प्रेगनेंसी पिलो का इस्तेमाल कब करें: फायदे, प्रकार व चुनाव | Benefits of Pregnancy Pillow in Hindi

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गर्भावस्था में पेट बढ़ने के कारण अक्सर महिलाओं के लिए सोना असुविधाजनक हो जाता है। जानकारों की मानें तो गर्भवतियों का सही मुद्रा में सोना बेहद आवश्यक होता है, क्योंकि गलत स्थिति में सोने से गर्भ में पल रहे शिशु को हानि पहुंच सकती है। ऐसे समय में प्रेगनेंसी पिलो (तकिया) का उपयोग गर्भवती महिला के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसलिए, मॉमजंक्शन के इस लेख में हम बताएंगे कि प्रेगनेंसी पिलो के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं। साथ ही इस पिलो के इस्तेमाल का सही समय और चयन के तरीका की भी जानकारी देंगे।

चलिए सबसे पहले जानते हैं कि प्रेगनेंसी पिलो क्या होता है।

प्रेगनेंसी पिलो क्या है?

प्रेगनेंसी पिलो को मैटरनिटी पिलो के नाम से भी जाना जाता है। इसे खास गर्भावस्था के समय महिलाओं के शरीर में हुए परिवर्तन को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिससे गर्भवती महिला को सही तरह से सोने के लिए सपोर्ट यानी सहायता मिल सके। इस तकिये का आकार सामान्य तकिये से काफी बड़ा और आरामदायक होता है। यह प्रेगनेंसी के दौरान सही पोजीशन में सोने की चुनौतियों को दूर कर अच्छी नींद लाने में मदद कर सकता है (1)

इस लेख के अगले भाग में प्रेगनेंसी पिलो के फायदे से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं।

गर्भावस्था के दौरान प्रेगनेंसी पिलो के फायदे

प्रेगनेंसी के समय मैटरनिटी पिलो का उपयोग करने पर कई लाभ मिल सकते हैं। इन फायदों के बारे में नीचे विस्तारपूर्वक बता रहे हैं:

1. अच्छी नींद के लिए- गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को ठीक तरह से नींद न आने की परेशानी होना आम है। प्रेगनेंसी पिलो का इस्तेमाल कर इस परेशानी में काफी हद तक सुधार हो सकता है। इस संबंध में किए गए एक शोध में बताया गया है कि प्रेगनेंसी पिलो के उपयोग से गर्भवतियों की नींद की गुणवत्ता को बढ़ावा मिल सकता है (2)

2. शरीर के दर्द से राहत- प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला का वजन बढ़ने के कारण शरीर के कई हिस्सों जैसे पीठ और टांगों में दर्द का अनुभव हो सकता है (3)। इस दर्द को कम करने में भी मैटरनिटी पिलो मदद कर सकता है। दरअसल, इस पिलो का इस्तेमाल करने से पीठ, हिप्स, बेबी टमी, घुटनों को पूरा सपोर्ट मिलता है, जिससे गर्भवती महिला को पूरा आराम मिलता है। साथ ही, शरीर के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले दर्द से भी राहत मिल सकती है(1)

3. रक्त संचार में सुधार- प्रेगनेंसी पिलो का इस्तेमाल करने से रक्त संचार में सुधार हो सकता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन में इस बात की पुष्टि की गई है। शोध की मानें, गर्भवती महिला के लिए मैटरनिटी पिलो के साथ प्रोन पोजीशन में सोना अच्छा माना जाता है। इससे एब्डोमिनल (पेट) में रक्‍त प्रवाह में सुधार हो सकता है (4)

4. सोने की पोजीशन में सुधार- गर्भावस्था के दौरान सही मुद्रा में नहीं सोने पर समय पूर्व जन्म का जोखिम हो सकता है। प्रेगनेंसी पिलो सोने की पोजीशन सुधारने में मदद करता है, जिससे कि समय पूर्व जन्म का जोखिम कम हो सकता है (5)

आगे जानिए, गर्भावस्था के समय प्रेगनेंसी पिलो का उपयोग करना कब से शुरू किया जा सकता है।

गर्भावस्था में प्रेगनेंसी पिलो का इस्तेमाल कब शुरू कर सकती हैं?

मैटरनिटी पिलो के इस्तेमाल करने का कोई निर्धारित समय नहीं है। इसे कभी भी उपयोग में लाया जा सकता है, पर ज्यादातर गर्भवती तीसरी तिमाही के बाद इसका इस्तेमाल करती हैं। दरअसल, तीसरी तिमाही में पेट का आकार व वजन बढ़ना शुरू हो जाता है। इससे मांसपेशियों व जोड़ों पर दबाव पड़ने के कारण शरीर में दर्द और ऐंठन की शिकायत हो सकती है (6)। मैटरनिटी पिलो पीठ और हिप्स के साथ पेट, घुटनों को पूरा सपोर्ट और सुविधा देने के साथ अच्छी नींद में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह गर्भवती महिला के आराम और स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना गया है (1)। ऐसे में प्रेगनेंसी पिलो का इस्तेमाल गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में ज्यादा उपयोगी माना जा सकता है। फिलहाल, इस संबंध में किसी तरह का स्पष्ट वैज्ञानिक अध्ययन उपलब्ध नहीं है।

आगे हम प्रेगनेंसी पिलो कितनी तरह के होते हैं व इसके उपयोग से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं।

प्रेगनेंसी पिलो के प्रकार और उसका इस्तेमाल कैसे करें?

