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प्रेगनेंसी में नाभि में बदलाव होना : कारण, दर्द से राहत के उपाय और बचाव | Pregnancy Me Nabhi Me Change Aur Pain

Pregnancy Me Nabhi Me Change Aur Pain

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गर्भधारण के समय से ही महिलाओं के शरीर में कई तरह के परिवर्तन होते हैं। इन परिवर्तन के कारण महिलाओं को कई छोटी-बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इनमें नाभि में बदलाव भी शामिल है। आइये, मॉमजंक्शन के इस लेख में जानते हैं कि प्रेगनेंसी में नाभि में बदलाव कितना सामान्य है और यह बदलाव किन कारणों से होता है। इसके अलावा, इस लेख में नाभि में बदलाव से जुड़ी परेशानियों और समाधान के विषय में भी बताया गया है। चलिये, लेख में आगे बढ़ते हैं और इस विषय में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।

चलिये, सबसे पहले जान लेते हैं कि गर्भावस्था में नाभि में परिवर्तन होना सामान्य है या नहीं।

क्या प्रेगनेंसी में नाभि में बदलाव सामान्य है?

जी हां, गर्भावस्था के समय नाभि में बदलाव होना सामान्य हो सकता है। दरअसल, भ्रूण का आकार बढ़ने के साथ-साथ पेट का आकार भी बढ़ता है। इससे पेट के हिस्से में दबाव पड़ता है और इस वजह से नाभि उभरी हुई या बाहर की तरफ निकली हुई नजर आ सकती है। ऐसा गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में हो सकता है, क्योंकि इस दौरान भ्रूण का आकार पहले के मुकाबले ज्यादा बढ़ जाता है (1)

नीचे जानिए गर्भवती की नाभि में कैसा बदलाव होता है।

प्रेगनेंसी में नाभि में कैसा बदलाव आता है? | Nabhi Change in Pregnancy in Hindi

जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि गर्भावस्था के दौरान भ्रूण का आकार बढ़ने के कारण गर्भवती के पेट का आकार भी बढ़ता है, जिससे पेट पर दबाव पड़ता है। इस वजह से नाभि बाहर की तरफ उभरी हुई नजर आ सकती है। यह दबाव समय के साथ बढ़ सकता है और नाभि में ज्यादा उभार भी दिखाई दे सकता है (1)

आगे जानिए प्रेगनेंसी में नाभि में बदलाव किन कारणों से होता है।

प्रेगनेंसी में नाभि में बदलाव होने के कारण | Causes of belly button changes during pregnancy

प्रेगनेंसी में नाभि में बदलाव होने के पीछे का कारण है भ्रूण का आकार बढ़ना, जिसके बारे में हम ऊपर बता चुके हैं। भ्रूण का आकार बढ़ने के कारण पेट पर दबाव पड़ता है और जिसका असर नाभि पर दिख सकता है और नाभि बाहर की ओर निकली हुई नजर आ सकती है (1)

वहीं, पेट पर बढ़ता दबाव अंबिलिकल हर्निया (यह हर्निया तब होता है, जब नाभि के आसपास की मांसपेशियां पूरी तरह से बंद नहीं पाती हैं।) का कारण बन सकता है, जिसकी वजह से भी नाभि उभरी हुई नजर आ सकती है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान अंबिलिकल हर्निया का जोखिम कम ही देखा गया है (2)

नीचे जानिए विषय से जुड़े एक गंभीर सवाल का जवाब।

क्या नाभि को उभरने से रोका जा सकता है?

गर्भ में भ्रूण का बढ़ना और इस वजह से पेट पर दबाव पड़ना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। वहीं, जैसा कि हमने ऊपर बताया कि पेट पर अत्यधिक दबाव की स्थिति में नाभि बाहर की ओर आ सकती है। ऐसे में इसे रोका नहीं जा सकता है, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रख इससे होने वाली जटिलताओं को कम जरूर किया जा सकता है। इस विषय में आगे लेख में विस्तारपूर्वक बताया गया है।

आइये, जानते हैं कि नाभि के उभरने पर किस तरह की समस्या हो सकती है।

नाभि के बाहर निकलने से पैदा होने वाली समस्याएं

प्रेगनेंसी के समय नाभि के उभरने से जुड़ी कुछ संभावित समस्याएं देखी जा सकती हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं :

  • दर्द और सूजन : जैसा कि हमने ऊपर बताया कि गर्भावस्था में पेट का आकार बढ़ने से अंबिलिकल हर्निया भी हो सकता है, जिससे नाभि उभरी हुई नजर आ सकती है। वहीं, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में जिक्र मिलता है कि अंबिलिकल हर्निया के कारण नाभि में सूजन की समस्या और दर्द हो सकता है (3)

वहीं, पेट का आकार बढ़ने के कारण मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ता है, इस कारण भी नाभि में दर्द महसूस हो सकता है। हालांकि, ऐसा नाभि के उभार की वजह से होता है या नहीं, इस विषय से जुड़े वैज्ञानिक अध्ययन का अभाव है, इसलिए इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है, ताकि नाभि के उभार और दर्द के मध्य संबंध को ठीक से समझा जा सके।

  • खुजली होना : जैसा कि हमने ऊपर बताया कि भ्रूण का आकार बढ़ने के कारण पेट की मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ता है, जिससे नाभि उभर सकती है। वहीं, मांसपेशियों में खिंचाव की वजह से खुजली की समस्या हो सकती है (4)। हालांकि, ऐसा नाभि के उभरने की वजह से होता है या नहीं, इसे लेकर सटीक शोध का अभाव है।

प्रेगनेंसी के समय नाभि में दर्द क्यों होता है, जानिए नीचे।

प्रेगनेंसी में नाभि में दर्द क्यों होता है? | Navel Pain During Pregnancy in Hindi

गर्भवती की नाभि में दर्द होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। हालांकि, इन कारणों को लेकर वैज्ञानिक रिसर्च की कमी है, फिर हम कुछ बिंदुओं के माध्यम से गर्भावस्था में नाभि में दर्द के कारण बता रहे हैं :

  • अंबिलिकल हर्निया : जैसा कि हमने ऊपर बताया कि पेट पर बढ़ते दबाव के कारण अंबिलिकल हर्निया हो सकता है और अंबिलिकल हर्निया के कारण नाभि में दर्द हो सकता है (3)
  • नाभि में घर्षण : अगर नाभि बाहर की ओर निकली है, तो कपड़े से घर्षण होना आम बात है। इस घर्षण से कई बार नाभि में दर्द महसूस हो सकता है। फिलहाल, इससे जुड़े सटीक शोध का अभाव है।
  • नाभि में पियर्सिंग : कई महिलाएं प्रेगनेंसी में नाभि में पियर्सिंग कराती हैं, जो कि नहीं कराना चाहिए (5)। ऐसे में पियर्सिंग के कारण भी नाभि में दर्द हो सकता है।
  • पेट की मांशपेशियों में खिंचाव : इस समय गर्भाशय के बढ़ने पर पेट की मांसपेशियों में खिंचाव उत्पन्न हो सकता है, जिसका असर नाभि पर पड़ सकता है और नाभि में दर्द महसूस हो सकता है। फिलहाल, इससे जुड़े सटीक शोध का अभाव है।

प्रेगनेंसी में नाभि के दर्द से राहत पाने के उपाय नीचे बताए गए हैं।

प्रेगनेंसी में नाभि में दर्द से राहत कैसे पाएं?

प्रेगनेंसी के समय नाभि के दर्द से राहत पाने के लिए कई तरीकों को अपनाया जा सकता है। इन उपायों की मदद से नाभि के दर्द को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। पढ़ें नीचे :

  • इस बात ध्यान रखें कि पेट पर बाहरी दबाव न पड़े। इसके लिए सोते वक्त अपने दोनों तरफ मुलायम तकिए रखे जा सकते हैं।
  • प्रेगनेंसी में नाभि के दर्द को कम करने में मैटरनल सपोर्ट बेल्ट कुछ हद तक मददगार साबित हो सकती है (6)। इसके इस्तेमाल से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।
  • प्रेगनेंसी में ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें (7)। ऐसा इसलिए, क्योंकि तंग कपड़े नाभि के दर्द और बढ़ाने का काम कर सकते हैं।

प्रेगनेंसी के बाद नाभि सामान्य होगी या नहीं, जानिए नीचे।

क्या गर्भावस्था के बाद मेरी नाभि फिर से सामान्य हो जाएगी?

