रिलेशनशिप फियर्स क्या है? कारण व निपटने के तरीके | Relationship Fears Se Kaise Bache

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​रिलेशनशिप फियर्स का नाम इससे पहले भी आपने सुना होगा। अगर नहीं भी सुना है, तो इसके बारे में हम आपको यहां पर जानकारी दे रहे हैं। इस लेख में रिश्ते का डर क्या होता है या रिश्ते टूटने का डर क्यों होता है, इससे जुड़ी अहम बातों को उजागर कर रहे हैं। साथ ही रिलेशनशिप फियर्स से कैसे बचा जा सकता है, इसके बारे में भी कुछ जरूरी टिप्स आप यहां पर पढ़ सकते हैं।

सबसे पहले पढ़ें कि रिश्ते का डर क्या होता है।

रिश्ते का डर क्या होता है? | What Is Relationship Fear in Hindi

हमें जो चीज सबसे ज्यादा प्यारी होती है, अक्सर उसी को खोने का डर भी सबसे ज्यादा होता है। इसी तरह का एक डर अपने सबसे खास रिश्ते को खोने का भी हो सकता है। खासकर अगर बार दो प्रेमियों के रिश्ते की हो। यानी अगर कोई कपल किसी रिलेशनशिप में हैं, तो उनमें से किसी को या फिर दोनों के ही मन में उस रिश्ते के टूटने का डर हो सकता है, जिसे रिलेशनशिप फियर्स कहा जाता है।

आगे हम रिश्ते टूटने का डर क्यों होता है, यह भी बता रहे हैं।

रिश्ता के डर का क्या कारण होता है?

रिलेशनशिप फियर्स होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें सामाजिक से लेकर मानसिक स्थितियां भी शामिल होती है। इसके बारे में हमने नीचे विस्तार से चर्च की है।

1. रिश्ता न निभा पाने का डर

अक्सर जब हम किसी के साथ प्यार में होते हैं, तो उस हर तरह से खुश रखने का पूरा प्रयास करते हैं। यही हमारी एक सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है। हमें इसका डर लगने लगता है कि कहीं हमारा वह साथी हमशे परेशान या बोर होकर हमें छोड़कर न चला जाए।

2. धोखा खाने का डर

रिलेशनशिप में किसी एक साथी को धोखा देना कोई नई बात नहीं है। हमारे आस-पास ऐसे कई उदाहरण भी होंगे। यही वजह है कि दोनों साथी के मन में रिलेशनशिप में धोखा खाने का डर भी बना रह सकता है। उनके मन में अपने साथी के प्रति हमेशा एक संदेह बना रह सकता है कि कहीं वह उन्हें धोखा तो नहीं दे रहे हैं।

3. जिम्मेदारी न निभाने का डर

कई लोगों के मन में इसका डर हो जाता है कि उनका साथी रिश्ते को लेकर जिम्मेदारीयों से जर सकता है, जिस वजह से वह इस रिश्ते को खत्म भी कर सकता है। ऐसा डर खासकर तब बढ़ सकता है जब रिश्ते में आर्थिक जरूरतें बढ़ने लगती हैं।

4. सम्मान न मिलने का डर

रिश्ते में सिर्फ प्यार होना ही काफी नहीं होता है। लोगों को प्यार के साथ ही अपने साथी से भरपूर सम्मान की भी उम्मीद होती है। ऐसे में कई बार एक साथी कई कारणों से दूसरे साथी को नीचा दिखाने की कोशिश कर सकता है। या उनके बर्ताव से कई बार साथी को रिश्ते में सम्मान की कमी का भी महसूस हो सकता है। जिस वजह से भी वह साथी के साथ रिश्ता खत्म करने का विचार मन में ला सकते हैं।

5. समझौता करने का डर

किसी भी रिश्ते को निभाने के लिए कई तरह के समझैते करने पड़ते हैं। कुछ समझौतें हम आपसी समझ से भी करते हैं, तो कुछ समझौते साथी को बिना बताए उनका मन रखने के लिए भी करना पड़ता है। इस दौरान उन्हें एक दूसरे की पसंद और नपसंद का भी खास ख्याल रखना पड़ता है। लेकिन कई बार पार्टनर किसी भी तरह का समझौता करने से मना भी कर सकते हैं। ऐसे में दूसरे साथी को रिश्ते के खत्म होने का डर हो सकता है।

6. एक्स साथी से मिलने का डर

नए साथी के मिलने से पुराने रिश्तें कभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हो सकते हैं। कई बार पुराने साथी से जुड़ी कुछ न कुछ यादें मन में घर कर के रह जाती हैं। ऐसे में एक साथी को इसका डर रहता है कि पुराने साथी के मिलने पर नया साथी उन्हें धोखेबाज समझकर रिश्ता खत्म कर सकता है। वहीं, साथी के मन में कई बार ऐसे भी ख्याल आ सकते हैं कि उनका साथी पुराने साथी के वापस आने पर उन्हें छोड़कर जा सकता है।

अब पढ़ें रिलेशनशिप फियर्स को कैसे हैंडल करें, इसके 11 तरीकें।

रिलेशनशिप फियर्स को दूर करने के 10+ तरीके | Ways to Deal with a relationship fears in Hindi

रिलेशनशिप फियर्स को कैसे हैंडल करें, अगर आप भी इसके लिए उपाय जानना चाहते हैं, तो यह भाग पढ़ें। यहां हम ऐसे ही तरीके व टिप्स दे रहे हैं, तो आपके रिलेशनशिप फियर्स को दूर करने में आपकी मदद करेंगे।

