गर्भावस्था में नारियल खाने के फायदे | Pregnancy Me Nariyal Ke Fayde

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गर्भावस्था के दौरान महिला को हर कोई अपने अनुभव के आधार पर कुछ न कुछ सलाह देता रहता है। इस दौरान ये करो, ये मत करो, ये खाओ, ये न खाओ जैसी सलाहें मिलती ही हैं। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य गर्भवती और होने वाले शिशु का बेहतर स्वास्थ्य होता है। अगर बात करें सिर्फ खाद्य पदार्थों की, तो कई लोग गर्भवती को नारियल खाने व उसका पानी पीने की सलाह देते हैं। फिर भी कई गर्भवती महिलाओं के मन में नारियल खाने को लेकर संशय बना रहता है।मॉमजंक्शन के इस लेख में हम नारियल के बारे में ही बात करेंगे। हम जानेंगे कि गर्भावस्था में नारियल का इस्तेमाल करना कितना सही है और इसे किस-किस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। आइए, सबसे पहले तो यह जानते हैं कि क्या गर्भावस्था के दौरान नारियल खाना सुरक्षित है।

गर्भावस्था के दौरान नारियल – क्या यह सुरक्षित है?

हां, गर्भावस्था के दौरान नारियल का सेवन करना सुरक्षित है (1) (2)। नारियल में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो गर्भावस्था में महिला को फायदा पहुंचाते हैं। आप इसका सेवन किसी भी रूप में कर सकते हैं। फिर चाहे नारियल की मलाई हो, कच्चा नारियल हो या नारियल पानी। यह शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और गर्भवती को हाइड्रेट रखता है। गर्भावस्था के शुरुआत में नारियल पानी पीने से जी-मिचलाने की समस्या और मॉर्निंग सिकनेस से राहत मिल सकती है (3)। इसके अलावा, गर्भावस्था में होने वाले हार्टबर्न व कब्ज जैसी समस्या से भी राहत मिलती है।

आइए, अब जानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान नारियल खाने से क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।

गर्भावस्था में नारियल खाने के फायदे

नारियल पौष्टिक तत्वों का खजाना होता है। यह गर्भवती के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। नीचे हम गर्भावस्था में नारियल खाने के फायदे बताने जा रहे हैं :

  • नारियल वसा रहित और जीरो कोलोस्ट्रोल युक्त होता है। यह महिलाओं में एचडीएल कोलेस्ट्रोल यानी अच्छे कोलेस्ट्रोल को बढ़ाने में मदद करता है।
  • जब गर्भावस्था के दौरान महिला को थकान या डिहाइड्रेशन की समस्या होती है, तो नारियल इस समस्या से राहत दिलाने में मदद करता है।
  • नारियल में प्राकृतिक नमक होता है (4)। अगर गर्भवती महिला प्राकृतिक नमक ग्रहण करना चाहती हैं, तो नारियल का सेवन फायेदमंद होगा।
  • नारियल में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल तत्व पाए जाते हैं (5), जो गर्भावस्था के दौरान महिला की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं ।
  • नारियल खाने से गर्भवती को फाइबर मिलता है, जिससे पाचन शक्ति सुधरती है और गर्भावस्था के दौरान कब्ज व अन्य पेट संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है।
  • गर्भावस्था में हार्मोन परिवर्तन के कारण महिला के स्वभाव में बदलाव होता रहता है। ऐसे में नारियल के सेवन से महिला का मूड अच्छा रहता है और उनकी चिड़चिड़ाहट कम हो सकती है।

फायदों के साथ-साथ नारियल के कुछ नुकसान भी हैं। इस बारे में हम लेख के अगले भाग में बता रहे हैं।

