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बच्चों पर वीडियो गेम के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव | Effect Of Video Games On Kids In Hindi

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वीडियो गेम मनोरंजन का एक आसान विकल्प है, जो न केवल बच्चों को बल्कि किशोरों और वयस्कों को भी आकर्षित करता है। यही वजह है कि आधुनिक और डिजिटल दौर के इस समय में वीडियो गेम अधिकतर बच्चों की पहली पसंद बन चुका है। ऐसे में कुछ पेरेंट्स इस बात से परेशान रहते हैं कि वीडियो गेम खेलने के चक्कर में उनका बच्चा सही से न पढ़ाई-लिखाई करता है, न ही खाने-पीने पर ध्यान देता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम मॉमजंक्शन के इस लेख में बच्चों पर वीडियो गेम के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों को बताने का प्रयास कर रहे हैं। ताकि माता-पिता यह तय कर सकें कि वीडियो गेम खेलना उनके बच्चे के लिए कितना सही है।

तो आइए लेख में आगे बढ़कर पहले हम यही जान लेते हैं कि वीडियो गेम बच्चों के लिए कितना सही है।

क्या वीडियो गेम बच्चों के लिए सही है?

बच्चों में वीडियो गेम के सकारात्मक प्रभाव और नकारात्मक दोनों ही हो सकते हैं। अब बच्चों पर वीडियो गेम का प्रभाव सकारात्मक होगा या नकारात्मक यह पूरी तरह से वीडियो गेम के विषय और बच्चे द्वारा उसे खेले जाने के समय पर निर्भर कर सकता है (1)। उदाहरण के लिए, साल 2008 में किए गए एक अध्ययन से यह पता चलता है कि ऐसे वीडियो गेम जो शैक्षिक तथ्यों पर आधिरत थे, उन्हें खेलने से बच्चों के पढ़ाई के स्तर पर सकारात्मक प्रभाव देखा गया। वहीं हिंसक वीडियो गेम (जैसे :- फाइटिंग पर आधारित) बच्चों के चिंताजनक व्यवहार से जुड़े थे (2)

इन तथ्यों को देखने से यह स्पष्ट होता है कि गेम के चुनाव पर ही यह निर्भर करता है कि बच्चों पर इसका अच्छा असर होगा या बुरा। वहीं किसी भी गेम को खेलने में प्रतिदिन दिए जाने वाले समय पर भी वीडियो गेम खेलने के अच्छे और बुरे प्रभाव निर्भर करते हैं। इसलिए अगर माता-पिता चाहते हैं कि वीडियों गेम का उनके बच्चों पर बुरा प्रभाव न पड़े, तो बच्चों को केवल अच्छे वीडियो गेम ही खेलने के लिए दें और उन्हें खेलने के लिए एक नियत समय भी तय करें।

यहां अब हम बच्चों पर वीडियो गेम के सकारात्मक प्रभाव जानेंगे।

वीडियो गेम के बच्चों पर 10 सकारात्मक प्रभाव | Positive Effects Of Video Games In Hindi

लेख में हम पहले ही बता चुके हैं कि बच्चा अगर अच्छी गुणवत्ता वाले ज्ञान परक वीडियो गेम का चुनाव करता है, तो ऐसे में वीडियो गेम खेलने के उस पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। यह प्रभाव कुछ इस तरह से हैं :

1. सामाजिक कौशल व मनोदशा को बेहतर बनाए

एक अन्य रिसर्च से यह भी पता चलता है कि अधिकतर लोग उन खेलों को ज्यादा पसंद करते हैं, जिनमें एक से अधिक खिलाड़ी खेल सकते हैं। इस तरह के खेल वे अजनबियों से लेकर अपने करीबी दोस्तों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी खेलते हैं। ऐसे में यह खेल बच्चों को भावनात्मक रूप से एक-दूसरे के करीब आने में मदद कर सकता है (3)

