बाल दिवस पर 30 कविताएं | Children's Day Poems In Hindi

Children's Day Poems In Hindi

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बच्चे मन के सच्चे होते हैं। उन पर ही देश का भविष्य निर्भर करता है। कच्ची मिट्टी की तरह ही बच्चों को जिस रूप में ढालना चाहो वो ढल जाते हैं। आज दी गई अच्छी शिक्षा व संस्कार बच्चों को कल का जिम्मेदार नागरिक बनाती है। बच्चों को जागरूक करने, उन्हें खास एहसास कराने और उनका मार्गदर्शन करने के लिए हर साल बाल दिवस भी मनाया जाता है। मॉमजंक्शन के इस आर्टिकल में हम आपको बाल दिवस के बारे में बता रहे हैं। साथ ही लेख में चिल्ड्रन्स डे पर बेहतरीन 30 कविताएं भी हैं, जिन्हें बाल दिवस पर बच्चों को सुनाया या फिर बच्चे इन कविताओं को स्कूल में बाल दिवस के कार्यक्रम पर सबके सामने प्रस्तुत कर सकते हैं।

आर्टिकल की शुरुआत में सबसे पहले आपको बताते हैं बाल दिवस क्यों मनाते हैं।

बाल दिवस कब व क्यों मनाया जाता है?

भारत में हर साल बाल दिवस यानी चिल्ड्रन डे 14 नवंबर को मनाया जाता है। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिवस (14 नवंबर) को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। जवाहरलाल नेहरू को बच्चों से बेहद लगाव था और बच्चे भी उन्हें प्यार से चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे। बच्चों के प्रति उनके इसी अमिट प्रेम के चलते उनके जन्म दिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। बाल दिवस पर बच्चों को स्पेशल फील कराने और उनका उत्साह बढ़ाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों व शिक्षण संस्थाओं में कई तरह के कार्यक्रम, पिकनिक, खेल कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।

अब आगे बढ़ते हुए पढ़िए बाल दिवस पर बेहतरीन कविताएं।

30 बाल दिवस की कविताएं | चिल्ड्रन्स डे हिंदी पोएम

बच्चों को समर्पित बाल दिवस बहुत स्पेशल होता है। उनके लिए हर छोटी-बड़ी खुशी मायने रखती है और ऐसी ही खुशी उन्हें बाल दिवस पर मिलती है। इस दिन को बच्चों के लिए और खास बनाने के लिए नीचे दी गई कविताएं आप उन्हें सुना सकते हैं।

1. चाचा नेहरू को हम करते हैं सैल्यूट

चाचा नेहरू को हम करते हैं सैल्यूट,
शांति, सद्भावना और अमन के वो दूत,
बच्चों को भी करते वो बहुत प्यार,
अपना जन्म दिवस कर दिया बच्चों के नाम,
लोहा बनाया, इस्पात बनाया,
नदियों से निकाल बांध बिजली से हर घर को रोशन किया,
देश को दिया तरक्की का तोहफा,
जहां हर किसी को मिले समान मौका।

2. बच्चों का मन होता है सच्चा

जितनी प्यारी है इनकी दुनिया,
उतनी ही प्यारी है इनकी मुस्कान,
बच्चों का मन होता है सच्चा,
उनके दिल में बसते हैं भगवान,
कच्ची मिट्टी से होते हैं बच्चे,
उनमें झलकती है भारत की शान,
चाचा नेहरू के भी मन में बसते थे बच्चे,
उनकी आंखों में देखते थे उज्जवल भारत के सपने।

3. बाल दिवस

हर साल आता है ये खास दिन,
बच्चे झूमते खुशी से संग-संग,
चाचा नेहरू को देते हैं श्रद्धांजलि,
पहले प्रधानमंत्री देश के करते थे बच्चों को प्यार,
जन्मदिन पर अपने बच्चों का करते थे सत्कार,
कच्ची मिट्टी सा होता है बच्चों का आकार,
प्यार और सच के सांचे में ढलने की होती है दरकार,
न्याय से भरा हो जीवन इनका,
खिलते कमल सा हो जीवन इनका,
बाल दिवस पर बच्चों को दें ये सीख,
अनमोल है जीवन इसे यूं न गंवाना,
भविष्य इस देश का तुमसे है,
ये बात कभी भूल मत जाना।

