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क्या प्रेगनेंसी में अजवाइन खाना सुरक्षित है? | Pregnancy Me Ajwain Khana

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प्रेगनेंसी के समय कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं, जिनका नाम सुनते ही गर्भवती असमंजस में पड़ सकती हैं कि क्या उनके लिए वो आहार सुरक्षित हैं या नहीं। इनमें एक नाम अजवाइन का भी है। जी हां, गर्भावस्‍था में अजवाइन खाने को लेकर गर्भवती के मन में कई सवाल उठ सकते हैं। यही वजह है कि प्रेगनेंसी में अजवाइन खाने से जुड़ी जानकारी हम मॉमजंक्शन के इस लेख में दे रहे हैं। इस लेख में गर्भावस्‍था में अजवाइन खाने के फायदे और प्रेगनेंसी में अजवाइन खाने के नुकसान से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई है। इस लेख में दी जा रही सभी जानकारी शोध पर आधारित है।

सबसे पहले जानिए प्रेगनेंसी में अजवाइन खाना सुरक्षित है या नहीं।

क्या प्रेगनेंसी में अजवाइन खाना सुरक्षित है?

गर्भावस्था के दौरान अजवाइन का सेवन डॉक्टरी परामर्श पर किया जा सकता है। इसके पीछे की वजह है इससे जुड़े अध्ययनों में दो तरह के मतों का सामने आना। दरअसल, एक शोध में प्रेगनेंसी में अजवाइन के सेवन का जिक्र मिलता है (1)। वहीं, एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध की मानें, तो अजवाइन में गर्भनाशक (Abortifacient) प्रभाव होते हैं, जो कि गर्भपात का जोखिम पैदा कर सकते हैं (2)। ऐसे में अगर कोई गर्भवती इसका सेवन करने की सोच रही है, तो वो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

अजवाइन में मौजूद पोषक तत्वों से जुड़ी जानकारी नीचे दी गई है।

अजवाइन के पोषक तत्व

अजवाइन में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं (3) :

  • 100 ग्राम अजवाइन में 238 kcal ऊर्जा  पाई जाती है।
  • 100 ग्राम अजवाइन में कार्बोहाइड्रेट की 47. 62 ग्राम मात्रा मौजूद होती है।
  • अजवाइन की प्रति 100 ग्राम मात्रा में 47.6 ग्राम फाइबर मौजूद होता है।
  • वहीं, 100 ग्राम अजवाइन में 667 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है।
  • 100 ग्राम अजवाइन में 16.19 मिलीग्राम आयरन और 1333 मिलीग्राम पोटैशियम मौजूद होता है।
  • इसके अलावा, 100 ग्राम अजवाइन में 0.62 ग्राम फैटी एसिड (टोटल सैचुरेटेड) भी मौजूद होता है।

आगे जानिए, प्रेगनेंसी में कितनी मात्रा में अजवाइन खानी चाहिए।

प्रेगनेंसी में कितनी मात्रा में अजवाइन का सेवन करना चाहिए?

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि गर्भावस्था में अजवाइन के फायदे और नुकसान दोनों हो सकते हैं। इसलिए, डॉक्टरी परामर्श पर ही इसका सेवन करना चाहिए। वहीं, गर्भावस्था के दौरान कितनी मात्रा में अजवाइन का सेवन करना चाहिए, इससे जुड़े सटीक वैज्ञानिक प्रमाण का अभाव है। इसलिए, प्रेगनेंसी में इसका सेवन करने से पहले स्वास्थ्य अनुसार इसकी सही मात्रा से जुड़ी जानकारी डॉक्टर से जरूर लें।

अब हम नीचे गर्भावस्था में अजवाइन खाने के फायदे बता रहे हैं।

प्रेगनेंसी में अजवाइन खाने के फायदे | Pregnancy Me Ajwain Khane Ke Fayde

डॉक्टरी परामर्श पर अजवाइन का सेवन करने से निम्नलिखित फायदे हासिल किए जा सकते हैं :

1. पाचन के लिए

गर्भावस्था के समय हार्मोन परिवर्तन के कारण पाचन क्रिया धीमी हो सकती है। साथ ही इस कारण कब्ज की समस्या शुरू हो सकती है (4)। वहीं, एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, अजवाइन के सेवन से बाइल एसिड व डाइजेस्टिव एंजाइमों की गतिविधियों को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे खाद्य पदार्थ को पचाने में सहायता मिल सकती है और कब्ज से भी आराम मिल सकता है (5)

2. अस्थमा के जोखिम से बचाव

प्रेगनेंसी में अजवाइन खाने के फायदे में अस्थमा के जोखिम को कम करना भी शामिल है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश एक वैज्ञानिक अध्ययन में दिया हुआ है कि अजवाइन में एंटी-अस्थमा गुण मौजूद होते हैं, जो कि अस्थमा के जोखिम को कम कर सकता है (6)

3. रक्तचाप नियंत्रित करने के लिए

अजवाइन के सेवन से प्रेगनेंसी के दौरान रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन की मानें, तो अजवाइन में थाइमोल नामक यौगिक पाया जाता है, जो बढ़ते रक्तचाप को कम करने का काम कर सकता है। रक्तचाप के संतुलित होने पर हृदय से जुड़े जोखिम को दूर रखने में भी मदद मिल सकती है (6)

4. कोलेस्ट्रॉल के लिए

कोलेस्ट्रोल को बढ़ने से रोकने में भी अजवाइन मदद कर सकती है। एक वैज्ञानिक रिसर्च से पता चलता है कि अजवाइन में एंटीहाइपरलिपिडेमिक प्रभाव मौजूद होता है, जो शरीर के टोटल कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल और टोटल लिपिड के स्तर को कम करने का काम कर सकता है। इससे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है (2)

