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प्रेगनेंसी में हर्निया होने के कारण, लक्षण व इलाज | Pregnancy Mein Hernia In Hindi

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गर्भावस्था में कई तरह की समस्याओं के उत्पन्न होने का जोखिम बना रहता है, जिनमें से एक हर्निया भी हो सकता है। अब आप यह सोच रहे होंगे कि हर्निया क्या है और यह प्रेगनेंसी को कैसे प्रभावित कर सकता है। इसका जवाब आपको मॉमजंक्शन के इस आर्टिकल में मिल जाएगा। यहां हम प्रेगनेंसी में हर्निया होने के कारण, लक्षण और प्रेगनेंसी में हर्निया को दूर करने के उपाय बता रहे हैं। लेख में मौजूद हर्निया से जुड़ी सभी जानकारी वैज्ञानिकों द्वारा की गई रिसर्च पर आधारित है।

इस आर्टिकल में हम सबसे पहले बताएंगे कि हर्निया क्या होता है।

हर्निया क्या है?

हर्निया एक ऐसी समस्या है, जिसका संबंध शरीर के आंतरिक अंग से होता है। इस स्थिति में कमजोर मांसपेशी या टिश्यू से आंतरिक अंग बाहर निकलने लगते हैं। यह एक प्रकार की सूजन की तरह दिखाई देता है। इस समस्या से ज्यादातर पेट वाला भाग प्रभावित होता है (1)। मेडिकल भाषा में बात करें, तो हर्निया पेट की कैविटी यानी पेरिटोनियम से बनी एक थैली (Sac) है। यह थैली पेट की मजबूत फेसिका नामक परत के किसी कमजोर हिस्से या छेद से बाहर को निकल जाती है (2)

चलिए, अब जानते हैं कि गर्भावस्था के समय हर्निया हो सकता है या नहीं।

क्या प्रेगनेंसी के दौरान हर्निया हो सकता है?

जी हां, गर्भावस्था में हर्निया होने का जोखिम बना रहता है, लेकिन यह ज्यादा आम नहीं है। रिसर्च बताती हैं कि अगर प्रेगनेंसी के दौरान हर्निया हो जाए, तो स्थिति चुनौती पूर्ण हो सकती है (3)। इसी वजह से डॉक्टर से जल्द से जल्द संपर्क करना जरूरी होता है।

आर्टिकल के अगले भाग में प्रेगनेंसी में होने वाले कुछ आम हर्निया के प्रकार पर नजर डाल लेते हैं।

गर्भावस्था के दौरान होने वाली कुछ कॉमन हर्निया के प्रकार

हर्निया के कई प्रकार होते हैं, लेकिन गर्भावस्था के दौरान होने वाले हर्निया के प्रकार में ये सब शामिल हैं (4) (5):

  • इनगुइनल (Inguinal) हर्निया – यह गर्भावस्था के दौरान होने वाले हर्निया का एक प्रकार है। यह हर्निया ज्यादातर ग्रोन यानी पेट व जांघ के मध्य वाले भाग में होता है।
  • अम्बिलिकल (Umbilical) हर्निया – हर्निया का यह प्रकार पेट के नाभि वाले भाग में होता है। इस प्रकार के हर्निया के होने का मुख्य कारण एब्डॉमिनल वॉल का कमजोर होना होता है। इससे गर्भवती को हल्का दर्द महसूस हो सकता है (6)
  • पेराअम्बिलिकल (Paraumbilical) हर्निया – यह हर्निया नाभि के आसपास वाले भाग में होता है। इसके होने का मुख्य कारण पेट की मांसपेशियों की कमजोरी है।
  • इंसिशनल हर्निया (Incisional Hernia)- हर्निया का यह प्रकार ज्यादातर सर्जिकल घाव के कारण होता है, जो प्रेगनेंसी के समय भी हो सकता है। अगर किसी को यह समस्या है, तो इसके इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।
  • पैरास्टोमल हर्निया (Parastomal Hernia)- यह इंसिशनल हर्निया का ही एक प्रकार है, लेकिन यह सर्जरी के कारण नहीं होता है। पैरास्टोमल हर्निया का संबंध एब्डोमिनल वाल स्टोमा से  है।

आगे जानिए कि प्रेगनेंसी के समय हर्निया होने के लक्षण किस प्रकार नजर आ सकते हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान हर्निया होने के लक्षण

गर्भावस्था में ही नहीं, बल्कि सामान्य समय में भी हर्निया के लक्षण ज्यादा नजर नहीं आते हैं (5)। अधिकतर हर्निया शुरुआत में बिना किसी लक्षण के ही होते हैं। समस्या थोड़ी बढ़ने पर नजर आने वाले लक्षण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं (2):

आइए, अब जानते हैं कि गर्भावस्था में हर्निया होने के कारण क्या हो सकते हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान हर्निया होने के कारण

