गर्भावस्था में यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई) - कारण, लक्षण और इलाज

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हर महिला के लिए गर्भावस्था का दौर यादगार होता है, लेकिन इस दौरान उन्हें विभिन्न शारीरिक समस्याएं भी हो सकती हैं। इन्हीं में से एक है यूटीआई यानी मूत्रमार्ग संक्रमण, जो काफी कष्टदायक हो सकता है। अगर इस समस्या का समय रहते इलाज न किया जाए, तो इसका गर्भावस्था पर बुरा असर पड़ सकता है। कभी-कभी यह समस्या बढ़कर गर्भ में पल रहे शिशु पर भी बुरा असर डाल सकती है। इसलिए, मॉमजंक्शन के इस लेख में हम गर्भावस्था के दौरान होने वाले मूत्रमार्ग संक्रमण यानी यूटीआई से जुड़ी खास बातों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

मूत्रमार्ग संक्रमण/यूटीआई (UTI) क्या है? | Pregnancy Me Urine Infection

यूटीआई को यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (Urinary tract infection) कहते हैं। यह मूत्रमार्ग के किसी भी अंग (ऑर्गन) में हो सकता है, जैसे किडनी, ब्लैडर (मूत्राशय) या यूरेथ्रा (पेशाब की नली) (1)। यह मूत्र मार्ग में एक तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जो ‘ई. कोलाई’ बैक्टीरिया के कारण होती है। ई. कोलाई सबसे आम बैक्टीरिया है, लेकिन ऐसा क्लेबसिएल्ला यीस्ट नामक बैक्टीरिया के कारण भी हो सकता है।

जरूरी नहीं कि यह संक्रमण सिर्फ गर्भावस्था में ही हो, यह किसी भी महिला को कभी भी हो सकता है, लेकिन नवविवाहित महिला और गर्भवती महिला में इसकी आशंका ज्यादा बढ़ जाती है। 20 से 50 वर्ष की महिलाओं (जिन्हें महावारी होती है) को यह समस्या ज्यादा होती है। बात की जाए गर्भावस्था की, तो यूटीआई का खतरा ज्यादातर छठे सप्ताह से 24वें सप्ताह के बीच हो सकता है (2)

यूटीआई का मतलब जानने के बाद इसके कारण पता करते हैं और यह भी जानते हैं कि संक्रमण कितने प्रकार का होता है।

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गर्भावस्था में मूत्रमार्ग संक्रमण के कारण और प्रकार | Pregnancy Me Urine Infection Kyu Hota Hai

जैसा कि हमने बताया कि यूटीआई मूत्रमार्ग से जुड़े किसी भी हिस्से में हो सकता है, इसके कई प्रकार हैं, जैसे (3) :

  • यूरेथ्राइटिस : मूत्रमार्ग में होने वाला संक्रमण।
  • सिस्टाइटिस : मूत्राशय में होने वाला संक्रमण।
  • पाइलोनेफ्रिटिस : गुर्दे का संक्रमण।
  • नॉन टेक्निकल यूटीआई

गर्भावस्था के दौरान यूटीआई होने के कई कारण हो सकते हैं। जानते हैं कि किन-किन कारणों से गर्भावस्था के दौरान मूत्रमार्ग संक्रमण हो सकता है :

