बाल आधार कार्ड: आवेदन प्रक्रिया व जरूरी दस्तावेज | Bache Ke Liye Aadhar Card Ki Jankari In Hindi

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जन्म प्रमाण पत्र की तरह ही आधार कार्ड भी बच्चों के लिए जरूरी दस्तावेज है। यह उम्रभर बच्चे के काम आता है, इसलिए बड़ों के साथ ही बच्चों का आधार कार्ड होना भी जरूरी है। बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए सरकार कई कैंपेन चलाती है। बावजूद इसके आधार कार्ड से जुड़ी पूरी जानकारी ने होने के चलते लोग इसे बनवा नहीं पाते। ऐसे में आधार कार्ड से होने वाले लाभ और इससे जुड़ी प्रक्रिया को समझने के लिए इस लेख को पढ़ें। यहां बाल आधार कार्ड के आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज की जानकारी भी दी गई है।

लेख में सबसे पहले जानें कि बाल आधार कार्ड क्या है।

बाल आधार कार्ड क्या है?

बच्चों के आधार कार्ड को बाल आधार कार्ड कहा जाता है। यह आधार कार्ड ‘डिजिटल इंडिया’ के प्रमुख स्तंभों में से एक है, जिससे हर भारतीय बच्चे को एक अलग पहचान मिलती है। जी हां, यह एक तरह का पहचान पत्र है, जिसे आधार कार्ड और यूनिक आइडेंटिफिकेशन कार्ड भी कहा जाता है। यह कार्ड जिसके पास होता है, वो भारत सरकार की योजनाओं का लाभ उठा सकता है (1)

पांच साल की आयु से कम उम्र के बच्चों के यूनिक आईडेंटिफिकेशन यानी आधार कार्ड में नीले रंग के अक्षरों से लिखा होता है (2)। इसमें बच्चे के नाम के साथ ही पाता-पिता का नाम, जन्म तिथि, पता और 12 अंकों का यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर होता है। आसान शब्दों में यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर यानी बाल आधार कार्ड हर बच्चे का अधिकार है (1)

बाल आधार कार्ड की जानकारी के बाद यहां हम बता रहे हैं कि बच्चों के लिए आधार कार्ड क्यों जरूरी है।

आधार कार्ड की जरूरत बच्चों को क्यों होती है?

बाल आधार कार्ड कई सरकारी और निजी जरूरी कार्यों में बच्चे के काम आता है। यदि बच्चे के पास आधार कार्ड नहीं होता, तो कानूनी कामों में भी अड़चन पैदा हो सकती है। आइए, जानते हैं कि बच्चे के लिए आधार कार्ड महत्वपूर्ण क्यों है।

  1. पहचान के लिए – बाल आधार कार्ड भारत में जन्म लेने वाले बच्चों की आइडेंटिटी से जुड़ा दस्तावेज है। यह बच्चे के पहचान पत्र के रूप में किसी होटल में रुकते हुए या फ्लाइट में सफर करते समय काम होता है। इसमें बच्चे के माता-पिता के साथ ही उसका पता और जन्म का विवरण और एक यूनिक नंबर होता है।
  1. म्युचुअल फंड के इन्वेस्टमेंट के लिए – यदि बच्चे के नाम से म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट करना चाहते हैं, तो भी आधार कार्ड काम आ सकता है।
  1. स्कूल में जरूरी – भारत में स्कूलों में एडमिशन के समय बाल आधार कार्ड को एक अनिवार्य दस्तावेज माना जाता है।
  1. मिड डे मील – बाल आधार भारत सरकार द्वारा बच्चों को दी जाने वाली मिड डे मील की सुविधा के लिए भी जरूरी है। इससे छात्रों के नाम पर मिड डे मील के लिए आने वाले राशन और अन्य चीजों को गलत हाथों में जाने से बचाया जा सकता है।
  1. अन्य सरकारी योजनाओं के लिए – सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कई प्रकार की योजनाएं लेकर आती है। यदि उन योजनाओं का लाभ लेना है, तो नागरिकता प्रमाणपत्र यानी आधार कार्ड होना जरूरी है। इसमें स्कॉलरशिप, सुकन्या योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी तमाम स्किम शामिल हैं।

लेख के अगले भाग में पढ़िए बाल आधार कार्ड के लिए जरूरी दस्तावेज क्या हैं।

बाल आधार कार्ड बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज

बाल आधार कार्ड बनवाने के लिए भी डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होती है। यहां हम उम्र के हिसाब से लगने वाले डॉक्यूमेंट्स के बारे में बता रहे हैं ।

