क्या प्रेगनेंसी में जीरा पानी पी सकते हैं? फायदे व साइड-इफेक्ट्स | Jeera Water During Pregnancy In Hindi

Jeera Water During Pregnancy In Hindi

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जीरा, लगभग सभी के रसोई में मौजूद होता है। इसका इस्तेमाल कभी मसाले के तौर पर तो कभी दाल में तड़का लगाने के लिए किया जाता है। भले ही यह सामान्य मसाला हो, लेकिन जब बात गर्भावस्था की हो तो गर्भवती के मन में जीरा या जीरा पानी के सेवन को लेकर सवाल आना लाजमी है। ऐसे में मॉमजंक्शन के लेख में जानिए प्रेगनेंसी में जीरे का पानी पीने के फायदे है या नुकसान। साथ ही आप पढ़ेंगे प्रेगनेंसी के दौरान जीरा पानी के सेवन से जुड़े अन्य कई जरूरी जानकारियां। तो बिना देर करते हुए पढ़ना शुरू करें पूरा लेख।

लेख के मुख्य भाग में जानिए प्रेगनेंसी में जीरा पानी सुरक्षित है या नहीं।

क्या गर्भावस्था में जीरे का पानी पीना सुरक्षित है? | Jeera Water Good for Pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के दौरान जीरा पानी का सेवन सीमित मात्रा में किया जा सकता है। दरअसल, जीरे की गिनती गर्भावस्था के दौरान उपयोग किए जाने वाले टॉप पांच हर्ब्स में होती है (1)। दरअसल, माना जाता है कि जीरा गर्भावस्था के दौरान पेट में दर्द, कब्ज, सर्दी, फ्लू जैसी कई समस्याओं से आराम दिलाने में मदद कर सकता है (2)। इसके साथ ही जीरा आयरन का अच्छा स्रोत है, जिस कारण गर्भावस्था के दौरान जीरा या जीरा पानी का सेवन गर्भवती के लिए उपयोगी हो सकता है (3)

वहीं, गर्भावस्था के दौरान मतली की समस्या से राहत पाने के लिए जीरा पानी का सेवन किया जा सकता है। हालांकि, जीरा का नाम गर्भपात कराने वाले (Abortifacient) सामग्री में भी शामिल है (4)। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीरा का कितना और कौन से तिमाही में सेवन करना सुरक्षित है, इस बारे में डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह जरूर लें।

चलिए अब जरा गर्भावस्था के दौरान जीरा पीने के फायदों को विस्तार से जानते हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान जीरे का पानी पीने के 14 फायदे | Benefits of jeera water during pregnancy in hindi

गर्भावस्था के दौरान जीरा पानी पीना कई मायनों में लाभ पहुंचा सकता है। साथ ही यह कई स्वास्थ्य समस्याओं से आराम दिलाने में भी सहायक साबित हो सकता है। ऐसे में एक बार जब डॉक्टर से इसकी मात्रा की पुष्टि कर लें तो जीरा पानी को डाइट में शामिल कर इसके फायदों का लाभ उठाया जा सकता है। तो प्रेगनेंसी के दौरान जीरा पानी पीने के फायदे कुछ इस प्रकार हैं:

1. उच्च रक्तचाप के लिए : गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप यानी जेस्टेशनल हाइपरटेंशन का सामना किसी भी गर्भवती महिला को करना पड़ सकता है। आमतौर पर इस समस्या का जोखिम गर्भावस्था के 20 वें सप्ताह के बाद हो सकता है (5)। ऐसे में इसे नियंत्रित करने के लिए जीरा पानी पीने के फायदे देखे जा सकते है। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध से इस बात की जानकारी मिलती है कि जीरा में एंटी हाइपटेंसीव यानी उच्च रक्तचाप को कम करने वाला गुण होता है (6)

इसके अलावा बच्चों पर किए गए एक अन्य रिसर्च में साफतौर से इस बात का जिक्र मिलता है कि सुबह खाली पेट जीरा पानी पीने से रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित करने में कुछ हद तक मदद मिल सकती है। जीरा में मौजूद पोटेशियम को इसका कारण माना गया है (7)। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम करने के लिए जीरा पानी उपयोगी हो सकता है।

