बेटियों के लिए 8 फायदेमंद सरकारी योजनाएं | Ladkiyo Ke Liye Sarkari Yojnaye

Ladkiyo Ke Liye Sarkari Yojnaye

Image: Shutterstock

IN THIS ARTICLE

भारत में शिक्षा और सुरक्षा को लेकर महिलाओं को हमेशा चुनौती का सामना करना पड़ा है। आजादी के कई वर्षों बाद भी भ्रूण हत्या व लिंगभेद जैसे मामले खत्म नहीं हो रहे हैं। भारतीय जनगणना (2001) के अनुसार, देश का लिंगानुपात 1000/933 है यानी प्रति 1000 पुरुषों के मुकाबले में महिलाओं की संख्या 933 है। इसमें सबसे बुरी स्थित हरियाणा (1000/861) जैसे राज्य की है (1)। वहीं, अगर देश में शिक्षा की बात की जाए, तो 2011 के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं का (65.46%) साक्षरता दर पुरुषों (82.14 %) के मुकाबले बहुत कम है (2)

इन दयनीय स्थितियों को देखते हुए आजादी से लेकर अब तक केंद्र व राज्य सरकारों ने बेटियों को विशेष दर्जा दिया है, ताकि उनके शारीरिक और बौद्धिक विकास में किसी तरह की बाधा न आए। मॉमजंक्शन के इस लेख में हम कुछ ऐसी ही योजनाओं के बारे में बात करेंगे, जो देश में खासतौर पर बालिकाओं के विकास के लिए चलाई जा रही हैं।

बालिकाओं के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ | Ladkiyo Ke Liye Sarkari Yojana Ke Fayde

केंद्रीय सरकार, राज्य सरकार और दोनों सरकारों के आपसी सहयोग से देश भर में कई योजनाएं बालिकाओं के लिए चलाई जा रही हैं। ये योजनाएं कुछ विशेष उद्देश्य की पूर्ति करती हैं, जिसमें निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया जा सकता है –

  • बालिकाओं की शिक्षा
  • स्वास्थ्य सेवाएं
  • भ्रूण हत्या पर अंकुश
  • आर्थिक सहायता
  • बेटियों की शादी
  • लिंगानुपात को बढ़ावा देना
  • छात्रवृत्ति लाभ आदि

अब आगे इस लेख में बालिकाओं के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानेंगे।

बालिकाओं के लिए विभिन्न सरकारी योजनाएं | Ladkiyo Ke Liye Sarkari Yojnaye

आइए, अब बालिकाओं के लिए चलाई जा रहीं सरकारी योजनाओं, उनके लाभ और लाभ प्राप्त हेतु आवदेन संबंधी जानकारियों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

1.सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) – केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत सुकन्या समृद्धि योजना को शुरू किया था। यह एक बचत योजना है। यह योजना माता-पिता को बेटियों की शिक्षा और उनके शादी के खर्च के लिए पैसे जमा करने के लिए प्रोत्साहित करती है (3)

इस योजना के लाभ :

  • यह योजना मां-बाप पर बेटियों की शिक्षा और शादी के आर्थिक बोझ को कम करती है।
  • खाता मात्र 250 रुपये की न्यूनतम राशि से खोला जा सकता है।
  • एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये व अधिकतम 1,50,000 रुपये जमा किए जा सकते हैं।
  • जमा की जा रही राशि पर ब्याज भी मिलता है, जिसके बारे में सरकार बीच-बीच में नोटिफिकेशन जारी करती रहती है।
  • लड़की के 18 वर्ष के होने पर शिक्षा के खर्च के लिए जमा राशि में से 50 प्रतिशत निकाला जा सकता है।
  • खाते को भारत में कहीं भी एक डाकघर/बैंक की शाखा से दूसरी शाखा में स्थानांतरित किया जा सकता है।
  • खाता खोलने की तारीख से 21 वर्ष होने पर या खाताधारक बालिका के विवाह के समय (दोनों में से जो पहले आए) खाते से पूरा पैसा निकाला जा सकता है।

योग्यता :

  • बेटी के जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु तक किसी भी समय यह खाता खोला जा सकता है।
  • प्रत्येक बालिका के नाम से सिर्फ एक खाता ही खोला जा सकता है।

कैसे करें आवदेन :

  • यह खाता पोस्ट ऑफिस या बैंकों की अधिकृत शाखाओं में जाकर खोला जा सकता है।
  • आपको एक फॉर्म भरना होगा, जिसमें आपको पूरी जानकारी सही-सही भरनी होगी।
  • खाता खुलवाने के लिए बेटी के कुछ जरूरी दस्तावेजों की जरूरत होगी, जैसे कि कन्या का जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और पहचान पत्र इत्यादि।
  • इसके अलावा, कन्या के माता-पिता का पहचान पत्र।