  1. पांच साल तक के बच्चों के लिए –
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • माता या पिता में से किसी एक का आधार कार्ड
  1. पांच साल से ऊपर के बच्चों के लिए –
  • स्कूल का प्रमाण पत्र
  • संस्थान से मिलने वाला बोनाफाइड सर्टिफिकेट
  • माता या पिता में से किसी एक का आधार कार्ड
  • लेटर हेड जिस पर पर बच्चे की तस्वीर वाला पहचान पत्र हाे और जिसे तहसीलदार या गजेटेड ऑफिसर द्वारा जारी किया गया हो।

यहां जानें कि बच्चों के लिए आधार कार्ड का आवेदन किस प्रकार से किया जा सकता है।

बच्चे के लिए बाल आधार कार्ड का आवेदन कैसे करें?

बाल आधार कार्ड के लिए उम्र के अनुसार आवेदन की प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है। इसके बारे में हम आगे बता रहे हैं।

  1. पांच साल के कम उम्र के बच्चों के लिए ऑफलाइन प्रक्रिया 
  • आधार सेंटर जाकर नामांकन फॉर्म भरें।
  • इस फार्म में माता या पिता के आधार नंबर के साथ आधार कार्ड का विवरण देना पड़ेगा।
  • इसमें पता और अन्य विवरण भरा जाएगा।
  • बच्चे की फोटो के साथ ही बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी जमा कराना जरूरी है।
  • पूरी प्रक्रिया के बाद आधार अधिकारी एक एक्नॉलेजमेंट रिसिप्ट देगा। इसमें बच्चे की नामांकन संख्या लिखी होगी।
  • एक्नॉलेजमेंट में दिए गए नामांकन नंबर से बच्चे का बाल आधार कार्ड  स्टेटस देख सकते हैं।
  • एक बार पूरी प्रक्रिया होने के बाद 90 दिनों में बच्चे का आधार कार्ड तैयार होकर दिए गए पते पर भेज दिया जाता है।
  1. पांच साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए ऑफलाइन प्रक्रिया
  • बच्चे के साथ अपने करीबी आधार आवेदन सेंटर पर जाएं और वहां से नामांकन फार्म लें।
  • इस फार्म में बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और उसकी स्कूल के पहचान पत्र की एक कॉपी संलग्न करनी होगी।
  • बच्चे का दाखिला स्कूल में नहीं हुआ है, तो माता या पिता का आधार कार्ड या एक लेटर हेड पर गजेटेड ऑफिसर के द्वारा दिए गए फोटो युक्त परिचय पत्र को भी आइडेंटिटी प्रूफ में लगाया जा सकता है।
  • नामांकन के दौरान बच्चे के चेहरे का फोटो और सभी उंगलियों के साथ अंगूठे व पुतली का स्कैन लिया जाएगा।
  • यह प्रक्रिया बच्चे की उम्र 15 वर्ष होने के बाद फिर से की जाती है।
  • स्कैन के बाद एक पर्चा मिलता है, जिसमें नामांकन नंबर लिखा होता है। इससे आधार कार्ड की स्थिति का पता लगाया जा सकता है।
  • इस पूरी प्रक्रिया के 90 दिनों के बाद आधार कार्ड दिए गए पते पर डाक या कोरियर के माध्यम से आ जाता है।
  1. बाल आधार के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया
  • सबसे पहले आवेदक को UIDAI की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा।
  • वेबसाइट में सबसे पहले UIDAI का होम पेज आएगा।
  • यहां पर गेट आधार (Get Aadhar) के नीचे बुक एन अप्वाइंटमेंट (Book an Appointment) विकल्प पर क्लिक करें।
  • क्लिक करते ही एक नया वेबपेज खुलेगा, जिसमें शहर के चुनाव के लिए सेलेक्ट सिटी का ऑप्शन दिखेगा। इसमें अपने शहर के लोकेशन का चुनाव करना होगा।
  • शहर का चुनाव करने के बाद प्रोसीड टू बुक अप्वॉइंटमेंट (Proceed to book appointment)  वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • इसके बाद फिर से एक नया वेबपेज ओपन होगा जहां लॉगइन फॉर्म मिलेगा।
  • इसमें मोबाइल नंबर के साथ ही पेज पर दिया गया कैप्चा कोड फिल करें।
  • इसे भरने के बाद सेंड ओटीपी (Send otp) के ऑप्शन में क्लिक करना होगा।
  • क्लिक करने के बाद दिए गए मोबाइल पर ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड नंबर आएगा। इसे फॉर्म में दिए गए एंटर ओटीपी (Enter OTP) वाले विकल्प में लिखें।
  • नंबर दर्ज करने के बाद सबमिट ओटीपी (Submit OTP) विकल्प पर क्लिक करें।
  • इतना करने के बाद फार्म में दी गई नामांकन तिथि बुक करें।
  • फिर अपॉइंटमेंट के दिन आधार केंद्र जाएं।
  • यहां नंबर आने पर दस्तावेज लेकर अधिकारी बच्चे का बाल आधार कार्ड बना देगा।
  • सभी जरूरी स्कैन करने के बाद नामांकन पर्चा मिलेगा, जिसमें लिखे नंबर से ऑनलाइन आधार कार्ड को 90 दिनों बाद ट्रेक व डाउनलोड कर सकते हैं।
  • यह कार्ड डाक के माध्यम से 90 दिनों के बाद घर के दिए पते में भी पहुंचता है।

