शीघ्र गर्भवती होने के 22 बेहतरीन उपाय - Jaldi Pregnant Hone Ke Tips

शीघ्र गर्भवती होने के 22 बेहतरीन उपाय

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मॉं बनना हर महिला के लिए बेहद ख़ास और प्यारा अनुभव होता है। कुछ लोग शादी के तुरंत बाद ही बच्चे के लिए कोशिश शुरू कर देते हैं। जबकि, कुछ लोग थोड़ा समय लेकर बच्चे की योजना बनाते हैं।

पर कई बार पति-पत्नी को संतान पैदा करने के सही समय की जानकारी ही नहीं होती है। उनके मन में कई तरह के सवाल उमड़ते हैं। जैसे कि गर्भवती होने का सही समय क्या है? जल्दी गर्भवती होने के तरीके क्या हैं? या गर्भवती होने के लिए कब संभोग करना चाहिए? लेकिन इन सवालों का जवाब मालूम नहीं होने की वजह से बहुत सी महिलाओं को गर्भधारण करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

मॉमजंक्शन के इस लेख़ में हम आपको इन्हीं सवालों के जवाब देने जा रहे हैं। साथ ही हम आपको उन उपायों के बारे में भी बताएंगे, जिन्हें अपनाकर गर्भधारण करने में होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है। इतना ही नहीं, हम आपको ऐसे टिप्स भी देंगे जिनकी मदद से आसानी से गर्भधारण किया जा सकता है।

गर्भवती होने का सही समय जानने का तरीका

डिंबोत्सर्जन (ovulation) के समय गर्भधारण करने की संभावना सबसे अधिक होती है। इसलिए, संतान पैदा करने की इच्छा रखने वाले जोड़े को इस दौरान संभोग करना चाहिए। अगर किसी महिला का मासिक चक्र 28 दिन का है, तो उसके डिंबोत्सर्जन का समय 11वें से 14वें दिन के बीच हो सकता है। हालांकि सभी महिलाओं की शारीरिक स्थिति अलग होती है, इसलिए डिंबोत्सर्जन के एकदम सटीक समय का पता लगाना मुश्किल होता है। कई मेडिकल एक्सपर्ट गर्भधारण करने के लिए मासिक चक्र के सातवें दिन से लेकर 20वें दिन के बीच संभोग करने की सलाह देते हैं। (1)

आप चाहें तो अपने शारीरिक तापमान की जांच करके या ओवुलेशन कैलकुलेटर की मदद से भी अपने डिंबोत्सर्जन के सही समय का अंदाज़ा लगा सकती हैं।

जहां तक पुरुष के शुक्राणुओं का सवाल है, तो वे फ़ैलोपियन ट्यूब में 12 से 24 घंटे तक जीवित रह सकते हैं। इसलिए, अगर डिंबोत्सर्जन की प्रक्रिया के दौरान संभोग किया जाए, तो शुक्राणु को अंडे को निषेचित करने में आसानी होती है। जिसके फलस्वरूप स्त्री के गर्मधारण करने की संभावना बढ़ जाती है।

जल्दी गर्भधारण करने के लिए इन बातों का रखें ध्यान:

1. तनाव से दूर रहें

इसमें कोई दो राय नहीं है कि तनाव कई बीमारियों की जड़ है। आजकल हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी बात को लेकर तनाव से ग्रस्त है। तनाव से हॉर्मोनल संतुलन बिगड़ता है, जिससे कई तरह की शारीरिक समस्याएं जन्म लेती हैं। तनाव से न सिर्फ़ महिला की बल्कि पुरुष की प्रजनन क्षमता पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है। अगर आपको किसी बात को लेकर तनाव होता है, तो उस तरफ से ध्यान हटाने की कोशिश करें। तनाव से बचने के लिए आप योगासन करें, ध्यान लगाएं और जितना हो सके खुश रहें। खुश रहने और तनावमुक्त रहने से आपका हॉर्मोनल संतुलन बना रहेगा और प्रजनन क्षमता पर भी बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा। (2)