2. बालिका समृद्धि योजना – भारत सरकार

यह बेटियों के लिए एक अन्य जरूरी स्कीम है, जिसे निम्नलिखित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए 15 अगस्त 1997 में शुरू किया गया था (4) :

इस योजना के लाभ :

  • जन्म के समय बेटियों के प्रति परिवार और समाज के नकारात्मक भाव को खत्म करना।
  • स्कूलों में बालिकाओं के दाखिले को बढ़ावा देना।
  • लड़कियों की शादी की उम्र को बढ़ाना।
  • रोजगार के मामले में लड़कियों की भागीदारी को बढ़ावा देना।

योजना के लाभ :

  • बेटी के जन्म पर सरकार द्वारा 500 रुपये तोहफे के रूप में दिए जाएंगे।
  • बालिकाओं की अच्छी शिक्षा के लिए कक्षा एक से लेकर 10वीं तक वार्षिक छात्रवृति दी जाएगी।
  • इस योजना के लाभ शहर और गांव दोनों जगह रहने वाले लोग ले पाएंगे।

योग्यता :

  • बालिका समृद्धि योजना के लाभ गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों की बेटियों को मिलेगा, जिनका जन्म 15 अगस्त 1997 या उसके बाद हुआ है।
  • यह लाभ एक परिवार की सिर्फ दो बेटियों तक ही सीमित है।

कैसे करें आवेदन :

  • इस योजना के लाभ पाने के लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा, जो शहर-गांव क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों और आंगनबाड़ी केंद्र में उपलब्ध है।
  • आपको फॉर्म में सही-सही जानकारी भरनी होगी और साथ में बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा कराने होंगे।

3. सीबीएसई छात्रवृत्ति योजना – भारत सरकार

यह भी बेटियों के लिए लाभकारी योजना है, जो भारतीय सरकार के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के जरिए चलाई जाती है। यह छात्रवृति योजना है, जिसे बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था (5)। नीचे जानिए योजना के लाभ :

योजना के लाभ :

  • बेटियों के लिए एक अच्छी छात्रवृति योजना है।
  • बेटियों को प्रति माह 500/- रुपये छात्रवृति दी जाएगी।
  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य मां-बाप के आर्थिक बोझ को थोड़ा कम करना है।
  • इस योजना के लाभ सीबीएसई (CBSE) के एनआरआई छात्राएं भी ले सकेंगे।
  • यह छात्रवृति दो साल तक ही जाएगी।

योग्यता :

  • इस योजना के लाभ सिर्फ उसी परिवार को मिल सकता है, जिसकी इकलौती संतान कन्या हो।
  • जिसने सीबीएसई (CBSE) की 10वीं की परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों और वो सीबीएसई अफिलिएटेड स्कूल में ही 11वीं और 12वीं की पढ़ाई जारी रखे।
  • जिसकी ट्यूशन फीस प्रति महीने 1500 रुपये से ज्यादा न हो। साथ ही एनआरआई छात्राओं की ट्यूशन फीस 6 हजार रुपये प्रति माह होनी चाहिए।

कैसे करें आवेदन :

  • बेटी को इस योजना के लाभ दिलाने के लिए आपको एक एफिडेविट फॉर्म भरना होगा, जो सीबीएसई की वेबसाइट पर आपको मिल जाएगा।
  • एफिडेविट को प्रथम श्रेणी न्यायिक मैजिस्ट्रेट/एसडीएम/कार्यकारी मैजिस्ट्रेट या फिर नोटरी द्वारा विधिवत रूप से सत्यापित करवाना होगा।
  • आवेदन फॉर्म स्कूल के प्रधानाचार्य से भी सत्यापित (Attested) करवाया जाना चाहिए, जहां से छात्रा 10वीं कक्षा के बाद 11वीं की पढ़ाई कर रही है।
  • इस बात का ध्यान रखें कि एफिडेविट की फोटो कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी।
  • सभी जानकारी सही-सही भरने और सत्यापित कराने के बाद आपको यह आवेदन पत्र दिल्ली स्थित सीबीएसई मुख्यालय भेजना होगा, जिसका पता आपको बोर्ड की वेबसाइट पर मिल जाएगा।

4. मुख्यमंत्री राजश्री योजना – राजस्थान

इस योजना को राजस्थान सरकार ने 1 जून 2016 को शुरू किया था। इस योजना का मूल उद्देश्य बालिकाओं की मृत्यु दर को रोकना, उन्हें शिक्षित करना और उन्हें सशक्त बनाना रहा है। नीचे जानिए इस योजना के तहत एक बेटी को क्या-क्या लाभ मिलते हैं (6) :

योजना के लाभ :

