शिशु की बंद नाक के लिए नेजल ड्रॉप्स/स्प्रे: उपयोग का सही तरीका, फायदे व साइड-इफेक्ट्स | Baby Saline Nose Drops In Hindi

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मौसम में बदलाव के साथ बच्चों को सर्दी-जुकाम होना बहुत ही आम है। मगर कभी-कभी सर्दी-जुकाम के चलते बच्चों को सांस लेने में भी तकलीफ होती है (1)। ऐसे में बच्चों को राहत दिलाने के लिए कुछ माता-पिता नेजल सेलाइन ड्रॉप का इस्तेमाल कर लेते हैं। इस स्थिति में बच्चों के लिए नेजल सेलाइन ड्रॉप सुरक्षित है या नहीं, यह सवाल भी कुछ लोगों के मन में घूमता है। यही कारण है कि मॉमजंक्शन के इस लेख में हम शिशु की बंद नाक खोलने के लिए नेजल सेलाइन ड्रॉप के उपयोग से जुड़ी कुछ जरूरी बातें बता रहे हैं। ताकि बच्चों के लिए नेजल सेलाइन ड्रॉप उपयुक्त है कि नहीं, यह आप खुद तय कर सकें।

आइए सबसे पहले नेजल सेलाइन ड्रॉप्स के बारे में जान लेते हैं।

क्या है नेजल सेलाइन ड्रॉप?

नेजल सेलाइन ड्रॉप्स नाक की ब्लॉकेज को साफ करने का कामयाब नुस्खा है। इसकी मदद से नासिका मार्ग में जमे पराग व धूल के कणों को आसानी से बाहर निकाला जा सकता है। इसके अलावा यह अतिरिक्त बलगम को दूर कर नमी प्रदान करने में भी सहायक होता है। यही नहीं, नेसल सेलाइन ड्रॉप श्वसन तंत्र से संबंधित एलर्जी के लक्षण से राहत दिलाने के साथ ही साइनस से बचाव में भी सहायक माना जाता है (2)

लेख में आगे हम जानेंगे कि क्या शिशुओं के लिए नेजल ड्रॉप्स का इस्तेमाल सुरक्षित है।

क्या नेजल ड्रॉप्स का इस्तेमाल शिशुओं के लिए सुरक्षित है?

बच्चों के लिए नेजल सेलाइन ड्रॉप को सुरक्षित माना जा सकता है। इस बात की पुष्टि एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध से होती है। शोध में माना गया है कि सेलाइन ड्रॉप्स शिशुओं को बंद नाक की समस्या से राहत दिलाने का प्रभावी और सुरक्षित तरीका है। साथ ही यह बंद नाक की समस्या के साथ ही कमजोरी और नींद न आने की समस्या आदि से भी राहत दिला सकता है (3)। इसके अलावा एक अन्य शोध जिक्र मिलता है कि नवजात शिशुओं के लिए भी सेलाइन नेजल ड्रॉप काफी कारगर है (4)

आर्टिकल के अगले भाग में जानते हैं बच्चों को किस उम्र में नेजल ड्रॉप्स दिया जा सकता है।

किस उम्र में बच्चों को नेजल ड्रॉप्स देना शुरू कर सकते हैं?

सेलाइन नेजल ड्रॉप से संबंधित दो अलग-अलग शोध इस बात की पुष्टि करते हैं कि बच्चे को बंद नाक के कारण सांस लेने में तकलीफ से बचाने के लिए जन्म के बाद से ही सेलाइन नेजल ड्रॉप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है (5) (4)। ऐसे में डॉक्टर की सलाह पर नवजात बच्चों को सेलाइन नेजल ड्रॉप दिया जा सकता है।

लेख में आगे बच्चों के लिए नेजल सेलाइन ड्रॉप्स के लाभ से जुड़ी जानकारी दी गई है।

शिशुओं के लिए नेजल सेलाइन ड्रॉप्स व स्प्रे के फायदे

शिशुओं की नाक बंद होने पर नेसल सेलाइन ड्रॉप्स और स्प्रे बहुत ही कारगार है और इसके अनेक फायदे भी हैं। आइए इन फायदों के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