वहीं एनसीबीआई पर प्रकाशित एक रिसर्च पेपर के अनुसार, स्वभाव से शर्मीले बच्चों के लिए ऑनलाइन वीडियो गेम खेलना फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, शर्मीले बच्चे अक्सर सामाजिक तौर पर बात करने से कतराते हैं। वहीं ऑनलाइन वीडियो गेम के जरिए वो आसानी से दोस्त बना कर अपने सामाजिक व्यवहार को बढ़ा सकते हैं। इतना ही नहीं, इस तरह के खेल से वे भरोसेमंद साथी पा सकते हैं, जिससे बच्चों की मनोदशा में सुधार देखा जा सकता है (4)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि वीडियो गेम बच्चे को न सिर्फ अन्य लोगों से घुलने-मिलने में मदद कर सकता है, बल्कि यह उनकी मनोदशा को सुधारने में भी मदद कर सकते हैं।

2. रचनात्मकता को बढ़ावा दें

एक मनोवैज्ञानिक रिसर्च से यह पता चलता है कि बच्चों में वीडियो गेम खेलने की आदत उन्हें रचनात्मक बना सकती है। मौजूदा अध्ययन में टेलीविजन देखने वाले बच्चों और ड्राइविंग वाले वीडियो गेम (जैसे :- कार रेसिंग) खेलने वाले बच्चों की तुलना की गई। इस अध्ययन में पाया गया कि ड्राइविंग जैसे वीडियो गेम खेलने वाले बच्चे टेलीविजन देखने वाले बच्चों के मुकाबले अधिक क्रिएटिव होते हैं (5)। दरअसल, वीडियो गेम में कई तरह के पड़ाव या चैलेंज होते हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए कुछ तरकीब अपनाने की जरूरत होती है। ऐसे में बच्चे गेम को किस तरह से खेलते हैं और गेम में आने वाले पडावों को कैसे पार करते हैं, इस बात पर निर्भर करता है कि गेम खेलना बच्चों में रचनात्मकता को किस हद तक बढ़ाने में मददगार हो सकता है।

3. समस्याएं सुलझाने का कौशल बढ़ाए

अध्ययनों के अनुसार वीडियो गेम खेलने से बच्चों में समस्याएं सुझलाने का कौशल (Problem-Solving Skills) भी बढ़ सकता है। दरअसल, वीडियो गेम खेलते समय दिमाग की सभी केंद्रीय इंद्रियां उत्तेजित होती हैं। खासकर तब जब बच्चा जटिल पजल जैसे गेम खेल रहा होता है। दरअसल, गेम दी गई बच्चों के लिए पहेलियां और कठिन पड़ाव दिमाग को तेजी से चलाकर गेम को पार करने के लिए प्रेरित करती हैं (6)। इससे बच्चों में कठिन से कठिन परिस्थिति में समस्याओं को सुलझाने का कौशल पैदा हो सकता है।

4. एकाग्रता बढाए

बच्चा अगर टारगेट बेस्ड गेम यानी ऐसा गेम खेले, जिसे जीतने के लिए उसे कुछ पड़ाव पूरे करने होते हैं। तो ऐसे में बच्चों में एकाग्रता का देखा जा सकता है। वहीं ऐसे गेम दिमागी संतुलन को बनाए रखने में भी मदद कर सकते हैं (7)

5. मस्तिष्क की कार्यक्षमता बेहतर करे

अध्ययनों से इसकी पुष्टि होती है कि वीडियो गेम बच्चे के दिमाग की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मददगार हो सकते हैं। हालांकि, बच्चे के दिमाग पर इसका कैसा और कितना प्रभाव होगा, यह वीडियो गेम के प्रकार पर निर्भर कर सकता है (8)

6. परिस्थिति के प्रति जागरूक बनाए

एक अध्ययन में बच्चों और वयस्कों को साइकिल चलाने के दौरान अधिक जागरूक रखने के लिए, उन्हें वीडियो पर आधारित गेम के माध्यम से ट्रेनिंग दी गई। इस अध्ययन में शामिल बच्चों और वयस्कों पर इसका सकारात्मक प्रभाव देखा गया (9)। इसके अलावा एक अन्य अध्ययन यह भी बताता है कि बच्चे का एक्शन वीडियो गेम खेलना उन्हें अधिक चौकन्ना बनाने में मदद कर सकता है (10)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि वीडियो गेम खेलना बच्चे को दैनिक जीवन में आने वाली परिस्थितियों के प्रति अधिक जागरूक और सतर्क बनाने में भी मदद कर सकता है।