गर्भावस्था में नारियल खाने के नुकसान

यह सच है कि गर्भावस्था के दौरान नारियल खाने के काफी फायदे होते हैं, लेकिन किसी भी चीज को खाना तभी फायदेमंद होता है, जब उसकी संतुलित मात्रा ली जाए। ऐसा ही नारियल के साथ भी है। गर्भावस्था के दौरान नारियल का सेवन ज्यादा मात्रा में करने से कई तरह के नुकसान भी हो सकते हैं। नीचे हम आपको गर्भावस्था के दौरान नारियल खाने के नुकसान के बारे में बता रहे हैं :

अतिरिक्त शर्करा : कटे हुए नारियल में शुगर पाई जाती है। इसलिए, अतिरिक्त नारियल के सेवन से उन गर्भवती महिलाओं को बचना चाहिए, जिन्हें मधुमेह की समस्या होती है (6)।

उच्च कोलेस्ट्रोल : सूखे नारियल में हाई सैचुरेटेड फैट होता है। एक सूखे नारियल में 16.2 ग्राम सैचुरेटेड फैट होता है। ऐसा कहा जाता है कि आपको दिन भर में ली जाने वाली कुल कैलोरी में सात प्रतिशत से ज्यादा सैचुरेटेड फैट नहीं लेना चाहिए। इसलिए, गर्भावस्था में आप नारियल पिएं (7)।

कब्ज : नारियल में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है, जो कब्ज जैसी समस्या से राहत दिलाता है। वहीं, जरूरत से ज्यादा फाइबर लेने से पाचन तंत्र प्रभावित होता है, जिस कारण गैस की समस्या हो सकती है।

आइए, अब नारियल खाने के विभिन्न तरीकों पर नजर डालते हैं।

गर्भावस्था के दौरान नारियल खाने के विभिन्न तरीके

यह तो स्पष्ट हो गया है कि नारियल में कई तरह के गुण मौजूद होते हैं। इसका सही तरह से उपयोग करने से हर व्यक्ति को लाभ मिलता है। कुछ लोग कच्चा नारियल खाना पसंद करते हैं, तो कुछ नारियल पानी पीना पसंद करते हैं। नारियल का किसी भी तरह से सेवन किया जाए, फायदेमंद होता है। नीचे हम आपको नारियल के सेवन के विभिन्न तरीके बता रहे हैं।

1. नारियल पानी

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गर्भावस्था की पहली तिमाही में महिला को डिहाइड्रेशन की समस्या होना आम है। इससे राहत पाने के लिए नारियल पानी काफी मददगार साबित हो सकता है (1)। यह सीने में जलन व कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।

हालांकि, गर्भावस्था में नारियल पानी को किसी भी समय पिया जा सकता है, लेकिन सुबह-सुबह खाली पेट पीना ज्यादा फायदेमंद होता है। खाली पेट नारियल पानी पीने से इसके पोषक तत्व शरीर को जल्दी मिलते हैं और ज्यादा फायदा होता है। यहां हम बता रहे हैं कि 100gm नारियल पानी में क्या-क्या पोषक तत्व मौजूद हैं (8) :

घटक

पौष्टिक मूल्य

पानी95 प्रतिशत
कैलोरी19Kcl
प्रोटीन0.7 ग्राम
फैट0.2 ग्राम
कोलेस्ट्रोल0 एमजी
कार्बोहाइड्रेट3.7 ग्राम
डाइटरी फाइबर1.1 ग्राम
कैल्शियम24.0 एमजी
आयरन0.3 एमजी
मैग्नीशियम25.0 एमजी
फास्फोरस20.0 एमजी
सोडियम105.0 एमजी
विटामिन-सी2.4 एमजी

