बच्चों के लिए फूल गोभी: न्यूट्रिशन, फायदे, एलर्जी व रेसिपी | Cauliflower For Baby In Hindi

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बच्चे के आहार में ठोस खाद्य शामिल करते समय कई बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। इसके लिए बच्चों को खाद्यों से परचित कराने की सही उम्र और मात्रा के साथ ही इससे होने वाले फायदे और दुष्प्रभावों की जानकारी होनी चाहिए। यही वजह है कि मॉमजंक्शन के इस लेख में हम बच्चों के लिए फूल गोभी से जुड़ी जानकारी लेकर आए हैं। यहां बच्चों के लिए फूल गोभी के फायदे व नुकसान विस्तार से पढ़ सकते हैं। साथ ही घर पर बेबी के लिए फूल गोभी से बनाई जाने वाली कुछ स्वादिष्ट रेसिपीज भी यहां हमने बताई हैं।

सबसे पहले जानते हैं कि छोटे बच्चों को फूल गोभी का सेवन कराना चाहिए या नहीं।

क्या छोटे बच्चे फूलगोभी खा सकते हैं?

हां, छोटे बच्चों को फूलगोभी का सेवन कराया जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की तरफ से जारी एक फूड गाइडलाइन रिपोर्ट में बताया गया है कि कॉम्प्लिमेंटरी यानी पूरक आहार के तौर पर शिशु के आहार में फूलगोभी शामिल कर सकते हैं (1)। इसके अलावा, एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की साइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, फिंगर फूड के रूप में भी बच्चे को फूलगोभी का सेवन कराया जा सकता है। बता दें कि बच्चों के लिए फिंगर फूड से मतलब ऐसे खाद्य पदार्थों से है, जिन्हें बच्चा अपने हाथों से उठाकर आसानी से खा सकता है (2)

बच्चे के आहार में फूलगोभी को प्यूरी, सूप या अन्य तरल व मैश किए हुए खाद्य के रूप में शामिल करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है (3)। इससे छोटे बच्चों में चोकिंग का जोखिम कम हो सकता है (4)। यह भी ध्यान रखें कि बच्चे के आहार में हमेशा ताजी और अच्छी गुणवत्ता वाली फूलगोभी ही शामिल करें (5)

किस उम्र के बच्चों के लिए फूल गोभी का सेवन सुरक्षित है, जानने के लिए नीचे पढ़ें।

बच्चों को फूल गोभी खिलाना कब शुरू किया जा सकता है?

छह माह के बाद शिशु के आहार में फूलगोभी को शामिल किया जा सकता है (6)। दरअसल, छह माह से बड़े शिशुओं के आहार में मां के दूध के साथ ही, अन्य पोषक तत्वों को शामिल करने की सलाह दी जाती है। यही वजह है कि विभिन्न पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए शिशु के आहार में थोड़े-बहुत ठोस खाद्य शामिल किए जा सकते हैं। इसके लिए बच्चे के ठोस खाद्य में कई तरह के ताजे व रंग-बिंरगे मौसमी फलों और सब्जियों को शामिल किया जा सकता है (7)। यही वजह है कि छह माह या उससे बड़ी उम्र के शिशुओं के आहार में फूल गोभी को शामिल किया जा सकता है।

आगे पढ़ें फूल गोभी में मौजूद पोषक तत्व व उनकी मात्रा।

फूल गोभी की न्यूट्रिशनल वैल्यू

प्रति 100 ग्राम फूल गोभी में मौजूद पोषक तत्व व उनकी मात्रा की जानकारी नीचे दी गई है। जानने के लिए स्क्रॉल करें (8):