2. मतली की समस्या- गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को उल्टी व मतली की समस्या होना सामान्य है (8)। इससे राहत दिलाने में भी जीरा पानी के फायदे देखे जा सकते हैं। माना जाता है कि जीरा मतली की समस्या से राहत दिलाने में काफी हद तक सहायक सिद्ध हो सकता है (4)। ऐसे में जीरा पानी पीना फायदेमंद हो सकता है।

3. पेट दर्द : जीरा पानी के फायदों में पेट दर्द से राहत पाना भी शामिल है। दरअसल, एक शोध में बताया गया है कि जीरा पेट दर्द की समस्या को कम करने में प्रभावी हो सकता है (1)। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द की समस्या को कम करने के लिए जीरा पानी का सेवन लाभकारी साबित हो सकता है। हालांकि, अगर समस्या ज्यादा हो तो डॉक्टरी परामर्श लेने को प्राथमिकता दें।

4. कब्ज से राहत : गर्भावस्था के दौरान कब्ज की समस्या तकरीबन 11-38 प्रतिशत महिलाओं को प्रभावित करती है (9)। वहीं, जीरा इस दौरान होने वाली कब्ज की परेशानी को दूर करने में लाभकारी माना जा सकता है (10)। दरअसल, जीरा फाइबर से समृद्ध होता है (11)। वहीं, फाइबर पाचन क्रिया में सुधार कर कब्ज की समस्या को कम करने में प्रभावी हो सकता है (12)। ऐसे में कहा जा सकता है कि प्रेगनेंसी के दौरान कब्ज की समस्या से निजात पाने के लिए जीरा पानी पीना फायदेमंद हो सकता है।

5. सर्दी और फ्लू : जीरा गर्भावस्था के दौरान सर्दी और फ्लू से भी बचाव करने में सहायक हो सकता है (2)। दरअसल, एक शोध में इस बात की पुष्टि हुई है कि जीरा के अर्क में मौजूद यौगिक में एंटीवायरल गुण मौजूद होते हैं, जो संक्रमण फैलाने वाले वायरस से बचाने में मददगार साबित हो सकते हैं (13)। वहीं, कई देशों में सर्दी-जुकाम के घरेलू उपाय के तौर पर जीरा का उपयोग किया जाता रहा है (14)। इस आधार पर माना जा सकता है कि गर्भावस्था के दौरान जीरा पानी पीने से सर्दी और फ्लू की समस्या को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। हालांकि, इस विषय में अभी और शोध की आवश्यकता है।

6. पेट फूलने से राहत : जीरा पानी के फायदों में पेट फूलने की समस्या से भी राहत पाना शामिल है। बताया जाता है कि जीरा एक ऐसी औषधि है, जिसमें पेट फूलने की समस्या से बचाव के गुण (Anti-flatulence) मौजूद हैं (15)। इसके अलावा, एक शोध में साफतौर से इस बात का जिक्र मिलता है कि घरेलू उपाय के तौर पर जीरा का उपयोग पेट फूलने के साथ-साथ डायरिया के लिए भी किया जाता रहा है (1)। ऐसे में माना जा सकता है कि जीरा पानी का सेवन से प्रेगनेंसी के दौरान पेट फूलने या डायरिया की समस्या से राहत दिलाने में कारगर हो सकता है। हालांकि, अगर समस्या गंभीर हो तो घरेलू उपायों पर निर्भर न करते हुए डॉक्टरों की सलाह जरूर लें।

7. शरीर को ठंडा रखने के लिए : प्रेगनेंसी के दौरान शरीर को ठंडा रखने के लिए भी जीरा पानी फायदा पहुंचा सकता है। एक अध्ययन से पता चलता है कि कई महिलाएं, शरीर को ठंडा रखने के लिए जीरा को अन्य सामग्रियों के साथ उबालकर एक खास प्रकार का मिश्रण काश्यम (Kashayam) तैयार कर सेवन करती हैं (16)। हालांकि सीधे तौर पर जीरा पानी इसके लिए कितना फायदेमंद हो सकता है, इस बारे में अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

