प्रेगनेंसी में काजू खाने चाहिए या नहीं? | Pregnancy Me Kaju Khana Chahiye Ya Nahi

Image: Shutterstock

IN THIS ARTICLE

गर्भावस्था के दौरान घर के बड़े-बुजुर्ग महिलाओं को खान-पान के प्रति अधिक सजग रहने की हिदायत देते हैं। हो भी क्यों न, आखिर यह जिंदगी का ऐसा पड़ाव है, जिसमें जरा-सी लापरवाही मां के साथ-साथ होने वाले शिशु के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है (1)। वहीं, सही जानकारी न होने के कारण कुछ महिलाएं ऐसे खाद्य पदार्थों से भी मुंह मोड़ लेती हैं, जो न केवल उनके लिए बल्कि भ्रूण के विकास में भी मददगार साबित हो सकते हैं। यही कारण है कि मॉमजंक्शन के इस लेख में हम ड्राई फ्रूट्स में शामिल काजू के संबंध में कुछ जरूरी बातें बता रहे हैं। साथ ही हम गर्भावस्था में काजू सुरक्षित है या नहीं इस संशय को भी लेख के माध्यम से दूर करने का प्रयास करेंगे।

तो आइए, लेख में आगे बढ़ने से पहले गर्भावस्था में काजू सुरक्षित है या नहीं इसी संशय को दूर कर लेते हैं।

क्या गर्भावस्था के दौरान काजू खाना सुरक्षित है?

गर्भावस्था में काजू को सुरक्षित माना जा सकता है, बशर्ते इसका सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए। दरअसल, काजू में आयरन, कैल्शियम व फोलिक एसिड के साथ-साथ प्रोटीन की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है (2), जो गर्भावस्था के लिए जरूरी पोषक तत्वों में शामिल हैं और भ्रूण के विकास में सहायक माने गए हैं (3)। वहीं, इसे गर्भावस्था में मुख्य तौर पर ऊर्जा और जिंक की पूर्ति के लिए स्नैक्स के तौर पर लेने की सलाह भी दी जाती है (2) (4)

इतना ही नहीं इस संबंध में किए गए एक शोध में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि गर्भावस्था के दौरान काजू का सेवन बच्चे के दिमागी विकास में भी सहायक साबित हो सकता है (5), लेकिन कुछ एलर्जिक प्रभाव होने के कारण इसे संतुलित मात्रा में लेने की सलाह दी जाती है। वहीं, कुछ लोगों में इसकी कम मात्रा भी एलर्जी को जन्म दे सकती है, ऐसे में इसके उपयोग से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लेना चाहिए (6)

अब लेख के अगले भाग में हम काजू में मौजूद पोषक तत्वों की विस्तृत जानकारी देंगे।

काजू के पोषण तत्व

काजू में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में हम नीचे दिए गए चार्ट के जरिए विस्तार से बता रहे हैं (2)

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी5.2 g
एनर्जी553 Kcal
प्रोटीन18.22 g
टोटल लिपिड (फैट)43.85 g
कार्बोहाइड्रेट30.19 g
फाइबर (टोटल डायटरी)3.3 g
शुगर5.91 g
मिनरल
कैल्शियम37 mg
आयरन6.68 mg
मैग्नीशियम292 mg
फास्फोरस593 mg
पोटैशियम660 mg
सोडियम12 mg
जिंक5.78 mg
कॉपर2.195 mg
मैंगनीज1.655 mg
सेलेनियम19.9 µg
विटामिन
विटामिन-सी0.5 mg
थियामिन0.423 mg
राइबोफ्लेविन0.058 mg
नियासिन1.062 mg
विटामिन बी-60.417 mg
फोलेट (डीएफई)25 µg
विटामिन-ई0.9 mg
विटामिन-के34.1 µg
लिपिड
फैटी एसिड (सैचुरेटेड)7.783 g
फैटी एसिड (मोनोअनसैचुरेटेड)23.797 g
फैटी एसिड (पॉलीसैचुरेटेड)7.845 g

काजू के पोषण मूल्य जानने के बाद अब हम इसकी प्रतिदिन ली जाने वाली संतुलित मात्रा के बारे में बात करेंगे।

गर्भावस्था के दौरान आपको प्रतिदिन कितने काजू खाने चाहिए?

