प्रेगनेंसी में पत्ता गोभी के फायदे और साइड इफेक्ट्स | Benefits of Cabbage (Patta Gobhi) in Hindi

Benefits of Cabbage (Patta Gobhi) in Hindi

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गर्भवती महिलाओं को आहार में हरी सब्जियां शामिल करने की सलाह दी जाती है। ऐसे में कई सब्जियों को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें से एक नाम पत्ता गोभी का भी है। पत्ता गोभी हरी सब्जी तो है, लेकिन बहुत सारी महिलाओं में इसके सेवन को लेकर संशय पैदा हो सकता है। यही वजह है कि मॉमजंक्शन के इस लेख में हम गर्भावस्था में पत्ता गोभी का सेवन करना चाहिए या नहीं, इसकी जानकारी विस्तार से देंगे। साथ ही, यहां प्रेगनेंसी में पत्ता गोभी से होने वाले फायदों व नुकसान के बारे में भी जरूरी जानकारी साझा करेंगे।

आइए पहले जान लेते हैं कि क्या गर्भावस्था में पत्ता गोभी खाना सुरक्षित है।

क्या प्रेगनेंसी के दौरान पत्ता गोभी खाना सुरक्षित है?

हां, प्रेगनेंसी में पत्ता गोभी का सेवन किया जा सकता है। डब्ल्यूएचओ (WHO) द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक, गर्भावस्था में पत्ता गोभी का सेवन सुरक्षित होता है। दरअसल, पत्ता गोभी में फोलेट होता है जो बच्चों में जन्मजात दोष के जोखिम को कम कर सकता है (1)। यही कारण है कि चिकित्सक भी इसे आहार का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं। याद रहे पत्ता गोभी को कच्चा न खाएं, क्योंकि इसमें मौजूद बैक्टीरिया की वजह से लिस्टेरिया (Listeria) रोग हो सकता है, जो मिसकैरेज का कारण बन सकता है (2)। बता दें, लिस्टेरिया रोग एक तरह का संक्रमण है, जो खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले लिस्टेरिया मोनोसाइटोजेन्स (Listeria monocytogenes) नामक बैक्टीरिया के संपर्क में आने से होता है (3)

लेख के इस भाग में जानते हैं कि पत्ता गोभी में ऐसे कौन से पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो इसे पौष्टिक बनाते हैं।

पत्ता गोभी की न्यूट्रिशनल वैल्यू

पत्ता गोभी हरी हो या लाल दोनों ही पोषक तत्वों से भरपूर होती है। इन्हीं पोषक तत्वों की जानकारी नीचे दी गई है (4) (5):

  • 100 ग्राम हरी पत्ता गोभी में लगभग 25 और लाल पत्ता गोभी में 31 किलो कैलोरी एनर्जी होती है।
  • मिनरल्स की बात की जाए, तो हरी पत्ता गोभी में 40 मिलीग्राम कैल्शियम, 0.47 मिलीग्राम आयरन, 12 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 26 मिलीग्राम फास्फोरस, 170 मिलीग्राम पोटेशियम, 0.019 मिलीग्राम कॉपर, 0.18 मिलीग्राम जिंक और 18 मिलीग्राम सोडियम पाया जाता है। वहीं लाल पत्ता गोभी में 45 मिलीग्राम कैल्शियम, 0.8 मिलीग्राम आयरन, 16 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 30 मिलीग्राम फास्फोरस, 243 मिलीग्राम पोटेशियम, 0.017 मिलीग्राम कॉपर, 0.22 मिलीग्राम जिंक और  27 मिलीग्राम सोडियम मौजूद होता है।
  • विटामिन के तौर पर 100 ग्राम हरी पत्ता गोभी में 36.6 मिलीग्राम विटामिन-सी, 0.124 मिलीग्राम विटामिन-बी6, 5 माइक्रोग्राम विटामिन-ए मौजूद होता है। लाल पत्ता गोभी की बात करें तो इसमें 57 मिलीग्राम विटामिन-सी, 0.209 मिलीग्राम विटामिन-बी6, 56 माइक्रोग्राम विटामिन-ए पाया जाता है।
  • हरी पत्ता गोभी में 2.5 ग्राम व लाल पत्ता गोभी में 2.1 ग्राम फाइबर की मात्रा पाई जाती है।
  • बात करें फोलेट की तो 100 ग्राम हरी पत्ता गोभी में 43 माइक्रोग्राम और लाल पत्ता गोभी में 18 माइक्रोग्राम इसकी मात्रा होती है।