  1. शारीरिक बदलाव : गर्भावस्था में कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं। हार्मोनल परिवर्तन होने से जीवाणु को इन्फेक्शन फैलाने का मौका मिल जाता है। हार्मोन के कारण मूत्रमार्ग में जीवाणु आसानी से जड़ भी पकड़ लेते हैं। इसके अलावा, गर्भावस्था में बढ़ता गर्भाशय भी यूटीआई का एक कारण हो सकता है, क्योंकि गर्भाशय बढ़ने के कारण गर्भवती के मूत्राशय के मुंह पर दबाव पड़ता है, जिस कारण मूत्राशय पूरी तरह से खाली नहीं हो पाता और यूटीआई का खतरा बढ़ जाता है। गर्भाशय में जुड़वां बच्चे होने के कारण यूरिन इन्फेक्शन की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है।
  1. आंतों का बैक्टीरिया : यूटीआई ई. कोलाई नामक बैक्टीरिया के कारण होता है, जो आंत में पाया जाता है। महिलाओं में मूत्रमार्ग, मलाशय के पास होने के कारण यह बैक्टीरिया मूत्रमार्ग में आसानी से प्रवेश कर सकता है, जिस कारण यूटीआई का खतरा बढ़ जाता है।
  1. संभोग : यूटीआई का एक कारण संभोग भी हो सकता है, क्योंकि संभोग करते समय योनि के आसपास मौजूद बैक्टीरिया मूत्रमार्ग में जा सकते हैं, जिससे संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। संभोग से होने वाले संक्रमण का एक अन्य कारण पुरुष के लिंग पर मौजूद गंदगी भी हो सकती है।
  1. ग्रुप-बी स्ट्रेप्टोकोकस : हालांकि यह बैक्टीरिया यूटीआई का कारण नहीं बनता, लेकिन योनि से नवजात शिशु में इंफेक्शन जरूर हो सकता है।

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क्या गर्भावस्था में यूटीआई होना सामान्य बात है?

गर्भावस्था में मूत्रमार्ग में बैक्टीरिया (asymptomatic bacteriuria) का होना सामान्य है। वहीं, जब ये बैक्टीरिया इंफेक्शन का कारण बनते हैं और लक्षण नजर आने लगते हैं, तब इलाज की जरूरत होती है। दूसरी तरफ गर्भावस्था में यूटीआई की बात करें, तो यह सामान्य नहीं है (4)। गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले बदलावों के चलते शरीर काफी संवेदनशील हो जाता है, जिससे यह संक्रमण हो सकता है। गर्भावस्था में प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन बढ़ने से मूत्रवाहिनियों की मांसपेशियां शिथिल हो सकती हैं, जिससे बैक्टीरिया पनप सकते हैं।

आइए, अब इस समस्या से संबंधित लक्षणों के बारे में जान लेते हैं।

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मूत्रमार्ग संक्रमण के क्या लक्षण हैं? | Pregnancy Me Urine Infection Ke Lakshan

अभी तक हमने यह जाना कि गर्भावस्था के दौरान किन-किन कारणों से यूटीआई की समस्या हो सकती है। अब हमारे लिए यह जानना जरूरी है कि यूटीआई के लक्षण क्या हैं। कई बार गर्भावस्था के दौरान महिलाएं यूटीआई के लक्षणों को पहचान नहीं पाती हैं। अगर समय रहते इन पर ध्यान न दिया जाए, तो यह परेशानी गंभीर हो सकती है। नीचे हम यूटीआई के कुछ लक्षण आपके साथ साझा कर रहे हैं, जिसे जानना आपके लिए जरूरी है (5) :

  • पेशाब करते समय योनि भाग में दर्द या जलन होना।
  • बार-बार पेशाब करने की जरूरत महसूस होगा।
  • जी-मिचलाना और उल्टी आना।
  • पेशाब से दुर्गंध आना।
  • बुखार आना।
  • पेशाब में मवाद पड़ना।
  • कभी गर्मी लगना, कभी ठंड महसूस होना।
  • संभोग के दौरान दर्द होना।
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द होना।
  • कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है कि पेशाब जाने की जरूरत होगी, लेकिन वॉशरूम जाने पर पेशाब नहीं आएगा।

नोट: अगर किसी महिला को गर्भावस्था के दौरान इनमें से कोई भी लक्षण नजर आएं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और सही इलाज कराएं।

ऊपर हमने यूटीआई से जुडे़ लक्षणों के बारे में बताया। अब जानते हैं कि डॉक्टरी जांच किस-किस तरह से होती है।

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यूटीआई का निदान कैसे किया जाता है?