4. एक थे नेहरू जवाहर लाल

राष्ट्र रूपी इस वाटिका के फूलों में
एक थे नेहरू जवाहर लाल,
जिस दिन लिया जन्म लाल ने
कहलाया वो दिवस बाल।

उनको प्यार से बच्चे
बुलाते थे चाचा नेहरू,
बच्चों के बीच में वो रहते थे
बनकर चाचाजी।

सब फूलों में एक गुलाब ही
लगता था उन्हें प्यारा,
भारत माता का यह लाल
लगता था सबसे न्यारा।

पाठ पढ़ाया उन्होंने सब जग को
अमन और शांति का,
बढ़ाया मान भारत मां का
ऐसा था ये चमन का लाल।

5. सबके प्यारे थे चाचा नेहरू

सबके प्यारे थे चाचा नेहरू,
देश के राजदुलारे थे चाचा नेहरू,
पहले प्रधानमंत्री थे देश के,
सैनानी थे स्वतंत्रता के,
बच्चों पर लुटाते थे प्यार,
मुस्कुराकर सबको बनाते थे अपना,
गुलाब के फूल से था उनको लगाव,
चाचा नेहरू थे देश की शान,
हमें आज भी है उन पर मान।

6. जब बच्चे हम भी कहलाया करते थे

आज भी नहीं भूले हम वो दिन जब रोज सुबह जाता करते थे स्कूल,
न जाने कहां बीत गया वो समय जब बच्चे हम भी कहलाया करते थे,
घर की चिंता थी न हमको न तो दुनिया से डरा करते थे,
वो दिन कितने अच्छे थे जब दोस्तों से रोज मिला करते थे,
स्कूल में रोज दोस्तों संग धमाचौकड़ी खूब मचाते थे,
पढ़ने की जब बारी आती तो भी सबसे अव्वल आते थे,
होमवर्क करना पसंद न था, उससे जी चुराते थे,
टीचर अगर पकड़ ले हमें तो बहाना पेट दर्द का बना लेते थे,
सच्चे होते बच्चे न होता छल कपट उनके मन में,
चाचा नेहरू को भी था बच्चों से खूब लगाव,
अपने जन्मदिन को बाल दिवस बना दिया बच्चों को उपहार।

7. चाचा नेहरू

चाचा नेहरू चाचा नेहरू,
बच्चों के प्यारे चाचा नेहरू,
सबके न्यारे चाचा नेहरू,
इलाहाबाद में जन्मे नेहरू,
इंग्लैंड में पढ़े थे नेहरू,
देश आजाद कराने को,
जेल कई बार गए थे नेहरू,
आजाद जब हुआ भारत,
देश के पहले प्रधानमंत्री बने थे नेहरू,
बापू को बहुत प्यारे थे नेहरू,
बच्चों के भी चहेते थे नेहरू,
चाचा नेहरू चाचा नेहरू,
सबसे प्यारे सबके न्यारे चाचा नेहरू।

8. बचपन की यादें कभी नहीं भूल पाता

वो बचपन की यादें कभी नहीं भूल पाता,
मां का आंचल, पापा का कंधा,
गांव की गलियां, वो दोस्त मेरे यार,
नालों के समंदर में मदमस्त तैरती थी नांव जहां,
पतंगों के लिए खुला था आसमां जहां,
ये तो बस अब बातें रह गईं,
मेरी बचपन की यादें न जाने कहां खो गई।

9. 14 नवंबर को बाल दिवस आता हर साल

14 नवंबर को बाल दिवस आता हर साल,
बच्चों के मन में उमंग भरता हजार,
इस दिन सब बच्चे मिल गाते गीत खुशी के,
याद करते चाचा नेहरू को जो थे सबके प्रिय,
इस बाल दिवस पर आओ मिलकर लें ये प्रण,
भेदभाव व ऊंच-नीच की कुरीतियों का करेंगे अंत।