7. नए कौशल सीखने के लिए प्रोत्साहित करे

एनसीबीआई पर मौजूद एक शोध इसकी पुष्टि करता है कि वीडियो गेम खेलने से बच्चे में नए कौशल सीखने की क्षमता बढ़ सकती है (10)। दरअसल, गेम में शामिल नए-नए पडावों को पार करने के लिए कुछ खास तकनीकों को सीखने की आवश्यकता होती है, जिन्हें सीख कर बच्चा गेम में आगे बढ़ता है। ऐसे में बच्चों में गेम खेलने से नई कला और कौशल को सीखने की चाह भी पैदा हो सकती है।

8. देखने की गुणवत्ता बढ़ाए / आंखों को तेज बनाए

एक्शन वीडियो गेम खेलना न सिर्फ बच्चे के लिए मजेदार हो सकता है, बल्कि यह उनके सुनने और देखने की क्षमता को भी अधिक बेहतर बना सकता है। एनसीबीआई पर प्रकाशित एक शोध से इस बात की पुष्टि होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि एक्शन वीडियो गेम खेलना ज्ञान संबंधी व्यवहार को बढ़ा सकता है। साथ ही गेम खेलने के दौरान विजुओस्पाटियल (चीजों को बारीकी से देखना और समझना) जैसे अनुभव भी होते हैं। यह अनुभव बच्चों में चीजों को बारीकी से देखने और उन्हें समझने की क्षमता को बढ़ावा दे सकते हैं (11)

9. आंख और हाथ के तालमेल को बढ़ाए

आंख और हाथ के तालमेल अर्थ यह है कि व्यक्ति आंखों से चीजों को देखकर अपने हाथों से कितनी तीव्र गति से प्रक्रिया प्रदर्शित कर सकता है। कुछ लोगों में प्रक्रिया तेजी से काम करती है, तो कुछ को ऐसा करने में थोड़ा समय लगता है। वहीं वीडियों गेम की बात करें, तो यह कुछ हद तक इस तालमेल को बढ़ावा देने में कारगर हो सकता है। वीडियो गेम से संबंधित एक शोध में इस बात को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया है। शोध में पाया गया कि दिनभर में मात्र 10 मिनट के लिए भी अगर वीडियो गेम खेला जाए, तो यह आंख और हाथ के बीच कार्य करने के तालमेल को अधिक बढ़ा सकता है (12)

10. शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर करे

आज के समय में कई ऐसे गेम भी हैं, जिन्हें रिमोट के माध्यम से नहीं, बल्कि शारीरिक गतिविधियों के आधार पर खेला जाता है। ऐसे वीडियो गेम खेलने से बच्चों के स्वास्थ्य में भी सुधार देखा जा सकता है। एक अध्ययन से यह पता चलता है कि ऐसे वीडियो गेम, जिसमें बच्चे की शारीरिक गतिविधियां भी शामिल होती है, उन्हें खेलने से बच्चे के शारीरिक वजन, हृदय स्वास्थ्य और शारीरिक गतिविधियों के स्तर में सुधार देखा जा सकता है। वजह यह है कि इस तरह के वीडियो गेम शरीर पर किसी शारीरिक एक्सरसाइज जैसे ही प्रभाव डाल सकते हैं (13)

अब पढ़ें बच्चों के लिए वीडियो गेम के नकारात्मक प्रभाव।

वीडियो गेम के बच्चों पर 7 नकारात्मक प्रभाव | Negative Effects Of Video Games In Hindi

वीडियो गेम कई प्रकार के होते हैं, जिस वजह से बच्चे आसानी से इन्हें खेलने के लिए आकर्षित हो जाते हैं। इसलिए अगर वीडियो गेम के प्रकार और बच्चे के खेलने की अवधि पर ध्यान न दिया जाए, तो इसके नकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं। इन नकारात्मक प्रभावों के बारे में हम नीचे विस्तार से बता रहे हैं।

1. आक्रामक व्यवहार

आमतौर पर बच्चे जो देखते हैं, वहीं खुद के व्यवहार में भी ढाल सकते हैं। इसलिए माता-पिता को कम उम्र के बच्चों और किशोरों को हिंसक वीडियो गेम खेलने के लिए नहीं देना चाहिए (14)। वजह यह है कि हिंसक वीडियो गेम खेलने के कारण बच्चों में आक्रामक व्यवहार का जोखिम बढ़ा सकता है। इसकी पुष्टि अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) द्वारा जारी एक रिसर्च से भी की जा सकती है (15)