8. आयरन से समृद्ध: एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान शरीर को ज्यादा मात्रा में आयरन की आवश्यकता होती है। खासतौर पर, जिन महिलाओं में एनीमिया की समस्या (Anemia) का जोखिम हो (17)। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी आयरन की आवश्यकता होती है (18)

ऐसे में जीरा लाभकारी साबित हो सकता है। दरअसल, जीरा आयरन से समृद्ध होता है। इसके सेवन से गर्भावस्था में खून की कमी की समस्या के जोखिम को कम किया जा सकता है (3)। ऐसे में इस तथ्य को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि गर्भावस्था के दौरान अन्य आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के साथ आयरन युक्त जीरा पानी भी उपयोगी हो सकता है।

9. फोलेट से समृद्ध : जीरा फोलेट से भी समृद्ध होता है (11)। बताया जाता है कि प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को फोलेट की अधिक आवश्यकता होती है। फोलिक एसिड की सही मात्रा लेने से तंत्रिका ट्यूब दोष (Neural tube defects) जैसे- स्पाइना बिफिडा के जोखिम से बचा सकता है (19)। स्पाइना बिफिडा, एक प्रकार का न्यूरल ट्यूब दोष है जो बच्चे के मस्तिष्क व रीढ़ की हड्डी को प्रभावित कर सकता है (20)। ऐसे में गर्भावस्था में फोलिक एसिड युक्त अन्य खाद्य पदार्थों के साथ जीरा पानी को शामिल करना उपयोगी हो सकता है।

10. पाचन के लिए : जीरे का पानी पाचन के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। बताया जाता है कि अपच की समस्या और पाचन विकार से जुड़ी परेशानियों से राहत पाने के लिए जीरा का उपयोग घरेलू उपाय के तौर पर किया जाता रहा है (21)। दरअसल, जीरा में मौजूद क्यूमिनाल्डेहाइड (Cuminaldehyde) और फ्लेवेनोइड (Flavonoids) लार ग्रंथियों (Salivary glands) को सक्रिय कर सकते हैं, जिससे भोजन को पचाने में मदद मिल सकती है (22)

इसके अलावा, जैसा की हमने लेख में बताया कि जीरा फाइबर से भरपूर होता है (11)। वहीं, फाइबर पाचन क्रिया को मजबूत करने में मददगार साबित हो सकता है (12)। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान बेहतर पाचन क्रिया के लिए जीरा पानी उपयोगी हो सकता है।

11. एनर्जी से भरपूर : जीरा पानी गर्भवती महिलाओं के लिए एनर्जी बूस्टर का भी काम कर सकता है। दरअसल, जीरा एनर्जी से भरपूर होता है। 100 ग्राम जीरा में 375 किलो कैलोरी मौजूद होता है (11)। बता दें कि शरीर में जाने के बाद कैलोरी ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। जिससे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है, और एनर्जी का एहसास होने लगता है (23)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि गर्भावस्था के दौरान जीरा पानी का सेवन शरीर में ऊर्जा को बनाए रखने के लिए सहायक हो सकता है।

12. मधुमेह से बचाव के लिए : गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का रक्त शर्करा बढ़ जाता है, जिसके कारण डायबिटीज की समस्या का जोखिम बढ़ सकता है (24)। जीरा पानी का सेवन इस समस्या के जोखिम को कुछ हद तक कम करने के लिए कारगर साबित हो सकता है। दरअसल, जीरा में एंटी डायबेटिक गुण मौजूद होते हैं, जो डायबिटीज के खतरे को कुछ हद तक कम करने में प्रभावी साबित हो सकते हैं (25)

13. कैल्शियम से भरपूर: कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए भी जीरा पानी के फायदे देखे जा सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध मुताबिक, प्रेगनेंसी के समय महिलाओं को अधिक कैल्शियम का सेवन करना चाहिए। खास तौर से, गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान। कैल्शियम की खुराक नवजात शिशुओं को लो बर्थ वेट यानी जन्म के समय कम वजन होने से बचाने में सहायक साबित हो सकता है (26)। वहीं, जीरा कैल्शियम से समृद्ध होता है (11)। ऐसे में अन्य कैल्शियम युक्त आहार के साथ जीरा पानी को डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