गर्भावस्था में नारियल पानी पीने के 11 लाभ | Nariyal Pani Ke Fayde In Pregnancy

  1. प्राकृतिक मूत्रवर्धक : गर्भावस्था के दौरान शरीर में यूरिक एसिड का स्तर सामान्य रहना चाहिए। ऐसे में नारियल पानी में पोटैशियम, मैग्नीशियम और खनिज होने के चलते बार-बार पेशाब आता है। बार-बार पेशाब जाने से शरीर के टॉक्सिन बार निकलते हैं, जिससे यूरिनरी ट्रैक्ट साफ रहता है। इसके अलावा, यह किडनी की समस्याओं से भी राहत दिलाता है। गर्भावस्था में नारियल पानी पीने से यूरिन इन्फेक्शन होने का खतरा भी कम हो जाता है।
  1. आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स प्रदान करता है : गर्भावस्था के दौरान इलेक्ट्रोलाइट्स की आवश्यकता बढ़ जाती है। ऐसा मॉर्निंग सिकनेस और उल्टी दस्त के कारण हो सकता है। नारियल पानी में खनिज, सोडियम, कैल्शियम, पोटैशियम व फास्फोरस जैसे पांच जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं (9)। ये इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर का पीएच स्तर और रक्तचाप नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं।
  1. सीने में जलन और कब्ज से दिलाए राहत : गर्भावस्था के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव के चलते सीने में जलन, अपच और कब्ज जैसी समस्याएं हो जाती हैं। जैसा कि हमने ऊपर भी बताया कि नारियल पानी से पाचन तंत्र मजबूत होता है, जिस कारण इन सभी समस्याओं से राहत मिलती है। आयुर्वेद के अनुसार, नारियल पानी चयापचय को दुरुस्त करता है और सीने में जलन से राहत दिलाने का प्राकृतिक व कारगर तरीका है।
  1. संक्रमण से बचाए : नारियल पानी विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और यह संक्रमण से बचाव करता है (5)।
  1. रक्तचाप नियंत्रित करे : गर्भावस्था में नारियल पानी पीने से रक्तचाप भी संतुलित रहता है। यह पोटैशियम और मैग्नीशियम का स्तर संतुलित करता है। इससे कोलेस्ट्रोल का स्तर भी संतुलित रहता है। इसके अलावा, नारियल पानी में मौजूद विटामिन, जरूरी प्रोटीन और इलेक्ट्रोलाइट्स शुगर स्तर को भी नियंत्रित करते हैं।
  1. वजन संतुलित रखे : नारियल पानी वजन संतुलित रखने में मदद करता है। चूंकि, गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ना सामान्य है, ऐसे में आपका अत्यधिक वजन न बढ़े, उसके लिए नारियल पानी काफी फायदेमंद होता् है। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान शिशु के विकास में भी नारियल पानी फायदा पहुंचाता है।
  1. प्राकृतिक ड्रिंक : नारियल पानी स्वादिष्ट और प्राकृतिक ड्रिंक है, जिसमें किसी भी तरह के हानिकारक केमिकल नहीं होते। इसलिए, यह आपके और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए सुरक्षित है।
  1. ऊर्जा दे : नारियल पानी में पोषक तत्वों की भरमार होने के कारण यह आपको ऊर्जा देगा। अगर आपको थकान महसूस हो रही है, तो एक नारियल पानी फायदा पहुंचा सकता है। अगर गर्भावस्था के दौरान इसका नियमित रूप से सेवन किया जाए, तो यह श्रोणि भाग की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है। आप एनर्जी ड्रिंक के तौर पर नारियल पानी पी सकते हैं (10)।
  1. कम शर्करा का स्तर : ज्यादा शुगर का सेवन करने से रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ जाता है। नारियल पानी में अन्य एनर्जी ड्रिंक की तुलना में कम शर्करा होती है, जो शरीर में शर्करा स्तर बनाए रखने में मदद करती है। अन्य एनर्जी ड्रिंक की जगह नारियल पानी पीने से गर्भावधि मधुमेह का खतरा भी कम हो जाता है।
  1. शिशु के विकास में मददगार : नारियल पानी में भरपूर पोषक तत्व होने के कारण यह गर्भवती के लिए फायदेमंद होता है और शिशु के विकास में भी मदद करता है (11)।
  1. एमनियोटिक द्रव की मात्रा : गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में नारियल पानी पीने की सलाह दी जाती है। तीसरी तिमाही में नारियल पानी पीने से एमनियोटिक द्रव का संतुलन ठीक रहता है (11)।