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2. नशा करने से बचें

नशा करने से भी आपकी प्रजनन क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। ड्रग्स, शराब, नशीली दवाओं, तंबाकू आदि के सेवन से महिला और पुरुष दोनों की प्रजनन क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। (3)

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3. वज़न संतुलित रखें

ज़रूरत से ज़्यादा वज़न या ज़रूरत से कम वज़न आपकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है। जिन महिलाओं का वज़न सामान्य से ज़्यादा है, उन्हें मधुमेह या दिल से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा रहता है। इसके अलावा अधिक वज़न वाली महिलाओं को मासिक धर्म की अनियमितता की समस्या भी हो सकती है। इस तरह की समस्या से डिंबोत्सर्जन की प्रक्रिया पर बुरा असर पड़ता है और महिला को गर्भधारण करने में कठिनाई होती है। (4)

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4. शारीरिक तापमान पर नज़र बनाएं

आप अपने शारीरिक तापमान पर ध्यान दें। अन्य दिनों के मुकाबले आपके शरीर का तापमान डिंबोत्सर्जन की प्रकिया के दौरान कुछ बढ़ जाता है। सुबह उठकर रोज़ाना अपने शरीर का तापमान जांचें। अगर सामान्य दिनों के मुकाबले आपके शरीर का तापमान ज़्यादा है, तो यह आपके डिंबोत्सर्जन का समय हो सकता है। सामान्य दिनों में महिला के शरीर का तापमान 96 से 98 डिग्री फ़ॉरेनहाइट होता है। वहीं, डिंबोत्सर्जन के दौरान महिला के शरीर का तापमान 0.6 से 0.8 डिग्री फ़ॉरेनहाइट तक बढ़ सकता है। (5)

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5. डॉक्टर से जांच कराएं

मॉंं बनने की योजना शुरू करने से पहले, ज़रूरी है कि आप अपनी मेडिकल जांच कराएं। डॉक्टर से जांच कराकर यह सुनिश्चित करें कि कहीं आपको किसी तरह की बीमारी तो नहीं है। अगर जांच में किसी तरह की समस्या नज़र आए, तो घबराएं नहीं। समय रहते अपनी बीमारी का इलाज कराएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार गर्भधारण करें।

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6. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं

आपकी जीवनशैली का असर आपकी प्रजनन क्षमता पर भी पड़ता है। मां बनने की तैयारी कर रही महिलाओं को सबसे पहले एक स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए। उन्हें भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए और नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। ऐसा करने से महिला की प्रजनन क्षमता बेहतर होती है और गर्भधारण करने में आसानी होती है।

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7. अच्छा खान-पान अपनाएं

आपकी खान-पान की आदतें आपकी प्रजनन क्षमता पर असर डालती है। इसलिए ज़रूरी है गर्भधारण करने की तैयारी कर रही महिलाएं पौष्टिक और संतुलित आहार लें। वे विटामिन और खनिज से भरपूर भोजन करें। अपने खान-पान में फल और हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें। इसके अलावा, उन्हें ऐसी चीज़ें भी खानी चाहिए जिसमें फ़ॉलिक एसिड, विटामिन-बी 12 और ओमेगा-3 फ़ैटी एसिड प्रचूर मात्रा में मौजूद हों। (6)

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8. गर्भ-निरोधक दवाएं लेना बंद करें

अगर आप गर्भधारण करने की योजना बना रही हैं, तो सबसे पहले आपको गर्भ-निरोधक दवाओं का सेवन बंद करना होगा। ध्यान रहे कि गर्भधारण की योजना शुरू करने से पहले गर्भ-निरोधक दवा का इस्तेमाल करना बंद कर दें।