  • नेजल सेलाइन ड्रॉप्स और स्प्रे बलगम को पतला कर बंद नाक को ठीक करने में मदद कर सकते हैं (1)
  • वायरल, बैक्टीरियल और एलर्जी राइनोसाइनसिटिस के कारण नाक मार्ग में होने वाली सूजन को कम करने में मदद कर सकता है (6)
  • सांस लेने में हो रही कठिनाई को दूर कर सकता है (6)
  • वहीं सेलाइन नेसल ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने से सर्दी-जुकाम से ग्रस्‍त छोटे बच्‍चों में बंद नाक की समस्या से राहत के साथ ही बंद नाक के कारण होने वाली कमजोरी और नींद की गुणवत्ता में सुधार देखा जा सकता है (3)

चलिए अब जानते हैं कि बच्चों के लिए नेजल सेलाइन ड्रॉप्स के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी।

शिशुओं के लिए कैसे उपयोग करें नेजल सेलाइन ड्रॉप्स?

बच्चों के लिए नेजल सेलाइन ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने का तरीका नीचे बता रहे हैं:

  • सबसे पहले अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।
  • ड्रॉपर या सिरिंज की मदद से उचित डोज लें।
  • शिशु को गोद में आराम से लिटाएं और फिर एक हाथ से मुंह को धीरे से पकड़ें। इसके बाद दूसरे हाथ की मदद से ड्रॉप डालें।
  • अगर नाक में ज्यादा म्यूकस दिखता है, तो पहले इसे सक्शन बल्ब के इस्तेमाल से साफ कर लें।
  • नाक में ड्रॉपिंग करते वक्त ड्रॉपर नाक के अंदर न ले जाएं। इसे नाक के छिद्रों के बाहर से ही छोड़ें।
  • जब तक ड्रॉप नाक में पूरी तरह से चली न जाएं शिशु के मुंह को पकड़ कर रखें।

लेख के अगले भाग में जानते हैं बच्चों में सेलाइन ड्रॉप्स से जुड़े दुष्प्रभाव।

बच्चों में नेजल सेलाइन ड्रॉप्स/स्प्रे के नुकसान

सामान्य तौर पर सेलाइन नेजल ड्रॉप को बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित माना गया है। इसलिए इसके दुष्प्रभावों को लेकर कोई स्पष्ट शोध उपलब्ध नहीं है। फिर भी नेजल सेलाइन ड्रॉप्स के अधिक उपयोग के कुछ संभावित नुकसान देखने को मिल सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हो सकते हैं (7):

  • कुछ बच्चों में नाक में खुजली की शिकायत हो सकती है।
  • नाक में जलन का अनुभव हो सकता है।
  • नाक में चुभन होना
  • नाक में सूखापन
  • गले में तकलीफ होना
  • छींक आना

आइए अब बच्चों में सेलाइन ड्रॉप्स के उपयोग से जुड़ी जरूरी टिप्स के बारे में जानते हैं।

बेबी सेलाइन ड्रॉप्स का उपयोग करने के टिप्स

बच्चे की नाक को साफ करने के लिए सेलाइन ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने से पहले निम्न बातों का खास ख्याल रखें।

  • यदि आप अकेले बच्चे की नाक में सेलाइन ड्रॉप नहीं डाल पाती हैं, तो बच्चे को पकड़ने के लिए आप किसी की मदद ले सकती हैं।
  • सेलाइन ड्रॉप का इस्तेमाल बच्चे के खाना खाने या सोने से पहले करें।
  • बच्चे की नाक से जमाव को साफ करने के लिए गुनगुने पानी से भीगा हुआ कपड़ा या रुई का टुकड़ा इस्तेमाल करें।
  • अगर नाक को साफ करने के लिए ड्रॉपर व सक्शन बल्ब का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे हमेशा साफ करके ही शिशु की नाक साफ करने के लिए इस्तेमाल करें।
  • बच्चे को सांस लेने में ज्यादा तकलीफ तो नहीं हो रही, इस बात पर भी गौर करें। यदि बच्चे की नाक की स्थिति गंभीर नजर आती है, तो बिना देरी करे बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

