क्या गर्भावस्था में सफर (यात्रा) करना सुरक्षित है? | Pregnancy Me Travel Karna

Pregnancy Me Travel Karna

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गर्भावस्था किसी भी महिला के जीवन का सबसे सुखद पल होता है। अगर आप इस दौरान यात्रा करने की योजना बना रही हैं, तो आपका चिंतित होना स्वाभाविक है। फिर चाहे आप बस, ट्रेन, हवाई जहाज या फिर बोट से सफर करें, अपने व होने वाले शिशु को लेकर चिंता रहती ही है। मॉमजंक्शन के इस आर्टिकल में हम इसी विषय से जुड़ी जानकारियां लेकर आए हैं। इस आर्टिकल के जरिए हम गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित यात्रा करने के टिप्स व सावधानियां बताएंगे।

गर्भावस्था में सफर (यात्रा) करना चाहिए या नहीं? | Pregnancy Me Travel Karna Chahiye Ya Nahi

गर्भवती महिलाएं पूरी तैयारी और योजना के साथ सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकती हैं (1), लेकिन उन्हें कुछ स्थलों पर सफर करने से बचना चाहिए, जैसे कि संक्रमित क्षेत्र, प्रदूषित स्थान, ऊबड़-खाबड़ मार्ग आदि। साथ ही अपने और शिशु को सुरक्षित व स्वस्थ रखने के लिए डॉक्टर के द्वारा दिए गए सुझावों का पालन अवश्य करना चाहिए। इसके अलावा, उन्हें यात्रा के संसाधनों के बारे में भी ध्यान रखना चाहिए (2)

गर्भावस्था के दौरान ऐसा समय भी आता है जब यात्रा नहीं करनी चाहिए, आइए जानते हैं इस बारे में।

गर्भावस्था के दौरान यात्रा कब नहीं की जाती है?

गर्भावस्था के शुरुआती और आखिरी के 3 महीनों के दौरान गर्भवती महिला को थकान, कमजोरी व जी-मिचलाना जैसी आम समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, इन महीनों में सफर करने से परहेज करना चाहिए। इस दौरान, ज्यादा यात्रा के चलते गर्भपात होने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, निम्न परिस्थितियों में भी यात्रा नहीं करनी चाहिए :

  • पेट में दर्द हो रहा हो, तो यात्रा नहीं करनी चाहिए।
  • सिर दर्द, बुखार या अन्य कोई बीमारी हो, तो भी यात्रा न करें।
  • ब्लीडिंग हो रही हो, तो भी यात्रा करना उचित नहीं होगा। इस अवस्था में तुरंत डॉक्टर से चेकअप करवाएं।
  • प्रेग्नेंसी से जुड़ी कोई भी समस्या हो, तो सफर का विचार दिमाग से निकाल दें और तुरंत ही अपने डॉक्टर को दिखाएं।

सड़क मार्ग से कैसे यात्रा करें, आइए जानते हैं।

गर्भावस्था के दौरान सड़क यात्रा के लिए टिप्स | Garbhavastha Me Road Yatra

गर्भावस्था के दौरान बस या कार से सड़क यात्रा करना तब सुरक्षित है, जब यात्रा के लिए कुछ सावधानियों का ध्यान रखा जाए, जैसे (3), (4):

1. यात्रा करने से पहले :

  • अपने डॉक्टर से जरूरी सलाह लें व उनके द्वारा बताई गई बातों को ध्यान में रखें।
  • यात्रा ज्यादा लंबी दूरी की नहीं होनी चाहिए। अगर लंबी यात्रा पर जाना जरूरी हो, तो रुक-रुक के यात्रा पूरी करें।
  • यह पता कर लें कि जिस मार्ग से आपको जाना है, वो मार्ग ऊबड़-खाबड़ व गड्ढों वाला नहीं होना चाहिए।
  • यात्रा के दौरान उपयोग में आने वाली सभी आवश्यक सामग्रियों को पहले से ही साथ में रख लें, जैसे कि पानी, दवाइयां व खाने-पीने का जरूरी सामान।
  • गर्भावस्था से जुड़े सभी दस्तावेजों को अपने साथ रखें।
  • किसी भी असंभावित घटना से बचने और आपात स्थिति में किसी से भी संपर्क करने के लिए मोबाइल इत्यादि को अपने साथ रखें।
  • आपातकाल में उपयोग करने के लिए डॉक्टर का नंबर हमेशा अपने साथ रखें।
  • यात्रा के पूर्व मेडिकल बीमा कराना बिल्कुल न भूलें।

