शिशु के लिए चांदी के बर्तन: फायदे, सावधानियां व उपयोग करने के टिप्स | Chote Bache Ke Liye Silver Ke Bartan

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चांदी के बर्तनों को लेकर मान्यता है कि इसमें बच्चे को खाना खिलाया जाए, तो उनका विकास अच्छे से होता है। इससे उनकी बुद्धि बेहतर तरीके से विकसित होती है। इसके बावजूद कुछ महिलाएं असमंजस में होती हैं कि ये सच है या सिर्फ पुरानी मान्यता। ऐसे में मॉमजंक्शन के इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपके सारे संशय दूर हो जाएंगे। आइए जानते हैं कि चांदी के बर्तन में शिशु को खाना खिलाने के फायदे हैं या नुकसान और इसे कैसे उपयोग में लाना चाहिए।

सबसे पहले हम यही जानने के प्रयास करेंगे कि शिशु को चांदी के बर्तन में खिलाएं या नहीं।

क्या छोटे बच्चों को खिलाने के लिए चांदी के बर्तन इस्तेमाल करना सुरक्षित है?

हां, दूसरे बर्तनों की तुलना में चांदी के बर्तन में भोजन करना सुरक्षित माना जा सकता है। चांदी में कई औषधीय गुण माने गए हैं। साथ ही चांदी से बने बर्तन जल्दी गंदे नहीं होते। इसलिए, माना जाता है कि चांदी के बर्तन इस्तेमाल करने से भोजन और पौष्टिक हो जाता है। इसलिए, जब शिशु ठोस पदार्थ का सेवन शुरू करे, तो उसे चांदी के बर्तन में खिलाया जा सकता है। बस इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि बर्तन में चांदी के अलावा और किसी धातु का इस्तेमाल न किया गया हो। इसके साथ ही एंटी बैक्टीरियल गुण की वजह से चांदी के बर्तन में रखे खाद्य पदार्थ और पानी में सेहत खराब करने वाले बैक्टीरिया नहीं पनपते हैं (1)।

लेख में आगे आप जानेंगे कि चांदी के बर्तन में खाना खिलाने से क्या-क्या लाभ होता है।

शिशु को चांदी के बर्तन में खिलाने के फायदे

बरसों से छोटे बच्चे को चांदी के बर्तनों में खिलाना शुभ माना गया है। इसलिए, शिशु को उपहार स्वरूप चांदी के बर्तन भेंट किए जाते हैं। आइए, जानते हैं कि चांदी के बर्तन किस प्रकार शिशु के लिए फायदेमंद है।

