20 Hindi Poems On Ghar Parivar | परिवार पर हिन्दी कविताएं

20 Hindi Poems On Ghar Parivar

Image: Shutterstock

IN THIS ARTICLE

परिवार मनुष्य की पहली पाठशाला होने के साथ ही उसके जीवन का अभिन्न अंग भी होता है। एक परिवार ही है, जो हमेशा आपके साथ खड़ा रहता है। जीवन में कैसी भी परिस्थिति क्यों न आ जाए, परिवार हमेशा आपका साथ देता है, इसलिए परिवार में प्यार बना रहना चाहिए। यही वजह है कि मॉमजंक्शन के इस लेख में हम परिवार के बीच प्यार को और मजबूत करने के लिए परिवार पर शानदार कविताएं लेकर आए हैं। इन्हें आप अपने परिवार के सदस्यों को भेजकर उन्हें खास महसूस कराने के साथ ही अपने प्यार को जता सकते हैं।

चलिये, अब सीधा नजर डालते हैं परिवार से जुड़ी कविताओं पर।

परिवार पर हिन्दी कविताएं

नीचे क्रमवार पढ़ें परिवार पर कविताएं। हमने इन कविताओं को दो भागों में बांट दिया है, एक संयुक्त परिवार यानी जॉइंट फैमिली और दूसरा एकल परिवार। आइये, सबसे पहले पढ़ते हैं संयुक्त परिवार पर आधारित बेस्ट कविताएं

संयुक्त परिवार पर कविता | Emotional Hindi Poem On Joint Family

वह परिवार जहां सब मिलजुल कर साथ रहते हैं, उसे संयुक्त परिवार कहा जाता है। जॉइंट फैमिली में माता-पिता व बच्चों के साथ उनके दादा-दादी, ताऊ-ताई, चाचा-चाची व उनके बच्चे आदि सब साथ रहते हैं। संयुक्त परिवार की अपनी खासियत होती है, क्योंकि यहां पूरे परिवार का भोजन एक साथ एक ही रसोई में पकाया जाता है और यहां बच्चों को बड़ों का भरपूर प्यार मिलता है। संयुक्त परिवार की इसी अहमियत को बयां करती बेहतरीन कविताएं आप लेख में आगे पढ़ सकते हैं।