बेटी से जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई (कक्षा 12वीं तक) और उसके बेहतर स्वास्थ्य के लिए राजस्थान सरकार 50 हजार रुपये बेटी के माता-पिता को देती है। इस राशि को निम्नलिखित रूपों में दिया जाएगा :

  • 2,500 रुपये बेटी के जन्म के वक्त
  • 2,500 रुपये एक वर्ष का टीकाकरण होने पर
  • 4 हजार रुपये पहली कक्षा में प्रवेश के वक्त
  • 5 हजार रुपये छठी कक्षा में प्रवेश के समय
  • 11 हजार रुपये कक्षा दसवीं में प्रवेश के समय
  • 25 हजार रुपये कक्षा 12वीं पास करने पर

योग्यता :

  • इस योजना की पहली दो किश्त का लाभ उन बालिकाओं को मिलेगा, जिनका जन्म सरकारी अस्पताल या फिर जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत निजी चिकित्सालय में हुआ हो।
  • इस योजना की पहली दोनों किश्तें उन माता-पिता को भी मिलेगी जिनकी तीसरी संतान लड़की है, लेकिन उन्हें योजना की आगे की किश्तों का लाभ नहीं मिलेगा।
  • इस योजना में कुछ बदलाव किए गए है, यानी योजना के अंतर्गत बाकी किश्त का लाभ पाने के लिए अब भामाशाह कार्ड अनिवार्य कर दिया है। भामाशाह योजना, राजस्थान सरकार द्वारा 2014 में शुरू की गई है, जिसके तहत परिवार के बैंक खाते महिलाओं के नाम पर खाेले गए हैं और सरकार द्वारा मिलने वाला आर्थिक भुगतान सीधे उनके खाते में ट्रांसफर किया जा रहा है (7)

कैसे करें आवेदन :

  • आवदेन करने के लिए आवेदक को सरकारी अस्पताल/जिला या तालुका स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क करना होगा।
  • आवेदक मुख्यमंत्री राजश्री योजना की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकता है।

5. मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना – मध्य प्रदेश

इस योजना को मध्यप्रदेश राज्य सरकार ने साल 2007 में शुरू किया था। इसका उद्देश्य लड़की के जन्म के प्रति नकारात्मक सोच को खत्म करना, लिंगानुपात में सुधार के साथ-साथ बालिकाओं की शिक्षा और उनके स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है (8)

योजना के लाभ :

  • बालिका के नाम पर सालाना 6 हजार रुपये पांच वर्षों तक मध्यप्रदेश लाडली लक्ष्मी योजना निधि में जमा होंगे।
  • बालिका के कक्षा छह में प्रवेश के समय 2 हजार मिलेंगे।
  • कक्षा 9वीं में प्रवेश के समय 4 हजार रुपय दिए जाएंगे।
  • 11वीं में प्रवेश के समय 6 हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा।
  • 12वीं में प्रवेश के समय 6 हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा।
  • योजना के तहत 1 लाख का भुगतान बालिका के 21 वर्ष होने और कक्षा 12वीं की परीक्षा में सम्मिलित होने किया जाएगा। साथ ही शर्त यह है कि बालिका का विवाह 18 वर्ष से पहले नहीं होना चाहिए।

योग्यता :

  • माता-पिता मध्यप्रदेश के मूल निवासी हों।
  • माता-पिता आयकर दाता न हों।
  • दूसरी बेटी के लिए आवदेन करने से पहले परिवार नियोजन कर लिया हो।

कैसे करें आवेदन :

  • बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, पहचान पत्र (आधार कार्ड) और मात्रा-पिता से जुड़े दस्तावेजों के साथ नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर योजना का पंजीकरण करवाया जा सकता है।
  • आप इस योजना का आवदेन ऑनलाइन पर भी कर सकते हैं।

6. माझी कन्या भाग्यश्री योजना – महाराष्ट्र

बालिकाओं के लिए इस योजना की शुरुआत साल 2017 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा की गई है। इस योजना के तहत निम्नलिखित आर्थिक लाभ का प्रावधान है (9) :

योजना के लाभ :

  • अगर एक लकड़ी है, तो 18 साल की अवधि के लिए 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
  • अगर दो लड़कियां हैं, तो दोनों लड़कियों के नाम पर 25-25 हजार रुपये दिए जाएंगे।
  • परिवार हर छह साल के बाद जमा ब्याज राशि निकाल सकते हैं।

योग्यता :

  • यह लाभ वो परिवार ले पाएंगे, जिनकी वार्षिक आय 7.5 लाख रुपये तक हो।
  • परिवार नियोजन प्रमाणपत्र अनिवार्य है।

आवेदन :

इस योजना के लाभ प्राप्त करने लिए ऑनलाइन फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद आपको इस फॉर्म को भरना होगा और दिए गए निर्देशों का पालन कर बताए गए पते पर भेजना होगा।