अब हम जानेंगे कि गर्भावस्था के दौरान नारियल पानी किस प्रकार नुकसानदायक है।

गर्भावस्था के दौरान नारियल के पानी के दुष्प्रभाव

इसमें कोई दो राय नहीं है कि हर चीज के फायदे और नुकसान दोनों ही होते हैं। ऐसा ही नारियल पानी के साथ भी है। खासतौर पर गर्भावस्था में आप कितना नारियल पानी पी रही हैं, इस पर ध्यान देना जरूरी है। गर्भावस्था के दौरान अधिक नारियल पानी पीने से निम्न प्रकार के नुकसान हो सकते हैं :

एलर्जी का खतरा : कुछ लोगों को एलर्जी की समस्या अधिक होती है। संभव है कि उन्हें नारियल पानी पीने से भी एलर्जी हो जाए। आपको बता दें कि नारियल एक ट्री नट है, यानी पेड़ से मिलने वाला मेवा। किसी-किसी को पेड़ से मिलने वाले मेवे से एलर्जी होती है। जिन गर्भवती महिलाओं के साथ ऐसा है, उन्हें नारियल पानी का सेवन करने से बचना चाहिए।

अधिक मूत्रवर्धक प्रवृत्ति : जैसा कि हमने बताया नारियल पानी में मूत्रवर्धक गुण होते हैं, जिससे शरीर के टॉक्सिन दूर होते हैं और आप हाइड्रेट रहते हैं, लेकिन इसके ज्यादा इस्तेमाल से आपको बार-बार पेशाब जाना पड़ेगा, जिससे रात को आपकी नींद खराब होगी। इसलिए, रात में नारियल पानी पीने से बचें।

पाचन संबंधी समस्या : गर्भावस्था के दौरान महिला को पाचन संबंधी समस्या बनी रहती है। यूं तो गर्भावस्था के दौरान नारियल पानी पीने से पाचन शक्ति सुधरती है, लेकिन इसका ज्यादा इस्तेमाल करने से पेट खराब हो सकता है और महिला को दस्त लग सकते हैं।

ठंड लगने का डर : नारियल पानी आपके शरीर को ठंडक देता है, अगर आपको जल्दी ठंड लगने की समस्या है या आप सर्दी के मौसम में गर्भवती हैं, तो इसके सेवन से बचना चाहिए।

संभव है कि अब आप सोच रहे होंगे कि गर्भावस्था में कितना नारियल पानी पीना चाहिए। आइए, यह भी जान लेते हैं।

गर्भवती महिला कितना नारियल पानी पी सकती है?

गर्भावस्था के दौरान महिला एक दिन में एक से दो गिलास नारियल पानी पी सकती है।

अब हम नारियल पानी से जुड़े कुछ मिथकों के बारे में बात कर लेते हैं।

गर्भावस्था के दौरान नारियल के पानी के बारे में मिथक

गर्भावस्था के दौरान कुछ लोग ऐसे मिथकों पर भरोसा कर लेते हैं, जिनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। ऐसा ही कुछ नारियल पानी के साथ भी है। गर्भावस्था के दौरान नारियल पानी पीने से जुड़े कई मिथक हैं, जिनके बारे में हम नीचे चर्चा करने जा रहे हैं :

मिथक : गर्भावस्था के दौरान नारियल पानी पीने से शिशु सुंदर और गोरे रंग का पैदा होता है।

तथ्य : यह पूरी तरह से मिथक है। नारियल पानी का शिशु के रंग व रूप से कोई संबंध नहीं है। आपके शिशु का रंग और रूप पूरी तरह से उसके जीन पर निर्भर करता है। किसी भी तरह का खानपान गर्भ में पल रहे बच्चे के रंग पर असर नहीं डालता।