प्रेगनेंसी पिलो कई तरह के होते हैं। इसके भिन्न-भिन्न प्रकार शरीर के विशेष हिस्से को आराम पहुंचा सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान हर महिला अलग-अलग परेशानी से गुजरती है। ऐसे में प्रेगनेंसी पिलो को लेकर हर महिला की जरूरत अलग होती है। इसलिए, गर्भवती महिलाएं अपनी आवश्यकता के अनुसार प्रेगनेंसी पिलो का चयन कर सकती हैं। नीचे गर्भावस्था में इस्तेमाल किए जाने वाले अलग-अलग मैटरनिटी पिलो के बारे में बता रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं:

1. प्रेगनेंसी वैज पिलो

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यह तकिया गर्भावस्था के लिए एक बेहतरीन पिलो साबित हो सकता है। यह आकार में काफी छोटा और आरामदायक होता है। इस पिलो को प्रेगनेंसी के समय और प्रसव के बाद भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह पिलो बाजार में दो आकार राउंड वैज पिलो व ट्राइएंगुलर वैज पिलो में उपलब्ध है।

उपयोग करने का तरीका:

इस तकिये का उपयोग सोने के समय पेट या पीठ वाले भाग को सहारा देने के लिए पेट के नीचे या पीठ के पीछे रख सकते हैं। इस तकिये को सिर के नीचे रखने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

2. फुल लेंथ मैटरनिटी पिलो

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यह तकिया सामान्य से अधिक लंबा होता है, जो पूरे शरीर को सहारा देने का काम करता है। जिन महिलाओं को एक तरफ करवट लेकर सोने की आदत है उनके लिए यह काफी फायदेमंद हो सकता है। इस तकिये को हाथ और पैरो के बीच में रख सकते हैं, जिससे पेट को भी सहारा मिलता है। यह तकिया भी दो आकार में आता है, जिसमें सीधी फुल लेंथ व फ्लेग्जिबल फुल लेंथ पिलो शामिल हैं।

उपयोग करने का तरीका:

इस तकिये का डिजाइन हग यानी कडल (Cuddle) करके लेटने के लिए तैयार किया गया है। इसे पेट के नीचे या पीठ को सहारा देने के लिए नहीं रखा जाता है। इस तकिया को महिलाएं अपने हाथ और पैर के बीच में रख कर हग करके सो सकती हैं।

3. टोटल बॉडी पिलो

इस तकिये की लम्बाई लगभग 5 से 6 इंच तक होती है, जो ज्यादातर महिलाओं की हाइट के अनुकूल होती है। ऐसा माना जाता है कि इस तकिये का इस्तेमाल दूसरी तिमाही में आने के बाद करना चाहिए, जिससे रीढ़ की हड्डी और पीठ को सपोर्ट मिल सके। यह पिलो भी दो आकार में आता है, जिसमें सी (C) शेप पिलो और यू (U) शेप पिलो शामिल हैं।

उपयोग करने का तरीका:

  • सी (C) शेप पिलो
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सी (C) शेप पिलो सिर, पीठ, पेट और पैर को सपोर्ट देने का काम करता है। इस तकिये को राइडिंग पोजीशन में सोने वाली महिलाओं के लिए अच्छा माना जा सकता है। इस तकिये को महिलाएं सिर वाले भाग से पीठ की तरफ से कर्व करके पैरों के बीच में रख कर सो सकती हैं।

  • यू (U) शेप पिलो
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यू (U) आकार के तकिए को पीठ के बल सोने वाली महिलाओं के लिए ज्यादा उपयोगी माना जाता है। इस पिलो के यू शेप का ऊपरी हिस्से को सिर की तरफ रखा जाता है। यह तकिया पूरे शरीर को सपोर्ट देने के लिए लाभकारी होता है।

अब हम प्रेगनेंसी पिलो का चयन कैसे करना है, इस बारे में बताने जा रहे हैं।

प्रेगनेंसी पिलो का चुनाव कैसे करें?