पौष्टिक तत्वों के बाद अब लेख के इस हिस्से में गर्भावस्था में पत्ता गोभी खाने के फायदे जानेंगे।

प्रेगनेंसी के दौरान पत्ता गोभी खाने के फायदे | Benefits of Cabbage (Patta Gobhi) in Hindi

पोषण से भरपूर पत्ता गोभी को गर्भावस्था में खाने के कई फायदे हो सकते हैं। यहां हम आपको इसके कुछ फायदे बताने जा रहे हैं। तो गर्भावस्था में पत्ता गोभी खाने के लाभ कुछ इस प्रकार हैं:

1. कब्ज की समस्या से बचाव

गर्भवती महिलाओं में कब्ज की समस्या आम होती है(6)। वहीं पत्ता गोभी में मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या को ठीक करने में मदद कर सकता है (7)। इसके अलावा, लाल पत्ता गोभी में एंथोसायनिन पॉलीफेनोल होता है, जो पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में उपयोगी हो सकता है (8)। इस आधार पर गर्भावस्था में पत्ता गोभी को पाचन संबंधी परेशानियों के लिए लाभकारी माना जा सकता है।

2. भ्रूण के लिए लाभकारी

पत्ता गोभी का सेवन गर्भवती महिला के साथ-साथ भ्रूण के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, गर्भावस्था के दौरान गर्भ में पल रहे बच्चे को तंत्रिका तंत्र के दोष (न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट) से बचाने के लिए फोलेट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है। वहीं पत्ता गोभी में फोलेट उच्च मात्रा में मौजूद होता है, जिस वजह से इसका सेवन गर्भावस्था में फायदेमंद साबित हो सकता है (1)

3. जेस्टेशनल डायबिटीज से बचाव

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को डायबिटीज का जोखिम अधिक होता है। इसे जेस्टेशनल डायबिटीज के नाम से जाना जाता है। ऐसा खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाने के कारण होता है (9)। ऐसे में मधुमेह के जोखिम को कम करने के लिए पत्ता गोभी का सेवन लाभकारी हो सकता है। दरअसल, पत्ता गोभी को मधुमेह डाइट का हिस्सा भी बनाया गया है (10)। वहीं, सफेद पत्ता गोभी को ब्लड शुगर लेवल कम करने के लिए उपयोगी पाया गया है (11)। वहीं, लाल पत्ता गोभी में एंटी डायबिटिक गुण होता है, जो मधुमेह के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है(12)। इस आधार पर माना जा सकता है कि प्रेगनेंसी में मधुमेह के जोखिम को कम करने के लिए पत्ता गोभी का सेवन लाभकारी हो सकता है।

4. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए

पत्ता गोभी में विटामिन-सी और ई जैसे एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट इम्यूनिटी को बढ़ाने के साथ कैंसर जैसे घातक बीमारी के जोखिम को भी कम कर सकते हैं (13)। बता दें कि गर्भावस्था के दौरान महिला के इम्यून सिस्टम में बदलाव हो सकते हैं। ऐसे में उनमें बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है(14)। इसलिए, बीमारियों से बचाव के लिए गर्भावस्था के दौरान पत्ता गोभी का सेवन करना उपयोगी माना जा सकता है। वहीं, पत्ता गोभी में मौजूद विटामिन सी इम्यून सिस्टम को बेहतर करने और संक्रमण से लड़ने के लिए उपयोगी हो सकता है (15)। हालांकि, ध्यान रहे पत्ता गोभी कभी भी कच्चा न खाएं।