5. खांसी से राहत

अगर गर्भावस्था के दौरान खांसी की समस्या होती है, तो अजवाइन का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। एक मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, अजवाइन में एंटीट्यूसिव प्रभाव पाए जाते हैं, जो खांसी की समस्या को कम करने का काम कर सकते हैं (7)

6. वायरल संक्रमण से बचाव

प्रेगनेंसी के समय अजवाइन के उपयोग करने पर वायरल संक्रमण से बचने में मदद मिल सकती है। इस संबंध में प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन की मानें, तो अजवाइन के अल्कोहलिक एक्सट्रेक्ट में एंटीवायरल गतिविधि पाई जाती है। शोध में इसे हेपेटाइटिस सी वायरस (जो हेपेटाइटिस सी का कारण बनता है) के खिलाफ प्रभावी पाया गया है (5)

7. उल्टी और मतली से राहत

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को उल्टी और मतली की समस्या हो सकती है (8)। ऐसे में इन दो परेशानियों से छुटकारा दिलाने में भी अजवाइन कुछ हद तक मददगार हो सकती है। दरअसल, एक शोध में साफ तौर से जिक्र मिलता है कि अजवाइन का सेवन गैस के जोखिम को कम करने के साथ-साथ उल्टी और मतली की समस्या में राहत दिलाने का काम कर सकता है (5)

नीचे जानिए प्रेगनेंसी के दौरान अजवाइन खाने के नुकसान।

प्रेगनेंसी में अजवाइन खाने के नुकसान | Pregnancy Me Ajwain Khane Ke Nuksan

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि गर्भावस्था के समय अजवाइन का सेवन डॉक्टरी सलाह पर ही करना चाहिए, क्योंकि कई बार इसके सेवन से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। प्रेगनेंसी में अजवाइन के नुकसान कुछ इस प्रकार सामने आ सकते हैं :

  • गर्भपात का जोखिम : गर्भावस्था के समय अजवाइन का सेवन गर्भपात का जोखिम बढ़ा सकता है। दरअसल, अजवाइन में गर्भनाशक (Abortifacient) प्रभाव पाए जाते है, जो गर्भपात का कारण बन सकता है (2)
  • पेट की समस्या : अधिक मात्रा में अजवाइन का सेवन करने से पेट से जुड़ी कुछ समस्या उत्पन्न हो सकती हैं। दरअसल, इसमें फाइबर की अधिक मात्रा पाई जाती है और फाइबर की अधिकता से पेट में गैस, पेट फूलना और पेट में ऐंठन की समस्या हो सकती है (9) (3)
  • निम्न रक्तचाप का कारण : जैसा कि हमने ऊपर लेख में बताया है कि अजवाइन में थाइमोल नामक यौगिक पाया जाता है, जो बढ़ते रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकता है (6)। वहीं, जिन गर्भवतियों का रक्तचाप पहले से ही कम है, अगर वो अजवाइन का अधिक सेवन करती हैं, तो उनका रक्तचाप और भी कम हो सकता है।

प्रेगनेंसी में अजवाइन खाने से जुड़ी सावधानियां जानने के लिए स्क्रॉल करें।

प्रेगनेंसी में अजवाइन खाने से जुड़ी सावधानियां

गर्भावस्था में अजवाइन खाने से पहले कुछ सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। इससे अजवाइन के नुकसान से बचने में मदद मिल सकती है। इन सावधानियों की जानकारी हम नीचे दे रहे हैं :

  • प्रेगनेंसी में डॉक्टरी सलाह पर ही अजवाइन का सेवन करें।
  • विशेषज्ञ द्वारा निर्धारित मात्रा से अधिक ना लें।
  • अगर किसी को अजवाइन से एलर्जी है, तो गर्भावस्था में इसके सेवन से बचें।
  • अच्छी गुणवत्ता वाली अजवाइन को ही इस्तेमाल में लाएं।

नीचे जानिए प्रेगनेंसी में अजवाइन का सेवन कैसे करें।

गर्भावस्था के आहार में अजवाइन को कैसे शामिल करें?

अगर कोई इस बात को लेकर परेशान है कि गर्भावस्था के समय अजवाइन को आहार में किस तरह शामिल किया जाए, तो उनके लिए नीचे आहार में अजवाइन को शामिल करने के तरीके बताए गए हैं :

  • अजवाइन और गुड़ को मिलाकर सेवन किया जा सकता है।
  • अजवाइन का पानी बनाकर सेवन किया जा सकता है। इसके लिए रातभर एक गिलास पानी में अजवाइन के बीजों को भिगोकर छोड़ दें और अगली सुबह पानी छानकर सेवन करें। इसके अलावा, अजवाइन के बीजों को पानी में उबालकर भी अजवाइन का पानी बनाया जा सकता है।
  • इसे दाल और सब्जी में तड़का लगाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • अजवाइन (भुनी हुई) को हल्दी वाले दूध में मिलाकर भी सेवन किया जा सकता है।

तो दोस्तों ये थे प्रेगनेंसी में अजवाइन खाने के फायदे और नुकसान। वहीं, इस बात का ध्यान रखें कि गर्भावस्था में किसी भी खाद्य पदार्थ को सही सलाह पर ही लेना चाहिए, वरना उसके दुष्प्रभाव सामने आ सकते हैं। इसलिए, अजवाइन के फायदे पाने के लिए इसे डॉक्टरी सलाह पर ही लें। डॉक्टर के सुझाव पर लेने से ऊपर बताए गए इसके नुकसान से बचने में मदद मिल सकती है। हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। इसी तरह प्रेगनेंसी से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए जुड़े रहें मॉमजंक्शन के साथ।

संदर्भ (References) :