क्या प्रेगनेंसी के दौरान सीने/छाती में दर्द होना सामान्य है? | Pregnancy Me Sine/Chhati Me Dard Hona

क्या प्रेगनेंसी के दौरान सीने/छाती में दर्द होना सामान्य है? | Pregnancy Me Sine/Chhati Me Dard Hona

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गर्भावस्था में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द से लेकर जी मिचलाने जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं (1)। इसके साथ ही कई महिलाएं सीने में दर्द से भी गुजर सकती हैं। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं और यह किसी गंभीर समस्या का लक्षण भी हो सकता है। यही वजह है कि मॉमजंक्शन के इस लेख में हम प्रेगनेंसी के दौरान छाती में दर्द के विषय पर विस्तारपूर्वक जानकारी दे रहे हैं। यहां आप गर्भावस्था के दौरान सीने में दर्द के कारण से लेकर जरूरी उपचार जान पाएंगे। इसके अलावा, प्रेगनेंसी में सीने में दर्द से बचाव के विभिन्न तरीकों को भी यहां शामिल किया गया है।

सबसे पहले जानते हैं प्रेगनेंसी में छाती में दर्द होना कितना आम है।

क्या प्रेगनेंसी में सीने/छाती में दर्द होना सामान्य है? | Pregnancy Me Sine/Chhati Me Dard Hona

प्रेगनेंसी के दौरान छाती में दर्द होना सामान्य नहीं है। कई महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान सीने में दर्द को सामान्य लक्षण समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में साफ तौर से जिक्र मिलता है कि प्रेगनेंसी में सीने में दर्द होना सामान्य गर्भावस्था का लक्षण नहीं है। यह तनाव और हृदय रोग जैसे कई कारणों की वजह से हो सकता है (2)। लेख में आगे इसके कारणों को विस्तार से समझाया गया है।

लेख के अगले भाग में जानेंगे कि प्रेगनेंसी के दौरान सीने में दर्द क्यो होता है।

प्रेगनेंसी में सीने में दर्द के कारण | Pregnancy Mein Chhati Me Dard Kyu Hota Hai

प्रेगनेंसी के दौरान सीने में दर्द के कारणों को दो भागों में बांटा जा सकता है, जिनके बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है :

सामान्य कारण :

प्रेगनेंसी में सीने में दर्द कुछ सामान्य कारणों की वजह से भी हो सकता है, जिन्हें नीचे बताया जा रहा है :

1. हार्टबर्न और एसिड रिफ्लक्स

प्रेगनेंसी में कई महिलाएं एसिड रिफ्लक्स (पेट में मौजूद सामग्री का वापस भोजन नली में आना) की समस्या से गुजर सकती हैं (3)। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध एक शोध के अनुसार, गर्भावस्था में 17 से 45 प्रतिशत महिलाओं को सीने में जलन की परेशानी हो सकती है (4)। कई बार हार्ट बर्न या एसिड रिफल्क्स के लक्षण गंभीर रूप ले सकते हैं, जिससे छाती में बेचैनी व दर्द महसूस हो सकता है (5)

2. तनाव

गर्भावस्था के दौरान महिलाएं तनाव से भी गुजर सकती हैं (6)। शरीर में हो रहे बदलाव, बच्चे की परवरिश, व आर्थिक समस्याएं प्रेगनेंसी में तनाव का कारण बन सकती हैं। वहीं, कई बार यह तनाव सीने में दर्द का कारण भी बन सकता है (7)

3. चिंता

गर्भावस्था के दौरान महिलाएं चिंता से भी गुजर सकती हैं (8)। सीने में दर्द चिंता के लक्षण में से एक है। इसलिए, प्रेगनेंसी के कई मामलों में चिंता के कारण सीने में बेचैनी या दर्द की शिकायत हो सकती है (9)

गंभीर कारण :

कई बार प्रेगनेंसी के दौरान सीने में दर्द गंभीर वजहों से भी हो सकता है, जिन्हें नीचे बताया गया है :

1. प्री-एक्लेम्पसिया (Preeclampsia)