मिथक : गर्भावस्था के दौरान नारियल पानी पीने से शिशु के बाल घने और मजबूत होंगे।

तथ्य : यह भी बिल्कुल गलत है। शिशु के बाल कैसे होंगे, यह उसके जीन पर निर्भर करता है। नारियल पानी पीने से गर्भ में पल रहे शिशु के बालों के विकास पर कोई असर नहीं पड़ता। यह सिर्फ एक मिथक है, जिस पर लोग सालों से भरोसा करते आ रहे हैं।

मिथक : गर्भावस्था के दौरान नारियल पानी पीने से महिला को सभी जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं।

तथ्य : फिलहाल, ऐसी कोई चीज नहीं है, जिसमें सभी गुण मौजूद हों। हालांकि, नारियल पानी में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं, जो गर्भावस्था के दौरान फायदा पहुंचाते हैं, लेकिन बात हो सारे पोषक तत्वों की, तो ऐसा नारियल पानी के साथ नहीं है।

मिथक : गर्भावस्था में नारियल पानी पीने से एसिडिटी होती है।

तथ्य : नहीं, यह पूरी तरह से गलत है। गर्भावस्था के दौरान नारियल पानी पीना एसिडिटी का कारण नहीं बनता। अगर आपको इस दौरान एसिडिटी होती है, तो उसका कारण आपका बढ़ता गर्भाशय और गर्भावस्था के हार्मोन होते हैं। इससे पाचन शक्ति पर असर पड़ता है और एसिडिटी की समस्या होती है।

मिथक : गर्भावस्था के दौरान नारियल पानी पीने से बच्चे का सिर नारियल जितना बड़ा होता है।

तथ्य : यह पूरी तरह से गलत है, जिस पर लोग भरोसा करते हैं। गर्भावस्था में नारियल पानी पीने और बच्चे के सिर के आकार के बीच कोई संबंध नहीं है।

मिथक : गर्भावस्था के दौरान नारियल पानी हाइड्रेट रहने के लिए सबसे बेहतर है?

तथ्य : पानी के अलावा हाइड्रेट रहने के लिए सबसे बेहतर ड्रिंक और कोई नहीं है, न तो कोई हेल्थ ड्रिंक और न ही नारियल पानी। पानी आपको जिस तरह से हाइड्रेट रखता है, उतना हाइड्रेट कोई नहीं रख सकता। यही कारण है कि अन्य ड्रिंक के साथ-साथ व्यक्ति को आठ से दस गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको गर्भावस्था के दौरान नारियल पानी से संबंधित इन मिथकों के बारे में पता चल गया होगा। आगे हम नारियल की मलाई के लाभ बता रहे हैं।

2. नारियल की मलाई

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आपने कई बार नारियल पानी पीने के बाद उसकी मलाई भी खाई होगी। नारियल की मलाई जितनी स्वादिष्ट होती है, उसमें उतने ही पोषक तत्व भी होते हैं। नीचे हम आपको गर्भावस्था के दौरान नारियल की मलाई खाने के फायदे बता रहे हैं। पहले जानिए 100 ग्राम नारियल की मलाई के पौष्टिक मूल्यों के बारे में (12) :

पोषक तत्वपौष्टिक मूल्य
पानी3 ग्राम
एनर्जी660 ग्राम
प्रोटीनछह ग्राम
फैट64.53 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट23.67 ग्राम
फाइबर16.3 ग्राम
कैल्शियम26 ग्राम