  • प्रति 100 ग्राम फूल गोभी में 25 केसीएएल ऊर्जा, 92.07 ग्राम पानी, 0.28 ग्राम टोटल लिपिड (फैट), 1.92 ग्राम प्रोटीन, 4.97 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 1.91 ग्राम शुगर और 2 ग्राम फाइबर (टोटल डायटरी) मौजूद होता है।
  • साथ ही, मिनरल्स के तौर पर फूल गोभी की 100 ग्राम मात्रा में 0.42 मिलीग्राम आयरन, 22 मिलीग्राम कैल्शियम, 44 मिलीग्राम फास्फोरस, 15 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 30 मिलीग्राम सोडियम, 229 मिलीग्राम पोटेशियम, 0.039 मिलीग्राम कॉपर, 0.27 मिलीग्राम जिंक और 0.6 माइक्रोग्राम सेलेनियम भी होता है।
  • इसके अलावा, 100 ग्राम फूल गोभी में कई विटामिन भी होते हैं। इसमें 0.05 मिलीग्राम थियामिन, 48.2 मिलीग्राम विटामिन सी (टोटल एस्कॉर्बिक एसिड), 0.507 मिलीग्राम नियासिन, 0.06 मिलीग्राम राइबोफ्लेविन, 0.184 मिलीग्राम विटामिन बी6, 0.08 मिलीग्राम विटामिन ई और 15.5 माइक्रोग्राम विटामिन के होता है।
  • वहीं, 100 ग्राम फूल गोभी में 1 माइक्रोग्राम ल्यूटिन + जैक्सैन्थिन, 57 माइक्रोग्राम फोलेट, 44.3 मिलीग्राम कोलिन, 0.13 ग्राम सैचुरेटेड फैटी एसिड, 0.034 ग्राम मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड और 0.031 ग्राम पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड भी होते हैं।

बच्चों के लिए फूल गोभी के फायदे जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें।

बच्चों के लिए फूल गोभी के फायदे

इस भाग में बच्चों के लिए फूल गोभी के फायदों से जुड़ी जानकारी विस्तार से दी गई है, जिसे आप क्रमवार नीचे पढ़ सकते हैं।

  1. स्वस्थ हृदय के लिए : बच्चे के ह्रदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में फूलगोभी का सेवन लाभकारी हो सकता है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन के एक अध्ययन के अनुसार, ब्रैसिका प्रजाति से संबंधित क्रुसिफेरस सब्जियां हृदय संबंधी रोगों से बचाव कर सकती हैं। वहीं, फूल गोभी भी इन्हीं सब्जियों की लिस्ट में शामिल है। इस शोध के अनुसार, इस तरह की सब्जियों में आइसोथियोसाइनेट्स (Isothiocyanates) नामक अणु पाए जाते हैं, जो हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं (9)
  1. मजबूत हड्डियों के लिए : वयस्कों के मुकाबले बच्चों की हड्डियां काफी कमजोरी होती हैं, जिस वजह से बच्चों में हड्डी के फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ सकता है (10)। वहीं, एनसीबीआई की रिसर्च के अनुसार, फूलगोभी में मौजूद विटामिन के हड्डियों को मजबूत बना सकता है। साथ ही इसमें मौजूद कुछ तरह के प्रोटीन हड्डियों के घनत्व में सुधार कर सकते हैं (8) (11)। ऐसे में छोटे बच्चों की हड्डी मजबूत बनाने के लिए फूलगोभी एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
  1. पेट से जुड़ी समस्याओं के उपचार के लिए : छोटे बच्चों के पेट की मांसपेशियां कमजोर होती हैं, जिस कारण शिशुओं में कब्ज की समस्या हो सकती है। इससे पेट में दर्द और गैस की समस्या भी हो सकती है (12)। ऐसे में फाइबर से समृद्ध फूलगोभी बच्चे की पाचन क्रिया को बेहतर करके भोजन को पचाने में मदद कर सकती है। साथ ही यह मल त्याग की क्रिया को भी आसान बना सकती है (13)
  1. आयरन का अवशोषण बढ़ाने के लिए : जन्म के शुरुआती सालों में बच्चों के शारीरिक विकास में आयरन की भूमिका अहम होती है। इसके लिए आयरन युक्त ठोसे खाद्य खिलाने की सलाह दी जा सकती है (14)। वहीं, विटामिन सी युक्त फूल गोभी बच्चों में आयरन का अवशोषण बढ़ा सकती है (1) (2)
  1. कैंसर से बचाव : बच्चों को कैंसर जैसी घातक बीमारी से सुरक्षित रखने में भी फूलगोभी के फायदे हो सकते हैं। एनसीबीआई के एक अध्ययन के अनुसार, फूल गोभी में सल्फोराफेन नामक कंपाउंड होता है, जो कैंसर ट्यूमर बढ़ने से रोक सकता है। इसका यह प्रभाव लंग कैंसर, कोलन कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर से बचाव करने में मदद कर सकता है (15)। हालांकि, कैंसर जैसी घातक बीमारी में डॉक्टरी इलाज को प्राथमिकता देनी चाहिए।
  1. मजबूत इम्यूनिटी के लिए : फूल गोभी में विटामिन-सी होता है। विटामिन-सी एक तरह का एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो इम्यून मॉड्यूलेटिंग यानी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला प्रभाव दिखाता है (16)। शायद यही वजह है कि एक रिसर्च में छोटे बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आहार में फूलगोभी शामिल करने का जिक्र किया गया है (17)
  1. वजन नियंत्रित करने के लिए : अगर बच्चे का बढ़ता वजन परेशानी बन रहा है, तो उसके आहार में फूलगोभी शामिल कर सकते हैं। अध्ययन से यह पता चलता है कि फाइबर से समृद्ध होने के साथ ही फूलगोभी में ग्लाइसेमिक लोड भी कम होता है। इस वजह से फूल गोभी शरीर में ग्लूकोज, इंसुलिन और फैट को बढ़ने से रोक सकती है (18)। इसके अलावा, फूल गोभी एक लो कैलोरी फूड है, जो वजन घटाने में अहम भूमिका निभा सकती है (19)