कई बार प्रेगनेंसी में सीने में दर्द की वजह सामान्य नहीं, बल्कि प्री-एक्लेम्पसिया जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है। प्री-एक्लेम्पसिया एक उच्च रक्तचाप विकार है, जो गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के बाद हो सकता है। इसमें गर्भवती महिला का अचानक रक्तचाप बढ़ने लगता है और यूरिन में प्रोटीन की मात्रा अधिक हो जाती है। प्रीक्लेम्पसिया के कारण कई शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिसमें से एक सीने में दर्द होना भी शामिल है (10)

2. हार्ट डिजीज

कई बार हृदय संबंधित स्वास्थ्य स्थितियों के कारण भी प्रेगनेंसी में सीने में दर्द की परेशानी हो सकती है। इनमें पेरिपार्टम कार्डियोमायोपैथी (गर्भवती महिला की हृदय की मांसपेशियों का कमजोर होना) और मायोकार्डियल इन्फार्कशन (दिल का दौरा) शामिल हैं (11) (12)

3. निमोनिया

प्रेगनेंसी में निमोनिया के कारण भी छाती में दर्द की समस्या उत्पन्न हो सकती है (13)

4. पल्मोनरी एम्बोलिज्म

प्रेगनेंसी में सीने में दर्द का एक कारण प्लमोनरी एम्बोलिज्म भी हो सकता है (14)। यह वो स्थिति है जिसमें फेफड़ों में मौजूद एक या अधिक धमनियों में ब्लॉकेज हो जाता है। इसके पीछे का मुख्य कारण फेफड़ों की बाहरी नसों में ब्लड क्लॉट (रक्त के थक्के जमना) को माना गया है (15)

प्रेगनेंसी में छाती में दर्द के लक्षण नीचे बताए गए हैं।

प्रेगनेंसी में सीने में दर्द के लक्षण

सीने में दर्द का होना कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह अपने आप में ही एक लक्षण है, जो विभिन्न शारीरिक समस्याओं (हार्टबर्न या हृदय रोग) की वजह से उत्पन्न हो सकता है, जिनके बारे में हम ऊपर लेख में बता चुके हैं। हालांकि, सीने में दर्द के साथ व्यक्ति कुछ लक्षणों को महसूस कर सकता है, जैसे (5) :

  • छाती में भारीपन
  • छाती में असहजता
  • सीने में जकड़न
  • सीने में दबाव
  • सीने का दर्द बांह और पीठ तक भी जा सकता है।

अब जानते हैं प्रेगनेसी के दौरान सीने में दर्द के घरेलू उपचार।

प्रेगनेंसी में सीने में दर्द के घरेलू उपचार

नीचे कुछ घरेलू सामग्रियों के बारे में बताया जा रहा है, जो प्रेगनेंसी में सीने में दर्द से बचाव कर सकती हैं। वहीं, इस बात का ध्यान रखें कि ये उपाय छाती में दर्द का इलाज नहीं हैं। इनका उपयोग कुछ हद तक लाभकारी हो सकता है। वहीं, सीने में दर्द अगर ज्यादा हो रहा है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। अब पढ़ें आगे :