  1. एंटी-माइक्रोबियल प्रभाव: प्लास्टिक या दूसरे धातु के बर्तन में खाना रखने से खाद्य पदार्थ में विषैले जीवाणु पैदा होने की आशंका होती है। वहीं, चांदी में एंटी-माइक्रोबियल गुण पाया जाता है। इसकी पुष्टि वैज्ञानिक शोध में भी होती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि चांदी बैक्टीरिया, फंगस व किसी भी तरह के वायरस को पनपने नहीं देता। यही कारण कि प्राचीन समय में चांदी का इस्तेमाल औषधी की तरह किया जाता था। इसलिए, चांदी के बर्तन में रखा खाना लंबे समय तक खराब नहीं होता (2)।
  1. रखरखाव में आसान: ऐसा माना जाता है कि अन्य बर्तन के मुकाबले चांदी के बर्तन को साफ करना आसान है। इसे किसी भी अच्छे डिश वॉशर व गर्म पानी से धोकर रखा जा सकता है। साथ ही इसे कुछ देर गर्म पानी में डालकर रखा जा सकता है। उसके बाद बाहर निकालकर सूखने के बाद इस्तेमाल किया जा सकता है।
  1. नॉन टॉक्सिक: विभिन्न रिसर्च में कहा गया है कि चांदी के बर्तन में हानिकारक जीवाणु न के बराबर होते हैं। शरीर के नुकसान पहुंचाने वाले मरकरी और लीड के मुकाबले चांदी बच्चों के लिए ज्यादा फायदेमंद है। अगर गलती से चांदी का थोड़ा-सा अंश खाने के साथ शरीर में चला भी जाए, तो उससे नुकसान होने की आशंका कम ही होती है। इसके पीछे मुख्य कारण यह माना गया है कि शरीर के टिश्यू चांदी को आसानी से अवशोषित नहीं कर पाते हैं (3)।
  1. केमिकल रहित: शिशु के लिए इस्तेमाल होने वाले बर्तनों में बीपीए और फ्थालेट जैसे हानिकारक केमिकल पाए जाते हैं। ये केमिकल शिशु के शारीरिक व मानसिक विकास को कई तरह से प्रभावित करते हैं (4) (5)। वहीं, बच्चों के लिए चांदी से बर्तन इन दोनों केमिकल से फ्री होते हैं।
  1. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए : दरअसल चांदी के बर्तन में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं (6)। दूसरे धातुओं के बर्तन में खाना गर्म करने से उसके हानिकारक तत्व खाने में मिल जाते हैं, जो बच्चों की सेहत के लिए यह सही नहीं है। चांदी के बर्तन के साथ ऐसा नहीं होता है।
  1. दवा के साथ रिएक्शन नहीं : दवाएं किसी भी बर्तन के साथ बहुत तेजी के साथ रिएक्शन करती हैं। चांदी के बर्तन के साथ ऐसा नहीं होता है। इसलिए दवा देने के लिए चांदी का बर्तन अच्छा हो सकता है (2)।
  1. घबराने की समस्या दूर करे : चांदी की तासीर ठंडी मानी गई है। इसलिए, चांदी के बर्तन में भोजन करने से शरीर का तापमान संतुलित रह सकता है। साथ ही मन शांत होता है और बेचैनी व घबराहट कुछ हद तक कम हो सकती है।
  1. याद्दाश्त बढ़ाने में सहायक : कहा जाता है कि चांदी के बर्तन में बच्चों को खाना खिलाना से उनके मानसिक विकास में मदद मिलती है। यह दिमाग को शांत रखकर याददाश्त को बढ़ाने में मदद कर सकता है। साथ ही आंखें भी स्वस्थ रह सकती हैं।

आइए, अब जानते हैं कि बाजार में बच्चों के लिए किस-किस प्रकार के चांदी के बर्तन उपलब्ध हैं।

शिशुओं के लिए उपलब्ध चांदी के बर्तनों के प्रकार

बाजार में बच्चों के लिए खाने-पीने व दवा खिलाने समेत हर जरूरत के लिए चांदी के बर्तन मिल जाएंगे। यहां हम कुछ ऐसे ही बर्तनों के बारे में बताने जा रहे हैं।

  • थाली : खाना सर्व करने के लिए चांदी की थाली बाजार में मिल जाएंगी। कांच या प्लास्टिक की प्लेट की जगह इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • कटोरी : ठंडे और गर्म दोनों तरह के खानों के लिए चांदी की कटोरी बेहतर विकल्प हो सकती है। कई आकार में ये बाजार में मिल जाएंगे। बच्चे की जरूरत के हिसाब से इसका चुनाव किया जा सकता है।
  • चम्मच : बच्चों को कुछ भी खिलाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल चम्मच का होता है। स्टेनलेश स्टील या प्लास्टिक के चम्मच की जगह चांदी का चम्मच बेहतर विकल्प हो सकता है। बाजार में कई डिजाइन में ये मिल सकते हैं।
  • गिलास : पानी, जूस, दूध या दूसरे तरल खाद्य पदार्थ देने के लिए चांदी का गिलास सबसे अच्छा है। बाजार में छोटे से लेकर बड़े साइज तक में यह मिलता है।
  • बोंदला या संकू : बच्चा छोटा है, तो उसे दवा और दूध देने के लिए चांदी का बोंदला या संकू खरीद सकती हैं। यह छोटी कटोरी की तरह होता है, लेकिन किनारे पर शंख की तरह बना होता है। छोटे बच्चों को दवा और दूध देने में इससे आसानी होती है।

आगे लेख में आप जानेंगे कि चांदी के बर्तनों को उपयोग किस प्रकार करना चाहिए।

शिशुओं के लिए चांदी के बर्तन इस्तेमाल करने के टिप्स

शिशुओं के लिए चांदी के बर्तन काफी गुणकारी होते हैं। यह कई तरह से छोटे बच्चों को फायदा पहुंचाते हैं। यहां हम जानते हैं कि चांदी के बर्तन छोटे बच्चों के लिए इस्तेमाल करने के टिप्स।