10. प्यारे चाचा नेहरू ने देखे थे नए भारत को लेकर सपने

प्यारे चाचा नेहरू ने देखे थे नए भारत को लेकर सपने,
विश्वास था उनको वो सपने करेंगे पूरे बच्चे उनके,
शिक्षा ऐसी मिली चाचा से कि सौभाग्य हो गया जीवन,
मरकर भी वो अमर हो गए ऐसा था उनका जीवन,
उनके जन्मदिवस पर होता बाल दिवस का आयोजन,
बच्चों का ये खास दिन आनंदित करता उनका तन मन।

11. चाचा नेहरू का जन्मदिन

चाचा नेहरू का जन्मदिन है बाल दिवस कहलाता,
बच्चों के मन में ये दिन त्योहार सी खुशियां लाता,
चाचा करते थे बच्चों को खूब प्यार,
हर दम घिरे रहते बच्चों से,
करते उन्हें खूब दुलार,
चाचा का था एक ही सपना,
पढ़ाई में अव्वल हो देश का हर बच्चा,
इस बाल दिवस के अवसर पर,
हम सबको ये वादा करना है,
चाचा नेहरू ने जो देखा था सपना,
उसे हकीकत में बदलकर दिखाना है।

12. बाल दिवस पर आज दोस्तों खेलें एक खेल

बाल दिवस पर आज दोस्तों खेलें एक खेल,
हर जगह देखो लगी है खुशियों की रेलमरेल,
चाचा नेहरू की वर्षगांठ है आज,
ऐसे नेता जिन पर देश को है नाज,
चाचा दिल के भोले थे जैसे हम हैं नादान,
उम्र ढलने पर भी दिल से थे वे जवान,
उनसे सीखा हमने मुस्कुराना सब संकटों को झेल,
बाल दिवस पर आज दोस्तों खेलें एक खेल,
आओ मिलकर बसाएं हम ऐसा सुखी संसार,
जहां सब हों भाई समान और छलकता रहे प्यार,
नफरत न हो किसी के दिल में न हो द्वेष का भाव,
किसी की आंखों में न हों आंसू और लबों पर रहे मुस्कान,
किसी का न हो झगड़ा परस्पर, सबका हो आपसी मेल,
बाल दिवस पर आज दोस्तों खेलें एक खेल,
जरूरत पड़े तो अगर, हम पहन लें वीरों का वेश,
इस जान से भी बढ़कर प्यारा है हमें हमारा स्वदेश,
दुश्मन भी थर-थर कांपे जब कसे हम उसकी नकेल,
बाल दिवस पर आज दोस्तों खेलें एक खेल।

13. बचपन होता है ऐसा एक खजाना

बचपन होता है ऐसा एक खजाना,
जिसे मुश्किल होता है भूल पाना,
बेफिक्र मस्ती में खेलना कूदना और खाना,
बारिश में भीगना और कागज की नाव चलाना,
मां का स्नेह और पापा की पुचकार,
हर बार त्योहार पूरे परिवार के संग मनाना,
दोस्तों की दोस्ती में सब कुछ भूल जाना,
स्कूल के होम वर्क में मन न लगाना,
जब टीचर पूछे तो तरह-तरह के बहाने बनाना,
बचपन होता है ऐसा एक खजाना,
जिसे मुश्किल होता है भूल पाना।

14. बाल दिवस का दिन है आया

बाल दिवस का दिन है आया,
बच्चों की खुशियां लाया,
मिलकर इसे मनाते हैं,
बाल अधिकारों की बात सबको बताते हैं,
हर एक इंसान तक ये संदेश पहुंचाना है,
ये देश है अपना इसे खुशहाल बनाना है,
14 नवंबर है बाल दिवस का दिन,
सबके प्यारे चाचा नेहरू का है ये जन्मदिन,
चाचा नेहरू ने सबको उज्जवल भारत का रास्ता दिखाया,
देश ही नहीं पूरी दुनिया को शांति पाठ पढ़ाया,
हर बच्चे को मिले बाल अधिकार,
बाल दिवस का अर्थ हो साकार,
तभी बनेगा ये देश खुशहाल,
जब हर बच्चे को मिलेगा उसका  मौलिक अधिकार।

