Stories For Kids

    मुझे आज भी याद है कि किस तरह मेरी मां बचपन में मुझे लोरी गाकर सुनाया करती थी। मां की लोरी की आवाज़ कानों में पड़ते ही मैं कब नींद की आगोश में चली जाती थी, पता ही नहीं चलता था। मां की लोरी सुनते हुए सपनों के संसार में खो जाने के सुखद अहसास को मैं आज भी बहुत याद करती हूं।

    ‘लोरी’ दरअसल अंग्रेज़ी भाषा के शब्द ‘lullaby’ का हिंदी अनुवाद है। इसका अर्थ है – बच्चा शांत हो जाए और सो जाए। आज से करीब चार हज़ार साल पहले बेबीलोनिया में पहली बार किसी मां ने अपने बच्चे को लोरी सुनाई थी। एक प्यारी-सी लय में कुछ मीठे-मीठे शब्दों को पिरोकर लोरी बनाई और गाई जाती है। हमारे समाज में कुछ लोरियां काफ़ी लंबे समय से गाई जाती रही हैं। ऐसी लोरियों को पारंपरिक लोरियां कहा जा सकता है। कुछ लोरियां खासतौर पर हिंदी फ़िल्मों के लिए लिखी गई थीं, जो बाद में बेहद लोकप्रिय हो गईं। ऐसी लोरियों को फ़िल्मी लोरियां कहा जा सकता है।

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