क्या प्रेगनेंसी के दौरान स्प्राउट्स खाना सही है ? | Eat Sprouts During Pregnancy In Hindi

हर गर्भवती महिला यही चाहती है कि उसका बच्चा स्वस्थ्य पैदा हो। इसलिए उसे आहार में भरपूर पोषक तत्वों को शामिल करने की सलाह दी जाती है। अंकुरित अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, लेकिन इसे लेकर असमंजस की स्थिति रहती है कि गर्भावस्था में इसका सेवन करना चाहिए या नहीं। अगर आप भी ऐसे ही सवालों से जूझ रही हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। मॉमजंक्शन के इस लेख में हम गर्भावस्था में स्प्राउट्स के सेवन से जुड़ी विस्तारपूर्वक जानकारी लेकर आए हैं।

चलिए, सबसे पहले जानते हैं कि गर्भावस्था में अंकुरित अनाज खाना कितना सुरक्षित है।

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क्या गर्भावस्था के दौरान अंकुरित अनाज खाना सुरक्षित है?

गर्भावस्था के दौरान अंकुरित अनाज खाने के स्वास्थ्य पर मिलीजुली प्रतिक्रिया देखी जा सकती है। एक तरफ जहां गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी की गई फूड गाइडलाइन में बीन स्प्राउट्स यानी अंकुरित अनाज के सेवन की बात कही गई है (1)। वहीं, दूसरी तरफ फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की वेबसाइट में प्रकाशित एक आर्टिकल के अनुसार, अंकुरित अनाज में हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं, जो गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है (2)।

दरअसल, अंकुरित होने से पहले जीवाणु दरारों के जरिए अनाज में प्रवेश कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो स्प्राउट्स को धोने के बाद भी इनमें से जीवाणु को दूर करना मुश्किल होता है। यही वजह है कि गर्भवती महिलाओं के लिए अल्फाल्फा, मूली, क्लोवर, मूंग बीन्स आदि स्प्राउट्स का सेवन जोखिम भरा हो सकता है (2)।

लेख के इस भाग में अंकुरित अनाज में पोषक तत्व के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

स्प्राउट्स के पोषण मूल्य

यहां हम जानते हैं 100 ग्राम अंकुरित अनाज में कौन-कौन से पोषक तत्व किस मात्रा में होते हैं (3)।

  • प्रति 100 ग्राम स्प्राउट्स में 92.82 ग्राम पानी, 23 किलो कैलोरी ऊर्जा, 3.99 ग्राम प्रोटीन, 2.1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 1.9 ग्राम फाइबर की मात्रा होती है।
  • अंकुरित अनाज की 100 ग्राम मात्रा में 0.2 ग्राम शुगर की मात्रा पाई जाती है।
  • 100 ग्राम अंकुरित अनाज में 32 मिलीग्राम कैल्शियम, 0.96 मिलीग्राम आयरन, 27 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 70 मिलीग्राम फास्फोरस और 79 मिलीग्राम पोटेशियम की मात्रा पाई जाती है।
  • वहीं अंकुरित अनाज में 6 मिलीग्राम सोडियम, 0.92 मिलीग्राम जिंक, 0.157 मिलीग्राम कॉपर और 0.6 माइक्रोग्राम सेलेनियम होता है।
  • विटामिन्स की बात करें, तो 100 ग्राम पपीते में 8.2 मिलीग्राम विटामिन-सी, 0.034 मिलीग्राम विटामिन बी-6, 8 माइक्रोग्राम विटामिन-ए और 30.5 माइक्रोग्राम विटामिन-के होता है।

स्क्रॉल करके पढ़ें कि गर्भावस्था में अंकुरित अनाज का सेवन करने के क्या दुष्परिणाम हो सकते हैं।

प्रेगनेंसी में स्प्राउट खाने के प्रभाव

गर्भावस्था में अंकुरित अनाज खाने के कई दुष्परिणाम देखे गए हैं। ऐसे में महिलाओं को अंकुरित अनाज से दूरी बनाकर रखने की सलाह दी जाती है। अगर फिर भी खाने का मन हो, तो उबले हुए अंकुरित अनाज को प्राथमिकता दी जा सकती है (2)। चलिए, जानते हैं प्रेगनेंसी में कच्चे स्प्राउट खाने के प्रभाव के बारे में:

  1. ई-कोलाई बैक्टीरिया की वजह से अंकुरित अल्फाल्फा, क्लोवर, मूंग बींस और मूली का सेवन गर्भावस्था में मना किया जाता है। यह गर्भावस्था में जटिलता पैदा कर सकता है (4)। इससे गर्भवतियों के बीमार होने की अधिक संभावना रहती है।
  1. बीन्स, मूली, क्लोविया जैसे कच्चे स्प्राउट्स में साल्मोनेला और ई-कोलाई बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जिसकी वजह से डायरिया की परेशानी, कमजोरी, उल्टी, बुखार, मांसपेशियों व पेट में दर्द जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं (4) (5)।
  1. कुछ मामलों में कच्चे स्प्राउट्स का सेवन गर्भवती महिलाओं के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के लिए समस्या उत्पन्न कर सकता है। लिस्टरियोसिस बैक्टीरिया समय से पहले प्रसव, भ्रूण की मृत्यु या नवजात शिशु में संक्रमण फैलने का कारण बन सकता है (5)।
  1. अंकुरित अनाज में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। इससे गर्भवती महिलाओं को फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है (6)।

लेख में आगे जानेंगे कि गर्भावस्था के दौरान स्प्राउट्स खाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

प्रेगनेंसी के दौरान स्प्राउट्स खाते समय बरती जाने वाली सावधानियां

गर्भावस्था के दौरान अंकुरित अनाज का सेवन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, जो कुछ इस प्रकार हैं:

  • अंकुरित अनाज को खाने या पकाने से पहले साफ पानी में अच्छी तरह से धो लें। धोने से बैक्टीरिया कम होने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, इससे बैक्टीरिया को पूरी तरह से दूर नहीं किया जा सकता है (7)।
  • कच्चे या हल्के पके हुए स्प्राउट्स खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है (6)। ऐसे में बेहतर होगा कि गर्भवती महिलाएं स्प्राउट्स को उबालकर खाएं।
  • स्प्राउट्स को अच्छी तरह से पकाएं। खाना पकाने से हानिकारक बैक्टीरिया के मरने की संभावना बढ़ जाती है और बीमारी का खतरा कम हो सकता है (7)।
  • गर्भावस्था के दौरान प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है, तो स्प्राउट्स खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इस दौरान खाद्य जनित रोग होने की संभावना बढ़ जाती है (8)।

आगे जानिए कि गर्भावस्था के दौरान स्प्राउट्स को खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

प्रेगनेंसी के दौरान स्प्राउट्स खरीदने और स्टोर करने के टिप्स

गर्भवती महिलाएं स्प्राउट्स खाना नजरअंदाज कर सकती हैं, लेकिन अगर बाजार से अंकुरित अनाज खरीदने का मन बना रही हैं, तो इन बातों का खास खयाल रखें।

  • फ्रोजन की जगह हमेशा ताजे स्प्राउट्स का चयन करें।
  • मुरझाए हुए या जिनमें से गंध आ रही हो, उन स्प्राउट्स को न खरीदें।
  • लसलसे अंकुरित अनाज को न खरीदें।
  • स्प्राउट्स खरीदने के बाद अगर उन्हें पका नहीं रही हैं, तो उन्हें फ्रीज में स्टोर करके रखें।
  • स्प्राउट्स को स्टोर करने के लिए रेफ्रिजरेटर की साफ-सफाई का ध्यान रखें।
  • घर में अंकुरित अनाज को 48 डिग्री फेरनाहट तापमान पर स्टोर करें।

चलिए, प्रेगनेंसी में स्प्राउट्स को तैयार करने की विधि के बारे में जानते हैं।

गर्भावस्था के दौरान स्प्राउट्स को कैसे पकाएं?

गर्भावस्था के दौरान अंकुरित अनाज को निम्न तरीको से पकाया जा सकता है:

  • स्प्राउट्स को अच्छी तरह से उबाल लें।
  • हल्का फ्राई करने से बैक्टीरिया के होने की संभावना होती है। इसलिए, अंकुरित अनाज को हमेशा तेज आंच पर फ्राई करें।

आगे जानते हैं अंकुरित अनाज की कुछ रेसिपीज।

प्रेगनेंसी के दौरान स्प्राउट्स रेसिपी

लेख में नीचे हम प्रेगनेंसी के समय अंकुरित अनाज की कुछ आसान सी रेसिपी बता रहे हैं। ध्यान रखें कभी भी कच्चे स्प्राउट्स का सेवन न करें। हमेशा उबले हुए अंकुरित अनाज को ही आहार का हिस्सा बनाएं।

1.सलाद

Eat Sprouts During Pregnancy In Hindi

Image: Shutterstock

सामग्री:

  • एक कटोरी उबले हुए स्प्राउट्स
  • एक मध्यम आकार का प्याज, बारीक कटा हुआ
  • एक मध्यम आकार का टमाटर, बारीक कटा हुआ
  • बारीक कटी सब्जियां
  • नींबू का रस
  • धनिया पत्ती, बारीक कटी हुई
  • चुटकी भर नमक

विधि:

  • एक बड़ी कटोरी में उबले स्प्राउट्स और सब्जियां डालें।
  • इसमें कटा प्याज, कटा टमाटर, कटी धनिया चुटकी भर नमक डालें।
  • चाहें तो नींबू का रस डाल सकती हैं।
  • सारी सामग्री को मिलाएं।
  • तैयार है स्प्राउट्स का सलाद

2. पोहा

Eat Sprouts During Pregnancy In Hindi 2

Image: Shutterstock

सामग्री:

  • आधा कप पोहा
  • आधा कप स्प्राउट्स
  • एक चम्मच तेल
  • एक छोटी चम्मच राई
  • एक छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
  • एक छोटा बारीक कटा प्याज
  • एक कटी हरी मिर्ची
  • नमक स्वादानुसार
  • एक छोटा चम्मच नींबू का रस
  • बारीक कटी हुई धनिया पत्ती

विधि:

  • पोहे को धोकर, छन्नी से छानकर 10 मिनट के लिए रख लें।
  • एक नॉन स्टिक पैन में तेल गरम करें और राई डालें।
  • राई चटकने लगे तो प्याज और हरी मिर्च डालकर भूरा होने तक भूनें।
  • इसमें हल्दी पाउडर व नमक डालें और 1 मिनट तक पकाएं।
  • अब स्प्राउट्स डालें और 2 मिनट तक पकाएं।
  • इसमें एक चौथाई कप पानी डालकर 1 मिनट तक पकाएं।
  • इसके बाद पोहा और नींबू का रस मिलाकर चलाएं। इसे एक मिनट तक पकाएं।
  • अब हरी धनिया से सजाकर उतार लें और गर्मागरम परोसें।

बेहतर होगा गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था में अंकुरित आनाज न खाएं। अगर फिर भी उन्हें स्प्राउट खाने की बहुत अधिक क्रेविंग हो रही है, तो वे कुछ मात्रा में उबले हुए स्प्राउट का सेवन कर सकती हैं। ध्यान रखें कि अंकुरित आनाज अच्छे से पका होना चाहिए। कच्चा या अधा पका हुआ अंकुरित आनाज बिल्कुल भी न खाएं। साथ ही उबले हुए स्प्राउट खाने के बाद भी अपने स्वास्थ्य की जांच करें। अगर किसी तरह के लक्षणों का अनुभव करती हैं, तो तुरंत इस बारे में डॉक्टर से बात करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  1. घर पर बना अंकुरित या तैयार अंकुरित, कौन सा बेहतर है?

यूएस फूड एंड ड्रग एडमिस्ट्रेशन की वेबसाइट पर प्रकाशित आर्टिकल के अनुसार गर्भवती महिलाओं के लिए बेहतर होगा कि अंकुरित अनाज न खाएं, क्योंकि घर पर तैयार स्प्राउट्स में भी बैक्टीरिया पनपने का खतरा रहता है (2)। फिर भी अगर खाना है तो घर पर तैयार किए गए स्प्राउट्स को उबालने के बाद सेवन करें। मार्केट के स्प्राउट्स पुराने हो सकते हैं, जिसमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है।

  1. गर्भवती महिलाओं के लिए किस अनाज का स्प्राउट बेहतर विकल्प है?

गर्भवती महिलाओं की डाइट को लेकर डब्लयूएचओ द्वारा जारी गाइडलाइन में मूंग अनाज के स्प्राउट का सेवन करने की सलाह दी गई है। ऐसे में गर्भवती महिला के लिए मूंग स्प्राउट को बेहतर विकल्प माना जा सकता है (9)।

References

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  1. Healthy Eating during Pregnancy and Breastfeeding
    https://www.euro.who.int/__data/assets/pdf_file/0020/120296/E73182.pdf
  2. Fruits, Veggies and Juices from Food Safety for Moms to Be
    https://www.fda.gov/food/people-risk-foodborne-illness/fruits-veggies-and-juices-food-safety-moms-be
  3. Alfalfa sprouts, raw
    https://fdc.nal.usda.gov/fdc-app.html#/food-details/1103333/nutrients
  4. People at Risk: Pregnant Women
    https://www.foodsafety.gov/people-at-risk/pregnant-women
  5. Bacteria and Viruses
    https://www.foodsafety.gov/food-poisoning/bacteria-and-viruses
  6. Fruit and Vegetable Safety
    https://www.cdc.gov/foodsafety/communication/steps-healthy-fruits-veggies.html
  7. Selecting and Serving Produce Safely
    https://www.fda.gov/food/buy-store-serve-safe-food/selecting-and-serving-produce-safely/#sprouts
  8. Food-borne Illness During Pregnancy – Women’s Health
    https://www.publichealth.va.gov/infectiondontpassiton/womens-health-guide/food-borne-illness/index.asp
  9. A review of phytochemistry, metabolite changes, and medicinal uses of the common food mung bean and its sprouts (Vigna radiata)
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3899625/
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