14. इम्यूनिटी के लिए : गर्भवती महिलाओं के इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए भी जीरा पानी के फायदे देखे जा सकते है। असल में जीरा में आयरन अच्छी मात्रा में मौजूद होता है, जो इम्यून सिस्टम को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है (3)। इसके अलावा, जीरा को इम्यून सिस्टम बेहतर करने वाले मसालों के लिस्ट में भी रखा गया है (27)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि जीरा पानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

लेख के इस हिस्से में जानिए जीरा के पौष्टिक तत्वों के बारे में।

जीरे के न्यूट्रिशन वैल्यू

जीरा में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं, जो गर्भावस्था में लाभकारी माने जा सकते है। यहां हम 100 ग्राम जीरे में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में जानकारी दे रहे हैं (11)

  • 100 ग्राम जीरा में 8.06 ग्राम पानी, 375 किलो कैलोरी एनर्जी, 17.81 ग्राम प्रोटीन, 22.27 ग्राम टोटल लिपिड फैट और 7.62 ग्राम ऐश मौजूद होता है।
  • इसके अलावा, जीरे में 44.24 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 10.5 ग्राम फाइबर, 2.25 ग्राम शुगर मौजूद होता है।
  • वहीं, अगर बात करें मिनरल्स की तो, 100 ग्राम जीरा 931 मिलीग्राम कैल्शियम, 66.36 मिलीग्राम आयरन, 366 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 499 मिलीग्राम फास्फोरस और 1788 मिलीग्राम पोटेशियम से युक्त होता है।
  • यही नहीं, जीरा में 168 मिलीग्राम सोडियम, 4.8 मिलीग्राम जिंक, 0.867 मिलीग्राम कॉपर, 3.333 मिलीग्राम मैंगनीज, 5.2 माइक्रोग्राम (µg) सेलेनियम और 7.7 मिलीग्राम विटामिन-सी मौजूद होता है।
  • इसके अलावा, जीरा में 10 माइक्रोग्राम फोलेट मौजूद होता है। साथ ही इसमें 448 माइक्रोग्राम ल्यूटिन+जियाजैंथिन मौजूद होता है।

प्रेगनेंसी के दौरान जीरे का पानी पीने के साइड-इफेक्ट्स | Side Effects of cumin seeds during pregnancy in hindi

जीरे पर हुए शोध बताते हैं कि, गर्भवती महिलाओं को सावधानी के साथ जीरे का उपयोग करना चाहिए। यहां हम ऐसे ही कुछ दुष्प्रभाव बता रहे हैं, जो जीरा पानी पीने के दौरान सामने आ सकते हैं (3)

  • जीरे के सेवन से त्वचा संबंधी समस्या जैसे – त्वचा पर लाल चकत्ते, स्किन रैश (Contact dermatitis) या फिर एलर्जी हो सकती है। ऐसे में माना जा सकता है कि जीरा पानी पीने से भी इस तरह की समस्याएं हो सकती हैं।
  • अधिक मात्रा में जीरा के सेवन से लीवर की कार्यप्रणाली पर प्रभाव पड़ सकता है, जो नुकसानदायक हो सकता है।
  • इसके अलावा, अधिक मात्रा में जीरा पानी पीने से ब्लड शुगर लेवल कम हो सकता है।
  • वहीं, कुछ दवाओं और खाद्य सामग्री के साथ जीरा पानी के सेवन की सलाह नहीं दी जाती है। इससे ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में बेहतर है जीरा पानी को डाइट में शामिल करने से पहले एक बार डॉक्टरी सलाह भी जरूर लें।

लेख के इस भाग में जानिए, जीरा पानी बनाने की विधि।

प्रेगनेंसी में जीरे का पानी कैसे बनाये?