2. गलत मूल्यों या बातों को दिखाना

वीडियो गेम के कंटेंट तरह-तरह के हो सकते हैं। इनका उद्देश्य अक्सर मनोरंजन के लिए होता है। इस वजह से इसमें गलत तथ्यों को भी दिखाया जा सकता है। इस लिहाज से अगर वीडियो गेम में जोखिम भरे व्यवहार दिखाए जाते हैं, जैसे धूम्रपान करना, लापरवाही के साथ वाहन चलाना, तो ऐसे गेम से बच्चे को दूर रखें। वजह यह है कि ऐसे नकारात्मक प्रभाव (Negative Effects) वाले गेम खेलने के कारण बच्चे इन आदतों को खुद में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं, जो उनके व्यवहार को आक्रामक (Aggressive) बनाने की भी एक वजह हो सकती है (16)

3. खराब सामाजिक विकास

लंबे समय तक वीडियो गेम खेलने के कारण बच्चे का सामाजिक विकास प्रभावित हो सकता है। दरअसल, वीडियो गेम खेलने के कारण बच्चा अकेले में अधिक समय व्यतीत कर सकता है। इस वजह से उसका सामाजिक व्यवहार प्रभावित हो सकता है (17)। इसलिए कोशिश करें कि बच्चे को वीडियो गेम के साथ-साथ आउटडोर गेम्स खेलने के लिए भी प्रोत्साहित करते रहें।

4. शारीरिक स्वास्थ्य समस्याएं

एक ही जगह लंबे समय तक बैठे हुए वीडियो गेम खेलने से बच्चे की शारीरिक गतिविधियां काफी हद तक प्रभावित हो सकती हैं। इसके कारण उसके सोने और खाने का समय भी प्रभावित हो सकता है। इसका सीधा असर बच्चे के स्वास्थ्य पर दिख सकता है। एक अध्ययन के अनुसार लंबे समय तक वीडियो गेम खेलने से शारीरिक श्रम में कमी हो सकती है, जिसके कारण मोटापे की समस्या हो सकती है (18)। वहीं एक अन्य अध्ययन बताता है कि लंबे समय तक वीडियो गेम खेलना शारीरिक और मानसिक स्तर को प्रभावित कर सकता है, जो दौरे आने का भी कारण बन सकता है (19)

5. मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं

लंबे समय तक वीडियो गेम खेलने की चाहत बच्चे के सोने की स्थिति को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा अधिक गेम खेलने के कारण बच्चे में चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन के भी लक्षण दिख सकते हैं (20)। वहीं अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) से पीड़ित बच्चों में अक्सर आत्म-नियंत्रण की कमी होती है। इस कारण ऐसे बच्चों में वीडियो गेम खेलने की लत लगने का खतरा अधिक हो सकता है (21)

6. शैक्षणिक प्रदर्शन से जुड़ी समस्याएं

स्क्रीन आधारित गतिविधियां जैसे टीवी देखना या वीडियो गेम खेलना खराब शैक्षणिक परिणामों का भी एक कारण बन सकती हैं (22)। इसका मुख्य कारण वीडियो गेम खेलने की अधिक लालसा हो सकती है। दरअसल, ऐसी स्थिति में बच्चे के मन में हर समय वीडियो गेम खेलने का ही विचार बन सकता है (23)। इस वजह से बच्चे का मन पढ़ाई में कम लग सकता है। इस कारण बच्चे का पढ़ाई में खराब प्रदर्शन नजर आ सकता है।

7. मस्तिष्क को अधिक उत्तेजित करना

अध्ययनों के अनुसार, वीडियो गेम खेलना मस्तिष्क के कार्य और संरचना पर प्रभाव डालता है, जिससे दिमागी कार्यों के करने की क्षमता बढ़ सकती है (24)। साथ ही लेख में यह भी बता चुके हैं कि वीडियो गेम खेलने के दौरान उनका दिमाग अधिक चौकन्ना भी रह सकता है (9)। हालांकि, गेम खेलने के बाद कुछ बच्चों में यह क्षमता घट सकती है। इस कारण बच्चे के आंकलन करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है (25)

लेख में आगे अब हम बच्चों में वीडियो गेम की लत लगने के लक्षणों के बारे में जानेंगे।