15. चाचा नेहरू की याद में मनाया जाता ये बाल दिवस

हमको भाता, सबको महकाता ये बाल दिवस,
नन्हे-मुन्हे बच्चों के जीवन में खुशियां लाता ये बाल दिवस,
है चाचा नेहरू की याद में मनाया जाता ये बाल दिवस,
है सबके मन को भाता ये बाल दिवस,
शांति अहिंसा पंचशील का, मंत्र दिया जिसने जग को,
उस जन-जन के प्यारे नेता की याद दिलाता है बाल दिवस,
हमको भाता सबके मन को है महकाता ये बाल दिवस।

16. ये भोले भाले प्यारे बच्चे

ये भोले-भाले प्यारे बच्चे,
नन्हे मुन्हे सारे बच्चे,
हैं बहुत ही प्यारे ये हमारे बच्चे,
मां की आंखों के तारे बच्चे,
पापा की धड़कन हैं ये बच्चे
एक बगिया के फूल ये बच्चे,
भोले-भाले प्यारे बच्चे,
हैं सबसे ये न्यारे बच्चे,
मन के होते हैं सच्चे बच्चे,
इनके इरादे हैं बड़े ही पक्के,
धागे की तरह नहीं हैं कच्चे,
सबके राज दुलारे बच्चे,
मन को भाए ये सारे बच्चे,
भोले भाले प्यारे बच्चे।

17. हम भारत का भविष्य लिखेंगे

हम भारत का भविष्य लिखेंगे,
हम भारत मां के लाल बनेंगे,
हम भी वीर जवाहर लाल बनेंगे,
भगत सिंह जैसे बहादुर बनेंगे,
सीख तुमसे बहादुरी दुश्मन का काल बनेंगे,
हम भारत के भाल बनेंगे,
सपने देखे थे जो तुमने,
उनको हम साकार करेंगे,
हम भारत का भविष्य लिखेंगे,
हम भारत मां के लाल बनेंगे।

18. प्यारे बच्चों देखो हुआ सवेरा

सूरज निकला दूर हुआ अंधेरा,
प्यारे बच्चों देखो हुआ सवेरा,
चिड़ियों ने छोड़ा बसेरा,
देखो बच्चों हुआ सवेरा,
मुर्गे ने भी बांग लगाई,
पंछियों की भी आवाज है आई,
आया हवा का मीठा फेरा,
बच्चों देखो हुआ सवेरा,
जागो बच्चों मत सोओ तुम,
ये कीमती वक्त मत खोओ तुम,
जाना है अभी बहुत दूर तुम्हें,
उठो अब हो गया सवेरा।

19. सभी भगवान के रूप है इनमें

सभी भगवान के रूप है इनमें,
यूं कहो अल्लाह, गुरु नानक,
ईसा, ईश्वर ही तो है इनमें,
सच्चाई का रूप रंग है इनमें,
कच्ची मिट्टी जैसे होते हुए भी,
सच्चाई की धूप है इनमें,
घर आंगन को महकाते,
वो प्यारा भोलापन है इनमें,
कहने को तो बच्चे हैं ये,
पर अपने मां बाप की जान हैं ये बच्चे,
अल्लाह, ईसा, ईश्वर, गुरु नानक का रूप है इनमें,
इनके बचपन की हर बात निराली,
सफल बना दें ये हर ईद, बैसाखी और दीवाली,
हो हर संस्कार इनमें, हर बच्चे में ये ईश जगाएं
अल्लाह, ईसा और ईश्वर गुरु नानक का रूप है इनमें।

20. चलो याद करते हैं

चलो याद करते हैं, वो बचपन सुहाना,
वो कागज की कश्ती, वो रेत का घराना,
वो तितलियों का उड़ाना, वो झूले झूलना,
वो नानी का घर, उनका वो कहानियां सुनना,
याद बहुत आता है, वो गुजरा जमाना,
चलो फिर याद करें हम वो गुजरा जमाना,
वो कागज की कश्ती, वो तितलियां उड़ाना,
वो स्कूल न जाने का रोज बहाना बनाना,
यारों संग इक नई दुनिया बसाना,
वो साइकिल चलाना, वो रूठना मनाना,
बहुत याद आता है वो गुजरा जमाना,
वो होली की पिचकारियां, वो नकली बंदूक से डराना,
बहुत याद आता हैं हमें, वो गुजरा जमाना,
वो बचपन सुहाना,वो काज की कश्ती
वो रेत का घराना, वो ऊंची-ऊंची पतंगे उड़ाना,
बहुत याद आता हैं, वो गुजरा जमाना।