गर्भावस्था में हर्निया की समस्या ज्यादातर उन लोगों को होती है, जिनकी मांसपेशियां कमजोर होती हैं। ऐसा होने के पीछे नीचे बताए जा रहे कारण शामिल हो सकते हैं (4) (2) :

  • गर्भाशय के बढ़ने से पेट पर पड़ने वाला दबाव
  • भारी वजन उठाना
  • लंबे समय से कब्ज की समस्या
  • पेशाब या मल त्यागते समय जोर लगाना
  • पेट में तरल पदार्थ के जमने व बनाने से
  • धूम्रपान के कारण
  • पोषक तत्वों की कमी

लेख में आगे बढ़ते हुए जानिए कि प्रेगनेंसी में हर्निया का इलाज किस प्रकार किया जा सकता है।

प्रेगनेंसी के दौरान हर्निया का इलाज

गर्भवास्था में हर्निया होने पर डॉक्टर स्थिति को देखते हुए ही इलाज करने की सलाह देते हैं। अधिक परेशानी होने पर विशेषज्ञ सर्जरी करने की सलाह दे सकते हैं। इस सर्जरी को हर्नियोप्लास्टी कहा जाता है, जिसकी मदद से हर्निया को हटाया जा सकता है (7)

इसके अलावा, गर्भावस्था के समय हर्निया की समस्या गंभीर नहीं है, तो विशेषज्ञ प्रसव के समय या बाद में इसका इलाज करने की सलाह दे सकते हैं (3)। अगर महिला को दर्द हो रहा है, तो डॉक्टर उसे कम करने के लिए कुछ दवा दे सकते हैं। वैसे बताया जाता है कि हर्निया का एकमात्र इलाज सर्जरी ही है ।

आर्टिकल के अगले हिस्से में गर्भावस्था के समय हर्निया के कारण होने वाले जोखिम की जानकारी दे रहे हैं।

गर्भावस्था के दौरान हर्निया के कारण होने वाली कॉम्प्लिकेशन

अगर समय रहते किसी समस्या का इलाज न कराया जाए, तो परिणाम बुरा हो सकता है। उसी तरह हर्निया का इलाज न करने पर कॉम्प्लिकेशन हो सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  • हर्निया के बढ़ने का डर – अगर किसी गर्भवती को हर्निया की समस्या है और उसका लंबे समय तक इलाज नहीं कराया गया, तो हर्निया का आकार बढ़ सकता है (4)
  • रक्त संचार धीमा होना – हर्निया के कारण छोटी आंत में रक्त संचार धीमा हो सकता है, जिसे स्ट्रानगुलेशन (Strangulation) कहा जाता है। इससे अन्य शारीरिक समस्याएं भी पनपने लग सकती हैं (8)
  • संक्रमण का जोखिम – हर्निया के कारण शरीर के उस भाग में संक्रमण ( Peritonitis) होने का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में संक्रमण को बढ़ने से रोकने और हर्निया के इलाज करने के लिए विशेषज्ञ की मदद लें (8)

आगे जानिए कि प्रेगनेंसी के समय हर्निया से कैसे बचा जा सकता है।

प्रेगनेंसी के दौरान हर्निया से बचाव

प्रेगनेंसी के समय हर्निया के जोखिम से बचना काफी आसान है। इसके लिए इससे बचने की सही जानकारी होना जरूरी है, जो लेख में नीचे मिल जाएगी।

  • गर्भावस्था के समय भारी वजन उठाने से बचें।
  • इस समय हरी सब्जी और फल का सेवन करें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ का सेवन भी हर्निया से बचाव कर सकता है।
  • वजन को सन्तुलित रखें। इस समय जरूरत से ज्यादा वजन को बढ़ने न दें।
  • सुबह या शाम को कुछ मिनट के लिए वाक करें।
  • भारी चीजें न उठाएं।
  • पेशाब करते हुए जोर न लगाएं।

आइए, अब जान लेते हैं कि हर्निया होने पर डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए।

डॉक्टर से कब मिलें

हर्निया में डॉक्टर से कब मिलना चाहिए यह आगे जानिए (2):

  • हर्निया वाले हिस्से में दर्द होने पर।
  • दर्द के साथ मतली, उल्टी या बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर को बताएं।
  • हर्निया का रंग परिवर्तित होना, जैसे कि लाल, बैंगनी, गहरे रंग या फीका होना।
  • कमर दर्द, सूजन या उभार होना

गर्भावस्था में हर्निया होने पर सब्र रखें और डॉक्टर की मदद से सही इलाज को अपनाएं। इससे हर्निया से जल्दी राहत मिल सकती है। इस समस्या को पनपने से रोकने के लिए आर्टिकल में बताए गए बचाव पर भी गर्भवती ध्यान दे सकती हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इस आर्टिकल में दी गई सभी जानकारी रीडर के लिए उपयोगी साबित होगी। इस लेख को अपने दोस्तों के साथ भी साझा करके उन्हें प्रेगनेंसी में हर्निया के संबंध में जागरूक करें।

संदर्भ (References) :