जीरा पानी बनाना बेहद आसान है, इसे मिंनटों में भी तैयार किया जा सकता है। यहां क्रमवार तरीके से बता रहे हैं कि जीरा पानी बनाने का तरीका –

सामग्री :

  • जीरा – एक चम्मच
  • पानी- एक गिलास
  • एक पैन

बनाने की विधि :

  • सबसे पहले एक चम्मच जीरा को एक गिलास पानी में डालकर रात भर भिगोने के लिए छोड़ दें।
  • इसके बाद अगली सुबह इस पानी को एक पैन में डालकर हल्की आंच पर कुछ मिनट के लिए उबाल लें।
  • उबालने के दौरान जब पानी का रंग हल्का पीला दिखाई देने लगे तो गैस बंद कर दें।
  • अब इसे आराम से गुनगुना या ठंडा पी सकते हैं।
  • चाहें तो जीरा को रातभर न भिगोकर सीधे पानी में उबालकर भी जीरा पानी बना सकते हैं।

आइए अब जानते हैं कि रात में जीरे का पानी पीया जा सकता है या नहीं।

क्या रात को जीरे का पानी का सेवन कर सकती हूं?

गर्भावस्था के दौरान जीरा पानी का सेवन रात में कर सकते हैं या नहीं, फिलहाल इस बारे में शोध की कमी है। ऐसे में बेहतर होगा कि इसके सेवन से पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या जीरा पानी पीने से नॉर्मल डिलीवरी होने की संभावना ज्यादा होती है ? | jeera water for normal delivery in hindi

जीरा पानी के सेवन से नार्मल डिलीवरी हो सकती है या नहीं, फिलहाल इस बारे में शोध की कमी है। हालांकि, एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि जीरा बेहतर डिलीवरी में सहायक हो सकता है (7)

क्या जीरा पानी से प्रसव पीड़ा प्रेरित होती है और क्या यह सुरक्षित है?

गर्भावस्था के दौरान, जीरा पानी पीना सुरक्षित माना जाता है (1)। वहीं, यह प्रसव पीड़ा को प्रेरित कर सकता है या नहीं, फिलहाल इस बारे में शोध की कमी है।

इस आर्टिकल को पढ़कर यह तो समझ गए होंगे कि गर्भावस्था के दौरान जीरा का पानी कितना लाभकारी हो सकता है। यहां हमने जीरा का पानी बनाने का तरीका भी बताया है। तो गर्भवती चाहें तो इसे डॉक्टरी सलाह के बाद अपनी रूटीन में शामिल कर सकती हैं। साथ ही, इसके सेवन के समय इससे होने वाले दुषप्रभावों को भी ध्यान में रखें। वहीं, अगर किसी महिला को जीरा से एलर्जी की समस्या रही हो तो गर्भावस्था के दौरान इसके सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें। उम्मीद है यह लेख आपके लिए उपयोगी होगा। इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर कर हर किसी को इसके गुणों से अवगत कराएं।

References:

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3. Cuminum cyminum – A Popular Spice: An Updated Review– By Pharmacogn
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13. Antiviral and Antidermatophytic Activity of a Compound Extracted from Cuminum cyminum Seeds – By Researchgate
14. Cumin (Cuminum cyminum L.): A review of its ethnopharmacology, phytochemistry– By Biomedical Research and Therapy
15. Improvement of cumin (Cuminum cyminum) seed performance under drought stress by seed coating and biopriming – By Sciencedirect
16. Perceptions Of Anemia And Health Seeking Behavior Among Women In Four Indian States – By USAID
17. Pregnancy and birth: Do all pregnant women need to take iron supplements?– By NCBI
18. Pregnancy and Nutrition– By MedlinePlus
19. Folic acid in diet – By MedlinePlus
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23. Calories and fat per servingBy MedlinePlus
24. Diabetes and Pregnancy- By MedlinePlus
25. Evaluation of the Anti-Diabetic Activity of Some Common Herbs and Spices: Providing New Insights with Inverse Virtual Screening- By NCBI
26. [Calcium-supplementation in pregnancy–is it a must?] – By NCBI
27. Ayurveda’s immunity boosting measures for self care during COVID 19 crisis– By Pib.gov