बच्चे को फूल गोभी से होने वाले नुकसान जानने के लिए नीचे दिया गया भाग पढ़ें।

फूलगोभी के दुष्प्रभाव और एलर्जी

कुछ स्थितियों में बच्चे के लिए फूलगोभी का सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। यह जानने के लिए नीचे दिए गए बिंदुओं को पढ़ें।

  • फूल गोभी डायटरी फाइबर से समृद्ध होती है (8)। वहीं, आहार में फाइबर की अधिकता गैस, पेट फूलने और पेट दर्द जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है (20)
  • फूल गोभी में विटामिन के होता है (8)। बता दें कि विटामिन के रक्त को गाढ़ा करने में सहायक होता है (21)। इस वजह से फूल गोभी के अधिक सेवन से शरीर में खून के थक्के बनने की समस्या हो सकती है।
  • फूल गोभी में विटामिन सी होता है, जिसकी अधिकता बच्चों में विषाक्तता का कारण बन सकती है। इसकी वजह से बच्चे को पेट में दर्द, स्किन रैशेज, सिरदर्द, डायरिया और मतली की समस्या हो सकती है (22)
  • पांच साल से छोटी उम्र के बच्चों में कच्चे या दूषित सब्जी के सेवन से फूड प्वाइजनिंग का जोखिम बढ़ा सकता है (23)। इसलिए, बच्चे के आहार में फूलगोभी या अन्य सब्जियां अच्छे से धोकर और पकाकर ही शामिल करें।
  • फूलगोभी में गोइट्रोगेनिक नामक एक पदार्थ पाया जाता है, जो थायराइड का खतरा बढ़ा सकता है (24)
  • ठोस खाद्य पदार्थों के सेवन से बच्चे का पेट जल्दी भर सकता है। इस वजह से बच्चा स्तनपान करने या फार्मूला मिल्क पीने से मना कर सकता है (25)। इसलिए, बच्चे के आहार में फूलगोभी जैसे सॉलिड फूड शामिल करने में उनकी मात्रा का ध्यान रखें।
  • फूलगोभी में ऑक्सलेट नामक कंपाउंड होता है, जिसकी मात्रा बढ़ने से गुर्दे में पथरी का जोखिम बढ़ सकता है (26)

