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बच्चों को नींबू देना कब शुरू करें, फायदे व नुकसान | Lemon For Babies In Hindi

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छोटे बच्चों को सभी तरह के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। सभी न्यूट्रिएंट्स की मदद से बच्चों के शरीर का विकास सही तरीके से हो सकता है। कुछ लोग इस दौरान बच्चे के आहार में नींबू को शामिल करने से डरते हैं। ऐसा कुछ आपके साथ भी है और मन में यह सवाल है कि बच्चों की डाइट में नींबू को जगह दी जानी चाहिए या नहीं, तो मॉमजंक्शन के इस लेख को पढ़ें। यहां बच्चों को नींबू देने से जुड़े सभी सवालों के जवाब मौजूद हैं। यह सभी जानकारी वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध के आधार पर दी गई है।

सबसे पहले हम छोटे बच्चे के लिए नींबू का सेवन सुरक्षित है या नहीं, इसकी जानकारी दे रहे हैं।

क्या छोटे बच्चे के लिए नींबू का सेवन सेफ है?

जी हां, बच्चों के लिए नींबू का सेवन सुरक्षित होता है। इसमें विटामिन सी की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो  शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट के तौर पर काम करता है। इसके अलावा, नींबू में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण भी होते हैं, जो बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन से बचाने में मदद कर सकते हैं (1)। नींबू के इन प्रभाव की वजह से बच्चे को मिलने वाले फायदों के बारे में हम आगे विस्तार से बताएंगे।

अब हम आगे बता रहे हैं कि छोटे बच्चों को किस उम्र से नींबू देना शुरू कर सकते हैं।

छोटे बच्चों को नींबू कब देना शुरू करें?

बच्चा जब 6 महीने का हो जाए, तो उसे पोषक तत्वों के लिए कॉम्प्लीमेंट्री यानी पूरक आहार देने की सलाह दी जाती है। विटामिन सी के लिए डाइट में सिट्रस फ्रूट्स शामिल करने को कहा जाता है। नींबू भी एक प्रकार का सिट्रस फल है, इसलिए एक साल होने के बाद बच्चे के आहार में नींबू को शामिल किया जा सकता है (2)। अगर बच्चे को किसी तरह की एलर्जी है, तो उसे नींबू देने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

आगे जानिए कि छोटे बच्चों को नींबू देने की सही मात्रा क्या होती है।

छोटे बच्चों को नींबू कितनी मात्रा में दे सकते हैं?

बच्चे की उम्र के हिसाब से ही उसे कितनी मात्रा में नींबू देना चाहिए, इसका फैसला लिया जाना चाहिए। वैसे इस संबंध में कोई सटीक शोध उपलब्ध नहीं है। हां, माना जाता है कि एक साल के बच्चे को दिनभर में तकरीबन आधा चम्मच नींबू का रस पानी में मिलाकर या अन्य खाद्य पदार्थ में डालकर दे सकते हैं। ध्यान दें कि बच्चे को सीधे नींबू का टुकड़ा या बिना पानी मिलाए नींबू का रस नहीं देना चाहिए।

चलिए, अब जान लेते हैं कि बच्चों को नींबू खिलाने के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं।

बच्चों को नींबू खिलाने के फायदे

बच्चों को नींबू देने से उन्हें कई तरह के स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं। हम इन्हीं लाभ से जुड़ी जानकारी नीचे विस्तार से दे रहे हैं:

  • इम्यून सिस्टम के लिए बच्चों को नींबू देने से उनका इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर हो सकती है। इस संबंध में प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध की मानें, तो नींबू में विटामिन सी की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करने का काम कर सकता है (1)
  • पाचन के लिए नींबू के सेवन से पाचन क्रिया को तेज करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए नींबू में मौजूद एसिड्स और फ्लेवोनोइड्स मददगार हो सकते हैं। यह पाचन तंत्र को उत्तेजित करने का काम कर सकते हैं। इससे खाद्य पदार्थ जल्दी पचाने और कब्ज से राहत पाने में मदद मिल सकती है (3)
  • आंखों के लिए बच्चों को नींबू देने से उनकी आंखें भी स्वस्थ रह सकती हैं। नींबू में विटामिन सी होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। इससे मैकुलर डिजनरेशन (आंखों की रोशनी का कम व खत्म होना) का जोखिम कम हो सकता है। साथ ही इसमें फ्लेवोनोइड्स भी होते हैं, जिसे आंखों को संक्रमण से बचाने के लिए जाना जाता है (3)
  • मसूड़ों की समस्या से राहत स्कर्वी (मसूड़ों से खून बहना और सूजन) जैसी समस्याओं का मुख्य कारण विटामिन सी की कमी होता है। विटामिन सी कम होने से मुंह में जीवाणु बढ़ने लगते हैं। ऐसे में नींबू का सेवन फायदेमंद हो सकता है। नींबू में विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है, जिससे स्कर्वी से बचा जा सकता है। साथ ही नींबू में पोटैशियम और फ्लेवोनोइड भी होते हैं, जो मुंह के घाव को भर सकते हैं (3)
  • हृदय के लिए हृदय को स्वस्थ रखने के लिए भी विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ को अच्छा माना जाता है। एक वैज्ञानिक रिसर्च के मुताबिक, विटामिन सी युक्त फल के सेवन से हृदय रोग के जोखिम से बचा जा सकता है (4)। ऐसे में नींबू को बच्चों के हृदय के लिए लाभकारी कहा जा सकता है।
  • आयरन एब्सॉर्प्शन बच्चों को नींबू देने से आयरन एब्सॉर्प्शन में मदद मिल सकती है। इसके लिए नींबू में पाए जाने वाले विटामिन सी को सहायक माना जाता है। इससे बच्चे का शरीर आयरन  को अच्छी तरह से अवशोषित कर लेता है (2)। इससे बच्चे को आयरन की कमी से भी बचाया जा सकता है, जिससे एनीमिया का जोखिम भी कम हो सकता है (5)