2. यात्रा के दौरान :

  • गर्भावस्था में यात्रा के दौरान बाजार के बने हुए खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें।
  • अगर कार में सफर कर रही हैं और आगे की सीट पर बैठ रही हैं, तो ज्यादा सिकुड़ कर न बैठें, अपनी सीट को पूरा फैला लें और पैर फैलाते हुए बैठें, जिससे आप आसानी से पैर हिला सकें।
  • सीट बेल्ट को पेट के ऊपर और नीचे की ओर लगाकर बैठें, साथ ही पीठ के पीछे तकिया अवश्य लगाएं।
  • अगर बस का सफर कर रही हैं, तो स्लिपर सीट ही बुक करें, जिससे उठने-बैठने और लेटने में ज्यादा परेशानी न हो।
  • प्रेग्नेंसी में यात्रा के दौरान डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पानी पीते रहना चाहिए। साथ ही कुछ हेल्दी फूड का सेवन करना चाहिए।
During the trip

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3. किससे बचना है :

  • ऊबड़ खाबड़ रास्ते वाले मार्ग पर यात्रा न करें।
  • गर्भावस्था में यात्रा के दौरान तंग कपड़े न पहनें।
  • संभव हो तो ज्यादा लंबी यात्रा न करें।
  • ऐसा स्थान जहां संक्रमण होने का खतरा हो, वहां नहीं जाना चाहिए।

ट्रेन भी सफर करने के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। आइए, जानते हैं कैसे।

गर्भावस्था के दौरान ट्रेन यात्रा के लिए टिप्स | Garbhavastha Me Train Yatra

वैसे तो गर्भावस्था में ट्रेन का सफर अन्य संसाधनों कि अपेक्षा आसान होता है। ट्रेन में न तो बेक्र लगने का डर होता है और न ही ऊबड़-खाबड़ सड़क का। फिर भी प्रेग्नेंसी के दौरान रेल यात्रा के लिए कुछ सावधानियों पर गौर करना जरूरी है, जैसे :

1. यात्रा करने से पहले :

  • हमेशा नीचे की ही बर्थ बुक करें, जो शौचालय से ज्यादा दूर न हो।
  • अपने साथ बैक सपोर्ट के लिए तकिया अवश्य रखें।
  • गर्भवती महिलाओं के लिए रेल यात्रा में मिलने वाली विशेष सुविधाओं की जानकारी लेकर रखें।
  • भीड़ और किसी भी परेशानी से बचने के लिए समय से पूर्व स्टेशन पहुंचने की कोशिश करें।
  • यदि सफर लंबा है, तो एसी कोच में ही रिजर्वेशन करवाएं।
  • यात्रा करने के पूर्व लगने वाले टीकों को अवश्य लें। इससे आप यात्रा के दौरान होने वाले संक्रमण से सुरक्षित रहेंगे।

2. यात्रा के दौरान :

  • कभी भी अकेले सफर न करें। हो सके तो किसी न किसी को अपने साथ सफर में ले कर जाएं।
  • डॉक्टर के साथ संपर्क में रहें।
  • ट्रेन में मिलने वाली खाद्य सामग्रियों से परहेज करें। आप अपने साथ लाया हुआ पौष्टिक भाेजन ही करें।
  • संभव हो सके तो फलों का ही सेवन करें और अपने साथ लेकर गए पानी को ही पिएं।
  • ट्रेन के डिब्बे के भीतर समय-समय पर धीरे-धीरे टहलती रहें। इससे शरीर में रक्त संचार बेहतर रहेगा।
  • लंबी दूरी की यात्रा के दौरान एक ही मुद्रा में बैठकर ज्यादा समय न बिताएं। अगर संभव हो तो अधिक समय लेटकर ही व्यतीत करें।