अगर यूटीआई लक्षण नजर आते हैं, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। डॉक्टर समस्या की गंभीरता को देखते हुए जांच करेंगे (6) :

  • यूरीनाललिस : इसमें यूरिन की रासायनिक जांच की जाती है। इस दौरान, सफेद रक्त कोशिकाएं (WBC), लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) या फिर बैक्टीरिया को देखा जाएगा। यूरिन सैंपल देने से पहले जननांगों को अच्छी तरह से साफ करने के लिए कहा जाएगा।
  • यूरिन कल्चर टेस्ट : डॉक्टर यूरिन कल्चर टेस्ट (Urine culture test) कर सकते हैं। इसके लिए डॉक्टर महिला के यूरिन का नमूना लेंगे। इस टेस्ट में पता चलता है कि किस बैक्टीरिया के कारण संक्रमण हुआ है और इसके लिए कौन सी दवाई लेनी चाहिए।
  • यूरिनरी ट्रैक्ट अल्ट्रासाउंड टेस्ट : अगर डॉक्टर को गुर्दे या मुत्राशय में इंफेक्शन लगता है, तो डॉक्टर अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दे सकते हैं।
  • सिस्टोस्कोपी : अगर दवाओं से भी संक्रमण ठीक नहीं होता है, तो डॉक्टर सिस्टोस्कोपी (cystoscopy) कर सकते हैं। यह ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें एक दूरबीन से मूत्राशय के अंदर देखा जा सकता है (6)

आइए, अब जानते हैं कि यूटीआई का इलाज कैसे किया जाता है।

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यूटीआई का इलाज कैसे होता है? | Pregnancy Me Urine Infection Ka Ilaj

यूटीआई की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर इसका इलाज अलग-अलग तरह से कर सकते हैं। ज्यादातर यूटीआई के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाएं देते हैं, जिसका कोर्स तीन से सात दिन तक चलता है।

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एंटीबायोटिक दवाओं के बिना गर्भावस्था के दौरान यूटीआई का इलाज कैसे करें?

अगर किसी को यूटीआई है, तो इसका इलाज जरूरी है। फिर भी कुछ सावधानियां बरतते हुए यूटीआई से बचा जा सकता है। इसके कुछ आसान तरीके हम नीचे बता रहे हैं :

  • खूब पानी पिएं : मूत्र संक्रमण होने पर डॉक्टर भी ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह देंगे। इस दौरान, महिला जितना पानी पिएगी, उतना ही फायदा होगा। ज्यादा पानी पीने से मूत्र के जरिए बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं।
  • विटामिन-सी : यूरिन इंफेक्शन से लड़ने के लिए विटामिन-सी फायदेमंद होता है। इसके लिए संतरा खाया जा सकता है या नींबू पानी ले सकते हैं (7)
  • नारियल पानी : गर्भावस्था के दौरान यूरिन इन्फेक्शन से राहत पाने के लिए नारियल पानी काफी फायदेमंद हो सकता है। गर्भावस्था में नारियल पानी पीने से इम्यून सिस्टम अच्छा होता है और यूटीआई से राहत मिलती है।
  • क्रैनबेरी जूस : यह जूस यूटीआई से राहत दिलाने में काफी मदद करता है। क्रैनबेरी में विटामिन-सी, ई और बीटा कैरोटीन पाया जाता है, जो मूत्र संक्रमण में गुणकारी साबित होता है (7)

इसके अलावा, यूटीआई में लहसुन व सेब का सिरका फायदेमंद हो सकता है। साथ ही योगर्ट व अन्य प्रोबायोटिक्स भी ले सकते हैं (8)

अगर किसी को यूटीआई है, तो ऊपर बताई गई चीजों का सेवन अपने डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें, क्योंकि डॉक्टर ही बेहतर बता सकते हैं कि महिला की सेहत के अनुसार क्या खाना ठीक रहेगा।

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मूत्रमार्ग के संक्रमण से बचने के लिए मैं क्या कर सकती हूं?

