शिशुओं में फूड एलर्जी: कारण, लक्षण, निदान व इलाज | Bachon Me Food Allergy

Bachon Me Food Allergy

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शिशु का परिचय तरल पदार्थ के बाद ठोस आहार से कराने का समय हर माता-पिता के लिए काफी रोमांचक होता है। इस दौरान कुछ खाद्य पदार्थ का सेवन करने से बच्चे के शरीर में लाल चकत्ते और अन्य लक्षण दिखने लगते हैं। दरअसल, यह फूड एलर्जी होती है, जो बच्चों को कुछ खास खाद्य पदार्थों का सेवन करने के बाद होने लगती है। ऐसे में बच्चों को ठोस आहार खिलाने से पहले पेरेंट्स को फूड एलर्जी के बारे में पता होना जरूरी है। इसी वजह से मॉमजंक्शन के इस लेख में हम बच्चों व शिशुओं को होने वाली फूड एलर्जी से जुड़ी तमाम जानकारी लेकर आए हैं। यहां जानिए कि बच्चों को फूड एलर्जी होना सामान्य है या नहीं और इसके लक्षण, कारण और इलाज क्या हैं।

स्क्रॉल करके आगे पढ़ें कि आखिर फूड एलर्जी क्या होती है।

फूड एलर्जी क्या है?

फूड एलर्जी खाने में मौजूद प्रोटीन के प्रति इम्यून द्वारा किए जाने वाले रिएक्शन यानी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को कहते हैं (1)। शरीर में एलर्जी के रूप में इम्यून असामान्य प्रतिक्रिया कुछ खास खाद्य पदार्थों के सेवन करने के बाद करता है (2)। इस असामान्य प्रतिक्रिया के कारण पूरे शरीर के अंग प्रभावित हो सकते हैं। इस प्रतिक्रिया के रूप में शरीर में हल्के चकत्ते से लेकर पेट दर्द की समस्या हो सकती है। कई बार एलर्जी के कारण जानलेवा जटिलता भी होती है, जिसे एनाफिलेक्टिक शॉक कहते हैं। यह शरीर द्वारा की जाने वाली एक गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया है (3)

नीचे जानिए कि नवजात को फूड एलर्जी हो सकती है या नहीं।

क्या छोटे बच्चों को फूड एलर्जी हो सकती है? | Bachon Mein Khane Se Allergy

हां, छोटे बच्चों को फूड एलर्जी हो सकती है। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 5 से 7.5 प्रतिशत बच्चे इस समस्या से ग्रसित होते हैं (4)। रिसर्च से जानकारी मिलती है कि लगभग 6 प्रतिशत बच्चे जीवन के पहले तीन साल की उम्र में फूड एलर्जी का शिकार हो जाते हैं। इसमें लगभग 2.5 प्रतिशत मामले गाय के दूध, 1.5 प्रतिशत मामले अंडे और लगभग 1 प्रतिशत मामले मूंगफली से होने वाली एलर्जी के हैं। अध्ययनों से पता चला है कि मूंगफली के कारण होने वाली एलर्जी पिछले एक दशक में काफी बढ़े गए हैं (1)

आगे पढ़ना जारी रखें और जाने बच्चों में फूड एलर्जी होने के क्या लक्षण हो सकते हैं।

बच्चों में खाने से होने वाली एलर्जी के लक्षण | Bachon Me Food Allergy Hone Ke Lakshan

बच्चों में खाने के कारण होने वाली एलर्जी के कुछ सामान्य लक्षण हो सकते हैं जिनके बारे में हम नीचे बता रहे हैं (2) (3)

  • मुंह में खुजली या सूजन होना
  • उल्टी, दस्त या पेट में ऐंठन
  • पेट में दर्द की समस्या
  • हाइव (त्वचा पर होने वाले गोल लाल धब्बे) की परेशानी या एक्जिमा यानी स्किन एलर्जी होना
  • गले में कसावट का एहसास
  • गले में ऐंठन और सांस लेने में तकलीफ
  • छोटे बच्चों में दस्त, गैस और मतली

आगे पढ़ें शिशुओं में फूड एलर्जी के क्या क्या कारण हो सकते हैं।

शिशु को फूड एलर्जी होने के कारण | Bachoo Me Food Allergy Hone Ke Karan In Hindi

शिशुओं को फूड एलर्जी क्यों होती है, यह जानना भी जरूरी है। वैसे तो इसका कोई ठोस कारण स्पष्ट नहीं है। हां, सिर्फ प्रतिरक्षा की प्रतिक्रिया को ही फूड एलर्जी का कारण माना जाता है। दरअसल, कुछ खाद्य पदार्थ में मौजूद प्रोटीन के प्रति इम्यून सिस्टम की असामान्य प्रतिक्रिया के कारण स्किन एलर्जी होती है। इम्यून इस प्रोटीन को बैक्टीरिया, वायरस और संक्रमण समझकर प्रतिकूल प्रतिक्रिया करता है नीचे हम इसी विषय के बारे में बता रहे हैं (1) (3)

अब जानते हैं कि किन शिशुओं को फूड एलर्जी होने का खतरा ज्यादा होता है।

किन बच्चों में फूड एलर्जी होने की आशंका ज्यादा होती है?