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9. रोज़ाना संभोग करें

गर्भवती होने के लिए सबसे ज़रूरी है – संभोग। इसलिए आप अपने साथी के साथ जितना हो सके संभोग करें। खासतौर पर डिंबोत्सर्जन की प्रक्रिया के दौरान कई बार संभोग करें। इससे आपके गर्भधारण करने की संभावनाएं निश्चित तौर पर बढ़ जाएंगी। (1)

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10. सुबह के समय करें संभोग

रात भर अच्छी नींद लेने पर सुबह आपका शरीर काफ़ी तरोताज़ा महसूस करता है। इसलिए, सुबह के समय प्रजनन अंगों के साथ-साथ आपके शरीर के बाकी अंग भी सुचारू रूप से काम करते हैं। यही वजह है कि गर्भधारण की इच्छा रखने वाली महिलाओं को सुबह के समय संभोग करने की सलाह दी जाती है। (7)

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11. तनाव में रहकर संभोग न करें

कई पति-पत्नी संतान प्राप्ति को लेकर ज़रूरत से ज़्यादा गंभीर हो जाते हैं। इसकी वजह से संभोग के समय भी उनपर तनाव हावी हो जाता है। हम पहले ही बता चुके हैं कि तनाव गर्भधारण करने की क्षमता पर बुरा असर डालता है। इसलिए, संभोग का आनंद उठाएं। सिर्फ़ गर्भधारण करने के मकसद से संभोग न करें।

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12. ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल न करें

बहुत से लोग शारीरिक संबंध बनाने के दौरान ल्यूब्रिकेंट का प्रयोग करते हैं। लेकिन अगर आप गर्भधारण की कोशिश कर रहे हैं, तो ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल न करें। ल्यूब्रिकेंट से स्पर्म पर बुरा प्रभाव पड़ता है जिससे गर्भधारण करने में समस्या होती है। (8)

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13. संभोग की मुद्रा का ध्यान रखें

गर्भधारण करने के लिए किसी खास मुद्रा में संभोग करना ज़रूरी नहीं होता है। इसके लिए बस शुक्राणुओं और अंडो का सही मिलन काफ़ी होता है। लेकिन, गर्भधारण की संभावना को बढ़ाने के लिए संभोग के बाद कुछ देर तक पीठ के बल लेटे रहना अच्छा रहता है। इससे शुक्राणुओं के बाहर निकलने की गुंजाइश कम हो जाती है। (9)

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14. चाय, कॉफ़ी का सेवन कम करें

अगर आप गर्भवती होने की कोशिश कर रही हैं, तो आपको चाय, कॉफ़ी का सेवन कम करें, क्योंकि इनमें कैफ़ीन होता है। दिन भर में एक से दो कप कॉफ़ी पीना ठीक है। लेकिन, इससे ज़्यादा कॉफ़ी का सेवन आपके गर्भधारण करने की प्रक्रिया में बाधा बन सकता है। (10)

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15. भरपूर नींद लें

सेहतमंद रहने के लिए अच्छी नींद बेहद ज़रूरी है। अगर आप गर्भधारण करने की कोशिश कर रही हों, तो आपको भरपूर नींद लेनी ही चाहिए। रात में सात से आठ घंटे की नींद ज़रूर लें। इसके अलावा, दोपहर के समय कुछ देर की झपकी आपके मेटाबॉलिज़्म को दुरुस्त रखती है। इससे आपके शरीर में हॉर्मोन का संतुलन बना रहता है और आपके गर्भधारण करने की संभावना बढ़ जाती है। (11)

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16. सभी ज़रूरी विटामिन लें

गर्भधारण की योजना पर अमल करते समय आपके शरीर का स्वस्थ होना बेहद ज़रूरी है। इसके लिए आपको पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी जाती है। साथ ही आप डॉक्टर से परामर्श लेकर विटामिन की गोलियों का भी सेवन कर सकती हैं। इस दौरान आपको अनुपूरक के तौर पर विटामिन-ए, विटामिन-डी, विटामिन-के और विटामिन-ई के साथ फॉलिक एसिड का सेवन करना चाहिए। (12)