आवेदन की प्रक्रिया के बाद जानिए कि बच्चों के लिए एम आधार और ई आधार कैसे प्राप्त करें।

बच्चों के लिए एम-आधार और ई-आधार कार्ड कैसे प्राप्त करें?

बच्चे के एम आधार कार्ड को प्राप्त करने के लिए मोबाइल में प्ले स्टोर से एम-आधार एप इंस्टॉल करें। फिर उसमें मोबाइल नंबर रजिस्टर करना होगा। इसी एप में आधार कार्ड दिखेगा। इस एप्लिकेशन में लगभग तीन आधार कार्ड को स्टोर किया जा सकता है। जैसे, माता या पिता अपने साथ अपने बच्चे का अधार कार्ड भी स्टोर कर सकते हैं। इस एप में मौजूद बाल आधार कार्ड को कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है (3)

नामांकन जमा करने के 90 दिनों के बाद ई आधार कार्ड को UIDAI की वेबसाइट के डाउनलोड विकल्प पर क्लिक करके प्राप्त कर सकते हैं। इसी वेबसाइट के माध्यम से आधार कार्ड का स्टेटस भी पता किया जा सकता है कि आधार कार्ड बना हुआ है या नहीं। आधार कार्ड के तैयार होने पर अपने ई-आधार कार्ड को डाउनलोड कर प्रिंट निकलवा सकते हैं (4)

यहां जानें कि आधार कार्ड की प्रक्रिया को पूरा होने में कितना समय लग सकता है।

बच्चों के आधार कार्ड की प्रक्रिया में कितना समय लगता है?

बच्चों के आधार कार्ड की प्रक्रिया में लगभग 90 दिन का समय लगता है। 90 दिनों के बाद बाल आधार कार्ड फार्म में भरे गए पते पर भेज दिया जाता है (4)

नीचे बच्चे के आधार कार्ड के नामांकन में लगने वाले शुल्क के बारे में बता रहे हैं।

क्या बच्चों के आधार नामांकन के लिए कोई शुल्क होता है?

UIDAI के मुताबिक, बाल आधार में नामांकन कराना पूरी तरह से नि:शुल्क है यानी बच्चों के आधार नामांकन के लिए कोई पैसा नहीं देना पड़ता है। साथ ही बच्चे के 15 वर्ष के होने के बाद जब भी उसकी डिटेल को अपडेट कराया जाएगा, तो भी कोई शुल्क नहीं देना होता है (4)

आगे जानें कि क्या 15 साल के बाद भी बच्चे का आधार कार्ड अपडेट करवाना होता है।

क्या 15 साल बाद आधार कार्ड को अपडेट करना अनिवार्य है?

हां, बच्चे की उम्र 15 साल की होने के बाद एक बार फिर से उसका आधार कार्ड अपडेट करवाना होता है। इस दौरान बच्चे की उंगलियों के निशान, आंखों का रेटिना स्कैन और चेहरे का फोटो लगाया जाता है (5)

बच्चे का आधार उसकी पहचान का पहला पत्र और उसका अधिकार होता है। बच्चे की पहचान के साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी बाल आधार कार्ड बनवाना जरूरी है। इस लेख में बाल आधार कार्ड के बारे में सभी जरूरी बातों को विस्तार से बताया गया है। इस जानकारी की मदद से आप आसानी से बच्चे का आधार कार्ड नजदीकी आधार केंद्र जाकर बनवा सकते हैं।

References:

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1. What is Aadhaar? By UIDAI
2. BAAL AADHAAR CARD  By UIDAI
3. mAadhaar FAQs By UIDAI
4. Enrolment & Update By UIDAI
5. Enrolling Children By UIDAI