3. किससे बचना है :

  • बार-बार नहीं झुकना चाहिए, इससे पेट पर दबाब पड़ता है।
  • भारी सामान को उठाने से बचें।
  • संक्रमित स्थान पर जाने से बचना चाहिए।

आइए, अब हवाई जहाज यात्रा के बारे में भी जानकारी ले लेते हैं।

गर्भावस्था के दौरान हवाई यात्रा के लिए टिप्स | Garbhavastha Me Hawai Yatra

कई महिलाओं के लिए गर्भावस्था के दाैरान हवाई यात्रा सुरक्षित विकल्प हो सकती है, क्योंकि इसमें अचानक कोई हलचल नहीं होती है। फिर भी होने वाली किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए हवाई यात्रा को कुछ सावधानियों के साथ परेशानी मुक्त बनाया जा सकता है (4), (5), (6)

1. यात्रा करने से पहले :

  • अपने डॉक्टर से परामर्श के बाद ही यात्रा करें।
  • अपने साथ जरूरी दवाइयां और मेडिकल किट जरूर रखें।
  • शौचालय के पास वाली सीट ही बुक करें, ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े।
  • अपनी यात्रा बीमा के प्रिंट की जांच करें।
  • ढीले कपड़ों और आरामदायक जूतों का ही उपयोग करें।
  • गर्भावस्था के दौरान जरूरी दस्तावेजों को साथ रखें।
  • फ्लाइट बुक करते समय अपनी डिलीवरी डेट को ध्यान में रखें। ध्यान रहे कि गर्भावस्था के 36वें सप्ताह से पहले तक ही हवाई यात्रा करें।
  • कुछ एयरलाइंस गर्भवती महिलाओं को हवाई यात्रा के लिए निषेध करती हैं। इस परेशानी से बचने के लिए चिकित्सा प्रमाण साथ में रखें।

2. यात्रा के दौरान :

  • कोशिश करें कि यात्रा के दौरान अपने पैरों को फैला सकें और कुछ समय के अंतराल में हल्की-फल्की शारीरिक गतिविधियां करती रहें।
  • अपनी सीट बैल्ट को पेट के ऊपर और नीचे बांध कर रखें।
  • खूब पानी पिएं, ताकि डिहाइड्रेशन का खतरा न हो। रस आदि का सेवन करते रहने से लंबे सफर में खून के थक्के जमने का खतरा कम हो सकता है।
  • सांस लेने में असहजता और प्रकाश की कमी के दौरान फ्लाइट अटेंडेंट से संपर्क करें।
  • रक्त-संचार काे बेहतर रखने के लिए भी हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधियां करते रहें।
  • हवाई जहाज से उतरते समय अगर असहजता महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करें।

3. किससे बचना है :

  • अधिक समय तक बिना किसी शारीरिक गतिविधि के न बैठी रहें।
  • गलियारे की सीट की बुकिंग न करें, अन्यथा निकलने वाले यात्रियों के आने-जाने से परेशानी हो सकती है।
  • अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरने वाले छोटे जहाजों में सफर करने से बचें।
  • कम दवाब वाले केबिन वाले हवाई जहाजों में टिकट बुक न करें।
  • हवाई यात्रा के दौरान किसी भी ऐसी चीज का सेवन न करें, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।

