स

बच्चों के लिए मशरूम का चुनाव करने के लिए नीचे दिए गए टिप्स का पालन किया जा सकता है :

  • शिशुओं के लिए कभी भी जंगली मशरूम न चुनें, क्योंकि उनसे टॉक्सिसिटी हो सकती है। केवल उन मशरूम का चुनाव करें, जो खाने योग्य हों, जैसे कि बटन मशरूम, शिटेक मशरूम और आयस्टर मशरूम (1)। न खाने योग्य मशरूम में येलो-स्टेनिंग मशरूम (Agaricus xanthodermus) जैसे नाम शामिल हैं (19)
    हमेशा ताजे मशरूम ही चुनें।
  • उन मशरूम को नहीं चुनें जिनमें से बदबू आ रही हो या फिर जो सढ़ चुके हैं।

नीचे जानिए मशरूम को स्टोर करने और साफ करने के तरीके।

मशरूम को कैसे स्टोर व साफ करें?

मशरूम को स्टोर करने के लिए नीचे दी गई बातों को ध्यान में रखा जा सकता है :

  • खाना पकाने से पहले मशरूम को अच्छी तरह से साफ करें। साफ करने के लिए, उन्हें दस मिनट तक पानी में भिगोएं और फिर उसकी सतह पर दिखाई देने वाली किसी भी धूल या गंदगी को रगड़ कर साफ कर लें।
  • मशरूम के खराब भाग को काट कर अलग कर दें।
  • मशरूम को पेपर बैग में एक सप्ताह तक फ्रिज में स्टोर किया जा सकता है। हालांकि, एक सप्ताह के भीतर उनका उपयोग करना ज्यादा सही रहेगा।

मशरूम से होने वाले नुकसान के बारे में नीचे बताया गया है।

छोटे बच्चों को मशरूम से होने वाले नुकसान एवं एलर्जी

मशरूम के सेवन से कुछ बच्चों में कुछ दुष्प्रभाव नजर आ सकते हैं। नीचे हम इसी विषय में जानकारी दे रहे हैं :

आगे हम बता रहे हैं बच्चों के लिए मशरूम की स्वादिष्ट रेसिपी।

बच्चों के लिए मशरूम की स्वादिष्ट रेसिपी

बच्चों को मशरूम कई प्रकार से खाने के लिए दिया जा सकता है। यहां हम कुछ ऐसी रेसिपी के बारे में बता रहे हैं जो बच्चों के लिए स्वादिष्ट होने के साथ ही स्वास्थ्यवर्धक भी हो सकती हैं।

1. मशरूम की प्यूरी

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सामग्री :

  • 300 ग्राम बारीक कटा हुआ बटन मशरूम
  • 1 बारीक कटा हुआ छोटा प्याज
  • 150 ग्राम चौकोर कटे हुए आलू
  • 50 ग्राम क्रीम चीज
  • 1 चम्मच बटर
  • 3 चौथाई कप पानी

बनाने की विधि :

  • एक पैन में बटर डालकर गर्म कर लें।
  • इसके बाद मध्यम आंच पर इसमें प्याज और मशरूम डाल कर भून लें।
  • अब इसमें पानी के साथ ही आलू डाल कर लगभग 10 मिनट तक पकाएं।
  • पक जाने के बाद सामग्री को मिक्सी में डालकर ब्लेंड कर लें।
  • ब्लेंड करने के बाद इसमें क्रीमी चीज डालकर एक बार फिर से ब्लेंड करें और एक बॉउल में निकाल लें।
  • बच्चों के लिए मशरूम प्यूरी तैयार है।

2. बटर मशरूम

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सामग्री :

  • 200 ग्राम कटा हुआ बटन मशरूम
  • 10 ग्राम कटा हुआ लहसुन
  • 2 चम्मच बटर
  • एक चम्मच बारीक कटे हुए धनिए के पत्ते
  • एक चौथाई छोटा चम्मच काली मिर्च
  • स्वादानुसार नमक

बनाने की विधि :

  • सबसे पहले मध्यम आंच पर बटर को गर्म करें।
  • गर्म होने के बाद उसमें लहसुन डालकर तलें।
  • जब लहसुन हल्का भूरे रंग का हो जाए, तब इसमें मशरूम डालकर चलाते रहें।
  • मशरूम द्वारा छोड़ा हुआ पानी सूखने तक फ्राई करें।
  • इसके बाद इसमें काली मिर्च, धनिया और नमक डालकर मिला लें।
  • बच्चों के लिए बटर मशरूम तैयार है।

3. मशरूम पुलाव

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सामग्री:

  • 100 ग्राम चावल
  • 2 कटे हुए प्‍याज
  • 1 टमाटर
  • 1 हरी मिर्च
  • एक चौथाई छोटा चम्‍मच राई
  • 100 ग्राम मशरूम
  • 1 कप उबले हुए कॉर्न
  • तलने के लिए घी आवश्यकतानुसार
  • नमक स्वादानुसार

बनाने की विधि :

  • पहले कुकर में चावल को पका लें।
  • पैन में थोड़ा घी डालकर गर्म कर लें।
  • घी गर्म हो जाने के बाद इसमें हरी मिर्च और राई डाल कर चम्मच चलाएं।
  • अब इसमें प्‍याज डालें और भूनें।
  • इसके बाद टमाटर और नमक डालें।
  • थोड़ी देर चम्मच चलाएं।
  • अब इसमें मशरूम डालें और इसे हल्‍का भून लें।
  • फिर पानी डालकर मशरूम को पकने दें।
  • मशरूम पक जाने पर इसमें पहले से पकाया हुआ चावल डालें और चलाएं।
  • अच्‍छी तरह मिल जाने पर ढक्कन बंद कर दें और 5 मिनट तक हल्की आंच पर पकने दें।
  • पकने के बाद बच्चों को सर्व करें।

मशरूम का सेवन बच्चों की सेहत के लिए लाभदायक हो सकता है। वहीं, बच्चों के दैनिक आहार में कभी-कभी मशरूम को शामिल करने का विचार कर रहे हैं, तो इस बारे में डॉक्टर की सलाह जरूर लें। इसके अलावा, इसके सेवन के बाद अगर एलर्जी के लक्षण दिखें, तो इसका सेवन बंद करें और डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। इसके अलावा, लेख में बताई गई बच्चों को मशरूम देने से पहले सावधानियों का पालन भी जरूर करें। उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए मददगार होगा।

References:

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