गर्भावस्था के दौरान नारियल मलाई के लाभ

  • नारियल की मलाई से आपको फाइबर मिलेगा, जिससे कब्ज जैसी समस्या दूर होगी।
  • नारियल पानी की तरह नारियल की मलाई में भी पोटैशियम व सोडियम होता है, जो गर्भावस्था के दौरान बढ़ते रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • नारियल की मलाई में फोलेट होता है, जो गर्भावस्था में फायदेमंद होता है। यह शिशु के मस्तिष्क विकास और तंत्रिका तंत्र के लिए फायदेमंद होता है (13)।

नारियल की मलाई के फायदे जानने के बाद अब नारियल के दूध के फायदे जान लेते हैं।

3. नारियल का दूध

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कई लोगों को यह नहीं पता होता कि नारियल का दूध होता क्या है। आपको बता दें कि नारियल का दूध नारियल को कसकर निकाला जाता है। इसे खाने में भी इस्तेमाल किया जाता है। नीचे हम गर्भावस्था के दौरान नारियल के दूध के फायदे बताने जा रहे हैं। पहले जानिए कि 100 ग्राम नारियल दूध में कौन-कौन से पौष्टिक तत्व होते हैं और उनकी मात्रा कितनी होती है (14) :

पोषक तत्वपौष्टिक मूल्य
पानी67.62 ग्राम
एनर्जी230 ग्राम
प्रोटीन2.29 ग्राम
फैट23.84 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट5.54 ग्राम
फाइबर2.2 ग्राम
शुगर3.34 ग्राम
कैल्शियम16 ग्राम

गर्भावस्था के दौरान नारियल के दूध के लाभ

  1. नारियल के दूध में भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है। यह शिशु की हड्डियों के विकास में फायदा पहुंचाता है।
  1. नारियल पानी और नारियल की मलाई की तरह नारियल के दूध में भी मैग्नीशियम होता है, जो गर्भावस्था में होने वाली उच्च रक्तचाप की समस्या को दूर करने में मदद करता है। साथ ही पैरों में होने वाले दर्द को कम कर सकता है।
  1. नौ महीने के इस पूरे सफर में गर्भवती महिला का वजन बढ़ना सामान्य है, लेकिन कई बार अत्यधिक खाने-पीने या गर्भावस्था के दौरान होने वाली चिंता की वजह से महिला का वजन सामान्य से ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में नारियल का दूध वजन नियंत्रित करने में मदद करता है।
  1. गर्भावस्था के दौरान अक्सर महिला की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। ऐसे में नारियल का दूध रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में काफी मदद करता है। नारियल के दूध में लॉरिक एसिड होता है। इसके अलावा, इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण भी होते हैं, जो बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं (15)।

क्या गर्भावस्था के दौरान डिब्बाबंद नारियल दूध अच्छा है?

डिब्बाबंद नारियल दूध में सैचुरेटेड फैट होता है, जो वजन बढ़ाने का काम करता है। इसमें उच्च मात्रा में फाइबर होता है। अगर इसे गर्भावस्था के दौरान लिया जाए, तो गर्भवती को दस्त लगने का खतरा हो सकता है। इसलिए, गर्भावस्था में डिब्बाबंद नारियल दूध लेने से मना किया जाता है। अगर फिर भी आप इसका सेवन करना चाहती हैं, तो एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर कर लें।

आर्टिकल के इस हिस्से में हम नारियल तेल के बारे में बता रहे हैं।

4. नारियल तेल

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कई लोग नारियल तेल का इस्तेमाल खाना बनाने और त्वचा पर व बालों में लगाने के लिए करते हैं। बात की जाए गर्भावस्था की, तो आपको बहुत से लोगों ने नारियल का तेल इस्तेमाल करने की सलाह दी होगी। प्रेग्नेंसी में कई महिलाएं नारियल का तेल इस्तेमाल करती आई हैं (16)। इसलिए, नीचे हम गर्भावस्था के दौरान नारियल तेल के फायदों के बारे में बात कर रहे हैं। सबसे पहले हम प्रति 100gm नारियल तेल के पौष्टिक मूल्यों के बारे में जानते हैं (17) :

