सोशल मीडिया का रिश्तों पर सकारात्मक व नकारात्मक प्रभाव | Affect Of Social Media On Relationships In Hindi

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आज के समय में सोशल मीडिया लोगों के जीवन का हिस्सा बन गया है। सोते-जागते हर समय लोग इसी में डूबे रहते हैं। हालांकि, कुछ लोगों के मुताबिक यह एक बुरी लत है, जबकि कुछ लोग इसे फायदेमंद बताते हैं। वहीं, रिसर्च इस सवाल पर क्या कहती है, यही बताने के लिए हम मॉमजंक्शन का यह लेख लेकर आए हैं। यहां हमने इसके सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं के बारे में चर्चा की है। साथ ही यहां सोशल मीडिया के साथ रिश्तों को बैलेंस रखने के कुछ शानदार टिप्स भी बताए गए हैं।

सबसे पहले समझ लेते हैं कि सोशल मीडिया रिश्तों के लिए कितना हानिकारक है।

क्या सोशल मीडिया रिश्तों के बीच में दरार पैदा कर सकता है ?

सोशल मीडिया रिश्तों के बीच दरार पैदा कर सकता है या नहीं, इसका जवाब पूरी तरह से इसके उपयोग पर निर्भर करता है। दरअसल, इस विषय से संबंधित एक शोध में यह जानकारी मिलती है कि सोशल मीडिया का उपयोग रिश्तों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों रूप से प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, इस बात की निर्भरता उसके इस्तेमाल के तरीकों पर होती है (1)। लेख में आगे हमने रिश्तों पर सोशल मीडिया के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया है।

चलिए, अब जरा रिलेशनशिप पर सोशल मीडिया के पॉजिटिव और नेगेटिव इफेक्ट को जान लीजिए।

सोशल मीडिया का रिश्तों पर सकारात्मक व नकारात्मक प्रभाव

आज के समय में सोशल मीडिया का उपयोग काफी बढ़ गया है। कई बार तो इसका इस्तेमाल फायदेमंद साबित होता है, लेकिन कई बार यह हानिकारक भी हो सकता है। इसलिए यहां हम बता रहे हैं कि सोशल मीडिया का रिश्तों पर सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव क्या-क्या हो सकते हैं:

सोशल मीडिया का रिश्तों पर सकारात्मक प्रभाव

रिलेशनशिप पर सोशल मीडिया के सकारात्मक प्रभाव कुछ इस प्रकार हैं:

1. मीलों की दूरियों को कम करे

सोशल मीडिया के उपयोग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह मीलों दूर रह रहे लोगों को अपनों से मिला सकता है। इस पर हुए शोध भी इसी बात की पुष्टि करते हैं। दरअसल, रिलेशनशिप और सोशल मीडिया के उपयोग पर हुए एक रिसर्च में बताया गया है कि सोशल मीडिया दूर रहने वाले लोगों से बातचीत करने में सहायक हो सकता है (2)।

उदाहरण के लिए, अगर बच्चा पढ़ाई के लिए घर से दूर रह रहा हो तो वह अपने माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों से कॉल, मैसेज या वीडियो कॉल के जरिए बात कर सकता है। इसके अलावा, अगर पति किसी काम से अपनी पत्नी से दूर रह रहा तो वो भी सोशल मीडिया के जरिए उस मीलों की दूरी को कम कर सकता है।

2. बॉन्डिंग मजबूत करे

सोशल मीडिया रिश्तों को मजबूत बनाए रखने में भी मदद कर सकता है। दरअसल, सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफार्म है जहां लोग एक दूसरे से जुड़े होते हैं और अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकते हैं। ऐसे में इसका उपयोग परिवार वालों के लिए सहायक हो सकता है। इसके माध्यम से पति अपनी पत्नी के लिए प्यार की भावनाओं को प्रकट कर सकता है। भाई बहन के लिए अपनी फीलिंग्स को व्यक्त कर सकता है। इससे उनके बीच की बॉन्डिंग और अधिक मजबूत हो सकती है (3)।