वैसे तो बच्चों में फूड एलर्जी होना आम है, लेकिन यह उन बच्चों को ज्यादा होती है, जिनके परिवार में पहले से ही किसी को फूड एलर्जी की समस्या रह चुकी हो (5)

नीचे पढ़ें कि बच्चों को किन चीजों के कारण फूड एलर्जी हो सकती है।

बच्चों में खाने की किन चीजों से एलर्जी पैदा हो सकती है?

बच्चों को निम्न खाद्य पदार्थों के कारण फूड एलर्जी की समस्या हो सकती है (3):

  • दूध
  • सोया
  • गेहूं
  • अंडा
  • ट्री नट्स (बादाम, अखरोट, पेकान और काजू)
  • मछली
  • शैलफिश
  • मूंगफली

आर्टिकल के इस हिस्से में हम बता रहे हैं फूड एलर्जी के निदान के बारे में।

बच्चों में फूड एलर्जी का निदान कैसे करें?

फूड एलर्जी के निदान के लिए डॉक्टर सबसे पहले बच्चे में दिख रहे लक्षणों की जांच करते हैं। उसके बाद डॉक्टर निम्नलिखित एलर्जी परीक्षण की सलाह दे सकते हैं (3):

  • ओरल चैलेंज टेस्ट: इस परीक्षण के दौरान बच्चे को कम मात्रा में कैप्सूल या इंजेक्शन के जरिए वो खाद्य पदार्थ दिया जाता है, जिसके कारण अक्सर बच्चे को एलर्जी हो जाती है। इसके बाद बारीकी से उस खाद्य पदार्थ से होने वाले रिएक्शन को डॉक्टर देखते हैं और फिर शरीर में होने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर तुरंत उपचार किया जाता है।
  • ब्लड टेस्ट: रक्त परीक्षण के समय ब्लड में मौजूद इम्यूनोग्लोबिन ई यानी IgE एंटीबॉडी की मात्रा को मापा जाता है। यदि फूड एलर्जी की समस्या होती है, तो प्रतिरक्षा प्रणाली में IgE एंटीबॉडी का निर्माण होता है। ऐसे में ब्लड टेस्ट से यह स्पष्ट हो जाता है कि एलर्जी है या नहीं।
  • एलिमिनेशन डाइट: इस परीक्षण को यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि कौन सा भोजन या खाद्य पदार्थ एलर्जी का कारण बन रहा है। डॉक्टर बच्चे के आहार से प्रति सप्ताह एलर्जिक खाद्य पदार्थ को हटाने के लिए कहते हैं। इससे यह भी पता लगाया जाता है कि बच्चे को फूड एलर्जी है या फूड इनटॉलरेंस की समस्या।
  • स्किन प्रिक टेस्ट: इसमें एलर्जी पैदा करने वाले खाद्य की छोटी मात्रा को त्वचा की ऊपरी परत के नीचे डाला जाता है। फिर उस स्किन में होने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर पता लगाया जाता है कि बच्चे को उस खाद्य से एलर्जी है या नहीं।

निदान के बाद जानते हैं कि बच्चे काे फूड एलर्जी से क्या-क्या परेशानियां हो सकती हैं।

बच्चों में फूड एलर्जी से होने वाली परेशानियां

फूड एलर्जी के कारण बच्चे को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यहां हम बच्चे को फूड एलर्जी के कारण होने वाली उन्हीं समस्याओं के बारे में बता रहे हैं (3)

  • त्वचा संबंधी समस्याएं: बच्चों को फूड एलर्जी के कारण त्वचा संबंधी समस्या जैसे दाने, हाइव (त्वचा पर होने वाले गोल लाल धब्बे), झनझनाहट, खुजली और लालिमा की समस्या हो सकती है।
  • पाचन तंत्र संबंधी परेशानियां: फूड एलर्जी के कारण बच्चे के पेट में दर्द, मुंह व जीभ में सूजन और खुजली की समस्या हो सकती है।
  • रेस्पिरेटरी सिस्टम की समस्या: फूड एलर्जी होने पर बच्चे को खांसी की समस्या, घरघराहट, बंद नाक, सांस लेने में परेशानी और छाती में जकड़न हो सकती है।

आगे जानिए कि बच्चे को खाद्य पदार्थ से एलर्जी होने पर क्या करें।

अगर बच्चे में किसी भोजन से एलर्जिक रिएक्शन दिखाई दे तो क्या करें?