21. बचपन कहां मर गया

अब वो पहले वाला बचपन कहां,
आधुनिकता की दौड़ में ये कहां गुम गया,
पहले वाला समय अब कहां वो तो तर गया,
न जाने कैसे बचपन आधुनिकता में मर गया,
स्कूल का बैग आज इतना भर गया,
कि बचपन एलकेजी में ही डर गया,
अब तो गली-मोहल्ले में बचपन ही खत्म हो गया,
लगता है मां का दूध मिले बिना,
बोतल का दूध ही असर कर गया,
बचपन आधुनिकता में ही मर गया,
खेल के मैदान से बच्चा डर गया,
गली में खड़े कुत्ते को देख वो घर गया,
इस आधुनिकता में बचपन कहां मर गया।

22. देखो वो भूखे बच्चे

देखो वो भूखे बच्चे,
सिग्नल पर खड़े वो बच्चे,
भट्ठियों पर देखो वो कैसे ईंटें ढो रहे हैं,
खड़े वो एक कोने में अपने दुखों पर रो रहे हैं,
ऐसे में कैसे ये बाल दिवस हम मनाएं,
आओ लोगों तक ये पैगाम पहुंचाएं,
बाल दिवस को सार्थक बनाएं,
बाल अधिकारों की जागरूकता लाएं,
सब मिलकर इस विषय पर सतर्कता लाएं,
हमारा देश तभी खुशहाल बनेगा,
जब हर कोई बाल दिवस का महत्व समझेगा,
बच्चों की आवाज बन जो हर कोई आगे आएगा,
तभी सही मायनो में ये देश बदल पायेगा,
जब हर बच्चा चैन की नींद सोएगा,
तभी सही मायनों में बाल दिवस मना पाएंगे

23. नहीं भूल पाए आज भी

नहीं भूल पाए आज भी,
वो बचपन के दिन,
सुबह रोज उठ कर स्कूल जाना,
फिर वो पेट दर्द का झूठा बहाना बनाना,
न थी घर की चिंता, न दुनिया से हम डरते थे,
तब हम रोज दोस्तों से मिला करते थे,
स्कूल में हम खूब मस्ती करते थे,
होमवर्क न करने पर टीचर्स की मार से भी डरा करते थे,
एग्जाम के दिनों में खूब पढ़ाई होती थी,
ले देंगे साइकिल पापा बस यही उम्मीद लगी रहती थी,
तब तो नींद भी प्यारी आती थी,
सुबह मां जबरदस्ती उठती थी,
हम फिर स्कूल चल देते थे,
वो बचपन के दिन सबसे अच्छे थे।

24. ये बाल दिवस क्यों मनाते हैं

बच्चों आज हम बताएंगे,
ये बाल दिवस क्यों मनाते हैं,
बच्चे होते हैं भगवान का रूप,
इनको छल-कपट नहीं आता है,
इसलिए तो वो भगवान का रूप कहलाते,
इसीलिए हम ये बाल दिवस मानते हैं,
थे चाचा नेहरू को भी बच्चे प्यारे,
उनकी याद में हम बाल दिवस मनाते हैं,
बच्चे होते मन के सच्चे हैं,
वो अभी तो घड़े कच्चे हैं,
यही तो भविष्य हैं,
यही है सपने हमारे,
इसीलिए हम ये बाल दिवस मनाते हैं।

25. नहीं भूलता वो बचपन यार

बचपन है ऐसा खजाना,
मिलता नहीं जो दोबारा,
मुश्किल है इसे भूल जाना,
वो खेलना कूदना और बस खाना,
वो मां का प्यार और पापा का दुलार,
नहीं भूलता वो बचपन यार,
वो बारिश में भीगना,
वो कागज की नाव,
झूला झूलना वो खुद ही मुस्कुराना,
यारों संग सब भूल जाना,
पढ़ाई से जी चुराना,
बहुत मुश्किल है बचपन को भुलाना,
वो एग्जाम में रट्टा लगाना,
रिजल्ट आने पर पापा से घबराना,
छोटी-छोटी बातों पर रूठ जाना,
फिर वो मां का मनाना,
है बचपन ऐसा खजाना,
बहुत मुश्किल है इसको भुलाना।