लेख में आगे हम शिशुओं में नेजल सेलाइन ड्रॉप्स के अन्य विकल्पों के बारे में बताएंगे।

शिशुओं के लिए नेजल सेलाइन ड्रॉप्स के अन्य विकल्प

शिशुओं की नाक को खोलने के लिए नेजल ड्रॉप के अलावा नीचे बताए गए तरीके भी अपना सकते हैं:

स्टीम बाथ: सोने से पहले शिशु को स्टीम बाथ दिला सकते हैं। इससे बच्चे की सांस की नली में जमा गाढ़ा बलगम साफ होने में मदद हो सकती है (8)

ह्यूमिडिफायर: ह्यूमिडिफायर एक भांप छोड़ने वाला उपकरण होता है। विशेषज्ञ बच्चे के कमरे में गर्म भाप देने वाले ह्यूमिडिफायर की जगह कूल ह्यूमिडिफायर (नमी प्रदान करने वाला उपकरण) लगाने की सलाह देते हैं। ऐसे में चिकित्सक से सलाह कर बच्चे के कमरे में कूल ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल कर सकते हैं (1)

नेसल एस्पिरेटर: नेसल एस्पिरेटर एक छोटा सा उपकरण होता है। इसका इस्तेमाल विशेष रूप से दो साल से अधिक उम्र के बच्चों की नाक से बलगम को हटाने के लिए किया जाता है (9)। ऐसे में नेजल सेलाइन की जगह इसका इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

अब जानते हैं घर में बच्चों के लिए नेजल सेलाइन ड्रॉप्स को तैयार करने की विधि।

शिशुओं के लिए घर पर नेजल सेलाइन ड्रॉप्स कैसे बनाएं?

घर पर नेजल सेलाइन ड्रॉप तैयार करना बहुत आसान है। शिशु को दिक्कत होने पर इसे तुरंत बनाया जा सकता है। इसे तैयार करने की प्रक्रिया कुछ इस तरह से है (2)

सामग्री:

  • 2 कप साफ व उबला हुआ पानी
  • एक छोटी चम्मच या 5 ग्राम बिना आयोडीन वाला नमक
  • चुटकीभर बेकिंग सोड़ा
  • एक क्लीन ड्रॉपर

बनाने का तरीका:

  • गर्म पानी में नॉन आयोडाइज्ड नमक और सोडा उचित मात्रा में मिलाकर उसका घोल बना लें।

इन बातों का रखें खास ख्याल:

  • नेसल ड्रॉप को घर पर तैयार करने के लिए फिल्टर किए और उबले हुए पानी का इस्तेमाल करें, क्योंकि पानी में उपस्थित कीटाणु इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं।
  • ड्रॉपर को हमेशा अच्छे से साफ करके सुखाएं। इसके बाद ही उसे इस्तेमाल करें।

इस लेख के जरिए हमने शिशुओं के लिए नेजल सेलाइन ड्रॉप के इस्तेमाल से जुड़े हर सवाल का जवाब देने का प्रयास किया है। अगर आपके बच्चे को सर्दी जुकाम के चलते नाक बंद की परेशानी हो रही है, तो लेख में बताई गई सावधानियों के साथ इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रखें, बच्चों को लेकर किसी तरह की लापरवाही न बरतें। बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी ही अन्य रोचक जानकारियों के लिए पढ़ते रहें मॉमजंक्शन।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  1. क्या सोते हुए बच्चे के नेजल ड्रॉप्स डाल सकते हैं

सोते समय बच्चों को नेजल ड्रॉप्स डाल सकते हैं या नहीं, इसे लेकर वैज्ञानिक शोध का अभाव है। इसलिए इस बारे में चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर होगा।

  1. बच्चे के लिए दिन में कितनी बार नेजल ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं?

बच्चों के लिए दिन में तीन से चार बार नेजल ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है (8)। वहीं अगर बच्चा छोटा है, तो सावधानी और सुरक्षा की दृष्टि से इसे इस्तेमाल करने से पहले इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।

संदर्भ (References) :