बच्चों को वीडियो गेम की लत लगने की निशानी

वीडियो गेम खेलना न सिर्फ मजेदार होता है, बल्कि यह दिलचस्प और पेचीदा भी होता है। इस वजह से कई बच्चों में वीडियो गेम खेलने की लत लग सकती है। इसलिए यहां हम कुछ बिंदुओं के माध्यम से बच्चों में वीडियो गेम की लत लगने के कुछ लक्षण बता रहे हैं।

बच्चों को वीडियो गेम की लत लगने के शारीरिक लक्षण (1):

  • गर्दन, कलाई और कोहनी में दर्द होना।
  • पेशाब को न रोक पाना, खासकर सोते समय।
  • कलाई या शरीर के जोड़ों में सूजन होना।
  • हाथ और बाजुओं में कंपन्न होना।
  • बार-बार मोच आना।
  • भ्रम की स्थिति पैदा होना।
  • शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण वजन बढ़ना या ओबेसिटी।

बच्चों को वीडियो गेम की लत लगने के भावनात्मक लक्षण (20) :

  • बच्चे को वीडियो गेम का खेल रोकने में परेशानी महसूस होना।
  • अधिक समय तक वीडियो गेम खेलने की इच्छा होना।
  • वीडियो गेम के बिना खाली महसूस करना, उदास रहना या चिड़चिड़ा होना।

इस भाग में अब हम बच्चों के दिमाग पर वीडियो गेम के प्रभाव को विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे।

वीडियो गेम ब्रेन (दिमाग) पर किस तरह असर डालता है?

लेख में इस बात को पहले ही बताया जा चुका है कि वीडियो गेम दिमागी कार्य क्षमता को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। वहीं अगर हम वीडियों गेम के दिमाग पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बात करें, तो यह बात वीडियो गेम से संबंधित एक शोध से स्पष्ट होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि वीडियो गेम खेलने से मस्तिष्क की संरचना और गतिविधियां दोनों ही प्रभावित होती हैं। इसमें एकाग्रता, दिमागी कार्यक्षमता, चीजों को बारीकी से देखना और दिमागी कार्यभार को सहन करने की क्षमता का विकास शामिल है (26)

वहीं नकारात्मक दृष्टि से लंबे समय तक वीडियो गेम खेलने से मस्तिष्क का हिप्पोकैम्पस (Hippocampus) हिस्सा अधिक प्रभावित हो सकता है (26)। बता दें कि हिप्पोकैम्पस मस्तिष्क का एक प्रमुख हिस्सा है। यह लिम्बिक प्रणाली में होता है, जो याददाश्त व शरीर की सामान्य गतिविधियों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अंत में पढ़ें बच्चों को वीडियो गेम के नकारात्मक प्रभावों से बचाने के उपाय।

माता-पिता बच्चों पर वीडियो गेम के नकारात्मक प्रभाव को कैसे रोके?

अगर बच्चे में वीडियो गेम खेलने के लत के लक्षण दिखाई देते हैं या आप चाहते है कि बच्चा वीडियो गेम के नकारात्मक प्रभाव से बचा रहे। तो इसके लिए नीचे बताए गए उपाय अपनाए जा सकते हैं।