अगर शुरुआत से ही सावधानी बरती जाए, तो मूत्रमार्ग संक्रमण से बचा जा सकता है। आप कुछ सावधानियां अपनाकर और सजग रहकर इस समस्या से बच सकती हैं। नीचे हम बताने जा रहे हैं ऐसे ही उपाय, जिन्हें अपनाकर आप इस संक्रमण से बच सकती हैं :

  • चाय, कॉफी से परहेज करें : मूत्र संक्रमण से बचने के लिए आप चाय व कॉफी से परहेज करें, क्योंकि इनमें कैफीन पाया जाता है। जिन महिलाओं को यूटीआई की समस्या रहती है उन्हें कैफीन युक्त चीजें लेने से मना किया जाता है (9), क्योंकि कैफीन मूत्र मार्ग में जलन का काम करता है। साथ ही इससे डिहाइड्रेशन की समस्या भी हो सकती है।
  • पेशाब न रोकें : कई महिलाएं पेशाब लगने पर काम या आलस के चलते उसे कुछ देर के लिए रोक लेती हैं, जोकि ठीक नहीं होता। इससे यूरिन इन्फेक्शन का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए, जब भी आपको पेशाब लगे, तो रोके नहीं, तुरंत वॉशरूम जाएं।
  • मूत्र मार्ग साफ रखें : आप जब भी वॉशरूम जाएं, तो उस भाग को आगे से पीछे की ओर टिश्यू पेपर से अच्छी तरह साफ करें। ऐसा करने से आपके मलद्वार के कीटाणु योनि मार्ग से अंदर नहीं जा पाएंगे और आप इस संक्रमण से बच पाएंगी।
  • कठोर साबुन न करें इस्तेमाल : आप योनि भाग पर कठोर साबुन, एंटीसेप्टिक क्रीम, किसी प्रकार का स्प्रे, पाउडर या डियो जैसी चीजें इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
  • साफ अंडरगार्मेंट्स पहनें : साफ-सफाई का विशेष ख्याल करें। खासतौर से अंडरगार्मेंट्स की साफ-सफाई बनाए रखें। कोशिश करें कि कॉटन की पैंटी पहनें और उसे रोजाना बदलें।
  • ढीली पैंट पहनें : आप ऐसा कोई कपड़ा न पहनें, जो आपको टाइट हो। हमेशा ढीली और कॉटन की पैंट पहनें, जो आपके लिए आरामदायक हो।
  • संभोग से पहले और बाद में योनि भाग को धोएं : संभोग करने से पहले और बाद में यूरिन पास करना और योनि के आसपास वाले भाग को धोना जरूरी होता है।
  • टेस्ट कराते रहें : गर्भावस्था में किसी भी चीज का रिस्क न लें। इसलिए, आप समय-समय पर डॉक्टर की सलाह से यूटीआई का टेस्ट कराती रहें। ऐसा करने से खतरे को टाला जा सकता है।
  • न करें संभोग : अगर कोई पहले से ही मूत्र संक्रमण से पीड़ित हैं, तो इस दौरान शारीरिक संबंध बनाने से बचें। संक्रमण के दौरान संभोग बनाने से यह और भी ज्यादा फैल सकता है।
  • सार्वजनिक शौचालयों का कम से कम इस्तेमाल करें : अगर ऐसी स्थिति में कभी बाहर जाना पड़े, तो कोशिश करें कि सार्वजनिक शौचायल का इस्तेमाल कम से कम करें। इनमें मौजूद बैक्टीरिया संक्रमण को और बढ़ा सकते हैं।

आर्टिकल के अंतिम भाग में इस विषय से संबंधित पाठकों के सवाल और उसके जवाब दिए गए हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यूटीआई गर्भावस्था को प्रभावित कर सकता है?