अब हम बच्चे के लिए फूल गोभी खरीदने और सुरक्षित रखने के तरीके बता रहे हैं।

बच्चों के लिए अच्छी फूल गोभी कैसे चुनें और स्टोर करें

बच्चों के लिए अच्छी फूल गोभी कैसे चुनें और किस तरह से उसे सुरक्षित तरीके से रख सकते हैं, इसकी जानकारी होना भी जरूरी है। इस भाग में आप फूल गोभी खरीदने और इसे स्टोर करने से जुड़ी जानकारी हासिल करेंगे।

  • फूल गोभी खरीदते समय गोभी के फूलों को अच्छी तरह देखें। अगर इसमें किसी तरह के दाग-धब्बे या कीड़े नजर आते हैं, तो इसे न खरीदें।
  • गोभी फूल में सफेद, हरे और चितकबरी रंग के कीड़े हो सकते हैं, इसलिए ताजे और बिल्कुल सफेद रंग की फूल गोभी का चयन करें।
  • बासी, मुरझाई, सुखी हुई या पीले रंग की फूलगोभी न खरीदें।
  • फूल गोभी को सुरक्षित रखने से पहले इसको अच्छी तरह से धोकर सुखा लें। फिर किसी ढीले प्लास्टिक बैग से कवर करके इसे फ्रीज में रख सकते हैं।
  • फ्रीज में सुरक्षित तरीके से स्टोर किया गया गोभी 5 से 7 दिन तक इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, हर बार फूलगोभी से खाना बनाते समय उनमें कीड़ों की जांच करें।
  • फूल गोभी की कोई भी रेसिपी बनाने से पहले इसे अच्छी तरह जरूर धोएं।

छोटे बच्चों के लिए फूलगोभी कैसे तैयार करें, जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें।

शिशुओं के लिए फूलगोभी कैसे तैयार करते हैं?

बच्चे के आहार में फूलगोभी शामिल करने के लिए इसे कैसे तैयार करें, इसकी जानकारी नीचे दे रहे हैं:

  • सबसे पहले फूल गोभी की पत्तियां और डंठल निकाल लें।
  • फिर इसके फूलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटें।
  • साथ ही फूल गोभी के बीच का मुलायम भाग भी खाया जा सकता है। इसलिए, इसके भी छोटे टुकड़ें करें।
  • फिर कटे हुए फूल गोभी को अच्छे से साफ पानी में धोएं।
  • इसके बाद 5 से 10 मिनट तक साफ पानी में फूलगोभी को उबालें या स्टीम करें।
  • उबले हुए फूल गोभी को मैश करके या इसकी प्यूरी बनाकर बच्चे को खिलाएं।
  • अगर बच्चे के दांत है और वह खाना अच्छे से चबाकर खा लेता है, तो रोस्ट किया हुआ फूलगोभी भी बच्चे को खाने के लिए दिया जा सकता है।

लेख के अंत में पढ़ें, बच्चों के लिए फूलगोभी से बनी कुछ लजीज रेसिपी बनाने की विधि।

शिशुओं और बच्चों के लिए फूलगोभी की  रेसिपी

यहां हमने घर पर बेबी के लिए फूल गोभी से बनी कुछ स्वादिष्ट रेसिपीज की जानकारी दी है।

1.फूलगोभी प्यूरी

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सामग्री :

  • आधा कप फूल गोभी
  • आवश्यकतानुसार पानी

बनाने की विधि :

  • सबसे पहले फूल गोभी की पत्तियां निकाल दें।
  • फूलगोभी प्यूरी बनाने के लिए फूलगोभी के सिर्फ सफेद फूलों का ही इस्तेमाल करें।
  • अलग किए गए फूलगोभी के टुकड़ों को अच्छे से साफ पानी में धोएं।
  • अब एक पैन में फूल गोभी के टुकड़ों को रखें और मुलायम होने तक उसे स्टीम करें।
  • फिर स्टीम हुए गोभी के टुकड़ों को ब्लेंडर में डालें और पानी मिलाकर इसकी प्यूरी तैयार करें।
  • फूलगोभी की प्यूरी का स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें चुटकी भर नमक भी डाल सकते हैं।
  • अब इस तैयार प्यूरी को एक छोटी कटोरी में निकाल लें और बच्चे को पिलाएं।