  • बादाम का सेवन : लेख में हम बता चुके हैं कि सीने में दर्द कई कारणों से हो सकता है। इन्हीं में से एक कारण हृदय रोग भी है। ऐसे में बादाम का सेवन लाभकारी साबित हो सकता है। दरअसल, बादाम कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित कर इससे होने वाले हृदय संबंधी रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है (16)। बता दें कि प्रेगनेंसी में बादाम का सेवन सुरक्षित माना गया है (17)। इस तरह प्रेगनेंसी में छाती में दर्द से बचने के लिए बादाम का इस्तेमाल कारगर साबित हो सकता है।
  • लहसुन का सेवन : जैसा कि हमने ऊपर बताया कि छाती में दर्द का एक कारण हृदय रोग भी हो सकता है। वहीं, एक अध्ययन के मुताबिक लहसुन एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों के अंदर प्लाक का जमना) से बचाव कर इससे होने वाले हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। बता दें कि प्रेगनेंसी में लहसुन का सेवन सुरक्षित माना गया है (18) (19)। इसे देखते हुए हम कह सकते हैं कि छाती के दर्द को कम करने में लहसुन कुछ तक लाभकारी हो सकता है।
  • हल्दी का सेवन : एक शोध के अनुसार, हल्दी में मौजूद एंटी-इन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला) गुण छाती में दर्द से राहत दिला सकता है। वहीं, शोध में आगे कहा गया है कि हल्दी का सेवन  हृदय रोग का जोखिम कम कर सकता है (20)। वहीं, एक अन्य शोध में गर्भावस्था में हल्दी का सेवन सुरक्षित बताया गया है। इस आधार पर हल्दी को सीने में दर्द से राहत पाने के लिए उपयोगी माना जा सकता है (21)
  • तुलसी : गर्भावस्था में होने वाले सीने के दर्द से राहत पाने के लिए तुलसी का इस्तेमाल उपयोगी साबित सकता है। दरअसल, एक शोध के अनुसार, तुलसी सीने में दर्द के कारण जैसे हृदय रोग, पेट संबंधी विकार आदि से राहत प्रदान कर सकती है (22)। इस बात का खास ख्याल रखें कि गर्भावस्था में सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करने की सलाह दी जाती है (23)। डाइट में इसे शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर से चर्चा जरूर करें।
  • नींबू और अदरक की चाय : हार्टबर्न व एसिड रिफ्लक्स, सीने में दर्द के मुख्य कारणों में से हैं। अदरक नींबू की चाय इसे कम करने में कारगर साबित हो सकती है। दरअसल, नींबू एसिड रिफलक्स से राहत प्रदान कर सकता है (24)। वहीं, सीने में जलन को दूर करने के लिए अदरक का उपयोग सालों से किया जा रहा है (25)। वहीं, गर्भावस्था में नींबू और अदरक का सेवन सुरक्षित माना गया है (26) (27)। इसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि अदरक और नींबू की चाय कुछ हद तक सीने में दर्द से राहत दिला सकती है।

गर्भावस्था में सीने में दर्द के मेडिकल उपचार नीचे बताए गए हैं।

प्रेगनेंसी में सीने में दर्द से राहत के लिए मेडिकल उपचार

प्रेगनेंसी में सीने में दर्द का उपचार पूरी तरह से इसके कारणों पर निर्भर करता है। इसके लिए सबसे पहले डॉक्टर समस्या के कारण का पता लगाएंगे और फिर उपचार प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। इससे जुड़ी जानकारी हम नीचे दे रहे हैं :

  • अगर प्रेगनेंसी में सीने में दर्द का कारण हार्ट बर्न या एसिड रिफ्लक्स है, तो डॉक्टर इसे कम करने के लिए एंटासिड (पेट के एसिड को कम करने के लिए) दे सकते हैं (28)
  • अगर सीने में दर्द के पीछे का कारण हृदय संबंधी समस्या है, तो डॉक्टर हृदय रोग के उपचार और संबंधित समाधान की ओर कदम बढ़ाएंगे।
  • अगर सीने में दर्द का कारण तनाव या चिंता है, तो डॉक्टर मूड को सुधारने संबंधी उपचार जैसे कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के लिए) आदि का सुझाव दे सकते हैं (29)
  • इसके अलावा, भोजन और जीवनशैली संबंधी सुझाव डॉक्टर द्वारा दिए जा सकते हैं।

नोट : गर्भावस्था बेहद नाजुक दौर होता है, इसलिए डॉक्टर से सलाह लिए बिना किसी भी तरह की दवाई का सेवन न करें।

नीचे जानिए प्रेगनेंसी में सीने में दर्द होने पर डॉक्टर से कब परामर्श करना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान सीने में दर्द के लिए डॉक्टर की सलाह कब लें

नीचे बताए गए लक्षणों में से कुछ भी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें (30) :

  • छाती में दर्द अगर लंबे समय तक बने रहता है।
  • छाती में भारीपन महसूस होना।
  • छाती में दर्द के साथ जी मिचलाना।
  • सांस लेने में तकलीफ होना।
  • छाती में दर्द के साथ पसीना आना।
  • छाती में दर्द के साथ चक्कर आना।

लेख के इस भाग में प्रेगनेंसी के दौरान सीने में दर्द से बचने के उपाय के बारे में जानेंगे।