गर्भवती महिलाओं के आराम के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहिए। इसके लिए उन्हें सही बिस्तर के साथ उचित तकिया उपलब्ध कराना जरूरी होता है। यही वजह है कि लेख के इस भाग में हम अच्छे मैटरनिटी पिलो के चुनाव से जुड़ी टिप्स बता रहे हैं :

1. तकिये के लिए मटेरियल का उपयोग- तकिये को भरने के लिए कई तरह के मटेरियल का उपयोग किया जाता है। इन मटेरियल का प्रभाव बेहतर नींद और नींद की गुणवत्ता पर देखा जा सकता है। प्रेगनेंसी पिलो में इस्तेमाल किए जाने वाले मटेरियल की जांच करने के बाद ही इसका चयन करें।

सख्त पिलो का चयन- प्रेगनेंसी के दौरान अधिक मुलायम तकिया शरीर को आराम तो देता है, पर यह पेट या पीठ वाले भाग को अच्छी तरह सपोर्ट देने में असमर्थ होता है। ऐसे में थोड़े सख्त मैटरनिटी पिलो का चयन करना बेहतर हो सकता है।

2. पिलो कवर बदला जा सके- प्रेगनेंसी के समय साफ सफाई का भी ध्यान रखना जरूरी है। इसलिए, ऐसे तकिये का चयन करें जिसके कवर को आसानी से बदला जा सके। इससे समय-समय पर पिलो कवर को साफ करके हाइजीन का ध्यान रखा जा सकता है।

3. तकिये का सही साइज- इस समय तकिया का सही साइज बहुत मायने रखता है। बाजार में मैटरनिटी पिलो कई साइज में उपलब्ध हैं। प्लस साइज गर्भवती महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार तकिये का साइज और आराम देखते हुए इसका चयन करें।

4. गंध न आए- कई तकियों में इस्तेमाल होने वाले मटेरियल से केमिकल की अजीब गंध आ सकती है, जिसका प्रभाव गर्भवती महिला की नींद व सेहत पर पड़ सकता है। इसलिए, तकिया खरीदते समय इस बात का भी खास ख्याल रखें।

5. हाइपोएलर्जेनिक पिलो- गर्भावस्था में एलर्जी से बचाव जरूरी है। अगर किसी को धूल या गंदगी से एलर्जी की शिकायत है, तो वे हाइपोएलर्जेनिक पिलो का चयन करें। यह तकिया एलर्जी के जोखिम को कम कर सकता है।

6. हाइट के अनुसार तकिये का चयन- प्रेगनेंसी पिलो का चयन शरीर के कद के अनुसार करें। लंबी हाइट वाली महिलाएं लंबे व छोटी हाइट वाले छोटे पिलो का चयन करें।

चलिए जानते है प्रेगनेंसी के समय नींद में सुधार करने के लिए कुछ जरूरी टिप्स के बारे में।

गर्भावस्था के दौरान नींद में सुधार के टिप्स

प्रेगनेंसी के दौरान नींद में सुधार करने के लिए कुछ उपाय को अपनाया जा सकता है। ये उपाय कुछ इस प्रकार से हैं:

  • गर्भावस्था में व्यायाम करने से अच्छी नींद आने में मदद हो सकती है। इसके लिए गर्भवती महिलाएं रोजाना कुछ समय निकाल कर बेहतर प्रशिक्षक की निगरानी में एक्सरसाइज कर सकती हैं (7)
  • गर्भावस्था में बेहतर नींद के लिए योग का सहारा भी लिया जा सकता है (8)। हालांकि, योग करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  • प्रेगनेंसी के दौरान कैफीन युक्त पेय पदार्थ का सेवन कम करने से भी नींद में सुधार हो सकता है। इसलिए प्रेगनेंसी में कॉफी और चाय का सेवन कम करें (9)
  • सोने के लिए बिस्तर पर जाने से लगभग एक से दो घंटे पहले कुछ खाने व पीने से बचें।
  • रात में सोने और सुबह उठने का एक समय तय कर लें ।
  • सोने जाने से पहले व्यायाम या किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी करने से बचें।

आगे जानिए, प्रेगनेंसी पिलो से संबंधित कुछ सवालों के जवाब।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रेगनेंसी पिलो और बॉडी पिलो दोनों अलग कैसे हैं?

प्रेगनेंसी पिलो को तैयार करते समय गर्भवती महिला के शरीर में होने वाले बदलाव को खास ध्यान में रखा जाता है। प्रेगनेंसी पिलो में गर्भवती की आकार के अनुकूल कई कर्व्स रखे जाते हैं। वहीं, बॉडी पिलो सामान्य तकिये की तरह लंबा व सीधा होता है।

गर्भवती महिला के लिए रेगुलर पिलो फायदेमंद क्यों नहीं होता है?

गर्भवतियों के लिए रेगुलर पिलो का लाभकारी न होने का कारण तकिये का डिजाइन हो सकता है। दरअसल, इस पिलो के उपयोग से गर्भवती को सही तरह से सहारा नहीं मिलता है, जिससे कि महिला को ऊपर बताए गए फायदे नहीं हो पाते हैं।

उम्मीद करते हैं कि इस लेख के जरिए प्रेगनेंसी पिलो से जुड़े आपके सभी सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे। लेख में मैटरनिटी पिलो के फायदे व इस्तेमाल करने के तरीके को विस्तार से बताया गया है। गर्भावस्था में महिलाएं इस खास तकिये का इस्तेमाल कर इसके लाभ उठा सकती हैं। साथ ही इसका चयन करते समय लेख में दिए गए टिप्स को जरूर ध्यान में रखें। गर्भावस्था में मैटरनिटी पिलो से संबंधित जानकारी से जुड़े इस लेख को गर्भवती महिलाओं के साथ जरूर शेयर करें।

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