2. फूलगोभी चिकन बेबी फूड

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सामग्री :

  • आधा कप कटी हुए ताजी गोभी
  • चिकन का एक छोटा टुकड़ा (बिना हड्डियों वाला)
  • आधा कटा हुआ गाजर
  • आधा चम्मच कटे हुए प्याज
  • 1 चम्मच कुकिंग ऑयल
  • आवश्यकतानुसार नमक
  • आवश्यकतानुसार पानी

बनाने की विधि :

  • फूलगोभी, गाजर और चिकन को अच्छे से धो लें।
  • फिस इसे उबालें या स्टीम करें।
  • एक पैन में कुकिंग ऑयल गर्म होने पर उसमें प्याज को भूनें।
  • अब इसमें उबली या स्टीम हुई सब्जियां और चिकन मिलाएं।
  • फिर आवश्यकतानुसार पानी और नमक डालें।
  • 5 मिनट तक इसे उबालें।
  • ठंडा होने पर इसे बच्चे को खिलाएं।
  • इच्छानुसार इसमें मिली सब्जियों को मैश करके भी बच्चे को खिला सकती हैं।
  • इसका पानी छान कर भी इसे बच्चे को पीने के लिए दे सकती हैं।

नोट : अगर बच्चा एक साल या उससे बड़ी उम्र का है, तो ही उसके आहार में नमक या चीनी का इस्तेमाल करें।

3. फूलगोभी चीज प्यूरी

3. फूलगोभी चीज प्यूरी

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सामग्री :

  • आधा कप कटी हुई फूल गोभी
  • 2 फ्रेश चीज के छोटे क्यूब
  • एक कप पानी

बनाने की विधि :

  • फूल गोभी को अच्छे से धो लें।
  • फिर एक पैन में पानी डालें।
  • जब पानी उबलने लगे, तो इसमें गोभी के टुकड़ों को डालकर 10 मिनट तक उबालें।
  • फिर गोभी के टुकड़ों को एक कोटरी में मैश करें।
  • ऊपर से इसमें चीज के टुकड़े ग्रेट करें।
  • जब यह ठंडा हो जाए, तो इसे बच्चे को खिलाएं।

इस लेख के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों को फूलगोभी का सेवन कराने से जुड़ी हर जरूरी जानकारी मिल गई होगी। बस, तो आज से ही फूलगोभी को बच्चों के आहार का हिस्सा बनाएं। वहीं, लेख में बच्चों के लिए फूलगोभी के सेवन से जुड़ी कुछ सावधानियों का भी जिक्र किया गया है, जिनका पालन कर बच्चों को इससे होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। जो बच्चे फूलगोभी खाने से बचते हैं, तो उनके लिए लेख में फूलगोभी की स्वादिष्ट रेसिपीज भी साझा की गई हैं। बच्चों की सेहत से जुड़ी ऐसी अन्य जानकारी के लिए जुड़े रहें मॉमजंक्शन के साथ। साथ ही इस जानकारी को दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ शेयर करना न भूलें।

References:

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2. Complementary feeding By NCBI
3. Food for babies – tucker talk tips By Betterhealth
4. Choking – infant under 1 year By Medlineplus
5. COMPLEMENTARY FOODS By USDA
6. Complementary Feeding for Infants 6 to 12 months By ResearchgateBy NCBI
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8. Cauliflower, raw By USDA
9. Cardiovascular Health Benefits of Specific Vegetable Types: A Narrative Review By NCBI
10. The mechanical properties of bone tissue in children By Pubmed
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12. Constipation in infants and children By medlineplus
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19. Whole Fruits and Fruit Fiber Emerging Health Effects By NCBI
20. Fiber By Medlineplus
21. Vitamin K: the effect on health beyond coagulation – an overview By NCBI
22. Vitamin C By NCBI
23. Fruit and Vegetable Safety By CDC
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25. Nutrition for healthy term infants By NCBI
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