5. प्रीक्लेम्पसिया का खतरा कम करे

गर्भावस्था में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा प्रीक्लेम्पसिया (Preeclampsia-गर्भावस्था में अचानक रक्तचाप का बढ़ना) के जोखिम को काफी हद तक कम करने में मदद कर सकती है (16)। ऐसे में, पत्ता गोभी का सेवन अहम भूमिका निभा सकता है। दरअसल, पत्ता गोभी में उच्च मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, जो प्रीक्लेम्पसिया से बचाव में मददगार साबित हो सकता है (17)। हालांकि इसे लेकर अधिक शोध की आवश्यकता है।

6. एनीमिया का खतरा कम होता है

गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के विकास के लिए आयरन जरूरी पोषक तत्वों में से एक माना जाता है (16)। इसके अलावा, प्रेगनेंसी में आयरन की कमी (18)। यही कारण है कि गर्भावस्था में आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन जरूरी माना जाता है। ऐसे में आयरन की पूर्ति के लिए अन्य सब्जियों के साथ पत्ता गोभी का सेवन अच्छा विकल्प साबित हो सकता है (19)।आयरन के लिए अन्य सब्जियों के साथ खासतौर पर हरी पत्ता गोभी का सेवन लाभकारी हो सकता है (20)

गर्भावस्था में पत्ता गोभी के फायदे जानने के बाद एक नजर इसके नुकसानों पर भी डाल लीजिए।

प्रेगनेंसी के दौरान पत्ता गोभी खाने के साइड इफेक्ट्स | Side Effects of Cabbage

हालांकि, प्रेगनेंसी में पत्ता गोभी खाने के कई फायदे हैं, लेकिन इसे ज्यादा या सही तरीके से न खाने से इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं प्रेगनेंसी में पत्ता गोभी खाने के साइड इफेक्ट्स के बारे में।

  1. एलर्जी: कुछ लोगों को पत्ता गोभी से एनाफाइलेक्सिस (Anaphylaxis) नामक एलर्जी की शिकायत हो सकती है। इसमें मुंह या गले में सूजन हो सकती है (21)
  1. गैस की समस्या: अत्यधिक मात्रा में पत्ता गोभी का सेवन करने से पेट में गैस की समस्या हो सकती है (22)। इसलिए प्रेगनेंसी में सीमित मात्रा में इसका सेवन करने की सलाह दी जाती है।
  1. लिस्टेरिया रोग: कच्ची पत्ता गोभी का सेवन करने से लिस्टेरिया रोग (खाद्य पदार्थों से होने वाला संक्रमण) हो सकता है (2)
  1. फूड पॉइजनिंग: पत्ता गोभी का सेवन करने से फूड पॉइजनिंग की शिकायत हो सकती है (23)

लेख के इस भाग में जानेंगे कि किन स्थितियों में पत्ता गोभी का सेवन करने से बचना चाहिए।

प्रेगनेंसी के दौरान पत्ता गोभी कब न खाएं

निम्न स्थितियों में प्रेगनेंसी के दौरान पत्ता गोभी का सेवन करने से परहेज करना चाहिए:

  • खासतौर से हाइपोथायराइड (Hypothyroidism) से ग्रसित गर्भवती महिलाओं को क्रुसिफेरस सब्जियां (हरी-पत्तेदार सब्जियां) जैसे पत्ता गोभी का सेवन करने से बचना चाहिए। यह प्रेगनेंसी में थायराइड की समस्या को बिगाड़ सकता है (24)। बता दें, जब थायरॉयड ग्रंथि जरूरत से कम मात्रा में हार्मोन का निर्माण करती है, उस स्थिति को हाइपो थायराइड के नाम से जाना जाता है (25)
  • जिन लोगों को ब्रोकली और फूल गोभी से एलर्जी है, उन्हें पत्ता गोभी से भी एलर्जी (Anaphylaxis) की शिकायत हो सकती है (26)

लेख में आगे जानते हैं कि प्रेगनेंसी में कौन से प्रकार की पत्ता गोभी खाना ज्यादा फायदेमंद है।

गर्भावस्था में कौन से प्रकार की पत्ता गोभी खाना अच्छा है?