  • बच्चे की उम्र के अनुसार ही उन्हें वीडियो गेम खेलने के लिए दें।
  • छोटे बच्चे को शैक्षिक खेलों को प्राथमिकता देने वाले वीडियो गेम खेलने के लिए दें और हिंसक वीडियो गेम खरीदने से बचें।
  • बच्चे के लिए वीडियो गेम खरीदने से पहले खेल का प्रकार और बच्चे पर पड़ने वाले उसके संभावित प्रभावों की जांच करें।
  • बच्चे के गेम खेलने का समय तय करें।
  • बच्चे को वीडियो गेम खेलने की इजाजत किसी इनाम की तरह ही दें। उदाहरण के लिए बच्चे को बताएं कि होमवर्क पूरा करने के बाद ही वह वीडियो गेम खेल सकता है।
  • बच्चे को बताएं कि अगर वो दौड़ने, तैरने या अन्य तरह की शारीरिक गतिविधियां करता है, तो छुट्टी वाले दिन वह 10 से 15 मिनट अधिक वीडियो गेम खेल सकता है।
  • हमेशा दोपहर के बाद ही बच्चे को वीडियो गेम खेलने दें। ताकि उसके सोने और खाने-पीने का समय प्रभावित न हो।
  • गेमिंग गैजेट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बच्चे के कमरे में रखने के बजाय किसी सामान्य कमरे में रखें।
  • बच्चे के लिए हमेशा मल्टीप्लेयर वीडियो गेम ही खरीदें। ताकि परिवार या दोस्तों के साथ भी वह यह गेम खेल सके।
  • अगर पेरेंट्स बच्चे के साथ वीडियो गेम खेल रहें हैं, तो उन्हें भी तय किए गए समय तक ही खेलना चाहिए।
  • बच्चे की ऑनलाइन गतिविधि पर नजर रखें। अगर वे गेम खेलते समय अजनबियों के साथ बातचीत कर रहे हैं, तो यह जरूर जानें की वह किससे और क्या बातें कर रहे हैं।
  • व्यक्तिगत सुरक्षा के तौर पर बच्चे को बताएं कि खेल खेलते समय उन्हें किसी अजनबी के साथ कोई व्यक्तिगत या निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

बच्चे के शारीरिक और सामाजिक विकास में वीडियो गेम की क्या भूमिका है, यह तो आप इस लेख के माध्यम से जान ही गए हैं। ऐसे में इस बात का ध्यान जरूर रखें कि जहां वीडियो गेम खेलने के कुछ अच्छे प्रभाव हैं, तो वहीं इसके कुछ नुकसान भी हैं। इसलिए बच्चे का वीडियो गेम माता-पिता को खुद ही खरीदना चाहिए। साथ ही उनका बच्चा किस तरह से वीडियो गेम खेलता है, इसकी भी जानकारी उन्हें रखनी चाहिए। वीडियो गेम खेलते समय और बाद में बच्चे की मानसिक स्थिति कैसी रहती है, इसकी भी जांच माता-पिता को समय-समय पर करते रहना चाहिए।

संदर्भ (References)

1. Video games and health By NCBI
2. Young Children’s Video/Computer Game Use: Relations with School Performance and Behavior By NCBI
3. Social Interactions and Games By Digital Education
4. The Relationship Between Online Video Game Involvement and Gaming-Related Friendships Among Emotionally Sensitive Individuals By NCBI
5. Video Games can Increase Creativity, but with Caveats By Taylor & Francis Online: Peer-reviewed Journals
6. The Benefits of Playing Video Games By American Psychological Association
7. How to Assess Gaming-Induced Benefits on Attention and Working Memory By NCBI
8. Does Video Gaming Have Impacts on the Brain: Evidence from a Systematic Review By NCBI
9. Game-based situation awareness training for child and adult cyclists By The Royal Society Publishing
10. Learning, attentional control and action video games By NCBI
11. Visuospatial experience modulates attentional capture: evidence from action video game players By Pubmed
12. The effects of controlled video game playing experience on the eye-hand coordination and reaction time of second grade children. By Emporia State Institutional Repository Collection
13. Home‐based exergaming among children with overweight and obesity: a randomized clinical trial By Wiley Online Library
14. Children, Adolescents, and the Media By American Academy of Pediatrics
15. Virtual Violence By American Academy of Pediatrics
16. The Effect of Online Violent Video Games on Levels of Aggression By Researchgate
17. Comparing the Social Skills of Students Addicted to Computer Games with Normal Students By NCBI
18. Effects of active video games on body composition: a randomized controlled trial By The American Journal of Clinical Nutrition
19. Video game-related seizures: a report on 10 patients and a review of the literature By Pubmed
20. Video Game Addiction and Emotional States: Possible Confusion Between Pleasure and Happiness? By NCBI
21. Pattern of video game use in children with attention-deficit-hyperactivity disorder and typical development By Pubmed
22. Association Between Screen Media Use and Academic Performance Among Children and Adolescents By JAMA Network
23. Video Game Playing, Attention Problems, and Impulsiveness: Evidence of Bidirectional Causality By Psychology of Popular Media Culture
24. Effects of computer gaming on cognition, brain structure, and function: a critical reflection on existing literature
 By NCBI
25. Neural Basis of Video Gaming: A Systematic Review By NCBI
26. Neural Basis of Video Gaming: A Systematic Review By Frontiers

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