7. नंदा देवी कन्या धन योजना – उत्तराखंड

यह बालिकाओं के लिए लाभकारी योजना है, जो उत्तराखंड राज्य द्वारा निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए शुरू की गई थी (10) :

योजना के लाभ :

  • लिंगभेद को दूर करना
  • भ्रूण हत्या पर रोक
  • बाल विवाह खत्म करना
  • टीकाकरण के प्रति जागरूकता
  • जन्म का पंजीकरण करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना।
  • अस्तपताल या सरकारी जच्चा-बच्चा केंद्र में प्रसव को बढ़ावा देना।

योजना के लाभ :

  • बालिका के नाम 5 हजार रुपये का फिक्स डिपॉजिट।
  • राशि का भुगतान लड़की के 18 वर्ष के होने पर, 10वीं की परीक्षा पास करने पर और लड़की की शादी 18 वर्ष के बाद होने पर किया जाएगा।
  • बालिका के 18 वर्ष पूरे करने पर कुल राशि 23,585 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
  • कक्षा 9वीं से 12वीं तक सालाना 1200 रुपये छात्रवृत्ति दी जाएगी।
  • बालिका के माता-पिता में से किसी एक की सामान्य मृत्यु होने पर 30 हजार और आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में 75 हजार का बीमा दिया जाएगा।

योग्यता :

  • इस योजना के लाभ उन बालिकाओं को मिलेगा, जिनका जन्म 1 जनवरी 2009 के बाद हुआ हो।
  • आवेदनकर्ता उत्तराखंड का निवासी होना चाहिए।
  • आवेदनकर्ता की वार्षिक आय 21 हजार (शहर) और 18 हजार (ग्रामीण) होनी चाहिए। आय का प्रमाण पत्र जरूरी है।

आवेदन :

  • आवेदन के लिए कुछ जरूरी प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी, जैसे स्थाई प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड, आंगनबाड़ी का पंजीकरण प्रमाणपत्र, संस्थागत प्रसव प्रमाण पत्र, मातृ-शिशु रक्षा कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र।
  • आंगनबाड़ी से आवेदन फॉर्म लेना होगा, जिसे भरकर आवेदनकर्ता को बताए गए सभी प्रमाणपत्रों को सीडीपीओ कार्यालय में जमा करना होगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी।

8. मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना – बिहार

मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना बालिकाओं के लिए बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य है (11) :

  • लिंगानुपात में सुधार
  • भ्रूण हत्या पर रोक
  • जन्म के पंजीकरण को बढ़ावा

योजना के लाभ :

  • बिहार सरकार फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में बालिकाओं को 2 हजार रुपये का योगदान देगी।
  • 18 वर्ष की होने पर बालिका को ब्याज समेत कुल राशि का भुगतान किया जाएगा।
  • एक परिवार की दो लड़कियों तक ही यह लाभ सीमित है।

योग्यता :

  • बिहार का निवासी होना जरूरी है।
  • बालिका का जन्म 22 नवंबर 2007 को या उसके बाद हुआ हो।
  • परिवार बीपीएल कार्ड धारक होना चाहिए।

आवेदन :

  • योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए आप ऑनलाइन आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद आपको दिए गए निर्देशों के अनुसार इस फॉर्म को भरना होगा।
  • आवदेन पत्र के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे बालिका का जन्म प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड, पहचान पत्र, स्थाई प्रमाण पत्र और माता-पिता का पहचान पत्र आदि की आवश्यकता पड़ सकती है।
  • आवेदन संबंधी सटीक जानकारी के लिए आप ग्राम पंचायत, आंगनबाड़ी, जिला या तालुका स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

ये थी बालिकाओं के संपूर्ण विकास के लिए केंद्रीय और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही कुछ जरूरी योजनाएं। अगर आप भी इन योजनाओं का लाभ लेना चाहते हैं, तो लेख में बताई गई जानकारी को अच्छी तरह से पढ़ लें और जल्द ही आवेदन के लिए आगे आएं। आपकी जागरूकता आपकी बेटी के विकास के लिए महत्वपूर्ण सीढ़ी साबित हो सकती है। इस अहम जानकारी को अन्य लोगों के साथ भी साझा करें, ताकि वो भी इन सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें। अगर आप इन योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, तो अपने अनुभव हमारे साथ नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए शेयर कर सकते हैं।

संदर्भ (References) :

 

Was this information helpful?

Comments are moderated by MomJunction editorial team to remove any personal, abusive, promotional, provocative or irrelevant observations. We may also remove the hyperlinks within comments.
The following two tabs change content below.

Latest posts by nripendra (see all)

nripendra