प्रेगनेंसी में पोषण से भरपूर डाइट लेना जरूरी होता है। ऐसे में लाल और हरी दोनों रंगों की पत्ता गोभी का सेवन फायदेमंद हो सकता है, लेकिन हरी पत्ता गोभी की तुलना में लाल पत्ता गोभी में अधिक मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं। बता दें कि लाल पत्ता गोभी को पर्पल (बैंगनी) पत्ता गोभी के नाम से भी जाना जाता है। लाल या  पर्पल पत्ता गोभी में हरी गोभी के मुकाबले विटामिन सी, विटामिन ए की मात्रा अधिक होती है (4) (5)

ऐसे में गर्भवती महिलाएं अपनी डाइट में दोनों तरह की पत्ता गोभी शामिल कर सकती हैं। ध्यान रखें कि हमेशा पत्ता गोभी को पकाकर या उबालकर ही इसका सेवन करें। बाजार में हरी पत्ता गोभी आसानी से उपलब्ध होती है। यदि आपको हरी पत्ता गोभी पसंद नहीं है तो आप बैंगनी पत्ता गोभी का चुनाव कर इसे अपने आहार का हिस्सा बना सकती हैं।

लेख में आगे पत्ता गोभी का चुनाव करने से जुड़ी जरूरी टिप्स के बारे में जानते हैं।

पत्ता गोभी का चुनाव कैसे करें

पत्ता गोभी के फायदे पाने के लिए इसको खरीदते समय नीचे बताई गई कुछ बातों को जरूर ध्यान में रखें।

  • हमेशा ताजी पत्ता गोभी ही खरीदें। गोभी का रंग पीला हो गया है तो इसे खरीदने से बचें।
  • काले या भूरे रंग के धब्बे वाली पत्ता गोभी खरीदने से बचना चाहिए।
  • गोभी का ऊपरी सिरा हरी पत्तेदार पत्तियों से घिरा होने पर भी इसे खरीदें।
  • पत्ता गोभी हरी हो या लाल, इसके डंठल को देखकर इसकी ताजगी का पता लगाया जा सकता है। पत्ता गोभी का डंठल काला या भूरा रंग का हो तो इसे खरीदने की गलती न करें।
  • हमेशा ठोस पत्ता गोभी का चुनाव करें।
  • मुरझाई हुई पत्ता गोभी न खरीदें।

चलिए अब जानते हैं कि प्रेगनेंसी के दौरान पत्ता गोभी का सेवन कैसे करना है।

प्रेगनेंसी के दौरान पत्ता गोभी का सेवन कैसे करें

पत्ता गोभी को कई तरीकों से आहार में शामिल किया जा सकता है। नीचे जानिए कि गर्भवती महिलाएं किस प्रकार पत्ता गोभी को अपने आहार का हिस्सा बना सकती हैं:

  • पत्ता गोभी को फ्राई करके सेवन किया जा सकता है।
  • आलू के साथ पत्ता गोभी की सब्जी बनाकर खा सकते हैं।
  • पत्ता गोभी की मटर के साथ सब्जी बनाकर खा सकती हैं। गर्भावस्था में मटर का सेवन भी फायदेमंद माना जाता है।
  • पत्ता गोभी का सूप बनाकर भी पी सकती हैं।
  • सलाद में पत्ता गोभी को उबालकर शामिल कर सकती हैं।

लेख में आगे जानिए प्रेगनेंसी में पत्ता गोभी खाने से जुड़ी सावधानियों के बारे में।

प्रेगनेंसी के दौरान पत्ता गोभी खाने से पहले याद रखने योग्य कुछ बातें

गर्भावस्था में पत्ता गोभी खाने के दौरान नीचे बताई गई सावधानियों को ध्यान में रखना जरूरी है:

