प्रेगनेंसी में मोबाइल फोन का उपयोग कितना सुरक्षित है? | Pregnancy Me Mobile Ke Nuksan In Hindi

Pregnancy Me Mobile Ke Nuksan In Hindi

Image: Shutterstock

IN THIS ARTICLE

आज के समय में मोबाइल फोन सभी के लिए जरूरी हो गया है, लेकिन क्या प्रेगनेंसी में इसका उपयोग कितना सुरक्षित है? अगर आपने कभी इस विषय पर नहीं सोचा, तो मॉमजंक्शन के इस लेख को पढ़कर आप जान सकते हैं कि प्रेगनेंसी में मोबाइल इस्तेमाल करने से महिला और उसके गर्भस्थ शिशु पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। यहां हम सारे तथ्य व जानकारी प्रेगनेंसी में मोबाइल फोन का उपयोग करने से संबंधित रिसर्च के आधार पर दे रहे हैं। साथ ही हम कुछ ऐसे टिप्स भी देंगे, जिनकी मदद से महिलाएं प्रेगनेंसी में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना भूल जाएंगी। इन सभी बातों को जानने के लिए आर्टिकल को अंत तक पढ़ें।

आइए, सबसे पहले जानते हैं कि प्रेगनेंसी में मोबाइल का उपयोग करना कितना सुरक्षित माना जाता है।

क्या प्रेगनेंसी में मोबाइल फोन इस्तेमाल करना सुरक्षित है? | Mobile Phone In Pregnancy In Hindi 

प्रेगनेंसी में मोबाइल का अधिक इस्तेमाल सुरक्षित नहीं है। दरअसल, मोबाइल से रेडियो फ्रीक्वेंसी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड (RF-EMF) रेडिएश निकलती है। इससे गर्भावस्था की अवधि प्रभावित होती है, जिस कारण समय से पहले प्रसव होने का खतरा बना रहता है (2)

आइए, अब जानते हैं कि प्रेगनेंसी में मोबाइल का इस्तेमाल करने पर रिसर्च क्या कहती हैं।

प्रेगनेंसी में मोबाइल इस्तेमाल करने पर रिसर्च क्या कहती है? 

प्रेगनेंसी में मोबाइल फोन के उपयोग पर कई तरह की रिसर्च हो चुकी हैं। इस लेख में हम कुछ रिसर्च के परिणामों का जिक्र कर रहे हैं, जिनसे प्रेगनेंसी में मोबाइल फोन के उपयोग से होने वाले प्रभावों के बारे में पता चलता है। 

1. गर्भपात की आशंका : प्रारंभिक गर्भावस्था के दौरान मोबाइल फोन का अधिक उपयोग करने से गर्भपात की आशंका बढ़ सकती है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में भी इस बात का जिक्र मिलता है। रिसर्च में लिखा है कि मोबाइल का ज्यादा उपयोग गर्भपात का जोखिम बढ़ा सकता है, लेकिन ऐसा किस तरह से होता है, यह स्पष्ट नहीं है (3)

2. बच्चों के न्यूरोडिवेलपमेंट पर नहीं पड़ता प्रभाव

कुछ लोगों का मानना होता है कि गर्भवती द्वारा मोबाइल फोन इस्तेमाल करने से बच्चों के न्यूरोडिवेलपमेंट यानी मस्तिष्क विकास पर असर पड़ सकता है। अगर रिसर्च की बात करें, तो ऐसा कुछ नहीं है। बीएमसी पब्लिक हेल्थ के शोध के मुताबिक, प्रेगनेंसी में मोबाइल का उपयोग करने से बच्चे के दिमाग पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।

इस रिसर्च के अनुसार, मोबाइल फोन पर बातचीत करते रहने वाली महिलाओं के बच्चे में वाक्यों को न समझने का जोखिम 27 प्रतिशत तक कम हो सकता है। साथ ही भाषा को बोलने में होने वाली देरी 31 प्रतिशत तक कम हो सकती है (4)

3. बर्थ वेट

एनसीबीआई की ओर से प्रकाशित एक अन्य शोध से यह पता चलता है कि प्रेगनेंसी के दौरान अधिक मोबाइल फोन के इस्तेमाल से जन्म के समय शिशु के वजन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जापान की 461 महिलाओं पर किए गए इस रिसर्च के अनुसार, मोबाइल फोन का अधिक उपयोग करने वाली महिलाओं द्वारा जन्म दिए गए बच्चों का वजन अन्य के मुकाबले कम था (5)

4. समय से पहले प्रसव होने का खतरा

हम ऊपर बता ही चुके हैं कि प्रेगनेंसी में मोबाइल फोन के अधिक उपयोग से समय से पूर्व प्रसव होने का खतरा बना रहता है। दरअसल, फोन से निकलने वाली हानिकारक रेडिएशन गर्भावस्था की अवधि को कम करके बच्चे के प्रीमैच्योर जन्‍म के जोखिम को बढ़ा सकती है (1)

5. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का खतरा

(6)। इस कारण प्रेगनेंसी में जटिलताओं का जोखिम बढ़ सकता है (7)। फिलहाल, यह शोध गर्भवती जानवरों पर हुआ है, इसलिए इसका प्रभाव मनुष्यों पर कितना होगा यह स्पष्ट नहीं है।

6. भ्रूण के विकास से नहीं कोई संबंध

कई लोगों का मानना है कि गर्भावस्था के समय मोबाइल फोन के उपयोग से गर्भस्थ शिशु का विकास प्रभावित हो सकता है। इस विषय पर किए गए शोध में इस बात को गलत बताया गया है। रिसर्च में इस बात का जिक्र मिलता है कि मोबाइल फोन के उपयोग का भ्रूण के विकास से कोई संबंध नहीं है। हां, इससे शिशु के प्रीमैच्योर होने का खतरा जरूर हो सकता है, जिसका जिक्र हमने अपने ऊपर किया है (1)

मोबाइल फोन के अधिक इस्तेमाल से गर्भवती पर पड़ने वाले अन्य प्रभावों पर एक नजर डाल लेते हैं।

प्रेगनेंसी में मोबाइल इस्तेमाल करने का क्या प्रभाव पड़ता है? 

प्रेगनेंसी में मोबाइल फोन के अधिक उपयोग के प्रभाव क्या हो सकते हैं, यह भी समझना जरूरी है। इसलिए, नीचे हम इसके प्रभाव के बारे में बता रहे हैं (5)

  • गर्भावस्था के दौरान मोबाइल फोन का ज्यादा उपयोग करने से मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
  • मोबाइल फोन का उपयोग ज्यादा करने से अवसाद, तनाव और चिंता का खतरा बढ़ सकता है।
  • अगर प्रेगनेंट महिला मोबाइल फोन का अधिक इस्तेमाल करती है, तो सिरदर्द, अनिद्रा, थकान व एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

अब जानते हैं कि मोबाइल फोन का उपयोग कैसे कम किया जा सकता है। 

प्रेगनेंसी में मोबाइल कम यूज करने के टिप्स | Pregnancy Me Mobile Se Dur Rehne Ke Upay

प्रेगनेंसी में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के प्रभाव हम ऊपर बता ही चुके हैं। ऐसे में महिलाओं के लिए जरूरी है कि वो प्रेगनेंसी के समय मोबाइल फोन से थोड़ी दूरी बना कर रखें। इसके लिए कुछ टिप्स को फॉलो किया जा सकता है, जो इस प्रकार हैं:

  • मोबाइल फोन की जगह लैंडलाइन का उपयोग करने की कोशिश करें।
  • अगर घर में लैंडलाइन नहीं है, तो मोबाइल फोन को सीधा कान में लगाकर बात करने के बजाए स्पीकर पर रखकर बात करें। इससे मोबाइल फोन से दूरी बनी रहेगी और रेडिएशन का खतरा भी कम होगा।
  • गाना सुनने के लिए गर्भवती महिलाएं रेडियो या टीवी का इस्तेमाल करें।
  • सोने से पहले हमेशा मोबाइल फोन को खुद से कुछ दूरी पर रखें। मुमकिन हो तो फोन स्विच ऑफ करके सो जाएं।
  • खाली समय में प्रेगनेंट महिला मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने की जगह किताब पढ़ना व बुनाई, कढ़ाई या पेंटिंग जैसी चीजों पर ध्यान लगा सकती हैं।
  • मोबाइल से गेम और चैटिंग एप्लिकेशन को हटा दें।
  • मोबाइल एप्लिकेशन के नोटिफिकेशन को बंद कर दें। ऐसा करने से बार-बार मोबाइल पर ध्यान नहीं जाएगा।

अगर घर में नया मेहमान आने वाला है, तो यह लेख वाकई में आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। यहां कई अध्ययनों के माध्यम से हमने बताया है कि प्रेगनेंसी में मोबाइल फोन का इस्तेमाल से क्या होता है। अक्सर लोग फोन से निकलने वाली रेडिएशन के बारे में सोचते तक नहीं है, लेकिन आप इस लेख को पढ़कर सतर्क हो सकते हैं। मोबाइल से जुड़ी ये सारी जानकारी हमने आपको जागरूक करने के लिए दी है। हमारा उद्देश्य किसी को डराना नहीं है। ऐसे ही अन्य विषयों के बारे में जानने के लिए मॉमजंक्शन के अन्य लेख पढ़ते रहें।

सतर्क रहें, स्वस्थ रहें!

संदर्भ (References) :