गर्भावस्था के दौरान काजू की संतुलित मात्रा की बात करें, तो आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ती के लिए करीब 1.6 एमजी काजू प्रतिदिन खाए जा सकते हैं (4)। जैसा कि हम लेख में ऊपर बता चुके हैं कि कुछ लोगों को काजू के सेवन से एलर्जी हो सकती है। इसलिए, बेहतर होगा कि इसके नियमित सेवन से पूर्व एक बार इसे खाकर सुनिश्चित कर लें कि आपको इससे एलर्जी तो नहीं होती।

अब लेख के अगले भाग में हम गर्भावस्था में काजू का सेवन करने की उचित अवधि के बारे में बताएंगे।

गर्भावस्था में आप किस महीने में काजू खा सकती हैं?

गर्भावस्था में काजू के सेवन की उचित अवधि की बात करें, तो इसका सेवन पहली तिमाही से लेकर अंतिम तिमाही तक किया जा सकता है। बस ध्यान देने वाली बात यह है कि आप इसकी संतुलित मात्रा का विशेष ध्यान रखें। अगर आप गर्भावस्था में इसे संतुलित मात्रा में सेवन करती हैं, तो आपको इसके सभी लाभकारी परिणाम हासिल हो सकते हैं (4) (7) (8)। फिर भी एक बार इस संबंध में डॉक्टर की सलाह जरूर लें। वह आपके स्वास्थ्य के अनुसार बताएंगे कि काजू को कब खाना चाहिए।

लेख के अगले भाग में अब हम गर्भावस्था में काजू खाने के फायदों के बारे में जिक्र करेंगे।

गर्भावस्था के दौरान काजू खाने के स्वास्थ्य लाभ

गर्भावस्था के दौरान काजू खाने के आपको निम्न प्रकार के लाभ हो सकते हैं।

  • काजू प्रोटीन का अच्छा स्रोत है (2)। प्रोटीन भ्रूण के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है (3)। इस कारण इसे भ्रूण के संपूर्ण विकास के लिए लाभदायक माना जा सकता है।
  • काजू में फैट भी उपलब्ध होता है (2), जो गर्भ में पल रहे बच्चे के दिमागी और रेटीना (आंख का एक हिस्सा) के विकास के लिए लाभदायक माना जाता है (3)
  • गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को आयरन की कमी हो सकती है। इस कारण एनीमिया की शिकायत देखी जाती है (3)। वहीं, काजू में आयरन मौजूद होता है (2), इस कारण यह गर्भवती महिलाओं में एनीमिया के जोखिम को काफी हद तक रोकने में मदद कर सकता है।
  • गर्भावस्था में कैल्शियम को मां के साथ-साथ होने वाले बच्चे के लिए भी फायदेमंद माना गया है। यह महिलाओं में दांतों और हड्डियों की मजबूती को बनाए रखने के अलावा बच्चे के विकास में भी सकारात्मक परिणाम प्रदर्शित करता है (3)। काजू कैल्शियम का भी एक अच्छा स्रोत है (2), इसलिए गर्भावस्था में काजू को लाभदायक माना जा सकता है।
  • काजू में फोलिक एसिड की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है (2)। वहीं, फोलिक एसिड भ्रूण के विकास में सहायता करने के साथ-साथ जन्मजात हृदय रोग, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट (दिमाग और रीढ़ की हड्डी से संबंधित जन्म विकार) और स्पाइना बिफिडा (रीढ़ से संबंधित एक जन्म विकार) जैसे जन्म विकारों के जोखिमों को कम करने में मदद करता है (3) (7)
  • गर्भावस्था में मधुमेह से जूझ रही महिलाओं के लिए भी काजू का सेवन मददगार साबित हो सकता है। दरअसल, काजू फाइबर युक्त लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (कम शुगर वाला) वाला खाद्य पदार्थ है। इस कारण यह गर्भावस्था के दौरान शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने में भी सहायक साबित हो सकता है (8)
  • काजू में मैग्नीशियम मौजूद होता है (2), जो गर्भवती महिलाओं में उच्च रक्तचाप, ब्लड शुगर और पैरों में मरोड़ जैसी समस्या के साथ-साथ बच्चे के विकास के लिए भी लाभदायक माना गया है (9)

गर्भावस्था में काजू के फायदे जानने के बाद अब हम इससे होने वाले कुछ दुष्प्रभावों के बारे में बात करेंगे।

गर्भावस्था के दौरान काजू के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव

काजू के सेवन से कुछ नकारात्मक प्रभाव भी नजर आ सकते हैं, जिनके बारे में हम यहां बता रहे हैं :