  • प्रेगनेंसी में स्टीम, ऊबली और भुनी हुई गोभी ही खाएं।
  • पत्ता गोभी की ऑर्गेनिक किस्मों का उपयोग करने की कोशिश करें। माना जाता है कि ऑर्गेनिक फूड के सेवन ऐलर्जी और मोटापे जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम कुछ हद तक कम हो सकता है (27)। हालांकि, इस विषय में अभी और शोध की आवश्यकता है, लेकिन खुद को स्वस्थ रखने के लिए ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थों के सेवन का विकल्प आजमाया जा सकता है।
  • गोभी को ज्यादा देर तक ना पकाएं, क्योंकि इससे न्यूट्रिशनल वैल्यू प्रभावित हो सकती है। दरअसल, सब्जियों को ज्यादा पकाने से उसके पोषक तत्व कम हो सकते हैं (28)
  • पत्ता गोभी पकाने से पहले इसे अच्छी तरह से धोना ना भूलें।
  • कभी भी कटी हुई पत्ता गोभी नहीं खरीदें क्योंकि इसमें कीटाणु हो सकते हैं, जिसके सेवन से सेहत पर असर हो सकता है।

उम्मीद करते हैं कि इस लेख के जरिए गर्भावस्था में पत्ता गोभी का सेवन करने से जुड़े आपके सारे सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे। लेख में गर्भावस्था के दौरान पत्ता गोभी के सेवन के फायदों के बारे में विस्तार से बताया गया है। साथ ही ध्यान रखें कि कच्ची पत्ता गोभी स्वास्थ्य के लिए नुकसान का कारण भी बन सकती है। इसलिए पत्ता गोभी को हमेशा पकाकर ही आहार में शामिल करें। आशा करते हैं यह लेख आपके लिए लाभकारी साबित होगा। गर्भावस्था में पत्ता गोभी के सेवन से संबंधित जानकारी से जुड़े इस लेख को ज्यादा से ज्यादा महिलाओं संग शेयर करें।

संदर्भ (References) :

1. Healthy Eating during Pregnancy and Breastfeeding By WHO
2. Assessment of Listeria species in Fresh Produce Grown and Sold in Canterbury By Lincoln University
3. Listeria Infections By Medlineplus
4. Cabbage, green, raw By USDA
5. Cabbage, red, raw By USDA
6. Constipation, haemorrhoids, and heartburn in pregnancy By NCBI
7. Constipation – self-care By Medlineplus
8. Anthocyanins from red cabbage – stability to simulated gastrointestinal digestion By Science Direct
9. Gestational diabetes By Medlineplus
10. Diabetes Meal Planning By CDC
11. Therapeutic Effect of White Cabbage (Brassica oleracea) Aqueous Extract on Hyperglycemia in Prediabetes-induced Male Albino Rats By Science Alert
12. SCIENTIFIC APPROACHES ON RED CABBAGE: A REVIEW By International Journal of Pharma And Chemical Research
13. Food and Nutrition as natural immune-boosters: An Elaborative Review By International Journal of Innovative Science, Engineering & Technology
14. People at Risk: Pregnant Women By Food Safety
15. Vitamins and minerals By Better Health
16. Pregnancy and Nutrition By Medlineplus
17. Levels of Serum Calcium and Magnesium in Pre-eclamptic and Normal Pregnancy: A Study from Coastal India By NCBI
18. Anemia By Medlineplus
19. Enhancing iron bioavailability of vegetables through proper preparation–principles and applications By Researchgate
20. How can I get enough iron? By NCBI
21. Anaphylaxis to cabbage: detection of allergens By NCBI
22. Flatulence By Better Health
23. Food Poisoning Due to Methamidophos-Contaminated Vegetables By Researchgate
24. Various Possible Toxicants Involved in Thyroid Dysfunction: A Review By NCBI
25. Hypothyroidism By Medlineplus
26. Anaphylaxis to cabbage: detection of allergens By NCBI
27. Human health implications of organic food and organic agriculture: a comprehensive review By NCBI
28. Fruit and vegetables By Better Health