  • पानी पिलाएं : बच्चे का शरीर हमेशा गरम रहता है, तो चांदी के बर्तन में उसके पीने का पानी रखिए। उस पानी को ही हमेशा पिलाएं। इससे बच्चे का तापमान सामान्य हो सकता है।
  • खाना रखें : अगर बच्चे का खाना बच गया है, तो उसे चांदी के बर्तन में रखकर फ्रिज में स्टोर करें। चांदी के बर्तन में बैक्टीरियल इंफेक्शन होने की आशंका कम ही होती है।
  • चांदी के बर्तन में खाना गर्म करें: कुछ गर्म करके बच्चे को खिलाना हो तो चांदी के बर्तन में ही गर्म करें। दूसरे बर्तनों के हानिकारक पदार्थ गर्म करते समय खाने में मिल जाते हैं, लेकिन चांदी के साथ ऐसा नहीं होता है।
  • पित्त दोष से बचाए : चांदी के गिलास में पानी पीने और बर्तनों में खाना खाने से सर्दी-जुकाम से काफी हद तक बचा जा सकता है। पित्त दोष में भी कहा जाता है कि चांदी के बर्तन में खाना और पानी पीना लाभदायक होता है।
  • चिड़चिड़ापन दूर करे : बच्चा ज्यादा चिड़चिड़ा हो गया है, तो उसे चांदी के बर्तन में खाना खिलाएं और पानी पिलाएं। कहा जाता है कि ऐसा करने से दिमाग शांत होता है और चिड़चिड़ापन दूर होता है।

शिशु व चांदी के बर्तन के बारे में और जानने के लिए पढ़ते रहें यह लेख।

छोटे बच्चों को चांदी के बर्तन में खाना देते समय बरती जाने वाली सावधानियां

शिशु के लिए चांदी के बर्तन इस्तेमाल करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इनके बारे में हम नीचे बता रहे हैं।

  • अंडा न दें : चांदी के बर्तन में कभी भी अंडा नहीं देना चाहिए। अंडे के पीले भाग में सल्फर होता है। चांदी से क्रिया करके यह काले रंग का सिल्वर सल्फाइड बनाता है, जो शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है (7)।
  • नींबू या खट्टे पदार्थ से बचें : चांदी के बर्तन में कभी भी नींबू या उससे जुड़ा कोई दूसरा पदार्थ नहीं देना चाहिए। किसी तरह के खट्टे स्वाद वाले जूस को भी चांदी के बर्तन में नहीं परोसना चाहिए।
  • तुरंत धोएं : चांदी के बर्तन को इस्तेमाल के बाद जल्द से जल्द धो देना चाहिए। लंबे समय तक बिना धोए रखने से इनका रंग काला या नीला पड़ सकता है। ऐसा विशेष तरह के फंगस की वजह से होता है।
  • ओवन से दूरी : चांदी के बर्तन में कोई सामान रखकर ओवन में गर्म न करें। इससे बर्तन का रंग तो खराब होगा ही साथ ही ओवन में भी दिक्कत आ सकती है।

आगे हम बता रहे हैं कि चांदी के बर्तन को धोना कैसे चाहिए।

शिशु के उपयोग में लाए गए चांदी के बर्तन को कैसे साफ करें?

चांदी के बर्तन साफ करते समय भी सावधानी बरतना जरूरी है। यहां हम बता रहे हैं कि इन्हें कैसे धोना चाहिए।

