छोटे बच्चों की आंखों के नीचे काले घेरे होने के कारण व हटाने के उपाय | Dark Circles In Babies In Hindi  

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छोटे बच्चों की देखभाल करने में माता-पिता कोई कसर नहीं छोड़ते हैं, लेकिन फिर भी कई बार बच्चे कुछ समस्याओं की चपेट में आ जाते हैं। इनमें कुछ आम समस्याएं होती हैं, तो कुछ ऐसी जो सामान्य रूप से बच्चों में देखी नही जाती है। बच्चों की आंखों के नीचे डार्क सर्कल एक ऐसी ही समस्या है। हो सकता है कि इसके बारे में अधिकांश अभिभावकों को ज्यादा जानकारी न हो। इसलिए, मॉमजंक्शन के इस लेख में हम छोटे बच्चों की आंखों के नीचे काले घेरे से जुड़ी विस्तारपूर्वक जानकारी दे रहे हैं।

सबसे पहले जानते हैं कि क्या बच्चों की आंखों के नीचे डार्क सर्कल हो सकते हैं या नहीं।

क्या छोटे बच्चों की आंखों के नीचे काले घेरे हो सकते हैं?

जी हां, छोटे बच्चों की आंखों के नीचे काले घेरे हो सकते हैं। इसके पीछे एलर्जी राइनाइटिस (नाक से जुड़ी एलर्जी) जैसी समस्या जिम्मेदार हो सकती है (1)। इसके अलावा भी कई कारण हो सकते हैं, जिन्हें नीचे विस्तार से बताया गया है। ऐसे में अगर बच्चे की आंखोंं के नीचे डार्क सर्कल नजर आते हैं, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

स्क्रॉल करके पढ़ें छोटे बच्चों में आंखों के नीचे डार्क सर्कल होना कितना आम है।

क्या छोटे बच्चों की आंखों के नीचे काले घेरे होना आम है?

छोटे बच्चों की आंखों के नीचे होने वाले वाले डार्क सर्कल कई विभिन्न कारणों से उत्पन्न हो सकते हैं, हालांकि यह छोटे बच्चों में कितना आम है, इससे जुड़े सटीक वैज्ञानिक शोध का अभाव है। अच्छा होगा इस विषय में डॉक्टर से बात की जाए।

आइये, अब जान लेते हैं कि छोटे बच्चों में डार्क सर्कल होने के क्या कारण हो सकते हैं।

छोटे बच्चों की आंखों के नीचे काले घेरे होने के कारण

छोटे बच्चों में डार्क सर्कल होने के कई कारण हो सकते हैं। नीचे हम बच्चों की आंखों के नीचे डार्क सर्कल होने के कारणों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं :

  • एलर्जिक राइनाइटिस : बच्चों की आंखों के नीचे काले घेरे होने के पीछे एलर्जिक राइनाइटिस जैसे समस्या जिम्मेदार हो सकती है। दरअसल, यह नाक से जुड़ी एलर्जी होती है, जिसे ‘हे फीवर’ के नाम से भी जाना जाता है। इसमें कई बार नाक बंद हो जाती है और पीड़ित मुंह के जरिए सांस लेने लगता है। वहीं, आंखों के नीचे डार्क सर्कल इस समस्या का एक लक्षण है (2) (1)
  • हाइपरपिग्मेंटेशन : हाइपरपिग्मेंटेशन यानी मेलेनिन का अत्यधिक उत्पादन, जिससे त्वचा का रंग गहरा पड़ने लगता है। इसे भी आंखों के नीचे काले घेरे होने का एक कारण माना जा सकता है (3)। हालांकि, यह बच्चों को किस प्रकार प्रभावित करता है, इससे जुड़े सटीक शोध का अभाव है।
  • जेनेटिक : यह समस्या बच्चों में जेनेटिक यानी आनुवंशिक हो सकती है। अगर किसी के परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी डार्क सर्कल की समस्या चली आ रही है, तो उनके बच्चे की आंखों के नीचे भी काले घेरे हो सकते हैं (3)
  • नींद की कमी : आंखों के नीचे काले घेरे होने के एक कारण नींद की कमी भी हो सकती है। बच्चे को पर्याप्त नींद न मिलने से उनकी आंखों के नीचे डार्क सर्कल दिखने लग सकते हैं (3)
  • एनीमिया के कारण : आंखों के नीचे काले घेरे होने का एक कारण एनीमिया भी है (4)। वहीं, छोटे बच्चों में एनीमिया की समस्या देखी गई है (5)। ऐसे में जिन बच्चों को एनीमिया है, उनकी आंखों के नीचे काले घेरे बन सकते हैं।

स्क्रॉल करके पढ़ें बच्चों में डार्क सर्कल से बचाव के तरीके।

क्या शिशुओं में आंखों के नीचे काले घेरे को रोका जा सकता है?

कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर छोटे बच्चों में आंखों के नीचे होने वाले काले घेरों को रोका जा सकता है। नीचे जानिए उन जरूरी बातों को :

  • बच्चा पूरी नींद ले रहा है या नहीं, इसका पूरा ध्यान रखें।
  • बच्चे के खान-पान का पूरा ध्यान रखें, क्योंकि जैसा कि हमने ऊपर बताया कि एनीमिया के कारण भी काले घेरों की समस्या हो सकती है। वहीं, एनीमिया का मुख्य कारण शरीर में आयरन जैसे पोषक तत्वों की कमी होना है (6)
  • बच्चे को सूरज की तेज किरणों से दूर रखें, क्योंकि इससे हाइपरपिग्मेंटेशन की समस्या हो सकती है, जिससे आंखों के नीचे काले घेरे पड़ सकते हैं (7)
  • बीच-बीच में बच्चे का मेडिकल ट्रीटमेंट करवाते रहें।

लेख में आगे जानिए डार्क सर्कल के लिए कुछ कारगर घरेलू नुस्खे।

छोटे बच्चों में आंखों के नीचे काले घेरे ठीक करने के घरेलू उपाय

छोटे बच्चों में आंखों के नीचे होने वाले काले घेरों की समस्या को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए इन घरेलू इलाज को अपना सकते हैं :

1. ग्रीन टी

जिन बच्चों की आंखों के नीचे काले घेरे बन गए हैं, उनके लिए ग्रीन टी का उपयोग फायदेमंद साबित हो सकता है। इस संबंध में प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च की मानें, तो ग्रीन टी त्वचा की कई समस्याओं से छुटकारा दिलाने के साथ ही डार्क सर्कल को कम करने में मदद कर सकती है (8)। हालांकि, इस लाभ के पीछे ग्रीन टी के कौन से गुण काम करते हैं, इसे लेकर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है। इस उपाय को करने के लिए ग्रीन टी बैग को कुछ देर सामान्य पानी में भिगोकर, फिर अतिरिक्त पानी निकालकर बच्चे की प्रभावित त्वचा पर रखा जा सकता है। इस दौरान बच्चे की आंखों का पूरा ध्यान रखें, ताकि पानी बच्चे के आंखों में न चला जाए।

2. गुलाब जल

गुलाब जल भी बच्चों के डार्क सर्कल को कम करने में मदद कर सकता है। इससे जुड़े एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, गुलाब जल एक प्राकृतिक स्किन टोनर की तरह काम कर सकता है। साथ ही यह आंखों के नीचे होने वाले काले घेरों को रोकने में भी सहायता कर सकता है (9)। इसके लिए गुलाब जल में रूई को भिगोकर 10 से 15 मिनट के लिए बच्चों की आंखों के नीचे रखें दें और उसके बाद साफ पानी से चेहरा धो लें। यह उपाय कुछ दिनों तक किया जा सकता है।

3. खीरा

डार्क सर्कल की समस्या से छुटकारा दिलाने में खीरे का उपयोग सहायक साबित हो सकता है। दरअसल, खीरा डार्क कॉम्प्लेक्शन को हटाने का काम कर सकता है और साथ ही आंखों के नीचे होने वाले काले घेरों को भी कम करने में मदद कर सकता है (9)। इसके लिए खीरे को गोल आकार में काट लें और फिर एक-एक गोल टुकड़ा बच्चे की दोनों आंखों पर 10 से 15 मिनट के लिए रख दें। यह उपाय कुछ दिनों तक दोहराया जा सकता है।

4. बादाम तेल

बादाम तेल का इस्तेमाल भी बच्चों की आंखों के नीचे होने वाले काले घेरों को कम करने के लिए किया जा सकता है। इस संबंध में प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, बादाम तेल काले घेरों को हल्का करने में मदद कर सकता है और साथ ही त्वचा को सूर्य की हानिकारक यूवी किरणों से बचाने में मदद कर सकता है (10)। इसके लिए बादाम तेल की कुछ बूंदों को प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं।