सड़क, रेल और हवाई यात्रा के बाद अब बात समुद्री यात्रा की।

गर्भावस्था के दौरान समुद्री यात्रा के लिए टिप्स | Garbhavastha Me Sea Yatra

अधिकांश समुद्री जहाज गर्भावस्था के 28वें सप्ताह के बाद की यात्रा को प्रतिबंधित करते हैं और कुछ 24वें सप्ताह के शुरुआती समय से ही गर्भवती महिला को यात्रा करने से मना कर देते हैं। समुद्री यात्रा के दौरान गर्भवती महिला को डॉक्टर के नोट की जरूरत पड़ सकती है, जिसमें डिलीवरी की अनुमानित तारीख के साथ प्रमाणित हो कि वह यात्रा करने के लिए फिट हैं। आइए जानते हैं समुद्री यात्रा से जुड़ी आवश्यक जानकारियां (7):

1. यात्रा करने से पहले :

  • गर्भावस्था में यात्रा पर जाने से पहले, अपने डॉक्टर से सलाह लें।
  • जहाज में यात्रा के दौरान मतली आदि की समस्या हो सकती है। उससे बचने के लिए दवाइयों को जरूर साथ में रखें।
  • घर के बने हुए खाद्य पदार्थ ही सेवन के लिए अपने साथ में रखें।
  • समुद्री यात्रा से पहले डॉक्टर से सभी जांच करवा लें।
  • जहाज पर पहले ही सुरक्षा और स्वास्थ से संबंधित सभी उपायों के बारे में जानकारी लेकर रखें।

2. यात्रा के दौरान :

  • प्रेग्नेंसी में यात्रा के दौरान निश्चित कर लें कि जहाज पर पहले से ही डॉक्टर या नर्स उपस्थित है या नहीं।
  • संक्रमण से बचने के लिए अपने हाथों को समय-समय पर धोते रहें।
  • सही तरह से जांचा हुआ स्वस्थ और पौष्टिक भोजन ही खाएं।
  • डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी पिएं।
  • जहाज पर स्थान का पूरा उपयोग करें और नियमित रूप से खुली हवा में सैर करें।
  • अगर आपको एक ही समय में दस्त और उल्टी होती है, तो वहां मौजूद डाॅक्टर को तुरंत दिखाएं।

3. किससे बचना है :

  • जहाज पर उन संक्रमित स्थानों पर जाने से बचना चाहिए जहां गंदगी हो।
  • उन पेय पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए, जाे स्वास्थ के लिए सही न हो।
  • ऐसे किसी भी स्थान पर न जाएं, जोकि चिकना हो और फिसलने का डर हो।
  • अत्यधिक समय तक धूप में न रहें।
  • समुद्री भोजन जैसे मछली आदि का सेवन न करें।
  • सार्वजनिक स्विमिंग पूल से संक्रमण का खतरा हो सकता है, इसलिए उसमें न जाएं।
  • बीमारी की अवस्था में कोई भी यात्रा नहीं करनी चाहिए।

आइए जानते हैं कि लंबी यात्रा के साइड इफेक्ट क्या-क्या हो सकते हैं:

गर्भावस्था के दौरान यात्रा के साइड इफेक्ट

गर्भवती होने पर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। शुरुआत के तीन महीनों में की गई यात्रा के दौरान थकावट, बीमारी, जी-मचलाना आदि यात्रा के साथ ही स्वास्थ्य को भी खराब कर सकते हैं। इस दौरान की गई यात्रा से गर्भपात की आशंका बनी रहती है। गर्भावस्था में सफर करने पर मुख्य रूप से जो साइड इफेक्ट देखने को मिल सकते हैं, वो इस प्रकार हैं:

  1. जिन्हें रक्तचाप की समस्या व समय पूर्व डिलीवरी की आशंका है, उन्हें गर्भावस्था के आखिरी दो महीनों के दौरान हवाई यात्रा नहीं करनी चाहिए (2)
  1. गर्भवती महिलाओं को डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) की वजह से यात्रा के दौरान पैर की नसों में खून के थक्के जमने का अधिक खतरा होता सकता है (2)
  1. मलेरिया मच्छर की विशेष प्रजातियों द्वारा किया जाने वाला एक संक्रमण है। अगर कोई गर्भवती महिला मलेरिया से प्रभावित क्षेत्र में सफर करती हैं, तो उसे मलेरिया के साथ गर्भपात, समय से पहले प्रसव और प्रसव पीड़ा का जोखिम उठाना पड़ सकता है (4)
  1. सफर के दौरान असावधानी बरतने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
  1. पानी कम पीने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है और शरीर में पानी की कमी हो सकती है।