  • काजू में कार्बोहाइड्रेट होने के कारण इसका अधिक सेवन वजन बढ़ने का कारण बन सकता है (2) (10)
  • काजू में एलर्जिक प्रभाव मौजूद होता है। इस कारण इसके अधिक सेवन से आपको समस्या हो सकती है (6)। वहीं, अगर आपको खासतौर पर काजू से एलर्जी की समस्या है, तो इससे दूर रहना ही आपके लिए बेहतर होगा।
  • कैल्शियम की मौजूदगी के कारण इसकी अधिक मात्रा किडनी में पथरी का कारण बन सकती है (2) (11)
  • काजू में सैचुरेटेड फैट की भी कुछ मात्र पाई जाती है (2)। इस कारण इसका अधिक सेवन हृदय संबंधी समस्याओं का भी कारण बन सकता है (12)
  • वहीं, नमक युक्त काजू की अधिक मात्रा ब्लड प्रेशर की समस्या भी पैदा कर सकती है (13)

गर्भावस्था में काजू से होने वाले दुष्प्रभावों को जानने के बाद अब हम आपको काजू से होने वाली एलर्जी के कुछ लक्षण बता रहे हैं।

काजू एलर्जी के लक्षण क्या हैं?

काजू को ट्री-नट्स की श्रेणी में रखा गया है (14)। ट्री-नट्स से संबंधित एलर्जिक लक्षणों को ही काजू से होने वाली लक्षणों के तौर पर देखा जा सकता है (15)

  • पेट में दर्द और मरोड़
  • सांस लेने में तकलीफ
  • त्वचा पर खुजली और जलन
  • मतली या उल्टी
  • डायरिया

आइए, अब गर्भावस्था में काजू खाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जान लेते हैं।

काजू खाते समय बरती जाने वाली सावधानियां

गर्भावस्था में काजू खाने के दौरान आपको मुख्य रूप से इन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।

  • काजू में नमक या मसाले का प्रयोग बिल्कुल भी न करें। उन्हें सीधे खाने के लिए इस्तेमाल में लाएं।
  • जैसा कि हम लेख में ऊपर बता चुके हैं कि दिन में 28 ग्राम से अधिक काजू का सेवन न करें।
  • काजू का नियमित सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

गर्भावस्था में काजू से संबंधित बरती जाने वाली सावधानियों को जानने के बाद अब हम इसे आहार में शामिल करने के कुछ आसान तरीके बताएंगे।

काजू को गर्भावस्था के आहार में शामिल करने के तरीके

गर्भावस्था के दौरान काजू को आप निम्न तरीकों से अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

  • काजू को आप अन्य सूखे मेवों के साथ स्नैक्स के रूप में ले सकते हैं।
  • आप काजू को पीसकर इसका पेस्ट बना लें और फिर फलों के साथ खाने के लिए इसे इस्तेमाल में लाएं।
  • चॉकलेट, केक और अन्य प्रकार की मिठाइयों को बनाने में आप इन्हें उपयोग कर सकते हैं।
  • मेपल सिरप के साथ आप इसे नाश्ते में लिए जाने वाले सीरियल्स के साथ टॉपिंग्स के तौर पर प्रयोग कर सकते हैं।
  • काजू, दालचीनी और खजूर को पीसकर मेपल सिरप के साथ दही में मिक्स करके भी आप इसे खाने के लिए इस्तेमाल में ला सकते हैं।
  • गाजर, काजू, अदरक और नींबू के रस को एक साथ मिक्सर में डालकर इसका पेस्ट बना लें और ककड़ी या खीरे के साथ खाने के लिए इस्तेमाल करें।

गर्भावस्था में काजू खाना सुरक्षित है या नहीं, इस सवाल का जवाब तो अब आपको मिल ही गया होगा। साथ ही इस दौरान मां और भ्रूण के विकास के लिए यह कितना लाभकारी हैं, इस बात की भी पूरी जानकारी आपको हो चुकी होगी। ऐसे में अगर आप भी गर्भावस्था के नाजुक पड़ाव से गुजर रही हैं और काजू खाने की शौकीन हैं, तो लेख में दी गई इससे संबंधित सभी जरूरी बातों पर एक बार नजर जरूर घुमा लें, ताकि इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों के साथ-साथ आपको इसके दुष्प्रभावों की भी पूरी जानकारी हो जाए और आप इसका बेहतर लाभ पा सकें। हमने लेख में आपको इसके सेवन के कुछ आसान और सुरक्षित तरीके भी सुझाएं हैं, जिनके माध्यम से आप इसे अपने आहार में आसानी से शामिल कर पाएंगी। इस विषय से संबंधित अगर कोई अन्य सवाल या सुझाव आपके मन में हो, तो उसे नीचे दिए कमेंट बॉक्स के माध्यम से हम तक जरूर पहुंचाएं।

संदर्भ (References):

Was this information helpful?