अगर यूटीआई का सही समय पर इलाज करा लिया जाए और इसे बढ़ने से रोक लिया जाए, तो यह गर्भावस्था को प्रभावित नहीं करता। वहीं, अगर यह संक्रमण बढ़कर किडनी तक फैल जाता है, तो गर्भावस्था में यह चिंता का विषय हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान किडनी तक इन्फेक्शन पहुंचने से समय पूर्व डिलीवरी का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, अगर किसी भी महिला को यूरिन इन्फेक्शन का हल्का-सा भी आभास हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

यूटीआई गर्भ में शिशु को कैसे प्रभावित करेगा?

अगर गर्भावस्था के दौरान यूटीआई की समस्या ज्यादा बढ़ जाती है, तो जन्म के समय बच्चे का वजन कम रह सकता है। इतना ही नहीं, समय पूर्व डिलीवरी की आशंका भी बढ़ जाती है।

क्या आप गर्भावस्था में यूटीआई के लिए केफ्लेक्स ले सकते हैं?

हां, गर्भावस्था में यूटीआई के दौरान केफ्लेक्स (keflex) दवा ले सकते हैं। केफ्लेक्स को सफलेक्सिन (cephalexin) भी कहा जाता है (10)। बस गर्भावस्था के आखिरी चार महीने में यह दवाई नहीं ली जाती (11)। डॉक्टर की सलाह के बिना कभी कोई दवा नहीं लेनी चाहिए।

क्या गर्भावस्था में यूटीआई होने पर मैक्रोब्रिड प्रभावी है?

अमूमन डॉक्टर, गर्भावस्था के दौरान मैक्रोब्रिड (इसे नाइट्रोफ्यूरंटाइन भी कहा जाता है) दवा लेने से मना करते हैं।, खासतौर से गर्भावस्था के शुरुआती समय में (12)। यह गर्भवती की शारीरिक स्थिति पर भी निर्भर करता है कि उन्हें यह दवा लेनी चाहिए या नहीं। डॉक्टर जांच करके ही इस दवा को लेने या न लेने की सलाह देते हैं। यहां भी हम यही कहेंगे कि डॉक्टर से पूछे बिना कोई दवा नहीं लेनी चाहिए।

क्या यूटीआई, गर्भावस्था परीक्षण को प्रभावित कर सकता है?

नहीं, प्रेग्नेंसी की जांच में एचसीजी हार्मोन की जांच की जाती है। इस टेस्ट को किसी तरह का संक्रमण प्रभावित नहीं कर सकता।

क्या मूत्रमार्ग संक्रमण गर्भावस्था का संकेत है?

नहीं, मूत्रमार्ग संक्रमण गर्भावस्था का संकेत नहीं है। यह किसी को भी हो सकता है।

क्या गर्भावस्था के दौरान आवर्ती यूटीआई आम है?

हां, गर्भावस्था के दौरान आवर्ती यूटीआई आम है। इसके लिए गर्भवती को प्रोफाइलेक्टिक उपचार की जरूरत पड़ सकती है (13)

नोट: इस दौरान भूलकर भी अपनी मर्जी से दवाई न लें। हमेशा डॉक्टर से सलाह लेकर ही उचित दवाई लें।

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यूरिन इंफेक्शन काफी कष्टदायक होता है, इसलिए इसका तुरंत इलाज करवाना जरूरी है। वहीं, बात आए गर्भावस्था की, तो ऐसे में बिल्कुल भी जोखिम नहीं उठाना चाहिए। हम उम्मीद करते हैं कि इस लेख में आपको गर्भावस्था के दौरान होने वाले मूत्र संक्रमण के बारे में जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। साथ ही यह लेख उन सभी परिचित महिलाओं के साथ शेयर करना न भूलें, जो गर्भवती हैं और यूटीआई की समस्या से जूझ रही हैं।

संदर्भ (References) :