अगर किसी बच्चे में किसी भी खाद्य पदार्थ या भोजन के कारण एलर्जिक रिएक्शन हो रही है, तो उसे शीघ्र ही डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। डॉक्टर एलर्जी का कारण बनने वाले खाद्य पदार्थ की पहचान करके उसे बच्चे को देने से मना कर सकते हैं (3)

स्क्रॉल करके आगे जानिए बच्चे में होने वाली फूड एलर्जी का इलाज कैसे होता है।

बच्चों में एलर्जी का इलाज कैसे किया जाता है? | Bachoo Me Food Allergy Dur Karne Ke Upay

फूड एलर्जी का कोई सटीक इलाज नहीं है। हां, इसके लक्षणों को दूर करने के लिए डॉक्टर कुछ इस प्रकार की सलाह दे सकते हैं (3) (1):

  • आहार में परिवर्तनडॉक्टर बच्चे की डाइट से एलर्जी पैदा करने वाले खाद्य पदार्थ को हटाने की सलाह दे सकते हैं।
  • एंटीहिस्टामाइन दवाएलर्जी के लक्षणों के इलाज के लिए मौखिक रूप से एंटीहिस्टामाइन दवा का उपयोग किया जा सकता है। यह दवा डॉक्टर के परामर्श के बाद घर पर दी जा सकती है।
  • ऑटो इंजेक्टरबच्चे को यदि एनाफिलेक्टिक शॉक (पूरे शरीर को प्रभावित करने वाली गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया) का खतरा हाेता है, तो डॉक्टर आपातकाल में उपयोग करने के लिए ऑटो इंजेक्टर नामक एक छोटा उपकरण दे सकते हैं। इसके द्वारा एपिनेफ्रीन दवाई की खुराक दी जाती है, जो एलर्जी की प्रतिक्रिया को कम कर सकती है।

सबसे आखिरी में हम बता रहे हैं कि बच्चे को फूड एलर्जी से बचाने के लिए क्या क्या किया जा सकता है।

क्या आप फूड एलर्जी से अपने बच्चे को बचा सकती हैं?

फूड एलर्जी को रोकने का कोई निश्चित तरीका नहीं है। फिर भी नीचे दिए गए प्रयासों के द्वारा इस समस्या को कुछ हद तक कम किया जा सकता है (6) (7):

  • यदि संभव हो तो बचपन से ही शिशु को स्तनपान कराएं।
  • बच्चे को ठोस आहार चार महीने से देना शुरू कर सकते हैं।
  • ठोस खाद्य पदार्थों को खिलाते समय बच्चे को स्तनपान कराना जारी रखें।
  • शुरुआत में ही एलर्जी का जोखिम पैदा करने वाले खाद्य पदार्थ जैसे गाय का दूध, अंडा, मूंगफली, ट्री नट्स, सोया, तिल, गेहूं युक्त आहार बच्चे को खिलाएं। अध्ययन के अनुसार, इससे बच्चे को फूड एलर्जी की आशंका से बचाया जा सकता है।
  • इन सारी बातों पर ध्यान देने के बाद भी बच्चे को फूड एलर्जी हो गई है, तो उसे एलर्जी पैदा करने वाले खाद्य पदार्थ देने से बचें और चिकित्सक की सलाह लें।

अब आप समझ ही गए होंगे कि नवजात और शिशुओं को फूड एलर्जी होना सामान्य है। बस शिशु को ठोस आहार देते समय सतर्कता जरूर बरतें। इससे यह समझने में आसानी होगी कि शिशु को किन चीजों से फूड एलर्जी है। इस समस्या का पता चलते ही शिशु को वो खास खाद्य पदार्थ देने से बचें और डॉक्टर से संपर्क करें। कई बार लोग फूड सेंसिटिविटी और फूड एलर्जी को एक ही समझ लेते हैं (3)। इसी वजह से डॉक्टर के पास जाकर यह समझना जरूरी है कि बच्चे को खाद्य असहिष्णुता यानी फूड इंटॉलरेंस है या खाद्य एलर्जी।

संदर्भ (References):