26. ऐ मेरे देश के बच्चों

ऐ मेरे देश के बच्चों,
तुम बस सदा खुश रहो,
फूलों के जैसे महकते रहो,
पंछी के जैसे चहकते रहो,
पानी की तरह निर्मल,
और मन की भांति साफ रहो,
सूरज की भांति चमकते रहो,
तितली के जैसे मचलते रहो,
माता-पिता का आदर करो,
सुंदर भावों को मन में भरो,
बच्चों तुम अपने मन की करो,
खूब खेलो खूब पढ़ो,
अपने माता पिता का नाम तुम रोशन करो,
है यही शुभकामना, तुम हमेशा बस मुस्कुराते रहो।

27. बहुत मुश्किल है वो सब भुलाना

बहुत मुश्किल है वो सब भुलाना,
एग्जाम में वो रट्टा लगाना,
रिजल्ट आने पर डर से घबराना,
दोस्तों संग साइकिल चलाना,
छोटी-छोटी बातों पर रूठ जाना,
मुश्किल है इनको भुलाना,
वो पापा के साथ मेले जाना,
वो मां को किसी बात के लिए मनाना,
याद आता है सब जनाब,
बचपन है ऐसी याद,
मुश्किल है इसको भुलाना।

28. इसीलिए हैं हम बाल दिवस मनाते

थी उनकी सोच बड़ी,
मौलिक थे जिनके सपने,
कहते थे जिन्हें सब चाचा नेहरू अपने,
भारत के वीर थे वो,
जन-जन के नेता थे वो,
इनका जन्म दिवस है हर कोई मानता,
नवंबर चौदह का दिन बाल दिवस कहलाता,
इस दिन को हैं हम खास बनाते,
बच्चों इसीलिए हैं हम बाल दिवस मनाते।

29. चाचा नेहरू का सपना

पंडित नेहरू के जन्म दिवस पर बाल दिवस हैं मनाते,
बिखरती हैं इस दिन खुशियां, बच्चे ढेर सारा प्यार हैं पाते,
चाचा नेहरू भी थे करते, बच्चों से ढेर सारा प्यार,
क्योंकि बच्चों का दिल होता है पूरी तरह साफ बिना विकार,
बच्चों में है भविष्य अपना जिसे चाचा नेहरू देखा करते थे,
बच्चों को शिक्षित कर आगे बढ़ाने का भरसक प्रयास किया करते थे,
इस बाल दिवस पर हम सबको यही प्रण बस लेना है,
चाचा नेहरू का सपना सच करके ही दिखाना है।

30. आज हम बाल दिवस मनाते हैं

आज के दिन हम सब मिलकर गीत खुशी के गाते हैं
चाचा नेहरू के चरणों में श्रद्धा सुमन चढ़ाते हैं,
बाल दिवस के इस अवसर पर एक कसम ये खाते हैं,
ऊंच नीच की खाई मिटाकर सबको साथ मिलाकर चलते हैं,
बाल दिवस को करें सार्थक सबको गले लगाते हैं,
चाचा नेहरू के जन्म दिवस पर आज हम बाल दिवस मनाते हैं।

बच्चे भगवान का रूप माने जाते हैं। जैसे परिवार में बच्चे का जन्म सबको आनंदित करता है वैसे ही बच्चों की खुशी को सेलिब्रेट करने के लिए बाल दिवस मनाया जाता है। इस लेख में हमने बच्चों के लिए बाल दिवस पर बचपन और चाचा नेहरू से जुड़ी 30 बेस्ट कविताएं संग्रहित की हैं। हमें उम्मीद है कि आपको बाल दिवस पर ये कविताएं जरूर पसंद आई होंगी। मॉमजंक्शन पर इस तरह के और भी बेहतरीन आर्टिकल पढ़ते रहिए।