3. व्यक्ति को समझने के लिए

सोशल मीडिया के इस्तेमाल से आपसी समझ को भी बढ़ावा मिल सकता है। दरअसल, सोशल मीडिया के माध्यम से इंसान के व्यक्तित्व का पता चल सकता है। उदाहरण के लिए, अक्सर लोग सोशल मीडिया पर अपनी पसंद, नापसंद, विचार, आदतें आदि के बारे में पोस्ट डालते हैं। ऐसे में सामने वाले को इन सबसे उस व्यक्ति के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने का मौका मिल सकता है।

खासकर तब, जब कोई अपने जीवन में रिश्तों की नई शुरुआत कर रहा हो। सोशल मीडिया के जरिए वह अपने पार्टनर के बारे में कई प्रकार की जानकारी पा सकता है, जिससे उसे अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिल सकती है।।

4. खास दिनों को याद कराए

रिश्तों को जोड़कर रखने के लिए भी सोशल मीडिया को लाभकारी माना जा सकता है। कई बार ऐसा होता है कि अपने व्यस्त जीवन के कारण पति-पत्नी या दोस्त जन्मदिन या फिर सालगिरह को भूल जाते हैं। इस कारण कई बार रिश्ते में कड़वाहट पैदा हो जाती है। इसके अलावा, कई बार लोग अपने रिश्तेदारों के खास दिनों को भी भूल जाते हैं, जिस वजह से उनके बीच दूरियां पैदा होने लगती है।

ऐसे में सोशल मीडिया उन दिनों को याद कराने में मदद कर सकता है। दरअसल, फेसबुक में एक सुविधा होती है कि वह जन्मदिवस पर या किसी चीज के साल पूरा होने पर नोटिफिकेशन भेजता है।  इसके माध्यम से लोग अपने रिश्तेदारों के लिए और पति अपनी पत्नी के लिए सरप्राइज प्लान कर उन्हें खास महसूस करा सकते हैं।

5. यादगार पलों का संग्रह

बीते पलों को याद कराने के लिए भी सोशल मीडिया को सहायक माना जा सकता है। दरअसल, सोशल मीडिया में ऐसी सुविधा होती है, जो हमारी यादों को समेट कर रख सकता है। अगर कोई किसी उत्सव या अपने खास पलों की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर अपलोड करता है, तो वह वहां पर सेव हो जाता है। वहीं, उसके साल होने पर सोशल मीडिया की तरफ से मेमोरीज का नोटिफिकेशन आता है, जिससे बीती यादें ताजा हो जाती है। ऐसे में आपसी रिश्तों को मजबूत बनाने में ये यादें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है (4)।

आगे जानें रिलेशनशिप पर सोशल मीडिया के नेगेटिव इफेक्ट।

सोशल मीडिया का रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव

हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, ऐसे में रिश्तों पर सोशल मीडिया के सकारात्मक प्रभाव है तो कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं। तो ये नकारात्मक कुछ इस प्रकार हैं:

1. नजदीकियां कम करे

वैसे तो सोशल मीडिया को लोगों के बीच की दूरियों को कम करने के लिए जाना जाता है। वहीं, अगर इसका इस्तेमाल हद से ज्यादा किया जाए तो फिर इसके विपरीत परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं। इस पर हुए शोध भी यही बात कहते हैं कि, सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाल लोगों को अपने परिवार से अलग कर सकता है (5)।

इसके अलावा, एक अन्य शोध में भी यह बताया गया है कि सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से परिवार के सदस्यों के बीच फेस-टू-फेस कॉन्टैक्ट कम हो जाता है। लोग ज्यादातर समय सोशल मीडिया पर ही लगे रहते हैं, जिस कारण वे अपने परिवार से आमने-सामने बातचीत नहीं कर पाते हैं (2)। इस आधार पर सोशल मीडिया को लोगों के बीच दूरियां पैदा करने के लिए जिम्मेदार माना जा सकता है।