पोषक तत्वपौष्टिक मूल्य
पानी0.03 ग्राम
एनर्जी892 ग्राम
प्रोटीन0.00 ग्राम
फैट99.06 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट0.00 ग्राम
फाइबर0.0 ग्राम
शुगर0.00
कैल्शियम1 ग्राम

गर्भावस्था के दौरान नारियल के तेल के लाभ

  1. एंटी-इन्फेक्शनल गुण : नारियल तेल में बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता होती है। यह फंगल संक्रमण से बचाने में मदद करता है। गर्भावस्था के दौरान एक चम्मच नारियल तेल का सेवन करने से रोग-प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। इससे गर्भवती फ्लू व ठंड लगने जैसी समस्याओं से लड़ने में सक्षम होती है (6)।
  1. लॉरिक एसिड से भरपूर : ब्रेस्ट मिल्क के बाद नारियल तेल को लॉरिक एसिड का सर्वश्रेष्ठ स्रोत माना गया है। यह गर्भावस्था के दौरान और गर्भावस्था के बाद ब्रेस्ट मिल्क बनाने में मदद करता है, जो शिशु के स्वास्थ के लिए जरूरी है (18)।
  1. दुग्ध उत्पादों का विकल्प : दूध उत्पादों में काफी पोषण होता है, लेकिन जरूरी नहीं कि गर्भावस्था के दौरान सभी दूध उत्पादों का सेवन करना सुरक्षित हो। इसके अलावा, बहुत से ऐसे दूध उत्पाद भी होते हैं, जो गर्भवती महिला को नापसंद होते हैं। ऐसे में नारियल तेल वो सभी गुण गर्भवती को दे सकता है, जो दूध उत्पादों से मिलते हैं।
  1. गर्भावस्था के दुष्प्रभावों को कम करे : गर्भावस्था के दौरान मॉर्निंग सिकनेस, कब्ज व सीने में जलन जैसी समस्याएं होती हैं। इनसे राहत पाने के लिए नारियल तेल फायदेमंद हो सकता है। नारियल तेल के सेवन से एसिडिटी कम हो सकती है और पेट को राहत मिल सकती है।
  1. रूखापन दूर करे : गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलावों के चलते सिर में रूखापन आना सामान्य है। ऐसे में नारियल तेल से मालिश करने से सिर का रूखापन दूर होता है और बालों में चमक आती है। इसके लिए आप रात को सिर पर नारियल का तेल लगाएं और सुबह धो लें।

नोट : ध्यान रहे कि गर्भावस्था एक नाजुक दौर होता है और हर महिला के शरीर की स्थिति अलग-अलग हो सकती है। संभव है कि किसी को नारियल का तेल सूट न करे। इसलिए, इसका सेवन करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

आइए जानते हैं कि नारियल तेल का कैसे औषधीय उपयोग किया जा सकता है।

गर्भावस्था के दौरान नारियल तेल का औषधीय उपयोग

यीस्ट संक्रमण से बचाए : गर्भावस्था के दौरान कई तरह के हार्मोनल परिवर्तन होते हैं, जिस कारण योनि के पीएच स्तर में बदलाव आ सकता है। इस कारण कैंडिडा (यह यीस्ट संक्रमण का सबसे आम प्रकार है) बढ़ सकता है, जिससे यीस्ट इन्फेक्शन होने का खतरा रहता है। इस इन्फेक्शन के आम लक्षण जननांग में दर्द, खुजली और योनि से सफेद पानी आना हो सकता है। नारियल के तेल में एंटीफंगल गुण होते हैं, जिस कारण यह यीस्ट संक्रमण से बचाने में मदद करता है। (19)।

प्रजनन क्षमता बढ़ाए नारियल का तेल : नारियल प्रजनन क्षमता पर असर डालता है। नारियल के तेल में सैचुरेडट फैट होता है। शरीर को कुछ मात्रा में सैचुरेटेड फैट की जरूरत होती है, जो आपका हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इससे प्रजनन क्षमता पर भी असर पड़ता है।