आइए, अब जानते हैं उन जरूरी बातों के बारे में जो सफर को और भी मजेदार व सुरक्षित बना सकती हैं।

प्रेग्नेंसी के दौरान सफर करने के लिए टिप्स

प्रेग्नेंसी के दौरान सफर पर निकलने से पहले सही जानकारी सफर को सुरक्षित और शानदार बना सकती है। आइए जानते हैं कि गर्भवती महिला को सफर के पहले और सफर के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए :

  • अपने चिकित्सक से परामर्श करें: यात्रा करने से पहले अपने चिकित्सक के साथ अपनी यात्रा की योजनाओं पर चर्चा करें। साथ ही आप यात्रा के लिए स्वस्थ हैं या नहीं यह सुनिश्चित करने के लिए आपको रूटीन चेक-अप करवाना होगा।
  • यात्रा किट साथ में रखें: अपने साथ एक छोटे बैग में आवश्यक दवाइयां जरूर रखें, जो सफर के दौरान आपके काम आएं। इस बैग में मोजे, चिकित्सा दस्तावेज, हेल्दी स्नैक्स, हैंड सेनिटाइजर व पानी आदि रख सकते हैं।
  • डिहाइड्रेशन से बच कर रहें: यात्रा के दौरान हाइड्रेटेड रहने के लिए जितना हो सके पानी पिएं और बाजार में मिलने वाले कैफीन वाले पेय से बचें।
  • खाने पर ध्यान दें: कोशिश करें कि जो पानी आप अपने साथ लेकर गई हैं, उसका ही सेवन करें या फिर बोतलबंद पानी ही पिएं। साथ ही खाने का सामान भी साथ लेकर जाएं। बाहर से कुछ न खाएं।
  • अपनी मांसपेशियों को स्ट्रेच करें: यह महत्वपूर्ण है कि आप लंबी यात्रा के दौरान बीच-बीच में रुककर शारीरिक गतिविधियां करते रहें, ताकि रक्त का संचार बेहतर रहे। इससे डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) से बचा जा सकेगा।
  • ट्रैवल इंश्योरेंस लें: आपका ट्रैवल इंश्योरेंस आपकी गर्भावस्था और मेडिकल बिलों को कवर करता है। इसलिए, सफर के दौरान बीमा करवाना न भूलें।
  • खुद को आराम दें: आरामदायक कपड़े पहनें, खुद को धूप से बचाएं और अगर आपको कोई असुविधा महसूस हो, तो भरपूर आराम करने की कोशिश करें।
  • चढ़ने-उतरने में जल्दबाजी न करें: जब आप गाड़ी में सवार हो रहे हो या फिर उतर रहे हो, तो धैर्य रखें। भीड़ के साथ चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें।

अगर आप गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित यात्रा पर विचार कर रही हैं, तो आपको डॉक्टर से परामर्श करने के बाद ही दूसरी तिमाही के दौरान सफर करना चाहिए। गर्भवती महिला के लिए यात्रा करने के लिए इसे सुरक्षित समय माना गया है। हां, प्रेग्नेंसी के दौरान सफर में रखी जाने वाली सभी आवश्यक सामग्रियों का जरूर ध्यान रखें, चाहे वह दवाई हो या फिर खाने-पीने का सामान। अगर आपके मन में इस विषय के संबंध में कोई अन्य प्रश्न है, तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए हम से पूछ सकते हैं। हम तथ्यों सहित जवाब देने का प्रयास करेंगे।

संदर्भ (References) :

 

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