1. बात करें

सबसे पहले तो अपने साथी से खुलकर अपने मन की बात करें। अगर आपके मन में अपने रिश्ते को लेकर किसी तरह का डर है, तो इस बारे में अपने साथी के साथ बात करें। दोनों मिलकर किसी भी समस्या का आसानी से हल कर सकते हैं।

2. शक न करें

कभी भी बेवजह अपने साथी पर शक न करें। अगर वह किसी के साथ फोन या व्यक्तिगत रूप से अधिक बात करते हैं और वह चीज आपको सही नहीं लगती है, तो उन्हें उसके बारे में बताएं। साथ ही किसी अन्य व्यक्ति के साथ उनके रिश्ते की लिमिट कितनी होनी चाहिए, इस बारे में भी जरूर बात करें।

3. बोझ न डालें

कभी भी अपने साथी पर किसी चीज का बोझ न डालें। अगर दोनों में से कोई साथ घर के काम-काज करता है, तो कोशिश करें कि आर्थिक रूप से अपनी जरूरतों को एक हद तक सीमित रखें। वहीं, अगर दोनों ही साथी नौकरी करते हैं, तो अपनी-अपनी सीमा से दोनों को आर्थिक खर्चों के बारे में बात करनी चाहिए।

4. सम्मान करें

अपने पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। आप चाहे साथी के साथ अकेले में रहें या परिवार और रिश्तेदारों के सामने हो, हमेशा पार्टरन की बातों का सम्मान करें। अगर इस दौरान उनकी कोई बात पसंद नहीं आती है, तो इस बारे में कभी भी लोगों के सामने उनसे बहन न करें। बल्कि अकेले होने पर उनसे बात करें।

5. समय दें

अपने रिश्ते और अपने साथी को भरपूर समय दें, ताकि समय की कमी के कारण आप दोनों के बीच में दुरियां न आएं। जितना साथ रहेंगे उतना ही एक-दूसरे को समझने का मौका मिलेगा। वहीं, रिश्ते में समय के अभाव के कारण आपके ऊपर से साथी का विश्वास भी कम हो सकता है।

6. जिम्मेदारियां निभाएं

घर के काम-काजों से लेकर आर्थिक मलसों तक, कभी भी अपनी जिम्मेदारियों से पीछे न हटें। हर स्थिति में अपने पार्टनर का साथ दें। अगर आप किसी स्थिति में साथ देने में खुद को सक्षम नहीं पाते हैं, तो इस बारे में अपने साथी से बात करें।

7. आपसी समझ रखें

अपने साथी के साथ एक जुड़ाव बनाएं। यह जुड़ाव उनके साथ मानसिक रूप से जितना मजबूत होगा, रिश्ता भी उतना ही मजबूत होगा। इसके लिए साथी के साथ अपनी हर छोटी से बड़ी बात को शेयर करें। उनकी हर बात को सुनें और समझें और अपनी राय भी जरूर दें।

8. ईमानदार रहें

अपने रिश्ते में कभी भी धोखे की गांठ को बनने न दें। साथी के साथ पूरी तरह से ईमानदारी का रिश्ता रखें। अगर कभी भी उनके साथ रिश्ते में किसी तरह की कमी महसूस होती है, तो इस बारे में उनसे खुलकर बात करें। किसी बात के लिए उनसे कोई बहाना न बनाएं, न ही किसी अन्य व्यक्ति के लिए उनसे धूठ बोलें।

9. अपने मन की बात करें

अगर आपको अपने साथी की किसी बात का बुरा लगता है, तो उसे मन में दबा कर न रखें। न ही उस बात को किसी तीसरे व्यक्ति से साझा करें। बेहतर होगा कि उस बात को सीधे तौर पर अपने साथी को ही बताएं। ऐसा करने से साथी भी आपके मन की बात को समझ सकेंगे और आपके लिए वह भी अपनी उस गलती को दोबारा करने से बचेंगे।

10. उनके करीबीयों को करीब लाएं

किसी भी रिश्ते की बुनिया वैसे तो पती-पत्नि ही होते हैं, लेकिन रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए एक-दूसरे के परिवार और करीबी लोगों की भी मदद जरूर लें। इन लोगों में ऐसे कई लोगो होंगे, जो आप दोनों के रिश्ते के लिए शुभकामनाएं भी करते होंगे। ऐसे में जो भी आपके साथी के करीब हैं, उनसे भी अपनी दोस्ती बढ़ाएं। ऐसा करने से आप न सिर्फ अपने साथी को और करीब से समझ सकेंग, बल्कि उनके करीबी लोगों में आप भी शामिल हो सकते हैं।

11. छोट-मोटी बातों पर न करें झगड़ा

शादी के रिश्ते में दोनों साथी के बीच मनमुटाव होना लाजमी है, लेकिन अगर यही मनमुटाव हर दिन होने लगे, तो रिश्ता कमजोर कर सकता है। इससे रिश्ते के टूटने का डर बढ़ सकता है। इसलिए पार्टनर से उतना ही झगड़ा करें, जितना प्यार किसी हेल्दी रिश्ते के लिए जरूरी होता है। हर दिन छोटी-मोटी बातों को लेकर परेशान न हों।

एक बात का ध्यान रखें कि किसी भी रिश्ते की नींव दोनों ही साथी की मर्जी से मजबूत होती है। अगर रिश्ते से किसी भी एक साथी का मन उठ गया है, तो जबरन उस रिश्ते को आगे न बढ़ाएं। इसलिए, अपने साथी के सबसे अच्छे दोस्त बनें। ताकि वह अपने रिश्ते को लेकर अपने विचारों को आपके सामने रख सकें। लेकिन अगर आपको साथी के करीब होने के बाद भी उनसे दूर होने का डर सकता है, तो इस बारे में अपने साथी को बताएं और मिलकर इस डर को दूर करने के तरीके खोजें।

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