नारियल तेल के बाद अब अंत में हम नारियल के बीज के बारे में जानेंगे।

5. नारियल का बीज (नारियल का फूल)

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जिस तरह नारियल पानी, नारियल का तेल और नारियल के दूध के फायदों के बारे में बताया अब उसी तरह हम बात करेंगे नारियल के बीज की। हम जानेंगे कि किस तरह नारियल का बीज गर्भावस्था में फायदा पहुंचाता है :

गर्भावस्था के दौरान नारियल का बीज के लाभ

  • जैसा कि हमने बताया नारियल में पोटैशियम, मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होता है, ठीक उसी तरह नारियल के बीज में भी पोटैशियम और मैग्नीशियम पाया जाता है। यह आपको ऊर्जा देता है और रक्तचाप नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • इसका सेवन करने से भी शरीर को फाइबर मिलता है, जो गर्भावस्था में होने वाली पेट संबंधी समस्या जैसे कब्ज आदि से राहत दिलाने में मदद करता है।
  • नारियल के बीज में भी लॉरिक एसिड होता है, जो गर्भवती में बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है।
  • नारियल के बीज में आपको कैल्शियम भी मिलेगा, जो होने वाले बच्चे की हड्डियों के विकास में मदद करेगा।

हम उम्मीद करते हैं कि इस लेख में आपको गर्भावस्था के दौरान नारियल के इस्तेमाल को लेकर मन में जो भी सवाल आते होंगे, उनके जवाब मिल गए होंगे। फिर भी हर महिला की शारीरिक स्थिति अलग होने के कारण आपको इसका इस्तेमाल करने से पहले और इसकी मात्रा जानने के लिए डॉक्टर से संपर्क करना ही चाहिए।

संदर्भ (References) :

  1. Holistic Mommy: How To Beat Morning Sickness Naturally (Part 1) By American college of healthcare sciences
  2. Maternal intake of dietary virgin coconut oil modifies essential fatty acids and causes low body weight and spiky fur in mice By Ncbi
  3. Coconut By Google books
  4. Coconut Water By Medline Plus
  5. Antibacterial Efficacy of Tender Coconut Water (Cocos nucifera L) on Streptococcus mutans: An In-Vitro Study By Ncbi
  6. Full Report (All Nutrients): 12119, Nuts, coconut water (liquid from coconuts) By United States Department of Agriculture Agricultural Research Service
  7. Coconut fats. By Ncbi
  8. The Coconut Palm in Florida1 By University of florida extension
  9. The Chemical Composition and Biological Properties of Coconut (Cocos nucifera L.) Water By CiteSeerX
  10. The Leading Concerns of American Women with Nausea and Vomiting of Pregnancy Calling Motherisk NVP Helpline By Ncbi
  11. The Coconut Bible By Classes.dma.ucla.edu
  12. Basic Report: 12108, Nuts, coconut meat, dried (desiccated), not sweetened By USDA
  13. The Other White Meat: Why You Should Eat Coconut for Strong Muscles and More! By One green planet
  14. Basic Report: 12117, Nuts, coconut milk, raw (liquid expressed from grated meat and water) By USDA
  15. Antibacterial Efficacy of Tender Coconut Water (Cocos nucifera L) on Streptococcus mutans: An In-Vitro Study By Ncbi
  16. Maternal intake of dietary virgin coconut oil modifies essential fatty acids and causes low body weight and spiky fur in mice By Ncbi
  17. Basic Report: 04047, Oil, coconut By USDA
  18. Maternal intake of dietary virgin coconut oil modifies essential fatty acids and causes low body weight and spiky fur in mice By Ncbi
  19. Chronic Yeast Infection – Symptoms & Treatment Solution For YOU By Yeast Infection