  1. परिवार में सबको हंसते देख,
    मन फूले न समाता है,
    दादू के जवानी के किस्से सुन,
    मन बहुत रमाता है।
    दादी का दादू को चिढ़ाना सुन,
    मन ठहाके लगाता है,
    धनी है वो मनुष्य जो,
    परिवार के बीच अपना समय बिताता है।
  1. जिस घर में सुनाई दे बुजुर्गों की खांसी,
    जिस घर में नजर आए बुजुर्गों की लाठी,
    दरवाजे पर पड़ी हो बच्चों की चप्पल,
    मुस्कुराती दिखाई दे जहां हर शक्ल,
    ऐसे घर में लक्ष्मी खुद चल के आती है,
    सुख-शांति व धन अनंत बरसाती है।
  1. दादू अगर आधार हैं इस घर के,
    तो दादी आंगन की बगिया है।
    पापा छत हैं घर के,
    तो मां अन्नपूर्णा मैया है।
    खिलखिलाते रहें ये सब,
    क्योंकि यही मेरी धूप, यही मेरी चंदनिया हैं।
  1. बड़ा परिवार होता इंद्रधनुष-सा,
    जितना करो कम पड़ ही जाती इसकी प्रशंसा।
    सभी मिलकर गप्पे मारे, तो हो जाती सुबह से शाम,
    उसी तरह चुटकी बजाते ही पूरे हो जाते सारे काम।
    एक संयुक्त परिवार दिखाता है अनेकता में एकता,
    पूरे हो ना पाते उनके इरादे जो भी इसे बुरी नजर से देखता।
  1. रिश्ते कई हैं इसमें,
    हर घर की यह कहानी है।
    जश्न है कभी,
    तो कभी दुख परेशानी है।
    सच्चे एहसास व प्रेम की,
    यह ऐसी कहानी है,
    मेरे, तुम्हारे और हम सब के परिवार की यही निशानी है।
  1. पांचों उंगलियां बराबर न होती,
    किसी के भी हाथ की,
    दिखे छोटी-बड़ी,
    काटो तो निकले ये एक ही जात की।
    पांच पुत्र दिए जिसे प्रभु ने,
    उस पिता को जरूरत सभी के साथ की।
  1. कमाने निकले थे घर से दूर,
    हम भी होते थे मां-बाबा के गुरुर,
    न जाने ये वक्त कैसे गुजर गया,
    लगा जैसे सूरज निकलते ही ढल गया,
    मेहनत जमकर की,
    पैसों का सुरूर हो गया,
    आज याद आई घर की तो समझा,
    मैं परिवार से अपने कितना दूर हो गया।
  1. साथ जिंदगी का है,
    थोड़ी देर का नहीं,
    माना मंजिल दूर है,
    लेकिन, इतनी भी दूर नहीं।
    क्षमा,उपकार,सम्मान,सत्कार,
    सीखा परिवार से मैंने,
    पूरा श्रेय किताबों का नहीं।
  1. ममता मां की,
    तो फटकार बाबा की।
    दुलार दादू का,
    तो सीख दादी की।
    पकवान चाची के,
    तो कहानियां चाचू की।
    किस्सा हो रहा था जन्नत का,
    मुझे लगा बात चली है मेरे परिवार की।
  1. बड़ों का आदर व बड़ों का सम्मान,
    न करो अनजाने में भी उनका अपमान।
    बड़े-बुजुर्गों को अनुभव उम्र का,
    आओ सीखे हम उनसे विनम्रता।
    मिलजुल कर चलता जब समस्त परिवार,
    दुख रह जाते दो,
    और सुख हो जाते खुद ब खुद चार।

अब आगे पढ़ें एकल परिवार से जुड़ी कुछ शानदार कविताएं।

एकल परिवार पर कविता | Poem On Family Love In Hindi

एकल परिवार वह परिवार होता है, जहां केवल माता-पिता व उनके बच्चे ही साथ में रहते हैं। आधुनिकता के इस दौर में आजकल एकल परिवारों का चलन बहुत बढ़ गया है। वैसे परिवार छोटा हो या बड़ा, परिवार, परिवार होता है। संयुक्त परिवार के जहां अपने मायने हैं, वहीं एकल परिवार भी अपने आप में खास होते हैं। एकल परिवार में भाई-बहन के साथ लड़ाई और माता-पिता का प्यार, इन सभी हसीन यादों को कविताओं में पिरोकर हम आपके लिए लाए हैं। उम्मीद है कि लेख में आगे एकल परिवार पर कविताएं आपको पसंद आएंगी।