जी हां, शिशु को जन्म देने के बाद शरीर की सही देखभाल करने पर नाभि पहले जैसी सामान्य हो सकती है। विशेषज्ञों की मानें, तो शिशु को जन्म देने के बाद यह समस्या धीरे-धीरे कम हो सकती है (1)। वहीं, प्रसव के कुछ हफ्तों बाद अगर नाभि में सकारात्मक बदलाव नजर न आएं, तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें, क्योंकि हो सकता है कि इसके पीछे की वजह कोई शारीरिक समस्या हो।

नाभि में बदलाव को लेकर चिंता करनी चाहिए या नहीं, जानिए नीचे।

क्या प्रेगनेंसी में नाभि में होने वाले बदलाव व दर्द को लेकर चिंतित होना चाहिए?

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि प्रेगनेंसी में नाभि में बदलाव होना सामान्य है और यह स्थिति प्रसव के बाद धीरे-धीरे ठीक हो सकती है (1)। वहीं, नाभि में उभार के साथ अगर दर्द होता है और यह कम होने का नाम नहीं ले रहा है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि इसके पीछे की वजह अंबिलिकल हर्निया की समस्या हो सकती है (3)। ऐसे में नाभि में हो रहे दर्द के बारे में संबंधित डॉक्टर को जरूर सूचित करें।

नाभि में बदलाव होने पर डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए, नीचे जानिए।

डॉक्टर से कब परामर्श करें

प्रेगनेंसी में नाभि में बदलाव के साथ निम्नलिखित स्थितियां में डॉक्टर से संपर्क किया जा सकता है :

  • अगर गर्भवती की नाभि में तेज दर्द होता है और दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
  • नाभि में लगातार अधिक समय तक खुजली होने पर।
  • अधिक सूजन की स्थिति में।
  • नाभि वाले भाग में त्वचा संक्रमण होने के लक्षण (घाव या लाल चकत्ते) दिखने पर।

प्रेगनेंसी में नाभि में बदलाव से जुड़े कुछ सवालों के जवाब जानिए नीचे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

क्या आपको गर्भावस्था के दौरान किसी भी नेवल पियर्सिंग को हटा देना चाहिए?

अगर आपने पहले से ही नाभि में पियर्सिंग करा रखी है, तो प्रेगनेंसी कंफर्म होने पर इसे हटा देना ही बेहतर है। साथ ही इस दौरान नाभि में पियर्सिंग न कराएं। दरअसल, भ्रूण का आकार बढ़ने पर पेट की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है, इससे पियर्सिंग वाले भाग में घाव बन सकता है या पियर्सिंग खुलने से चोट आ सकती है। इसके अलावा, नेवल रिंग बढ़ते गर्भाशय को बाधित भी कर सकती है (8)

क्या अम्बिलिकल हर्निया आपके बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है?

विषय से जुड़े एक शोध में प्रेगनेंसी में अम्बिलिकल हर्निया की सर्जरी का जिक्र मिलता है, जिसमें फेटल लॉस (भ्रूण की मृत्यु) का जोखिम नहीं देखा गया है (2)। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि अम्बिलिकल हर्निया से शिशु को हानि न के बराबर हो सकती है। फिलहाल, इस विषय में अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

प्रेगनेंसी में नाभि का बाहर की तरफ उभरना कोई बीमारी नहीं है। ऐसे में नाभि के उभरने पर घबराएं नहीं और अपना ख्याल रखें। अगर नाभि या पेट वाले भाग में अधिक तकलीफ होती है, तब समय व्यर्थ किए बिना डॉक्टर की मदद लें। इसके अलावा, नाभि के दर्द को कम करने के लिए बताए गए टिप्स को डॉक्टरी सलाह पर इस्तेमाल में ला सकती हैं। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे इस लेख में दी गई सभी जानकारी आपके काम आएगी। प्रेगनेंसी से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए मॉमजंक्शन के लेख को पढ़ते रहें।

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