प्रेगनेंसी में सीने में दर्द से बचने के उपाय

वैसे तो प्रेगनेंसी में छाती में दर्द होना आम समस्या है, लेकिन कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर इससे बचा जा सकता है।

  • संतुलित आहार का सेवन करें।
  • तेल-मसाले वाले भोजन से दूर रहें।
  • एक्सपर्ट की देखरेख में हल्की एक्सरसाइज करें।
  • शराब व तंबाकू के सेवन से बचें।
  • खुद को तनाव मुक्त रखें।
  • मॉर्निंग वॉक कर सकते हैं।
  • गर्भावस्था में हाई ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो उसका उपचार जरूर करवाएं।

इस लेख के माध्यम से आप जान गए होंगे कि गर्भावस्था में सीने में दर्द कई बार जोखिम भरा भी हो सकता है। इसलिए, प्रेगनेंसी के दौरान अपने स्वास्थ्य का ध्यान ठीक से रखें। संतुलित भोजन का सेवन करें और समय-समय पर चिकित्सक से संपर्क करें। वहीं, इस दौरान अगर सीने में दर्द होता है, तो घबराए नहीं बल्कि डॉक्टर को इस विषय में बताएं, ताकि जरूरी इलाज किए जा सकें। उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपको अच्छा लगा होगा। आप चाहें, तो इस लेख को अन्य लोगों के साथ भी शेयर कर सकती हैं।

संदर्भ (References) :

1. Nausea and Vomiting of Pregnancy By NCBI
2. Acute presentation of the pregnant patient By NCBI
3. Gastroesophageal reflux disease By Medlineplus
4. Heartburn in pregnancy By NCBI
5. Chest pain By Medlineplus
6. Stress and its predictors in pregnant women: a study in Saudi Arabia By NCBI
7. Chest pain By Better Health
8. Anxiety and Pregnancy By Researchgate
9. Prevalence and Implications of Severe Anxiety in a Prospective Cohort of Acute Chest Pain Patients By NCBI
10. Pre-Eclampsia and Eclampsia: An Update on the Pharmacological Treatment Applied in Portugal By NCBI
11. Peripartum Cardiomyopathy: Case Reports By NCBI
12. Ischaemic heart disease in pregnancy By NCBI
13. The Management of Respiratory Infections During Pregnancy By NCBI
14. Heart disease and pregnancy: State of the artCardiopatia e gravidez – o estado da arte By Science Direct
15. Pulmonary embolus By Medlineplus
16. Almonds and Cardiovascular Health: A Review By NCBI
17. The effect of almond consumption on satiety and the postprandial metabolic response in high‐risk pregnant women By The FASEB Journal
18. Effect of garlic on atherosclerosis and its factors By WHO
19. The effect of Allium Sativum (Garlic) on Pregnancy, Fetal Weights, and Some Hematological Parameters in Albino Rats By Researchgate
20. A review of the most important herbal drugs effective in chest pain due to cardiac disease By Academia
21. Curcumin: Could This Compound Be Useful in Pregnancy and Pregnancy-Related Complications? By NCBI
22. Effect of Herbal plant (Tulsi) against Common Disease in Gold Fish, Carassius Auratus By Academia
23. Safety classification of herbal medicines used among pregnant women in Asian countries: a systematic review By NCBI
24. Application of diet to eliminate Gastroesophageal complications in people suffering from heartburn By IJCRAR
25. Ginger and Its Constituents: Role in Prevention and Treatment of Gastrointestinal Cancer By Hindawi
26. How Safe Is Ginger Rhizome for Decreasing Nausea and Vomiting in Women during Early Pregnancy? By NCBI
27. AN EVALUATIVE STUDY TO ASSESS THE EFFECTIVENESS OF LEMON JUICE ON PREGNANCY INDUCED HYPERTENSION AMONG ANTENATAL MOTHERS IN DOMMASANDRA PHC, BANGALORE. By Academia
28. Treatment of heartburn and acid reflux associated with nausea and vomiting during pregnancy By NCBI
29. Anxiety, depression and stress in pregnancy: implications for mothers, children, research, and practice By NCBI
30. Chest Pain By Medlineplus