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17. मानसिक रूप से तैयार रहें

बच्चे की योजना बनाने से पहले आपको मानसिक रूप से भी तैयार होना पड़ेगा। आपको यह समझना होगा कि बच्चा आने के बाद आपकी ज़िम्मेदारियां बढ़ेंगी और बच्चे की देखभाल में आपको अपना पूरा समय देना होगा।

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18. ज़्यादा व्यायाम न करें

यूं तो गर्भधारण करने के लिए व्यायाम ज़रूरी है, लेकिन ज़्यादा व्यायाम या कसरत करना भी ठीक नहीं है। व्यायाम करें, लेकिन ज़रूरत से ज़्यादा नहीं। ऐसा साबित हुआ है कि जो महिलाएं खेलों में ज़्यादा सक्रिय रहती हैं, उन्हें प्रजनन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वो शारीरिक रूप से ज़्यादा सक्रिय रहती हैं। (13)

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19. ज़्यादा दवाएं न लें

बहुत ज़्यादा दवाओं का सेवन भी आपकी प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डालता है। जैसे आइब्रुफ़ेन, एस्पिरिन, आदि जैसी दवाओं का इस्तेमाल करने से आपको गर्भधारण करने में परेशानी हो सकती है। इसलिए, बिना डॉक्टर की सलाह लिए किसी भी तरह की दवा का सेवन न करें। (14)

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20. मीठी चीज़ों का सेवन कम करें

ज़्यादा शुगर वाले पेय पदार्थ (खासतौर पर सोडा और एनर्जी ड्रिंक) महिला और पुरुष दोनों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करते हैं। लेकिन, ताज़े फलों का जूस आपके लिए सुरक्षित है। (6)

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21. सही उम्र का रखें ध्यान

गर्भधारण करने के लिए एक सही उम्र का होना भी ज़रूरी है। सही उम्र में गर्भधारण करने से मॉं और बच्चा दोनों ही स्वस्थ रहते हैं। एक महिला के शरीर में उम्र के साथ-साथ अंडों की मात्रा और गुणवत्ता धीरे-धीरे कम होने लगती है। 25 से 30 साल की उम्र में महिला के गर्भधारण करने की संभावना ज़्यादा रहती है। वहीं, 30 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते प्रजनन क्षमता कमज़ोर पड़ने लगती है। 40 की उम्र तक महिला की प्रजनन क्षमता केवल पांच प्रतिशत रह जाती है। (15)

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22. प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए पुरुष रखें इन बातों का ख्याल

गर्भधारण करने की प्रक्रिया महिला के अंडों और पुरुष के शुक्राणुओं के मिलन पर निर्भर करती है। इसलिए, पुरुषों को भी अपनी प्रजनन शक्ति बढ़ाने पर खास ध्यान देना चाहिए। पुरुषों को अपनी प्रजनन क्षमता बढ़ाने और उसे सही रखने के लिए, नीचे दी गई बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • कसरत करें लेकिन बहुत ज़्यादा नहीं।
  • अंडकोष के पास ज़्यादा गर्मी न होने दें। इससे वीर्य उत्पादन पर बुरा असर पड़ता है। हो सके तो ढीला जांघिया पहनें, स्टीम बाथ लेते समय ज़्यादा समय तक बाथरूम में न रुकें और गर्म जगहों या चीज़ों से दूर रहें। (16)
  • धूम्रपान और शराब से परहेज़ करें। (17)

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उम्मीद है कि आपको गर्भधारण करने की प्रक्रिया से जुड़े अपने सभी सवालों के जवाब मिल गए होंगे। अब जब आप आसानी से गर्भधारण करने के नुस्खे भी जान चुकी हैं, तो न सिर्फ़ इन्हें आज़माकर देखें बल्कि नीचे कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव भी हमारे साथ शेयर करना न भूलें।

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