लेख में आगे बढ़ते हुए जानते हैं कि छोटे बच्चों को नींबू देने से क्या नुकसान हो सकते हैं।

बच्चों के लिए नींबू के नुकसान

बच्चों को जिस प्रकार नींबू के लाभ होते हैं, उसी तरह इसे अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। इन नुकसानों के बारे में हम नीचे बता रहे हैं।

  • नींबू एक सिट्रस फ्रूट है, जिसमें अधिक मात्रा में एसिड्स होते हैं। यह एसिड्स डेंटल एरोशन (Dental Erosion) यानी दांतों के टूटने का कारण बन सकते हैं (6)
  • नींबू के उपयोग से अधिक संवेदनशील बच्चों को एलर्जी होने का जोखिम बना रहता है (7)
  • नींबू में विटामिन-सी की अच्छी मात्रा पाई जाती है। अगर इसका सेवन अधिक मात्रा में किया जाता है, तो दस्त, मतली व पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं (8)। ऐसे में बच्चों को अधिक मात्रा में नींबू देने से बचें।

अब जानिए कि बच्चों को नींबू देने से पहले किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए।

बच्चों को नींबू देने से पहले बरतने वाली सावधानियां

बच्चों को नींबू देने से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी है, जिनके बारे में हम नीचे बता रहे हैं:

  • शुरुआत में बच्चों को बहुत ही कम मात्रा में नींबू देना चाहिए। मात्रा को धीरे-धीरे उम्र के हिसाब से बढ़ाएं।
  • नींबू को धोकर ही इस्तेमाल में लाएं।
  • बच्चों के लिए हमेशा ताजा नींबू के रस का ही उपयोग करें।
  • नींबू पानी देने से पहले सुनिश्चित कर लें कि उसमें नींबू का बीज न हो।
  • बच्चों को सीधे नींबू का टुकड़ा या रस न दें।

आगे बच्चों के लिए नींबू का जूस बनाने का तरीका पढ़िए।

बच्चों के लिए नींबू जूस कैसे बनाएं?

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किसी भी जूस को सही तरीके और सामग्री के साथ बनाया जाए, तो बेहतर स्वाद मिलता है। वैसे ही नींबू के जूस व नींबू पानी के साथ भी है। नीचे जानिए इसे बनाने का आसान तरीका।

सामग्री:

  • आधा चम्मच नींबू का रस
  • एक गिलास पानी
  • वैकल्पिक, आधा चम्मच शहद या नमक
  • दो से तीन पुदीने के पत्ते

जूस बनाने की विधि

  • सबसे पहले नींबू को धोकर निचोड़ लें।
  • इस रस को अब पानी में मिलाएं।
  • फिर इसमें शहद या नमक डाल दें।
  • अब पानी को अच्छे से मिलाकर ऊपर से पुदीना के पत्ते से सजा लें।
  • बस तैयार है नींबू पानी व नींबू जूस।

आप समझ ही गए होंगे कि बच्चों को स्वस्थ रखने में नींबू किस प्रकार सहायक हो सकता है। नींबू के जूस को बच्चे के आहार में सूझबूझ के साथ थोड़ी-थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल करें। अगर बच्चा अधिक संवेदनशील है, तो आहार में पहली बार नींबू को शामिल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। साथ ही इसकी मात्रा पर और लेख में बताई गई अन्य सावधानियों पर भी गौर करें। इससे बच्चे को नींबू से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है।

References:

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