2. पार्टनर के साथ झगड़े का कारण

सोशल मीडिया का एक दुष्प्रभाव यह भी है कि रिश्तों में आपसी झगड़े को बढ़ा सकता है। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर इस विषय से संबंधित एक शोध प्रकाशित है, जिसमें यह अनुमान लगाया गया है कि फेसबुक पर अधिक समय बिताने का नकारात्मक असर रिश्तों पर दिख सकता है। यहां तक यह उनके बीच फेसबुक से संबंधित झगड़ों को भी जन्म दे सकता है (6)।

इसके अलावा, विवाहित जोड़ों के रिश्तों पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर हुए एक शोध में बताया गया है कि अधिक समय तक सोशल मीडिया के उपयोग के कारण पति-पत्नी की भावनाएं एक दूसरे के प्रति नकारात्मक रूप से बदल सकती है। पार्टनर को ऐसा लगता है कि उनके साथी को उनकी परवाह ही नहीं है और सोशल मीडिया उनकी निजता पर प्रभाव डाल रहा है (2)। यह भी आपसी झगड़े का एक बड़ा कारण बन सकता है।

3. इसकी लत लग सकती है

किसी भी चीज का अधिक इस्तेमाल उसके एडिक्शन का कारण बन सकती है। सोशल मीडिया के साथ भी यही बात लागू होती है। इससे जुड़े एक शोध में बताया गया है कि सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से उसकी लत लग सकती है। इस कारण आपसी रिश्तों में कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। इसके अलावा, यह मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल सकता है (7)। इसके अलावा, एक अन्य शोध में बताया गया है कि सोशल मीडिया लोगों में कभी-कभी, चिंता और अवसाद का कारण भी बन सकता है (5)।

4. मानसिक स्वास्थ्य पर असर

सोशल मीडिया का बुरा असर लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। इस विषय में मौजूद जानकारी में इस बात का जिक्र मिलता है कि सोशल मीडिया कुछ गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का भी कारण बन सकता है। बताया जाता है कि इसके उपयोगकर्ताओं को अकेलापन, चिंता, जटिलता, अवसाद जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यही नहीं, इसके अधिक उपयोग से लत लगने की संभावना भी बढ़ जाती है, जो व्यक्ति को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है (5)।

5. रिश्तों की गुणवत्ता में कमी

सोशल मीडिया का अत्यधिक इस्तेमाल रिश्तों की गुणवत्ता में कमी ला सकता है। इस बात की जानकारी,

भावनाओं और रिश्तों पर सोशल मीडिया के प्रभाव’ के विषय पर हुए एक शोध से मिलती है। इसमें साफ तौर से इस बात का जिक्र मिलता है कि जो व्यक्ति जितना अधिक समय सोशल मीडिया पर बिताता है, उसके रिश्तों की गुणवत्ता उतनी ही कम होती जाती है (8)।

लेख के अंत में पढ़ें सोशल मीडिया और रिलेशनशिप को बैलेंस रखने के टिप्स।

सामाजिक नेटवर्किंग (Social Media) और पारिवारिक संबंधों के बीच संतुलन बनाए रखने के टिप्स

रिश्तों पर सोशल मीडिया के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों के बारे में तो आप लेख में जान ही चुके हैं। चलिए, अब हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं, जिनकी मदद से सोशल मीडिया और पारिवारिक संबंधों के बीच संतुलन को बनाए रखने में मदद मिल सकती है:

  • सबसे पहले तो सोशल मीडिया के इस्तेमाल के समय सीमा को कम करें। साथ ही अगर किसी को अपनी हर एक्टिविटी को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की आदत है तो उसे भी कम करें। हो सकता है कि परिवार के किसी सदस्य को यह पसंद न हो कि उसके घर की प्राइवेसी को पब्लिक को दिखाया जाए। इससे आपसी कलह को कम करने में मदद मिल सकती है।
  • कोशिश करें कि सोशल मीडिया पर हमेशा कुछ सुखद और मजेदार पल पोस्ट कर सकें। जिसे कुछ समय बाद यादों के रूप में फिर से परिवार के सदस्यों के साथ साझा किया जा सके। इससे घर के सभी लोगों को आपसी प्यार और बॉन्डिंग का एहसास होगा। हालांकि, परिवार या दोस्त की कोई तस्वीर पोस्ट करने से पहले एक बार उस व्यक्ति से पूछ लें कि वो इसको लेकर सहज है या नहीं।
  • कभी भी अपने परिवार के सदस्यों की तुलना अपने ऑनलाइन दोस्तों से न करें। ऐसा जरूरी नहीं है कि दूसरे का व्यवहार जैसा है या दूसरों के पास जो चीजें हैं वही सब के पास होनी चाहिए। कई बार सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज सच नहीं होती।
  • विवाहित जोड़ों के लिए, आपसी रिश्तों और सोशल मीडिया को बैलेंस रखने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि दोनों के बीच एक समझदारी वाली रिलेशनशिप हो। जैसे दोनों को एक दूसरे का पासवर्ड पता हो या फिर सोशल मीडिया पर किसी भी ऐसी चीज को लाइक, कमेंट और शेयर न करें जो पार्टनर को पसंद न हो।
  • इसके अलावा, कभी भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए चीजों को देखकर अत्यधिक प्रभावित न हों। उदाहरण के लिए, अगर कोई कपल कहीं घूमने जा रहा हो या कुछ नया सामान खरीदा हो और उसकी फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा हो तो उसे देखकर वैसा करने की जिद न करें। अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें। कभी भी अपनी तुलना दूसरों से न करें।

सोशल मीडिया जितना फायदेमंद है उतना ही नुकसानदायक भी है, खासकर पारिवारिक रिश्तों के लिए। ऐसे में यह बात अब पूरी तरह से इसके उपयोगकर्ता पर निर्भर करती है कि वह इसका इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं। वहीं, लेख में हमने सोशल मीडिया के साथ-साथ आपसी रिश्तों को बैलेंस रखने के कुछ टिप्स भी बताए हैं। अत: हम उम्मीद करते हैं कि हमारा यह लेख आपसी रिश्तों के मिठास को बनाए रखने में मददगार साबित होगा।

References:

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  1. Helpful or harmful? Exploring the impact of social media usage on intimate relationships
    https://journal.acs.org.au/index.php/ajis/article/view/1653
  2. The Effect of Social Media on Family Relationships
    https://www.iosrjournals.org/iosr-jnhs/papers/vol9-issue6/Series-3/G0906034757.pdf
  3. Social media, rituals and long-distance family relationship maintenance: A mixed-methods systematic review
    https://www.researchgate.net/publication/344335806_Social_media_rituals_and_long-distance_family_relationship_maintenance_A_mixed-methods_systematic_review
  4. Memory and Social Media: New Forms of Remembering and Forgetting
    https://www.researchgate.net/publication/259531789_Memory_and_Social_Media_New_Forms_of_Remembering_and_Forgetting
  5. Family Relations after the Emergence of Social Media: A Comparative Analysis of Single-Family and Joint Family Systems
    https://www.grrjournal.com/jadmin/Auther/31rvIolA2LALJouq9hkR/jBTWZzse5a.pdf
  6. Cheating, breakup, and divorce: is Facebook use to blame?
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/23745615/
  7. Online Social Networking and Addiction-A Review of the Psychological Literature
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3194102/
  8. Social Media Use and Its Impact on Relationships and Emotions
    https://scholarsarchive.byu.edu/cgi/viewcontent.cgi?article=7927&context=etd