5. आलू

आलू का रस और गूदा डार्क सर्कल को कम करने का काम कर सकता है। दरअसल, इसमें विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है, जो हाइपरपिग्मेंटेशन और डार्क स्पॉट्स को हटाने का काम कर सकता है। इसके अलावा, यह स्किन टोन में सुधार और काले घेरे को हल्का करने में मदद कर सकता है (10)। इसके लिए आलू का रस या गुदे को आंखों के नीचे 10 मिनट के लिए लगाकर रखा जा सकता हैं। कुछ दिनों तक यह उपाय किया जा सकता है।

6. मिल्क क्रीम (दूध की मलाई)

दूध की मलाई के इस्तेमाल से भी डार्क सर्कल को कम किया जा सकता है। इसे रूखी त्वचा के लिए सबसे अच्छा प्राकृतिक मॉइस्चराइजर माना जाता है। यह स्किन टोन में सुधार कर त्वचा में चमक ला सकती है। इसके अलावा, आंखों के नीचे काले घेरे को भी कम कर सकती है (10)। दूध की मलाई को प्रभावित जगह पर 10 मिनट के लिए रोजाना लगाया जा सकता है।

नीचे पढ़ें छोटे बच्चों में आंखों के नीचे डार्क सर्कल का डॉक्टरी इलाज।

छोटे बच्चों में आंखों के नीचे डार्क सर्कल ठीक करने का इलाज | Baccho Ke Dark Circle Hatane Ke Tarike

अगर ऊपर बताए गए घरेलू उपचार काम नहीं कर रहे हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी हो सकता है। बच्चों में डार्क सर्कल का इलाज करने के लिए डॉक्टर इसके कारणों को पता लगाने की कोशिश करेंगे, फिर उसी अनुसार इलाज की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। उदाहरण के तौर पर अगर बच्चे में डार्क सर्कल का कारण एलर्जिक राइनाइटिस है, तो चिकित्सक एलर्जिक राइनाइटिस के उपचार की ओर कदम बढ़ाएंगे। बच्चों की आंखों के नीचे काले घेरों का इलाज पूरी तरह से इसके कारणों और डॉक्टर पर निर्भर करता है।

चलिए जानते हैं कि छोटे बच्चों की आंखों के नीचे डार्क सर्कल होने पर डॉक्टर से कब मिलना चाहिए।

चिकित्सक से कब परामर्श करें?

बच्चे की आंखों के नीचे काले घेरे दिखना एनीमिया जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है (4)। इसलिए, बच्चे में आंखों के नीचे डार्क सर्कल दिखने पर तुंरत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और जरूरी इलाज करवाना चाहिए।

अंत में जानिए बच्चों में डार्क सर्कल से जुड़े कुछ सवालों के जवाब।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या बच्चों में सूजी हुई आंखें डार्क सर्कल की समस्या से जुड़ी हैं?

हां, पफी आईज के कारण काले घेरे की समस्या हो सकती है (4)। इसलिए, इन्हें एक साथ जोड़ा जा सकता है।

क्या छोटे बच्चों में डार्क सर्कल होना दांत निकलने का लक्षण है?

छोटे बच्चों में डार्क सर्कल होना दांत निकलने का लक्षण है या नहीं, इसपर स्पष्ट शोध नहीं है। वहीं, दांत निकलने के कारण नींद संबंधी समस्या हो सकती है (11)। वहीं, पर्याप्त नींद न लेने के कारण आंखों के नीचे काले घेरे पड़ सकते हैं (3)। इस विषय में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

उम्मीद करते हैं कि बच्चों की आंखों के नीचे होने वाले डार्क सर्कल की समस्या को आप बहुत हद तक समझ गए होंगे। ऐसे में, अगर आपके बच्चे में यह समस्या दिखे, तो घबराए नहीं, बल्कि ऊपर बताए गए घरेलू उपचार अपनाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा, डार्क सर्कल की समस्या से बच्चे को बचाए रखने के लिए लेख में शामिल इससे जुड़ी सावधानियों का पालन जरूर करें। हम आशा करते हैं कि यह लेख आपके लिए लाभकारी रहा होगा।

संदर्भ (References) :