  1. ‘एक छोटा और सुखी परिवार’ आज सभी की यही चाह,
    कई मानते इसे गलत,
    तो कई जिंदगियों की यही राह।
    वैसे तो एक छोटे परिवार के होते हैं बड़े फायदे,
    यहां बनते हैं अपने नियम और अपने हिसाब के कायदे।
    माता-पिता और बच्चों के बीच रहता कुछ गहरा लगाव,
    डांट-फटकार के साथ मिलती हमेशा माता-पिता की छांव।
  1. उलझे रास्तों को जो सुलझाता है,
    घर के आंगन को तुलसी से महकाता है,
    लाख मुश्किलों पर भी,
    जो ना कदम पीछे हटाता है,
    ऐसे ही रिश्तों का मिलना शायद परिवार कहलाता है।
  1. कहते हैं घर में दीया, तो मंदिर में दीया,
    पत्नी बनकर आई एक बेटी ने,
    हम मोतियों को इक माला में सीया।
    हर पल सिखाया,
    त्याग व उपकार,
    ऐसा है मेरा प्यार परिवार।
  1. अभिमान न करना,
    छल न करना,
    मन में अपने कपट कभी न लाना।
    बड़ों ने घर इस तरह बनाया,
    ज्यों चिड़िया चुगे एक-एक दाना।
    रिश्तों की डोर होती बड़ी नाजुक,
    इसे परिवार के सदस्यों को प्यार से थमाना।
  1. रूठों को मना देना,
    बहकों को समझा लेना,
    ज़िद्द पर अड़ जाए अगर छोटू,
    थोड़ा डांट फिर पुचकार लेना।
    बेटी बनकर आई हो इस घर में,
    बेटी ही रहोगी,
    ढीला पड़ने लगे जो दामन मुझसे,
    कसके तुम इसे थाम लेना।
  1. रिश्ता खून का नहीं,
    अपनेपन का होता है,
    परिवार कहने से नहीं,
    निभाने से होता है।
    अनजानों की भीड़ में,
    बेगानों से रिश्ता जोड़ लिया,
    प्यार मिला इतना कि घर से दूर,
    एक नया परिवार ढूंढ लिया।
    नौबत यह है कि दुनिया हैरान-सी रह जाती है,
    खुशकिस्मती देख मेरी जली-भुनी-सी रह जाती है।
  1. किस तरह लोग रिश्तों को यूं ठग जाते हैं,
    बिन ढकी आंखों से आंख-मिचौली खेल जाते हैं।
    दुख में साथ निभाना,
    दर्द में आंसू पोंछ देना,
    तुम ही सब कुछ हो उनके,
    थोड़ी सीख तो थोड़ी माफी दे देना।
    थक कर दूर जाने लगो, तो प्यार से तुम्हें बुलाते हैं,
    परिवार के खट्टे-मीठे रिश्ते ताउम्र थोड़े सताते हैं।
  1. भरा पुरा परिवार हो,
    आपस में सब का प्यार हो,
    मां-पिता का सिर पर हाथ हो,
    परिवार में सब का साथ हो,
    हर दिन खुशियों वाली बात हो,
    हर रात दिवाली वाली रात हो,
    भाई-बहन का साथ हो,
    प्यार की बरसात हो,
    परिवार सदा खुश रहे,
    ऊपरवाले का आशीर्वाद हो।
  1. साथी तुम अपनी पत्नी में ढूंढ लेना,
    शुभचिंतक तुम अपनी बहन को सोच लेना,
    स्वर्ग तुम अपनी मां के आंचल में ढूंढ लेना,
    लेनी हो कोई सलाह, तो राह बाबा की देख लेना,
    लुटाना हो प्यार तो भाई पर लुटा देना,
    कोई पूछे तुमसे तुम्हारी खुशी का राज,
    तो कहानी अपने परिवार का सुना देना।
  1. ना दादी से ना दादा से,
    जो भी सीखा,
    सीखा हमने अपने अम्मा-बाबा से।
    जिन्होंने बड़ों के बिना चलाया घर बेहतरीन,
    उनके बिना हम कैसे सोचें कि हमारी दुनिया है रंगीन।
    लोग कहते हैं ये संस्कार हमारी अच्छी परवरिश का फल है,
    प्यारे माता-पिता की बदौलत ही तो संभव हमारा कल है।

दोस्तों, कहते हैं कि इंसान दुनिया जहान घूम ले, लेकिन जो शांति उसे घर आकर और अपने परिवार के पास मिलती है, वो सुकून कहीं और नहीं मिल सकता। हम उम्मीद करते हैं कि संयुक्त और एकल परिवार पर ऊपर दी गईं कविताओं का संग्रह आपको जरूर पसंद आया होगा। आप इन कविताओं को अपने परिवार के सदस्यों को जरूर भेजें। इसी तरह परिवार पर कोट्स, कविताएं और अन्य विषयों पर शायरी प्राप्त करने के लिए जुड़े रहें मॉमजंक्शन के साथ।

The following two tabs change content below.