  1. साबुनः गुनगुने पानी में बर्तन धोने का कोई भी साबुन मिला लें। इसमें कुछ देर के लिए चांदी के बर्तन डुबोकर रख दें। करीब 10 मिनट बाद ब्रश से रगड़कर बर्तन को साफ करें और फिर साफ पानी से धोकर सुखाने के लिए रख दें।
  1. फॉइलः चांदी के बर्तन चमकाने के लिए यह सबसे बेहतर विकल्प है। एक लीटर पानी में बेकिंग सोडा डालें। फिर चांदी के बर्तन को पानी में डाल दीजिए। इसके बाद बर्तन को एल्युमिनियम फॉइल से रगड़ें। इससे बर्तन बिल्कुल नए की तरह चमक जाएंगे।
  1. टमाटर सॉसः चांदी के बर्तन पर टमाटर सॉस की लेयर लगा लें। करीब 15 मिनट तक बर्तन को इसी हालत में छोड़ दीजिए। 15 मिनट बाद रगड़कर साफ करेंगे, तो चांदी के बर्तन बिल्कुल नए की तरह चमक जाएंगे।
  1. नींबू-सोडाः कुछ समय तक इस्तेमाल के बाद चांदी के बर्तनों की चमक धूमिल हो जाती है। चमक वापस लाने के लिए एक कटोरी में सोडा लीजिए। फिर नींबू के एक स्लाइस से उस सोडे को चांदी के बर्तन पर लगा दीजिए। 15-20 मिनट बाद रगड़कर धोने से चांदी के बर्तन की चमक फिर लौट आएगी।
  1. टूथपेस्टः केवल दांत ही नहीं, चांदी के बर्तन चमकाने में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रहे कि केवल सफेद पेस्ट का इस्तेमाल करना है। चांदी के बर्तन पर सफेद टूथपेस्ट लगाकर छोड़ दीजिए। करीब 20 मिनट बाद धुलने पर बर्तन नए की तरह चमक जाएंगे।
  1. हैंड सैनिटाइजरः अगर चांदी के बर्तन पर हरे रंग के दाग हो गए हैं, तो हैंड सैनिटाइजर से इन्हें हटाया जा सकता है। दरअसल हरे रंग के ये दाग फंगस होती हैं। सैनिटाइजर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दीजिए। फिर धुलने पर यह साफ हो जाता है। हैंड सैनिटाइजर से बर्तन धोने के बाद डिटर्जेंट से बर्तन को ठीक से धोना न भूलें।
  1. दस्ताने: रबर के दस्ताने पहनकर चांदी के बर्तन नहीं धोने चाहिए। इससे चांदी खराब हो सकती है। इसकी जगह नर्म तौलिया या कपड़े का इस्तेमाल करें।

अब ऐसे सवाल का जवाब जानते हैं, जो अक्सर महिलाओं के मन में जरूर आता है।

क्या बच्चे को चांदी के बर्तन में एसिडिक फूड खिला सकते हैं?

नहीं, क्योंकि नींबू व टमाटर जैसे एसिडिक फूड को चांदी के बर्तन में डालने से उनका स्वाद बदल सकता है। साथ ही ये सभी चांदी के साथ मिलकर केमिकल रिएक्शन करके बर्तन के रंग को बदल सकते हैं। इसलिए, बेहतर होगा कि शिशु को चांदी के बर्तन में एसिडिक फूड डालकर न दें। ध्यान रहे कि नींबू व टमाटर से चांदी के बर्तन को साफ करना और इन्हें चांदी के बर्तन में डालकर खाना दोनों अलग-अलग बाते हैं।

चांदी के बर्तन न सिर्फ शिशु के लिए सुरक्षित हैं, बल्कि इनके इस्तेमाल से शिशु को कई प्रकार के फायदे हो सकते हैं। इसलिए, आप अपने शिशु के बेझिझक चांदी के बर्तन में खाना परोस सकते हैं। बस इन बर्तन को इस्तेमाल करने के बाद उन्हें अच्छी तरह से जरूर धोएं और लेख में बताई गई सावधानियों का पालन करें। शिशु के स्वास्थ्य से जुड़ी और जानकारी पाने के लिए आप हमारे अन्य आर्टिकल पढ़ सकते हैं।

संदर्भ (Reference) :

  1. Silver in health care: antimicrobial effects and safety in use
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/16766878/
  2. Antimicrobial Silver in Medicinal and Consumer Applications: A Patent Review of the Past Decade (2007–2017)
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6315945/
  3. The Facts on Silver
    https://sites.dartmouth.edu/toxmetal/more-metals/silver-metal-of-many-faces/the-facts-on-silver/
  4. Impact of Early-Life Bisphenol A Exposure on Behavior and Executive Function in Children
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3208956/#__sec20title
  5. Phthalate Exposure and Children’s Health
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3747651/#S12 Title
  6. In Vitro Evaluation of Colloidal Silver on Immune Function: Anti Lymphoproliferative Activity
    https://www.hindawi.com/journals/jnm/2016/4176212/
  7. Silver to Black – and Back
    https://pubs.acs.org/doi/pdf/10.1021/ed077p328A
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